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सतपाल सिंह सत्ती ने आवारा कुत्तों के बढ़ते मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित निगम से मांग की है।
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सतपाल सिंह सत्ती ने आवारा कुत्तों के बढ़ते मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने के लिए संबंधित निगम से मांग की है।
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- प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने घोषणा की है कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बांध परियोजना पर पिछले आठ वर्षों से चला आ रहा गतिरोध तोड़ दिया है। सांख्यान के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रदेश के हितों की रक्षा करने में सबसे बड़े रणनीतिकार साबित हुए हैं और उन्होंने भविष्य में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। संदीप सांख्यान ने बताया कि लगभग पंद्रह हजार करोड़ रुपये की लागत वाली यह बहुद्देश्यीय परियोजना प्रदेश की आर्थिकी में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी, जबकि प्रदेश सरकार का वित्तीय निवेश इसमें न के बराबर होगा। इसे मुख्यमंत्री की रणनीति की एक बड़ी जीत करार दिया गया है। सांख्यान के अनुसार, इस योजना से भविष्य में प्रदेश को लगभग 225 मेगावाट बिजली मुफ्त मिलेगी, जिसमें प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट से भी अधिक बिजली का उत्पादन होगा, जिससे प्रदेश जगमग करेगा। साथ ही, प्रदेश के राजस्व में प्रतिवर्ष करीब 600 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी। उन्होंने टोंस नदी, जो कि यमुना की एक प्रमुख सहायक नदी है, पर बनने वाली इस बहुद्देश्यीय योजना को अमलीजामा पहनाना मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक बताया।1
- नूरपुर में तहसील कल्याण विभाग द्वारा पीएमश्री बीटीसी राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील कल्याण अधिकारी अनूप सिंह ने की, जिसमें विद्यालय के प्रधानाचार्य के.सी. दियोल, समस्त अध्यापक वर्ग तथा बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए विभिन्न गतिविधियां, जिनमें पेंटिंग प्रतियोगिता, स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता और नशा मुक्ति विषय पर जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे, आयोजित की गईं। छात्र व छात्राओं ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नशे के खिलाफ प्रभावशाली संदेश दिए और समाज को जागरूक करने का प्रयास किया। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और अपने परिवार तथा समाज को भी नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था। अपने संबोधन में तहसील कल्याण अधिकारी अनूप सिंह ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कारों को अपनाएं तथा किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें, क्योंकि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और यदि युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो समाज और राष्ट्र दोनों सशक्त बनेंगे। विद्यालय के प्रधानाचार्य के.सी. दियोल ने तहसील कल्याण विभाग का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय प्रशासन भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा ताकि छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़े और वे स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाएं। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया, जिससे यह कार्यक्रम जागरूकता, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावी संदेश देने में सफल रहा।3
- नगर पंचायत भुंतर में संपन्न हुए चुनावों के बाद विधायक सुंदर ठाकुर ने इन चुनावों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इन चुनावों को भुंतर नगर पंचायत की राजनीति के लिए एक 'काला अध्याय' करार दिया।1
- रैला पंचायत के प्रधान टेक सिंह ठाकुर ने पंचायत क्षेत्र में NHPC पार्वती परियोजना की डंपिंग साइट्स से उत्पन्न होने वाले खतरे का मुद्दा उठाया है। प्रधान ठाकुर ने परियोजना अधिकारी के टाल-मटोल भरे जवाबों पर अपनी नाराजगी व्यक्त की और इस गंभीर विषय पर उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित करने की मांग रखी।1
- शिमला जिले के रामपुर के ननखड़ी कॉलेज को डीनोटिफाई करने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा नेता और रामपुर से पूर्व प्रत्याशी कौल नेगी ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि कॉलेज बंद हुआ तो लोग सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा से वंचित करना चाहती है। कौल नेगी ने बताया कि यह कॉलेज 18 बच्चों के साथ भी सफलतापूर्वक चल रहा था, लेकिन अब कम छात्रों की संख्या का हवाला देकर इसे बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में कला और वाणिज्य संकाय की पढ़ाई होती है। हालांकि, ननखड़ी के आसपास के स्कूलों में वाणिज्य की पढ़ाई नहीं कराई जाती, जिससे शिमला-रामपुर क्षेत्र से बच्चे ननखड़ी कॉलेज तक नहीं पहुँच पाएंगे। नेगी के अनुसार, इस कॉलेज के बंद होने से 18 पंचायतें प्रभावित होंगी। उन्होंने स्मरण कराया कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 2012-13 में इस कॉलेज की घोषणा की थी, जिसके बाद यह स्थापित हुआ। नेगी ने जोर दिया कि पूर्व सरकारों के प्रमुखों की सोच थी कि किसी भी बच्चे को उच्च शिक्षा से वंचित न रखा जाए, और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र भी तीन बच्चों के लिए भी स्कूल चलाने की बात कहते थे। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार इस विचार के विरुद्ध काम कर रही है। कौल नेगी ने पुनः चेतावनी दी है कि अगर कॉलेज को फिर से बहाल नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।3
- बाबा वीर नाथ राम चंद ठाकुर के एक कुल्लवी गीत के बारे में जानकारी दी गई है, जो 2026 से संबंधित है। इस गीत के संबंध में 'एचपी कॉल' (hp call) के लिए 7018646780 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- सीआईए नूरपुर ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना इंदौरा क्षेत्र से 39.14 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एएसपी नूरपुर धर्मचंद वर्मा ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि सीआईए नूरपुर की पुलिस टीम कंडवाल, भदरोया, इंदौरा और डमटाल में नियमित गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान, जब पुलिस टीम रेलवे फाटक, गांव तमोता के पास मौजूद थी, तब उन्हें एक विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली। इस सूचना के अनुसार, गांव तमोता निवासी कल्पना उर्फ कप्पू (27 वर्ष) अपनी बहन गुलफाम उर्फ रीता (32 वर्ष) और जीजा पवन कुमार (36 वर्ष) के साथ मिलकर गांव तमोता में कल्पना के आवासीय परिसर से हेरोइन/चिट्टा बेचने का धंधा कर रहे थे। पवन कुमार बलागन, तहसील दसूहा, जिला होशियारपुर (पंजाब) का निवासी है। प्राप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान, कल्पना के मकान से 39.14 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। धर्मचंद वर्मा के अनुसार, उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना इंदौरा में मुकदमा संख्या 95/2026 धारा 21, 29 NDPS Act के तहत दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। नूरपुर पुलिस इस बरामद मादक पदार्थ के स्रोत और इस नेटवर्क के आगे के संपर्कों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।1
- सैंज पिन पार्वती नदी में आई बाढ़ के कारण पार्वती बांध के आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस स्थिति के बीच, बचाव अभियान चलाकर घायलों को सुरक्षित शिविरों में पहुंचाया गया है। आपदा प्रबंधन के तहत, नदी किनारे स्थित खतरे वाले गांवों को भी खाली करा लिया गया है।1
- हिमाचल प्रदेश में मिड-डे मील वर्कर्स अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर हैं। सीटू से संबंधित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन के बैनर तले टॉलैंड से सचिवालय तक रोष रैली निकाली गई, जहाँ उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन वेतन बढ़ोतरी, पूरे 12 महीने का वेतन, ग्रेच्युटी, पेंशन और नियमितीकरण सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान यूनियन नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर लंबे समय से मिड डे मील वर्कर्स की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। यूनियन की राज्य महासचिव शांति देवी और अध्यक्ष संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पिछले 17 वर्षों में मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, और राज्य सरकार भी इस मुद्दे पर उदासीन रवैया अपना रही है। उन्होंने बताया कि मिड डे मील वर्कर्स को नियमित वेतन नहीं मिलता, बल्कि कई बार तीन-तीन महीने तक वेतन लंबित रहता है और भुगतान भी एकमुश्त नहीं किया जाता। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त के कारण बच्चों की संख्या कम होने पर वर्कर्स की सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं। यूनियन ने प्रमुखता से मांग की है कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुरूप मिड डे मील वर्कर्स को पूरे 12 महीने का वेतन दिया जाए। उनकी अन्य मांगों में हरियाणा की तर्ज पर 7,000 रुपये मासिक वेतन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह अवकाश, 25 बच्चों की अनिवार्य संख्या की शर्त को समाप्त करना, ग्रेच्युटी और पेंशन सुविधा प्रदान करना, मेडिकल जांच का खर्च विभाग द्वारा वहन करना और मिड डे मील वर्कर्स के लिए नियमितीकरण की नीति बनाना शामिल है। यूनियन नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।4