सरहद की जंग में उलझी देवकर व धमधा पुलिस, गब्दी नाला के पास बढ़ी चोरी की घटनाएं सरहद की जंग में उलझी देवकर व धमधा पुलिस, गब्दी नाला के पास बढ़ी चोरी की घटनाएं धमधा/ दुर्ग जिले के धमधा थाना और बेमेतरा जिले की देवकर चौकी के बीच सीमा विवाद अब कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगा है। दोनों पुलिस इकाइयों की आपसी खींचतान का फायदा उठाकर अज्ञात चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पीड़ित किसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। दरअसल, देवकर और धमधा की सरहद पर स्थित गब्दी नाला लंबे समय से दोनों जिलों की सीमा को चिन्हित करता रहा है। नाले के एक ओर देवकर पुलिस का सांकेतिक बोर्ड लगा हुआ है, जबकि दूसरी ओर धमधा थाना का बोर्ड वर्षों से मौजूद था। लेकिन कुछ माह पहले विवाद उस समय गहराया जब धमधा पुलिस के दो आरक्षकों द्वारा कथित रूप से सीमा दर्शाने वाले बोर्ड को काटकर करीब एक किलोमीटर दूर स्थापित कर दिया गया।इस घटनाक्रम के बाद से ही सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इसी बीच, इस सरहदी क्षेत्र में चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। हाल ही में सरहद से लगे किसान सूर्य नारायण तिवारी के कृषि फार्म हाउस को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने करीब 20 कट्टा गेहूं और 5 कट्टा चना चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया, हालांकि कुछ फुटेज में संदिग्ध चेहरे कैद बताए जा रहे हैं। पीड़ित किसान ने इस घटना की शिकायत देवकर चौकी में दर्ज कराई, लेकिन वहां से मामला धमधा थाना क्षेत्र का बताकर टाल दिया गया। हैरानी की बात यह है कि 28 अप्रैल की मध्यरात्रि को एक बार फिर उसी फार्म हाउस को निशाना बनाया गया। इस बार चोरों ने सीसीटीवी और एलईडी टीवी को तोड़फोड़ कर दोबारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना की लिखित शिकायत धमधा थाना में दी गई है, जहां अधिकारियों ने जांच की बात कही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमा विवाद के चलते दोनों पुलिस इकाइयां जिम्मेदारी से बच रही हैं, जिसका सीधा फायदा अपराधी उठा रहे हैं। क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध गतिविधियां जैसे शराब तस्करी और अन्य संदिग्ध काम भी लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि पुलिस पेट्रोलिंग न के बराबर है।
सरहद की जंग में उलझी देवकर व धमधा पुलिस, गब्दी नाला के पास बढ़ी चोरी की घटनाएं सरहद की जंग में उलझी देवकर व धमधा पुलिस, गब्दी नाला के पास बढ़ी चोरी की घटनाएं धमधा/ दुर्ग जिले के धमधा थाना और बेमेतरा जिले की देवकर चौकी के बीच सीमा विवाद अब कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने लगा है। दोनों पुलिस इकाइयों की आपसी खींचतान का फायदा उठाकर अज्ञात चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पीड़ित किसान न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। दरअसल, देवकर और धमधा की सरहद पर स्थित गब्दी नाला लंबे समय से दोनों जिलों की सीमा को चिन्हित करता रहा है। नाले के एक ओर देवकर पुलिस का सांकेतिक बोर्ड लगा हुआ है, जबकि दूसरी ओर धमधा थाना का बोर्ड वर्षों से मौजूद था। लेकिन कुछ माह पहले विवाद उस समय गहराया जब धमधा पुलिस के दो आरक्षकों द्वारा कथित रूप से सीमा दर्शाने वाले बोर्ड को काटकर करीब एक किलोमीटर दूर स्थापित कर दिया गया।इस घटनाक्रम के बाद से ही सीमा को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। इसी बीच, इस सरहदी क्षेत्र में चोरी की घटनाएं तेजी से बढ़ने लगी हैं। हाल ही में सरहद से लगे किसान सूर्य नारायण तिवारी के कृषि फार्म हाउस को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने करीब 20 कट्टा गेहूं और 5 कट्टा चना चोरी कर लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया, हालांकि कुछ फुटेज में संदिग्ध चेहरे कैद बताए जा रहे हैं। पीड़ित किसान ने इस घटना की शिकायत देवकर चौकी में दर्ज कराई, लेकिन वहां से मामला धमधा थाना क्षेत्र का बताकर टाल दिया गया। हैरानी की बात यह है कि 28 अप्रैल की मध्यरात्रि को एक बार फिर उसी फार्म हाउस को निशाना बनाया गया। इस बार चोरों ने सीसीटीवी और एलईडी टीवी को तोड़फोड़ कर दोबारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना की लिखित शिकायत धमधा थाना में दी गई है, जहां अधिकारियों ने जांच की बात कही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमा विवाद के चलते दोनों पुलिस इकाइयां जिम्मेदारी से बच रही हैं, जिसका सीधा फायदा अपराधी उठा रहे हैं। क्षेत्र में रात के अंधेरे में अवैध गतिविधियां जैसे शराब तस्करी और अन्य संदिग्ध काम भी लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि पुलिस पेट्रोलिंग न के बराबर है।
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- निष्पक्ष रूप से चांज उपरांत कार्यवाही होना था chhattisgarh cgnews durg breakingnewsnowadays bhilai bhilai_chhattisgarh__ bhilai_ig durgnews sahelijwellery jewellery1
- 74 साल का बुजुर्ग अनशन पर मजबूर! 4 साल से नहीं मिला न्याय | Simga Hathbandh Case | CG News संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735 सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हथबंद में 74 वर्षीय बुजुर्ग रामजी पाठक न्याय के लिए 4 वर्षों से भटक रहे हैं। अवैध कब्जा हटाने और रास्ता दिलाने की मांग को लेकर उन्होंने पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर से लेकर मंत्री तक शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब मजबूर होकर बुजुर्ग ने कलेक्टर कार्यालय बलौदाबाजार के सामने अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। तहसीलदार अनुराग भट्ट के अनुसार, मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। 👉 क्या प्रशासन समय रहते न्याय देगा? 👉 या एक बुजुर्ग को अनशन पर बैठना पड़ेगा? 📢 जय जोहार सीजी न्यूज़ — खबर सच की जड़ तक 👍 Like | 🔁 Share | 💬 Comment | 🔔 Subscribe1
- गरियाबंद जिला। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए शशासन-प्रशासन को चार-बार ज्ञापन एवं निबेदन दिए जाने के बावजूद कोई तीस कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित प्रबंधकों ने अब निर्णायक संघर्ष का रास्ता अपना लिया है। छत्तीसगढ़ प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक विगत लगभग 38 वर्षों से सुदूर चनांचल क्षेत्रों में बनोपज संग्रहण, समितियों के संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित कर्मचारी का दर्जा, समुचित वेतनमान, पेंशन, मेडिकल एवं अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। संघ का कहना है कि यह स्थिति प्रबंधकों के साथ निरंतर हो रहे शोषण का प्रतीक है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्सस लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल किया है। प्रबंधकों का आरोप है कि पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, यहां तक कि मांगों पर विचार हेतु कमेटी गठन एवं नियमित बैठक का भी भरोसा दिलाया गया, किन्तु आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। जिससे प्रबंधकों में भारी रोष व्याप्त है। प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की समर्थन मूल्य खरीदी, बीमा, छात्रवृत्ति, बोनस वितरण सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में लाखों ग्रामीण परिवार बनोपज पर निर्भर हैं, जिनकी आजीविका इस व्यवस्था से जुड़ी हुई है। खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका गरियाबंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दा असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि पदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। तेंदूपत्ता प्रबंधक गरियाबंद जिला। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ के आह्वान पर प्रदेश के 902 लघु वनोपज प्रबंधक 22 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुके हैं। वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण के लिए शशासन-प्रशासन को चार-बार ज्ञापन एवं निबेदन दिए जाने के बावजूद कोई तीस कार्यवाही नहीं होने से आक्रोशित प्रबंधकों ने अब निर्णायक संघर्ष का रास्ता अपना लिया है। छत्तीसगढ़ प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने बताया कि प्रबंधक विगत लगभग 38 वर्षों से सुदूर चनांचल क्षेत्रों में बनोपज संग्रहण, समितियों के संचालन एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें आज तक नियमित कर्मचारी का दर्जा, समुचित वेतनमान, पेंशन, मेडिकल एवं अन्य शासकीय सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। संघ का कहना है कि यह स्थिति प्रबंधकों के साथ निरंतर हो रहे शोषण का प्रतीक है। संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन मैट्रिक्सस लेवल 07, 08 एवं 09 लागू करना, सेवा सुरक्षा, पेंशन, अनुकंपा नियुक्ति एवं लंबित भुगतान का निराकरण शामिल किया है। प्रबंधकों का आरोप है कि पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, यहां तक कि मांगों पर विचार हेतु कमेटी गठन एवं नियमित बैठक का भी भरोसा दिलाया गया, किन्तु आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। जिससे प्रबंधकों में भारी रोष व्याप्त है। प्रबंधक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी साहू ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण, 67 प्रकार के लघु वनोपज की समर्थन मूल्य खरीदी, बीमा, छात्रवृत्ति, बोनस वितरण सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ज्ञात हो कि प्रदेश में लाखों ग्रामीण परिवार बनोपज पर निर्भर हैं, जिनकी आजीविका इस व्यवस्था से जुड़ी हुई है। खरीदी शुरू, ज्यादा नुकसान की आशंका गरियाबंद जिले में भी प्रबंधकों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लेते हुए संबंधित विभाग को ज्ञापन सौंप दिया गया है। जिले में 18 अप्रैल से तेंदूपत्ता खरीदी प्रारंभ हो चुकी है, ऐसे में हड़ताल का सीधा असर यहां के लगभग 80 हजार ग्रामीण परिवारों पर पड़ना तय माना जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण, भुगतान एवं प्रबंधन कार्य प्रभावित होने से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दा असर पड़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि पदि शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- Post by Uttam dhanole1
- अवैध खनिज उत्खनन-परिवहन मामले में पुलिस की कार्यवाही: 03 टेक्ट्रर-ट्राली सहित 13 आरोपित गिरफ्तार लांजी। पुलिस को 28 अप्रैल की दरम्यानी रात्रि में अवैध रेत परिवहन संबंधी सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति ग्राम पौसेरा के सोन नदी घाट में अपने-अपने ट्रेक्टर ट्राली में अवैध रेत का परिवहन कर सोन नदी घाट से निकलने वाले है और ग्राम पौसेरा होते हुये लांजी तरफ आने वाले है। सूचना मिलते ही पुलिस मौकास्थल ग्राम पौसेरा सोन नदी घाट पंहुची जहां पर 03 ट्रेक्टरो के चालक और रेत भर रहे मजदूर मौजूद थे जो कि पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, हालांकि पुलिस टीम द्वारा मौके पर मौजूद 3 ट्रेक्टर ड्राईवरो एवं मजदूरो को ट्रेक्टर-ट्राली सहित पकडा गया। पकड़े गये ट्रैक्टरों की ट्रालियो को चेक किया जो एक ट्रेक्टर की ट्राली मे रेत खनिज भरा होना पाया गया, ड्रायवर से उक्त खनिज (रेत) के परिवहन के संबंध में रायल्टी (वैध दस्तावेजो) के संबंध में पूछा तो कोई रायल्टी या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाये, जबकि 2 ट्रेक्टर की ट्राली में कुछ रेत भरी हुई और फाडवे व तसले मिले। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी 13 आरोपितों के खिलाफ अपराध क्रमांक 136/26 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। आरोपितों में युगल उर्फ राजा सातपुते पिता सोमेश्वर सातपुते 20 वर्ष निवासी सिर्री, दीपक धुर्वे पिता सूरजलाल धुर्वे 24 वर्ष निवासी बकरामुंडी, अजय मलगाम पिता जयराम मलगाम 28 वर्ष निवासी दहेगांव, दिलीप पिता शैलेन्द्र कुमार मलगाम 30 वर्ष निवासी दहेगांव, राकेश आमाडारे पिता भरत आमाडारे 22 वर्ष निवासी मंडईटेकरी, कमलेश चापडे पिता अनिल चापडे 24 वर्ष निवासी मंडईटेकरी, 07 नितिन चापडे पिता अनिल चापडे जाति तेली उम्र 22 वर्ष निवासी वार्ड नं 05 ग्राम मंडईटेकरी, देवेन्द्र मसराम पिता देवराम मसराम 21 वर्ष निवासी ग्राम जूनेवानी, दीपक आमाडारे पिता छोटेलाल आमाडारे 34 वर्ष निवासी मंडईटेकरी, राधे पंद्रे पिता नरवद पंद्रे 45 वर्ष निवासी दहेगांव, नितेश पालेवार पिता मूलचंद पालेवार 23 वर्ष निवासी, राजेश सोनवाने पिता शोभेलाल सोनवाने 25 वर्ष निवासी लांजी, रवि मडावी पिता मेहतर मडावी 19 वर्ष निवासी जूनेवानी शामिल है। पुलिस द्वारा कार्यवाही के दौरान 02 ट्रैक्टर महिन्द्रा कंपनी के लाल रंग एवं 01 टेक्टर नीले रंग का सोनालिका कंपनी का जिनकी ट्रालियो एवं अवैध खनिज (रेत) तसले एवं फावडे सहित बरामद किया गया। उक्त संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी लाँजी उनि दीप सिंह परमार, निरीक्षक अशोक ननाना, आरक्षकगण राकेश कुल्हाडे, राहुल भारद्वाज एवं अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- नारी सम्मान की मांग: तिल्दा में भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार विरोध प्रदर्शन1
- कवर्धा ब्रेकिंग 🚨 NH-30 पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर। टक्कर इतनी जोरदार कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना के बाद नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे सफर कर रहे लोग परिवार सहित घंटों फंसे रहे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना बोड़ला थाना क्षेत्र के बांधा टोला, रायपुर-जबलपुर NH-30 की बताई जा रही है।1
- छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सरगांव थाना में लापरवाह ड्राइविंग से 11 केवी लाइन को नुकसान, ₹1.50 लाख की शासकीय क्षति। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में आरोपी गिरफ्तार, बिजली आपूर्ति बहाल। #Mungeli #Sargaon #RoadAccident #PoliceAction #ElectricDamage #BreakingNews #Chhattisgarh #CrimeNews1