शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड में खरीफ फसल की बुआई को ध्यान में रखते हुए किसानों के बीच मडुआ, अरहर और धान के बीज का वितरण जारी है। यह वितरण प्रखंड ई-कृषि कार्यालय में अनुदानित दर पर किया जा रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान कार्यालय पहुंचे और अपनी आवश्यकतानुसार बीज प्राप्त करते देखे गए, यह कार्य शाम चार बजे तक चलता रहा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार दास ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्याप्त मात्रा में बीज मुहैया कराए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 9 क्विंटल मडुआ बीज में से अधिकांश किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जिसमें से अब लगभग 180 किलोग्राम बीज ही शेष है। इसी प्रकार, 1,448 किलोग्राम अरहर बीज में से करीब 600 किलोग्राम बीज का वितरण अभी बाकी है। हालांकि, हाइब्रिड धान के बीज की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण किसानों की खरीदारी में कमी देखी जा रही है; कई किसान कम लागत वाले बीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके कारण हाइब्रिड धान बीज का उठाव अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर बीज प्राप्त कर खरीफ फसलों की बुआई करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज के उपयोग से न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीज वितरण विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा रहा है।
शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड में खरीफ फसल की बुआई को ध्यान में रखते हुए किसानों के बीच मडुआ, अरहर और धान के बीज का वितरण जारी है। यह वितरण प्रखंड ई-कृषि कार्यालय में अनुदानित दर पर किया जा रहा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान कार्यालय पहुंचे और अपनी आवश्यकतानुसार बीज प्राप्त करते देखे गए, यह कार्य शाम चार बजे तक चलता रहा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी विजय कुमार दास ने बताया कि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पर्याप्त मात्रा में बीज मुहैया कराए गए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 9 क्विंटल मडुआ बीज में से अधिकांश किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जिसमें से अब लगभग 180 किलोग्राम बीज ही शेष है। इसी प्रकार, 1,448 किलोग्राम अरहर बीज में से करीब 600 किलोग्राम बीज का वितरण अभी बाकी है। हालांकि, हाइब्रिड धान के बीज की कीमत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण किसानों की खरीदारी में कमी देखी जा रही है; कई किसान कम लागत वाले बीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिसके कारण हाइब्रिड धान बीज का उठाव अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर बीज प्राप्त कर खरीफ फसलों की बुआई करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज के उपयोग से न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि यह किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीज वितरण विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही किया जा रहा है।
- एक कॉमेडी वीडियो के हिस्से के रूप में, एक व्यक्ति ने यह घोषणा की है कि वह देश का ऐसा पहला प्रधानमंत्री बन गया है। यह दावा हास्य के अंदाज में किया गया है।1
- भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पहला टी20 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिसके चलते इसका कोई परिणाम नहीं निकल पाया। मैच रुकने से पहले, टीम इंडिया ने अपनी बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट के नुकसान पर 189 रन का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया था। हालाँकि, बारिश ने मैच को रोक दिया और यह आगे नहीं बढ़ सका, जिसके परिणामस्वरूप इसे समाप्त घोषित कर दिया गया और टीम इंडिया द्वारा बनाया गया स्कोर बेकार चला गया।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा। कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ। इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।1
- नालंदा जिले के बिहार शरीफ स्थित गंजपर में, चिराग पासवान पिंटु पासवान और श्रवण पासवान को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचे।2
- शेखपुरा के करंडे थाना पुलिस ने अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने थाना कांड संख्या 54/26 में अपहृत दोनों बालकों को सकुशल बरामद कर लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। करंडे थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि अपहृत सत्यम कुमार, जो राजाराम वर्मा के पुत्र हैं, और नंदन कुमार, जो जितेंद्र कुमार के पुत्र हैं, दोनों तियाय गांव, थाना करंडे के निवासी हैं। इन्हें लखीसराय से सुरक्षित बरामद किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बालकों का पता लगाकर उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि बरामदगी के उपरांत, दोनों बालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ उनके बयान दर्ज कराए गए। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, गुरुवार की शाम लगभग 6:30 बजे थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। घटना में संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, उनका कहना है कि कम समय में बालकों की सकुशल बरामदगी से परिवारों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने भी करंडे थाना पुलिस के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- बिहार में भरत तिवारी के हत्यारे को नई पोस्टिंग मिलने पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस घटना को न्याय व्यवस्था पर एक प्रश्नचिह्न के रूप में देखा जा रहा है, और सीधे तौर पर सम्राट चौधरी जी से पूछा गया है कि यह किस प्रकार का न्याय है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।2
- शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित कसार थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में सोमवार को वर्षों पुराने भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पांच बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद के दौरान 55 वर्षीय लीला देवी को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पेट में गोली लगी है। परिजन उन्हें तत्काल शेखपुरा सदर अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल महिला के पुत्र राजेश रावत ने आरोप लगाया है कि उनके गोतिया पक्ष के कई लोगों ने उनके घर पर धावा बोलकर फायरिंग की। उन्होंने धुरी राउत, सनोज राउत, सुनील राउत, पिंटू राउत, संजीत राउत और युगल राउत पर दो राउंड गोलियां चलाने का आरोप लगाया, जिससे उनकी मां को गोली लगी। राजेश रावत के अनुसार, यह विवाद पांच बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है और अदालत का फैसला उनके पक्ष में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोधी पक्ष इसके बावजूद जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और पूर्व में सरकारी मापी के दौरान भी आरोपियों ने बाधा डाली थी। घटना की सूचना मिलते ही कसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।1