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राजस्थान के नागौर जिले में मेड़ता विधानसभा के रियाबड़ी उपखंड स्थित मेढ़ास गांव में एक मानसिक रूप से बीमार महिला को 18 वर्षों की कैद से मुक्त कराया गया है। महिला पिछले 18 वर्षों से बेड़ियों में जकड़ी हुई थी, जिसे अब इन बेड़ियों से आजादी मिल गई है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के 'बेड़ियों से मुक्ति, सम्मानजनक जीवन' अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अंजाम दी गई है। इस अभियान के माध्यम से महिला को लंबी अवधि की जकड़न से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास किया गया है।
Dilipkumar
राजस्थान के नागौर जिले में मेड़ता विधानसभा के रियाबड़ी उपखंड स्थित मेढ़ास गांव में एक मानसिक रूप से बीमार महिला को 18 वर्षों की कैद से मुक्त कराया गया है। महिला पिछले 18 वर्षों से बेड़ियों में जकड़ी हुई थी, जिसे अब इन बेड़ियों से आजादी मिल गई है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के 'बेड़ियों से मुक्ति, सम्मानजनक जीवन' अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अंजाम दी गई है। इस अभियान के माध्यम से महिला को लंबी अवधि की जकड़न से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास किया गया है।
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- राजस्थान के नागौर जिले में मेड़ता विधानसभा के रियाबड़ी उपखंड स्थित मेढ़ास गांव में एक मानसिक रूप से बीमार महिला को 18 वर्षों की कैद से मुक्त कराया गया है। महिला पिछले 18 वर्षों से बेड़ियों में जकड़ी हुई थी, जिसे अब इन बेड़ियों से आजादी मिल गई है। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के 'बेड़ियों से मुक्ति, सम्मानजनक जीवन' अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अंजाम दी गई है। इस अभियान के माध्यम से महिला को लंबी अवधि की जकड़न से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने का प्रयास किया गया है।4
- नागौर जिले के रियांबड़ी में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदीप भाटी (माली) ने अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (एसीबीईओ) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है। उनके साथ सुरेन्द्र सिंह ने भी संदर्भ व्यक्ति के तौर पर कार्यभार संभाला। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा आयोजित समारोह में नवपदस्थापित अधिकारियों का स्वागत किया गया और उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रहलाद राम तानाण ने स्वागत करते हुए टीम भावना के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों की नियमित निगरानी और नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मदन लाल भदाल, संजीव पुरोहित, दीपक पाराशर, जयप्रकाश पादूकलां, सलीमुद्दीन चौहान, भावेश सारस्वत और पुरुषोत्तम पुरोहित सहित क्षेत्र के कई व्याख्याता और शिक्षक मौजूद रहे। उपस्थित शिक्षकों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के हित में बेहतर कार्य करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- नागौर जिले में संभागीय आयुक्त श्री शक्ति सिंह राठौड़ ने टेहला और मांडल जोधा ग्राम पंचायतों में आयोजित राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 का निरीक्षण किया। टेहला में आयोजित शिविर में 22 विभागों ने भाग लिया, जहाँ राजस्व विभाग ने बंटवारे, नामांतरण, शुद्धिकरण और प्रमाण पत्रों से जुड़े कुल 127 प्रकरणों का निस्तारण किया। पंचायत राज विभाग ने इस दौरान दो पट्टे वितरित किए, 15 शौचालय और प्रधानमंत्री आवास योजना के 10 आवेदन प्राप्त किए, साथ ही मनरेगा के तहत 10 नए जॉब कार्ड बनाए गए। शिविर में परिवहन विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के 15 बस पास आवेदन भी स्वीकार किए, जबकि कृषि और आयुर्वेद विभागों ने क्रमशः फसल प्रबंधन की जानकारी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। डेगाना उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांडल जोधा में आयोजित शिविर के दौरान श्री राठौड़ ने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और लाभार्थियों से योजनाओं की प्रगति के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान शिविर स्थल पर ही सुनिश्चित किया जाए ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध रूप से पहुँचे। इन शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, चिकित्सा, कृषि, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, जलदाय और विद्युत विभागों के साथ-साथ उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी और अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।3
- राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना में कुछ कलाकार प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं।1
- अजमेर जिले के पीसांगन स्थित ग्राम पंचायत दांतड़ा में आयोजित 'ग्रामीण सेवा शिविर' के दौरान प्रशासनिक कामकाज में विशेष मुस्तैदी देखी गई। शिविर में प्रभारी सचिव (IAS) नीरज के. पवन और विधायक प्रतिनिधि कैलाश लाम्बा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सख्त निर्देश दिए कि ग्रामीणों को उनके कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और हर जायज काम का निपटारा मौके पर ही सुनिश्चित किया जाए। शिविर में 22 प्रमुख सरकारी विभागों के कर्मचारी लैपटॉप और जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहे, जहाँ विकास अधिकारी ने स्वयं बैठकर मामलों का निस्तारण किया। इस दौरान पशुपालक सत्यनारायण गुर्जर को पशु बीमा योजना के तहत मौके पर ही मुफ्त आधिकारिक बीमा पॉलिसी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लाभार्थियों—बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों—की रुकी हुई पेंशन का मौके पर ही ऑनलाइन सत्यापन कर उसे पुनः शुरू किया गया। शिविर में गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड बनाए गए, ताकि उन्हें अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के तहत लंबित पड़े आवेदनों तथा नए पट्टों की फाइलों को तुरंत आगे बढ़ाकर ग्रामीणों को राहत देने का काम किया गया।2
- अजमेर जिले के मांगलियावास बस स्टैंड के पास विद्युत विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है। जाखड़ परिवार की मार्केट के पीछे स्थित जैन समाज के मकान के पास से गुजर रही 11000 एलटी लाइन का एक खंभा खतरनाक स्थिति में है। शंकर लाल जाखड़ के खेतों से निकलने वाली इस लाइन के खंभे का लोहे का ब्रैकेट काफी समय से टूटकर लटक रहा है, जबकि इंसुलेटर भी खंभे से चिपक गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि बारिश के दौरान खंभे में करंट दौड़ सकता है या टूटा हुआ ब्रैकेट तार को जमीन पर गिरा सकता है, जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खेत मालिक ने इस गंभीर खतरे की सूचना समय रहते विद्युत विभाग को दे दी थी, लेकिन विभाग की अनदेखी अभी भी बरकरार है। मामले पर मांगलियावास विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता जगवीर यादव ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसे उन्होंने उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। साथ ही, ठेकेदार को उक्त ब्रैकेट और इंसुलेटर को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं और इसे एक-दो दिन में दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है।2
- नागौर जिले के रियान बड़ी क्षेत्र के टेहला में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए एक ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर तैनात किया गया था ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने शिविर का निरीक्षण किया, स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों को समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में राजस्व विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही 10 जमीनी बंटवारे, 25 शुद्धिकरण, 25 नामांतरण, 30 जाति प्रमाण पत्र और 22 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए। हालांकि, अन्य विभागों के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश विभागों का कार्य नगण्य रहा और दोपहर 3 बजे के बाद कई अधिकारी व कर्मचारी शिविर से अनुपस्थित मिले। साथ ही, शिविर में आमजन की उपस्थिति भी काफी कम रही। इस शिविर में तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार रामचंद्र भंवरिया, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंगाड़िया, भू-अभिलेख निरीक्षक यशवंत उपाध्याय, पटवारी राकेश गुर्जर, रिछपाल, नेमाराम, छोटूराम गोदारा, सूचना सहायक हेमाराम माली, विद्युत विभाग से योगेंद्र रेवड़ियां एवं रीना, ग्राम विकास अधिकारी रामस्वरूप पुनिया, आयुर्वेद विभाग से डॉ. राहुल चौधरी, विमला देवी, प्रतिबाला, पशु चिकित्सालय से अरविंद सिंह एवं अनिल दीपावत, चिकित्सा विभाग से माया, होम्योपैथिक विभाग से डॉ. राहुल शर्मा एवं दयाल, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से लीला चौधरी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे शिविर तभी सार्थक होंगे जब सभी विभाग पूरी अवधि तक उपस्थित रहकर समस्याओं का प्रभावी समाधान करें।1
- पाली जिले के रायपुर उपखंड क्षेत्र स्थित बर कस्बे में एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह हादसा होटल गढ़ गिरवर के पास घटित हुआ, जहाँ टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह खस्ताहाल स्थिति में पहुंच गया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, हादसे की गंभीरता को देखते हुए आसपास मौजूद लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े और बचाव कार्य में जुट गए।1