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ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ बहस चलता हुआ हाथी के हमले के बाद ग्रामीण व वन विभाग के कर्मचारीयों के साथ कहा सुनी चलता हुआ

17 hrs ago
user_Uday Kumar Ayam
Uday Kumar Ayam
Content Creator (YouTuber) प्रतापपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
17 hrs ago

ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ बहस चलता हुआ हाथी के हमले के बाद ग्रामीण व वन विभाग के कर्मचारीयों के साथ कहा सुनी चलता हुआ

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • ग्रामीणों ने पोड़ी मोड़ प्रतापपुर में किया चक्का जाम क्या है उनकी मांग बनारस मुख्य मार्ग पर गुस्सा ग्रामीणों ने चार घंटे तक किया चक्का जाम
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    ग्रामीणों ने पोड़ी मोड़ प्रतापपुर में किया चक्का जाम क्या है उनकी मांग
बनारस मुख्य मार्ग पर गुस्सा ग्रामीणों ने चार घंटे तक किया चक्का जाम
    user_Uday Kumar Ayam
    Uday Kumar Ayam
    Content Creator (YouTuber) प्रतापपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • 🚨 पाकिस्तान से संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को रेडिक्लाइज कर आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, एटीएस एवं एसटीएफ ने प्रभावी कार्रवाई की है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध अब तक 12 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं और 52 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। 🇮🇳 #UttarPradeshPolice #UPATS #UPSTF #AmitabhYash #PakistanNetwork #NationalSecurity #AntiTerrorOperation #India #BreakingNews #PradeshKhabar 🚨 पाकिस्तान से संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को रेडिक्लाइज कर आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, एटीएस एवं एसटीएफ ने प्रभावी कार्रवाई की है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध अब तक 12 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं और 52 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। 🇮🇳 #UttarPradeshPolice #UPATS #UPSTF #AmitabhYash #PakistanNetwork #NationalSecurity #AntiTerrorOperation #India #BreakingNews #PradeshKhabar
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    🚨 पाकिस्तान से संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को रेडिक्लाइज कर आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, एटीएस एवं एसटीएफ ने प्रभावी कार्रवाई की है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध अब तक 12 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं और 52 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है।
देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। 🇮🇳
#UttarPradeshPolice #UPATS #UPSTF #AmitabhYash #PakistanNetwork #NationalSecurity #AntiTerrorOperation #India #BreakingNews #PradeshKhabar
🚨 पाकिस्तान से संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा संचालित राष्ट्रविरोधी नेटवर्क के जरिए भारतीय युवाओं को रेडिक्लाइज कर आतंकी गतिविधियों के लिए प्रेरित किए जाने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस, एटीएस एवं एसटीएफ ने प्रभावी कार्रवाई की है।
अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने बताया कि इस नेटवर्क के विरुद्ध अब तक 12 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं और 52 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है।
देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है। 🇮🇳
#UttarPradeshPolice #UPATS #UPSTF #AmitabhYash #PakistanNetwork #NationalSecurity #AntiTerrorOperation #India #BreakingNews #PradeshKhabar
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • 44 लाख का 88 किलो से अधिक गांजा जप्त,, क्या कहा पुलिस ने देखिए सूरजपुर
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    44 लाख का 88 किलो से अधिक गांजा जप्त,, क्या कहा पुलिस ने देखिए सूरजपुर
    user_Santlal Urre
    Santlal Urre
    Waiter/Waitress सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • मॉकड्रिल में दिखी आपदा प्रबंधन की तत्परता, माइन और जलाशय से छह लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू* *चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में फंसे तीन कर्मियों को निकाला सुरक्षित, झुमका जलाशय में डूबे तीन लोगों का भी किया गया सफल बचाव* *कोरिया, 20 अगस्त 2026/* जिले में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों, राहत एवं बचाव दल की तत्परता तथा आम नागरिकों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को झुमका जलाशय क्षेत्र में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। *अंडरग्राउंड माइन में फंसे तीन कर्मियों को सुरक्षित निकाला* मॉकड्रिल के दौरान चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में तीन कर्मियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अंडरग्राउंड माइन में अंधेरा और बारिश के कारण बचाव कार्य में कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन टीम ने तत्परता से अभियान चलाकर तीनों कर्मियों प्रेम कुमार, फीटर अरविंद तथा जयकरन खलासी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान एक कर्मी की हालत गंभीर होने का परिदृश्य बनाया गया। मौके पर ही उसे तत्काल प्राथमिक उपचार और पीसीआर दिया गया तथा स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बताया कि घबराने के कारण उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और अब खतरे की कोई बात नहीं है। इस अभ्यास के माध्यम से माइन दुर्घटना के दौरान बचाव दल द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। *झुमका जलाशय में डूबे तीन लोगों का भी सफल रेस्क्यू* मॉकड्रिल के दूसरे चरण में झुमका जलाशय में तीन लोगों के गहरे पानी में डूबने की सूचना पर आपदा प्रबंधन एवं फायर रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई की। मोटर बोट और आवश्यक बचाव उपकरणों की सहायता से रेस्क्यू टीम ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाढ़ या तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, पीड़ितों को प्राथमिक उपचार देने और उन्हें स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। फायर कर्मियों द्वारा रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया। *आपदा के समय घबराएं नहीं, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव* मॉकड्रिल के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बताया गया कि बाढ़ जैसी स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित एवं ऊंचाई वाले स्थान पर पहुंचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। बचाव दल के निर्देशों का पालन करते हुए नाव, रस्सी एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करना चाहिए। विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय तथा आपदा के समय बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखने सहित आवश्यक सुरक्षा सावधानियों की जानकारी भी दी गई। उपलब्ध संसाधनों और रेस्क्यू क्षमता का किया गया परीक्षण अभ्यास के लिए जिला सेनानी एवं अग्निशमन विभाग द्वारा होमगार्ड जवानों सहित बचाव दल, मोटर बोट, आवश्यक उपकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। मॉकड्रिल के माध्यम से यह भी परखा गया कि आपदा की सूचना मिलने के बाद विभिन्न विभागों के बीच किस प्रकार समन्वय स्थापित कर कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है। *कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने लिया जायजा* मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न टीमों द्वारा किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार और आपदा के दौरान विभागीय समन्वय की प्रक्रिया का अवलोकन किया। कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि ज्ञान, सीख और अनुभव जीवन में जरूर काम आता है, इसलिए इस मॉकड्रिल से जरूर सीखे, समझें। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री डीडी मण्डावी, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित गुप्ता, एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के रेस्क्यू प्रभारी श्री वी.के. परिहार, एसडीएम श्री उमेश पटेल, डीएसपी श्री श्याम मधुकर, डिप्टी कलेक्टर श्री राकेश साहू , डॉ अभय जुगल तिर्की सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, फायर एवं होमगार्ड जवान, एनसीसी, स्काउट तथा रेस्क्यू टीम मौजूद रही।
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    मॉकड्रिल में दिखी आपदा प्रबंधन की तत्परता, माइन और जलाशय से छह लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू*

*चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में फंसे तीन कर्मियों को निकाला सुरक्षित, झुमका जलाशय में डूबे तीन लोगों का भी किया गया सफल बचाव*
*कोरिया, 20 अगस्त 2026/* जिले में संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारियों, राहत एवं बचाव दल की तत्परता तथा आम नागरिकों को आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को झुमका जलाशय क्षेत्र में व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कोरिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभ्यास में विभिन्न आपदा परिस्थितियों में त्वरित रेस्क्यू और प्राथमिक उपचार की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
*अंडरग्राउंड माइन में फंसे तीन कर्मियों को सुरक्षित निकाला*
मॉकड्रिल के दौरान चरचा आरओ अंडरग्राउंड माइन में तीन कर्मियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त होते ही जिला आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अंडरग्राउंड माइन में अंधेरा और बारिश के कारण बचाव कार्य में कुछ कठिनाइयां आईं, लेकिन टीम ने तत्परता से अभियान चलाकर तीनों कर्मियों प्रेम कुमार, फीटर अरविंद तथा जयकरन खलासी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रेस्क्यू के दौरान एक कर्मी की हालत गंभीर होने का परिदृश्य बनाया गया। मौके पर ही उसे तत्काल प्राथमिक उपचार और पीसीआर दिया गया तथा स्थिति को देखते हुए एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बताया कि घबराने के कारण उसका ब्लड प्रेशर बढ़ गया था और अब खतरे की कोई बात नहीं है। इस अभ्यास के माध्यम से माइन दुर्घटना के दौरान बचाव दल द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
*झुमका जलाशय में डूबे तीन लोगों का भी सफल रेस्क्यू*
मॉकड्रिल के दूसरे चरण में झुमका जलाशय में तीन लोगों के गहरे पानी में डूबने की सूचना पर आपदा प्रबंधन एवं फायर रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई की। मोटर बोट और आवश्यक बचाव उपकरणों की सहायता से रेस्क्यू टीम ने तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाढ़ या तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, पीड़ितों को प्राथमिक उपचार देने और उन्हें स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। फायर कर्मियों द्वारा रेस्क्यू किए गए लोगों को एंबुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया।
*आपदा के समय घबराएं नहीं, सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव*
मॉकड्रिल के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बताया गया कि बाढ़ जैसी स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षित एवं ऊंचाई वाले स्थान पर पहुंचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। बचाव दल के निर्देशों का पालन करते हुए नाव, रस्सी एवं अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।
विद्यार्थियों को आग के विभिन्न प्रकार, आग लगने की स्थिति में बचाव के उपाय तथा आपदा के समय बिजली के उपकरणों से दूरी बनाए रखने सहित आवश्यक सुरक्षा सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
उपलब्ध संसाधनों और रेस्क्यू क्षमता का किया गया परीक्षण
अभ्यास के लिए जिला सेनानी एवं अग्निशमन विभाग द्वारा होमगार्ड जवानों सहित बचाव दल, मोटर बोट, आवश्यक उपकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए। मॉकड्रिल के माध्यम से यह भी परखा गया कि आपदा की सूचना मिलने के बाद विभिन्न विभागों के बीच किस प्रकार समन्वय स्थापित कर कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सकता है।
*कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने लिया जायजा*
मॉकड्रिल के दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न टीमों द्वारा किए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार और आपदा के दौरान विभागीय समन्वय की प्रक्रिया का अवलोकन किया। कलेक्टर ने युवाओं से कहा कि ज्ञान, सीख और अनुभव जीवन में जरूर काम आता है, इसलिए इस मॉकड्रिल से जरूर सीखे, समझें।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री डीडी मण्डावी, संयुक्त कलेक्टर श्री अमित गुप्ता, एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के रेस्क्यू प्रभारी श्री वी.के. परिहार, एसडीएम श्री उमेश पटेल, डीएसपी श्री श्याम मधुकर, डिप्टी कलेक्टर श्री राकेश साहू ,  डॉ अभय जुगल तिर्की सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, फायर एवं होमगार्ड जवान, एनसीसी, स्काउट तथा रेस्क्यू टीम मौजूद रही।
    user_Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    Editor In Chief vivekanand Pandey Swaranjali News
    बैकुंठपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • आजादी के 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित लकरा लता बिजली, सड़क और पेयजल का इंतजार; हाथियों के बीच अपनी सुरक्षा खुद करने को मजबूर ग्रामीण सीतापुर। आजादी के 80 साल बाद भी सीतापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के पहाड़ी क्षेत्र में बसा लकरा लता गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव में न बिजली है, न सड़क और न ही पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था। सरकारी विकास के दावों के बीच यहां के ग्रामीण आज भी बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब आठ वर्ष पहले सोलर लाइट लगाई गई थी, लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सोलर लाइट की बैटरी खराब हो चुकी है और नई बैटरी उपलब्ध नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि रात के अंधेरे में ग्रामीणों को अपने घर और गांव की सुरक्षा स्वयं करनी पड़ती है। हाथियों के आने पर खुद करते हैं बचाव लकरा लता क्षेत्र में हाथियों का भी लगातार आवागमन बताया जाता है। हाथियों के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों के पास अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। अंधेरे में उन्हें अपनी ही टार्च के सहारे हाथियों को खदेड़ने की कोशिश करनी पड़ती है। एक ग्रामीण ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। हमें किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं, बल्कि बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं चाहिए। विकास के दावों पर उठ रहे सवाल लकरा लता की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करती है। एक ओर शासन-प्रशासन गांव-गांव तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव के लोग आज भी बिजली, सड़क, पेयजल और सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्थायी बिजली व्यवस्था की जाए, सड़क का निर्माण कराया जाए, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और हाथियों से सुरक्षा के लिए वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा प्रभावी व्यवस्था की जाए। अब सवाल यह है कि आजादी के 80 साल बाद लकरा लता गांव तक बिजली की रोशनी कब पहुंचेगी? ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल और सड़क की सुविधा कब मिलेगी? और हाथियों के बढ़ते खतरे के बीच उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा? लकरा लता के ग्रामीणों की निगाहें अब शासन-प्रशासन की ओर टिकी हैं। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
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    आजादी के 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित लकरा लता

बिजली, सड़क और पेयजल का इंतजार; हाथियों के बीच अपनी सुरक्षा खुद करने को मजबूर ग्रामीण
सीतापुर। आजादी के 80 साल बाद भी सीतापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत भारतपुर के पहाड़ी क्षेत्र में बसा लकरा लता गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गांव में न बिजली है, न सड़क और न ही पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था। सरकारी विकास के दावों के बीच यहां के ग्रामीण आज भी बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में करीब आठ वर्ष पहले सोलर लाइट लगाई गई थी, लेकिन अब वह भी बंद हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि सोलर लाइट की बैटरी खराब हो चुकी है और नई बैटरी उपलब्ध नहीं कराई गई। हालात यह हैं कि रात के अंधेरे में ग्रामीणों को अपने घर और गांव की सुरक्षा स्वयं करनी पड़ती है।
हाथियों के आने पर खुद करते हैं बचाव
लकरा लता क्षेत्र में हाथियों का भी लगातार आवागमन बताया जाता है। हाथियों के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों के पास अपनी सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। अंधेरे में उन्हें अपनी ही टार्च के सहारे हाथियों को खदेड़ने की कोशिश करनी पड़ती है।
एक ग्रामीण ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के बाद से अब तक गांव में बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच सकी हैं। हमें किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं, बल्कि बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं चाहिए।
विकास के दावों पर उठ रहे सवाल
लकरा लता की स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी सवाल खड़े करती है। एक ओर शासन-प्रशासन गांव-गांव तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस गांव के लोग आज भी बिजली, सड़क, पेयजल और सुरक्षा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्थायी बिजली व्यवस्था की जाए, सड़क का निर्माण कराया जाए, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और हाथियों से सुरक्षा के लिए वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा प्रभावी व्यवस्था की जाए।
अब सवाल यह है कि आजादी के 80 साल बाद लकरा लता गांव तक बिजली की रोशनी कब पहुंचेगी? ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल और सड़क की सुविधा कब मिलेगी? और हाथियों के बढ़ते खतरे के बीच उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन उठाएगा?
लकरा लता के ग्रामीणों की निगाहें अब शासन-प्रशासन की ओर टिकी हैं।
सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • कनहर बांध के खुले तेरा फाटक को देखने के लिए लोगों का इकट्ठा हुआ जन सैलाब लापरवाही करते हुए बच्चे,मना करने पर बच्चों ने किया प्रतिक्रिया की देखें वीडियो में
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    कनहर बांध के खुले तेरा फाटक को देखने के लिए लोगों का इकट्ठा हुआ जन सैलाब लापरवाही करते हुए बच्चे,मना करने पर बच्चों ने किया प्रतिक्रिया की देखें वीडियो में
    user_संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    संजय श्रीवास्तव ( ब्यूरो चीफ)
    Dudhi, Sonbhadra•
    10 hrs ago
  • ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ बहस चलता हुआ हाथी के हमले के बाद ग्रामीण व वन विभाग के कर्मचारीयों के साथ कहा सुनी चलता हुआ
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    ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ बहस चलता हुआ
हाथी के हमले के बाद ग्रामीण व वन विभाग के कर्मचारीयों के साथ कहा सुनी चलता हुआ
    user_Uday Kumar Ayam
    Uday Kumar Ayam
    Content Creator (YouTuber) प्रतापपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
  • झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद तीन साल के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है। मृतक बच्चे की पहचान ग्राम जमुआटांड़ निवासी अभीस चेरवा के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, तीन साल के अभीस को बुखार था। इसके बाद उसे इलाज के लिए सरनाडीह गांव में भूलेश्वर सिंह के पास ले जाया गया, जहां वह कथित तौर पर मरीजों का इलाज करता है। बताया जा रहा है कि मौसमी बुखार के इलाज के दौरान बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई। परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे घर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। तीन महीने में चौथी मौत का दावा जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले करीब तीन महीने के भीतर कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के बाद यह चौथी मौत बताई जा रही है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बिना उचित चिकित्सा योग्यता के इलाज करने वालों पर कार्रवाई कब होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है? घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। मामले में जांच जारी है। स्वस्थ विभाग बड़ा सवाल ग्रामीण इलाकों में लगातार कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से होने वाली मौतों के आरोपों के बीच स्वास्थ्य विभाग कब सख्त कार्रवाई करेगा?
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    झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल

झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 3 साल के मासूम की मौत, स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर सवाल
बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद तीन साल के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है। मृतक बच्चे की पहचान ग्राम जमुआटांड़ निवासी अभीस चेरवा के रूप में हुई है।
परिजनों के मुताबिक, तीन साल के अभीस को बुखार था। इसके बाद उसे इलाज के लिए सरनाडीह गांव में भूलेश्वर सिंह के पास ले जाया गया, जहां वह कथित तौर पर मरीजों का इलाज करता है। बताया जा रहा है कि मौसमी बुखार के इलाज के दौरान बच्चे को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों का कहना है कि बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद उसे घर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
तीन महीने में चौथी मौत का दावा
जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले करीब तीन महीने के भीतर कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के बाद यह चौथी मौत बताई जा रही है। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर बिना उचित चिकित्सा योग्यता के इलाज करने वालों पर कार्रवाई कब होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। मामले में जांच जारी है।
स्वस्थ विभाग बड़ा सवाल ग्रामीण इलाकों में लगातार कथित झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से होने वाली मौतों के आरोपों के बीच स्वास्थ्य विभाग कब सख्त कार्रवाई करेगा?
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    17 hrs ago
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