शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित कसार थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में सोमवार को वर्षों पुराने भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पांच बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद के दौरान 55 वर्षीय लीला देवी को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पेट में गोली लगी है। परिजन उन्हें तत्काल शेखपुरा सदर अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल महिला के पुत्र राजेश रावत ने आरोप लगाया है कि उनके गोतिया पक्ष के कई लोगों ने उनके घर पर धावा बोलकर फायरिंग की। उन्होंने धुरी राउत, सनोज राउत, सुनील राउत, पिंटू राउत, संजीत राउत और युगल राउत पर दो राउंड गोलियां चलाने का आरोप लगाया, जिससे उनकी मां को गोली लगी। राजेश रावत के अनुसार, यह विवाद पांच बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है और अदालत का फैसला उनके पक्ष में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोधी पक्ष इसके बावजूद जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और पूर्व में सरकारी मापी के दौरान भी आरोपियों ने बाधा डाली थी। घटना की सूचना मिलते ही कसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित कसार थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में सोमवार को वर्षों पुराने भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पांच बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद के दौरान 55 वर्षीय लीला देवी को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पेट में गोली लगी है। परिजन उन्हें तत्काल शेखपुरा सदर अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल महिला के पुत्र राजेश रावत ने आरोप लगाया है कि उनके गोतिया पक्ष के कई लोगों ने उनके घर पर धावा बोलकर फायरिंग की। उन्होंने धुरी राउत, सनोज राउत, सुनील राउत, पिंटू राउत, संजीत राउत और युगल राउत पर दो राउंड गोलियां चलाने का आरोप लगाया, जिससे उनकी मां को गोली लगी। राजेश रावत के अनुसार, यह विवाद पांच बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है और अदालत का फैसला उनके पक्ष में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोधी पक्ष इसके बावजूद जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और पूर्व में सरकारी मापी के दौरान भी आरोपियों ने बाधा डाली थी। घटना की सूचना मिलते ही कसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।
- शेखपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।1
- चेवाड़ा प्रखंड क्षेत्र के सभी प्लस टू विद्यालयों में बुधवार से त्रैमासिक परीक्षाएं शुरू हो गईं। परीक्षा के पहले दिन छात्र-छात्राएं निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचे और उत्साहपूर्वक इसमें शामिल हुए। सभी विद्यालयों में परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं, साथ ही विद्यालय प्रशासन की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्लस टू श्री कृष्ण उच्च माध्यमिक विद्यालय, चेवाड़ा के प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार से त्रैमासिक परीक्षा का शुभारंभ हुआ है, जो दोनों पालियों में आयोजित की जा रही है। इन परीक्षाओं में कक्षा नौवीं, दसवीं और बारहवीं के विज्ञान तथा कला संकाय के छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम और समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जाएगी, जिसमें सभी विषयों की परीक्षा तय समय पर होगी। प्रधानाध्यापक ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय प्रशासन परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और निष्पक्ष व कदाचारमुक्त माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि सभी कक्षों में शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और आवश्यक सामग्री साथ लाने के साथ-साथ विद्यालय के सभी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाध्यापक अशोक कुमार ने बुधवार शाम करीब चार बजे यह जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि छात्र-छात्राएं पूरे मनोयोग और ईमानदारी के साथ परीक्षा देंगे, क्योंकि इन त्रैमासिक परीक्षाओं का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन करना और उन्हें आगामी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है।1
- अलीगंज (जमुई) प्रखंड क्षेत्र के +2 हाई स्कूल धनामा की तीन छात्राओं ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनींद्र कुमार पर 11वीं कक्षा के नामांकन की रसीद देने के एवज में पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राएं अनुराधा कुमारी, कुसुम कुमारी और पुनम कुमारी ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को कक्षा 11 में दाखिला लिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नामांकन की रसीद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। छात्राओं का आरोप है कि रसीद उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 'खर्चा' के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बिना नामांकन रसीद के उन्हें भविष्य में बोर्ड परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में, छात्राओं ने अलीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (अग्रसर राज) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अविलंब रसीद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अग्रसर राज ने इस मामले को संज्ञान में लेने की पुष्टि की है और बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना है।2
- लखीसराय के नया बाजार स्थित नगर परिषद प्रशासनिक भवन के सभागार में हाल ही में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वार्ड संख्या-18 के पार्षद ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से श्रावणी मेला की तैयारियों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि 30 जून को अशोक धाम में जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रावणी मेला संबंधी बैठक में नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान को आमंत्रित नहीं किया गया था। बैठक के दौरान, वार्ड पार्षदों ने इसे नगर परिषद की उपेक्षा बताते हुए कहा कि श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में नगर परिषद की अहम भूमिका रहती है। पार्षदों का स्पष्ट तर्क था कि नगर परिषद शहर में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं की जिम्मेदारी निभाता है, ऐसे में इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेषकर सभापति को इतनी महत्वपूर्ण बैठक से अलग रखना उचित नहीं है। इस घटना को देखते हुए, उपस्थित पार्षदों ने जिला प्रशासन से भविष्य में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल करने की मांग की। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन आगे से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा, ताकि श्रावणी मेले की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें तथा शहरी सुविधाओं से संबंधित निर्णयों में नगर परिषद की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।1
- आज पटना जिले के मोकामा-बड़हपुर मोड़ घोषबारी में जोरदार बारिश हुई। इस झमाझम बारिश के कारण वहाँ के स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में किसानों को कृषि विभाग द्वारा दिए गए सरकारी बीज से धोखा मिला है, जिसके कारण उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अप्रैल में MH-1142 बीज से बोई गई फसल में एक भी दाना नहीं लगा, जिससे करीब 250 किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और मायूस हैं। पिछले अप्रैल में, कृषि विभाग ने प्रखंड के ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत निकली; फसल में न फल लगा और न ही फलियां आईं। अब पूरी फसल पीली पड़कर खेतों में ही बर्बाद हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस संबंध में मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बड़े उत्साह के साथ मूंग बोई थी, लेकिन अब उनका मूलधन और समय दोनों बर्बाद हो गया है। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का फैसला किया है, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। इस पूरे मामले पर अधिकारियों ने भी बयान दिए हैं। गुरुवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का भरोसा देते हुए कहा है कि सभी किसान सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में लिखित आवेदन जमा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि उचित जांच कराई जाएगी और यदि तथ्य सही पाए जाते हैं तो किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। फिलहाल, किसानों की मुख्य मांग है कि इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।1
- एक कॉमेडी वीडियो के हिस्से के रूप में, एक व्यक्ति ने यह घोषणा की है कि वह देश का ऐसा पहला प्रधानमंत्री बन गया है। यह दावा हास्य के अंदाज में किया गया है।1
- शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड स्थित कसार थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में सोमवार को वर्षों पुराने भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पांच बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद के दौरान 55 वर्षीय लीला देवी को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके पेट में गोली लगी है। परिजन उन्हें तत्काल शेखपुरा सदर अस्पताल ले गए, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना स्थित पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। घायल महिला के पुत्र राजेश रावत ने आरोप लगाया है कि उनके गोतिया पक्ष के कई लोगों ने उनके घर पर धावा बोलकर फायरिंग की। उन्होंने धुरी राउत, सनोज राउत, सुनील राउत, पिंटू राउत, संजीत राउत और युगल राउत पर दो राउंड गोलियां चलाने का आरोप लगाया, जिससे उनकी मां को गोली लगी। राजेश रावत के अनुसार, यह विवाद पांच बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहा है और अदालत का फैसला उनके पक्ष में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोधी पक्ष इसके बावजूद जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है और पूर्व में सरकारी मापी के दौरान भी आरोपियों ने बाधा डाली थी। घटना की सूचना मिलते ही कसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस गहन जांच में जुटी हुई है। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।1