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बंदा ज़िले के बबेरू कस्बे में काजी टोला के पास हुई एक दुर्घटना में घायल हुए बाइक सवार की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना बबेरू क्षेत्र में हुई, जिसके बाद घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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बंदा ज़िले के बबेरू कस्बे में काजी टोला के पास हुई एक दुर्घटना में घायल हुए बाइक सवार की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना बबेरू क्षेत्र में हुई, जिसके बाद घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के तिंदवारा गाँव में ग्रामीण पिछले 105 घंटे से बिजली कटौती से जूझ रहे हैं, जो केवल बिजली की मांग नहीं बल्कि प्रशासनिक संवेदनहीनता के खिलाफ एक तीव्र विरोध है। सरकार द्वारा 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों के विपरीत, गाँव में महीनों से टूटे बिजली के खंभे प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बने हुए हैं, और अधिकारी जनता के फोन भी नहीं उठाते। बिजली की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की उम्मीदें, बुजुर्गों की राहत और घरों की सामान्य दिनचर्या प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी में 10 से 12 घंटे की कटौती और फिर लगातार कई दिनों तक अंधेरा किसी तकनीकी खराबी से अधिक प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। शिकायतें और ज्ञापन ऊपर तक पहुँचने के बावजूद कार्रवाई धीमी रहती है। गाँव के लोगों ने अब सड़क पर उतरकर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है, जो उनके आक्रोश और धैर्य की सीमा को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतंत्र में जनता केवल वोट देने वाली नहीं, बल्कि व्यवस्था की असली मालिक है। तिंदवारा का यह सवाल सिर्फ बिजली का नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी की जवाबदेही का है कि क्या उसका दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा करना है या लोगों के जीवन में वास्तविक राहत पहुँचाना भी। यदि जिम्मेदार लोग अब भी नहीं चेतते, तो यह अंधेरा केवल गाँव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी खत्म कर देगा, क्योंकि अनदेखी की गई समस्याएँ आंदोलनों का रूप ले लेती हैं।1
- मूर्तौर शराब ठेका विवाद ने पकड़ा टूल, मानवाधिकार उपभोक्ता फोरम करेगा शासन से शिकायत *@आशीष सिंह चंदेल* *पत्रकार* 👉 *मुत्तौर शराब ठेका विवाद ने पकड़ा तूल, मानवाधिकार उपभोक्ता फोरम करेगा शासन से शिकायत* 👉*पूरे जिले के शराब ठेकों की जांच और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की उठी मांग, कार्रवाई की निगाहें प्रशासन पर* 👉 *डायलोशन, ढक्कन-बारकोड बदलने और ओवररेटिंग के आरोपों के बीच मामला पहुंचा जनचर्चा के केंद्र में* 👉 *मानवाधिकार उपभोक्ता फोरम ने कहा—यदि शिकायतों में दम है तो पूरे जिले के शराब कारोबार की हो निष्पक्ष जांच* 👉 *जुर्माना और कर्मचारियों के बदलाव के बाद भी नहीं थमे सवाल, जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की उठी मांग*1
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर शहर में राधानगर थाना क्षेत्र के देवीगंज पुल के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में आठ माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। खुशबू देवी, पत्नी सुजान, अपने भाई के साथ बाइक से जिला अस्पताल टीकाकरण और नियमित जांच के लिए जा रही थीं, तभी रोडवेज बस संख्या UP 78 LM 9644 ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि खुशबू देवी बस के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान चली गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व परिजन घटनास्थल पर जमा हो गए। महिला की मौत की खबर मिलते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। कुछ लोगों ने शव को पुल पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया और रोडवेज चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने शहर और हाईवे क्षेत्रों में तेज रफ्तार से दौड़ रहे भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- फतेहपुर शहर के राधानगर थाना क्षेत्र स्थित देवीगंज पुल के पास गुरुवार को एक तेज रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आने से आठ माह की गर्भवती महिला खुशबू देवी की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में उनके गर्भ में पल रहे शिशु की भी जान चली गई। खुशबू देवी अपने पति सुजान के साथ अपने भाई के साथ बाइक से जिला अस्पताल टीकाकरण और नियमित जांच के लिए जा रही थीं, तभी रोडवेज बस संख्या UP 78 LM 9644 ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि खुशबू देवी बस के नीचे आ गईं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना से क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए शव को पुल पर रखकर जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने शहर और हाईवे क्षेत्रों में तेज रफ्तार से दौड़ रहे भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना जिले की लचर ट्रैफिक व्यवस्थाओं को उजागर करती है।2
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी में स्थित कबरा पूर्वी अंश महुटा गांव में सरकारी नल पंप लगवाने की मांग की गई है।1
- बंदा जिले के बबेरू ब्लॉक परिसर में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक जन कल्याण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जनता को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं और उनसे मिलने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के मुरवल में बच्चों के मिड-डे मील और छात्रवृत्ति में कथित अनियमितताओं का एक गंभीर मामला सामने आया है। नैतिक पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष यशवंत सिंह खंगार ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2004-05 से 2008-09 के बीच मिड-डे मील में लगभग ₹9,75,331 और छात्रवृत्ति की ₹2,33,345 की राशि में गड़बड़ी हुई। सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बबेरू की जांच में कुल मिलाकर ₹12 लाख से अधिक की कथित वित्तीय अनियमितता उजागर होने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने गंभीर आरोपों और जांच के दावों के बावजूद इस मामले में अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आरोपों के घेरे में पूर्व ग्राम प्रधान रामबाबू निषाद, पूर्व/वर्तमान ग्राम प्रधान गीता देवी, संबंधित सचिव और ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं। खंगार ने यह भी आरोप लगाया कि रामबाबू निषाद की गंभीर आपराधिक छवि होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई का साहस नहीं दिखाया गया, और व्यवस्था इसे "जांच जारी है" कहकर टाल रही है। यशवंत सिंह खंगार ने 4 जून 2026 को जिलाधिकारी अमित आसेरी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने दोबारा शिकायत के बाद एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी का यह आश्वासन हकीकत में बदलता है या यह मामला भी डीपीआरओ कार्यालय की निष्क्रियता का एक और उदाहरण बन जाएगा, जहां बच्चों के हक की लाखों की राशि में कथित गड़बड़ी पर भी कार्रवाई लंबित है।1
- फतेहपुर में बसपा जिलाध्यक्ष वीरप्रकाश लोधी ने एक पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।1