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रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने पंचायत क्षेत्र में NHPC पार्वती परियोजना की डंपिंग साइट्स से उत्पन्न होने वाले खतरे का मुद्दा उठाया है। प्रधान ठाकुर ने परियोजना अधिकारी के टाल-मटोल भरे जवाबों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और इस गंभीर विषय पर उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित करने की मांग रखी।
Budhi Singh Thakur
रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने पंचायत क्षेत्र में NHPC पार्वती परियोजना की डंपिंग साइट्स से उत्पन्न होने वाले खतरे का मुद्दा उठाया है। प्रधान ठाकुर ने परियोजना अधिकारी के टाल-मटोल भरे जवाबों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और इस गंभीर विषय पर उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित करने की मांग रखी।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को रेखांकित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशभर में कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार हेतु विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में, हमीरपुर के गांधी चौक पर जिला भाजपा की प्रदर्शनी का उद्घाटन और अवलोकन पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर ने किया। इस अवसर पर विधायक आशीष शर्मा और जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश ठाकुर सहित जिले भर के भाजपा नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे। सांसद अनुराग ठाकुर ने इस दौरान केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जानकारी साझा की, वहीं उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर की जा रही बयानबाजी पर भी पलटवार किया। अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर कहा कि इस दौरान भारत विश्व की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है और देश की ताकत को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीए सरकार के समय देश में भ्रष्टाचार चरम पर था और आर्थिक स्थिति भी खराब थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और भारत ने आर्थिक मोर्चे पर नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। हमीरपुर में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री पंचायती राज चुनावों में मिली हार से बौखलाकर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि यह मुद्दा केवल घोषणा का नहीं, बल्कि निर्माण कार्य शुरू करने का है। ठाकुर ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा आचार संहिता लगने से कुछ समय पहले की गई थी, जिसके लिए कोई बजट प्रावधान नहीं था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मेडिकल कॉलेज के लिए 180 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था, लेकिन उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने जमीन तक उपलब्ध नहीं करवाई थी। उन्होंने पूर्व की जयराम सरकार की सराहना करते हुए कहा कि उसी सरकार ने सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया था। अनुराग ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अपने हिस्से का पैसा भी जमा नहीं करवा रही है। अनुराग ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि उनके मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण और दिशा की बैठक में इस मुद्दे को उठाने के बाद ही 'सोई हुई सरकार' जागी है और मुख्यमंत्री ने आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोई हुई है और जनता को भ्रमित करने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सांसद अनुराग ठाकुर ने ओमान में हुए हमले में मारे गए नाविक आदित्य के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा उठाई जा रही मांगों को विदेश मंत्रालय सहित संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठाया जाएगा।1
- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना पर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध तोड़ दिया है। सांख्यान के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा करने में सबसे बड़े रणनीतिकार साबित हुए हैं और उन्होंने भविष्य में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। संदीप सांख्यान ने बताया कि लगभग पंद्रह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह बहुद्देश्यीय परियोजना प्रदेश की आर्थिकी में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जबकि प्रदेश सरकार का वित्तीय निवेश इसमें न के बराबर होगा। इसे मुख्यमंत्री की रणनीति की एक बड़ी जीत करार दिया गया है। सांख्यान के अनुसार, इस योजना से भविष्य में प्रदेश को लगभग 225 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिसमें प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट से भी अधिक बिजली का उत्पादन होगा, जिससे प्रदेश जगमग करेगा। साथ ही, प्रदेश के राजस्व में प्रतिवर्ष करीब 600 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने टोंस नदी, जो कि यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है, पर बनने वाली इस बहुद्देश्यीय योजना को अमलीजामा पहनाना मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बताया।1
- शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ। नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।3
- जनसंपर्क न्यूज़ द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, गुर्जर समुदाय में 'सोहणी जेही' जवानी का एक प्रशंसनीय उल्लेख किया गया है। इस संदर्भ में Raaz Jary का नाम सामने आया है।1
- सतपाल सिंह सत्ती ने आवारा कुत्तों के बढ़ते मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित निगम से मांग की है।1
- नगरपंचायत टाहलीवाल में प्रधान और उपप्रधान पद के लिए चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस चुनाव के परिणामस्वरूप, निरंजना देवी को प्रधान चुना गया है, जबकि राजकुमार मल्ली ने उपप्रधान का पद संभाला है।1
- पिन पार्वती क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण एनएचपीसी (NHPC) बांध से नीचे की ओर स्थित गाँवों में गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, सैंज गाँव को तत्काल खाली करा लिया गया है। सभी ग्रामीणों को सुरक्षित रूप से राहत शिविरों में पहुँचाया गया है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह पूरी कार्रवाई आपदा प्रबंधन के तहत की गई है।1
- हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले टॉलैंड से सचिवालय तक रोष रैली निकाली गई, जहाँ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन वेतन बढ़ोतरी, पूरे 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और नियमितीकरण सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान यूनियन नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर लंबे समय से मिड डे मील वर्कर्स की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। यूनियन की राज्य महासचिव शांति देवी और अध्यक्ष संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 वर्षों में मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, और राज्य सरकार भी इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को नियमित वेतन नहीं मिलता, बल्कि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन लंबित रहता है और भुगतान भी एकमुश्त नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त के कारण बच्चों की संख्या कम होने पर वर्कर्स की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। यूनियन ने प्रमुखता से मांग की है कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप मिड डे मील वर्कर्स को पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह अवकाश, 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त को समाप्त करना, ग्रेच्युटी और पेंशन सुविधा प्रदान करना, मेडिकल जांच का खर्च विभाग द्वारा वहन करना और मिड डे मील वर्कर्स के लिए नियमितीकरण की नीति बनाना शामिल है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।4
- आज मंगलवार, 23 जून को ऊना जिले की अख़बारों की मुख्य सुर्खियां जारी की गई हैं। इन सुर्खियों में बंगाना, मैहतपुर, चिंतपूर्णी, अंब और गगरेट जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित खबरें शामिल की गई हैं।1