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ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।
ऑपरेटर महासंघ ऑल इंडिया अध्यक्ष मध्य प्रदेश सीधी जिला प्रजापति
ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।
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- ऑपरेटर महासंघ ने सभी सदस्यों से एकजुट होकर संगठन से जुड़ने और समर्थन करने का आह्वान किया है। महासंघ ने स्पष्ट संदेश दिया है कि यदि किसी को भी कहीं कोई समस्या या परेशानी आती है, तो सभी को मिलकर उसका समाधान करने के लिए अवश्य आगे आना चाहिए।1
- बिहार के आरा जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने एटा में प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पर हुआ। पदाधिकारियों का कहना है कि भरत तिवारी एनकाउंटर से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जीवित देखा जा सकता है। इसी वीडियो को आधार बनाकर संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कुल 12 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें प्रमुख रूप से जांच पूरी होने तक मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित करने, पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग शामिल है। इसके अतिरिक्त, मानवाधिकार आयोग से जांच कराने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और मुठभेड़ के वीडियो तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार पांडे ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा द्वारा भरत तिवारी एनकाउंटर के विरोध में पूरे प्रदेशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। संगठन की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा अध्यक्ष विशाल वशिष्ठ, सोशल मीडिया प्रभारी रवि गुप्ता, जिला मीडिया प्रकोष्ठ अध्यक्ष सरोज कुमार दुबे और किसान मोर्चा अध्यक्ष दीपक वशिष्ठ सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- सिंगरौली जिले के बंधा कोल ब्लॉक से विवाद की बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने ईएमआईएल बिरला कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन ने कुछ लोगों के साथ गुप्त बैठक कर विस्थापन और मुआवजा प्रक्रिया पूरी किए बिना ही एक बार फिर खनन कार्य शुरू करा दिया है। इस कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि अभी तक कई परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और विस्थापन से जुड़े मामले अनसुलझे हैं, और पूरे गांव की सहमति के बजाय केवल कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से निर्णय लेकर काम शुरू किया गया है, जो उनके अधिकारों की अनदेखी है। सूत्रों के अनुसार, पिछली रात कुछ ग्रामीणों और सरपंच की कंपनी प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ एक बैठक हुई थी, जिसके बाद शनिवार सुबह से नवाटोला क्षेत्र में खनन कार्य शुरू कर दिया गया। इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता एवं महामंत्री (ग्रामीण) उपेंद्र द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए। करीब पाँच से छह घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, उपेंद्र द्विवेदी ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने बरगवां तहसीलदार दीपेंद्र तिवारी से चर्चा कर स्पष्ट किया कि ग्रामीणों के साथ किसी भी स्थिति में अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा, और जब तक मुआवजा व विस्थापन की प्रक्रिया संतोषजनक ढंग से पूरी नहीं होती, तब तक खनन कार्य नहीं होना चाहिए। मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता उपेंद्र द्विवेदी ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है, ताकि सड़क और मुआवजे से संबंधित मामलों का समाधान किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।1
- आज विश्वभर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया जा रहा है। यह वैश्विक आयोजन हर साल की तरह इस बार भी बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।1
- प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र स्थित चपारो गाँव में 50 वर्षीय सुरेश धरकार का शव एक खेत में मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सुबह खेत पर नज़र पड़ने के बाद इस घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुँचे परिजनों ने सुरेश धरकार की हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने गाँव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप भी लगाया है।1
- प्रयागराज में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन प्रयाग के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने पीडब्ल्यूडी और नहर विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जन आंदोलन छेड़ दिया। हाथों में तख्तियां लिए ये किसान पैदल मार्च करते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यालय का घेराव करने के लिए निकले, जिसमें इन विभागों पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। किसान नेता क मिश्रा ने 'सड़क घोटाला' बताते हुए आरोप लगाया कि कई सड़कों के निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है, जिसके कारण घटिया सामग्री के इस्तेमाल से सड़कें महीने भर में ही उखड़ने लगी हैं। वहीं, नहर विभाग पर यह आरोप है कि वह सिल्ट सफाई के नाम पर फर्जी बिल बनाकर किसानों को धोखा दे रहा है और नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंचा रहा है, जिससे किसानों की फसलें सूख रही हैं। इसके अतिरिक्त, ठेकेदारों से 30% कमीशन लेकर बिना काम के ही भुगतान करने की कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया गया है। किसानों ने मांग की है कि खराब सड़कों की तत्काल जांच कराई जाए, दोषी जेई-एई को निलंबित किया जाए, नहरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। भारतीय किसान यूनियन प्रयाग ने पीडब्ल्यूडी और नहर विभाग द्वारा किए जा रहे इन भ्रष्टाचारी कृत्यों के खिलाफ अपना विरोध इन कार्यालयों के घेराव के माध्यम से मजबूती से दर्ज कराया है।1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मलबे से लगभग 25 घायल व्यक्तियों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।1
- भारतीय यूनियन किसान संगम ने तहसील दिवस के अवसर पर बारा तहसील में बड़ी संख्या में पहुंचकर वन विभाग के खिलाफ एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग गरीब किसानों को परेशान करता है और उनकी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि एक ओर जहाँ विभाग गरीबों पर अत्याचार करता है, वहीं दूसरी ओर वह अमीर और उद्योगपतियों को अपनी जमीन बेच देता है। इसके उदाहरण के रूप में उन्होंने बताया कि गढ़वा किला के पास लखनौती में वन विभाग ने अपनी जमीन से रास्ता बनाकर गोल्ड प्लेस जैसी कंपनियों को आवागमन की सुविधा दी है। किसानों ने इस बात पर भी जोर दिया कि जबकि ये खदानें चित्रकूट जिले में स्थित हैं, इसके बावजूद शंकरगढ़ वन विभाग उन कंपनियों पर मेहरबान है। भारतीय यूनियन किसान संगम ने अपना यह ज्ञापन एसडीएम बारा को दिया।1