Shuru
Apke Nagar Ki App…
शेखपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
कुमार सुबिद
शेखपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
More news from बिहार and nearby areas
- शेखपुरा जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक हिमांशु कुमार ने बुधवार को बरबीघा थाना परिसर में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली आधिकारिक बैठक की। बरबीघा में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली ऐसी मुलाकात थी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना था। बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक ने जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया, क्योंकि उनके अनुसार यही क्षेत्र में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का आधार है। उन्होंने थाना स्तर पर नियमित गश्ती बढ़ाने, असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही, उन्होंने लोगों से पुलिस का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल थाना को देने की अपील भी की। इस दौरान, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, गश्ती प्रणाली और अन्य स्थानीय समस्याओं को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा। पुलिस अधीक्षक ने सभी समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। थाना के पुलिस पदाधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम बुधवार की शाम करीब पांच बजे संपन्न हुआ।1
- बिहार में भरत तिवारी के हत्यारे को नई पोस्टिंग मिलने पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इस घटना को न्याय व्यवस्था पर एक प्रश्नचिह्न के रूप में देखा जा रहा है, और सीधे तौर पर सम्राट चौधरी जी से पूछा गया है कि यह किस प्रकार का न्याय है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में 250 से अधिक किसानों को कृषि विभाग से मिली उम्मीद मायूसी में बदल गई, क्योंकि सरकारी बीज से बोई गई उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी, लेकिन उन्हें सिर्फ धोखा मिला, क्योंकि फसल में एक भी दाना नहीं लगा। पिछले अप्रैल में कृषि विभाग ने प्रखंड के करीब ढाई सौ किसानों के बीच 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज का वितरण किया था। विभाग ने दावा किया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि न तो फसल में फल लगा और न ही फलियां आईं; अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार समेत दर्जनों किसानों ने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस विफलता की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कर्ज लेकर उत्साह से बोई गई फसल में मूलधन और समय, दोनों बर्बाद हो गए हैं। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कर अपनी क्षतिपूर्ति की मांग करने का फैसला किया है। इस मामले पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, अतः इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन दिया है। उन्होंने सभी किसानों से सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालयों में लिखित आवेदन जमा करने को कहा, यह भरोसा दिलाते हुए कि उचित जांच होगी और तथ्य सही पाए जाने पर किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। किसानों की एकमात्र मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।2
- लखीसराय के रामगढ़ चौक पीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों ने 'इंसानियत की मिसाल' पेश करते हुए 10 टीबी मरीजों को गोद लिया है। यह पहल 'निश्चय पोषण योजना' के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक मरीज को अगले 6 महीनों तक हर माह ₹500 की आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। मंगलवार का दिन टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे इन मरीजों के लिए बेहद राहत भरा रहा, क्योंकि उन्हें पोषण का महत्वपूर्ण सहारा मिला। पीएचसी रामगढ़ चौक में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कंचन, प्रबंधक अरुण कुमार, बीसीएम माला कुमारी, प्रधान लिपिक रवीश कुमार और अनु सरवन सह मूल्यांकन सहायक नीरज कुमार मंगलम ने संयुक्त रूप से इन 10 मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर सभी मरीजों को प्रतीक स्वरूप फूड बास्केट भी भेंट किए गए। गोद लिए गए मरीजों में शर्मा गांव के नेपो मांझी, महादेव के ललन कुमार, डकरा की सोनिया देवी, कोली के वीरेंद्र महतो और किशोरी महतो, नावाडीह के अमर कुमार, शर्मा के संतोष रविदास, कोली की विजेता कुमारी, तथा महादेव की कजली देवी और रोशनी कुमारी शामिल हैं। डॉ. कंचन ने बताया कि रामगढ़ चौक प्रखंड में कुल 22 टीबी रोगी चिन्हित हैं, जिनमें से 10 मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गोद लिया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेष बचे 12 टीबी रोगियों को भी जल्द ही सहारा मिलेगा, जिन्हें प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और कल्याण पदाधिकारी गोद लेंगे। डॉ. कंचन के अनुसार, टीबी को हराने के लिए दवा के साथ-साथ सही पोषण भी अत्यंत आवश्यक है, और यह पहल मरीजों को बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी मनोबल प्रदान करेगी।1
- बिहारशरीफ में भाकपा माले महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने राजगीर में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड को लेकर 'सम्राट सरकार' की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। गंजपर, बिहारशरीफ के श्रवण पासवान और पिंटू पासवान के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने पहुंचे भट्टाचार्य ने पूछा कि पर्यटन नगरी राजगीर का दामन कब तक गरीबों के खून से सना रहेगा। इस दौरान उनके साथ माले राज्य सचिव कुणाल, मगध जोन प्रभारी अमर, केंद्रीय कमेटी सदस्य संतोष सहर, परवेज, पाजीगंज विधायक संदीप सौरव, डुमरांव के पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, और स्थानीय जिला कमेटी सदस्य व जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर सहित कई नेता मौजूद थे। दीपांकर भट्टाचार्य ने 'सरकार दलितों की लाशें गिन रही है' कहते हुए आरोप लगाया कि राजगीर, जो एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी है, वहां मलमास मेला में घूमने आए नौजवान को झुनकी मंदिर के साधु-संतों ने चोरी के आरोप में हाथ-पैर बांधकर पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने 2026 में जैन धर्मशाला के कमरे में कर्नाटक के चार लोगों की संदिग्ध हालत में मिली लाशों का भी जिक्र किया, जहाँ कमरा अंदर से बंद था, लेकिन उनके हाथ बंधे थे और मुंह पर टेप लगी थी, जिस पर पुलिस हत्या और आत्महत्या के बीच झूल रही है। भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि यह कैसा सुशासन है जहाँ न पर्यटक सुरक्षित हैं, न मेले घूमने आए आम नागरिक। उन्होंने नालंदा को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला बताते हुए कहा कि यहाँ अपराधी बेखौफ हैं और स्कॉर्पियो सवार बदमाश वन देवी मंदिर के पास ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो जाते हैं, जबकि पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। पाजीगंज विधायक संदीप सौरव ने भी पुलिस की नाकामी पर सवाल उठाए, कहा कि पुलिस हत्या के बाद इंसाफ दिलाने में और सुरक्षा करने में नाकाम रही। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी बगल में होने के बावजूद अपराधियों ने श्रवण और पिंटू को पीट-पीटकर मार डाला। उन्होंने इसे 'डबल इंजन सरकार' का न्याय बताते हुए चिंता व्यक्त की कि जब राजधानी से 100 किमी दूर राजगीर में यह हाल है, तो सीमांचल और कोसी की स्थिति और भी खराब होगी। माले नेताओं ने दोहरे हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने, मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, राजगीर-नालंदा में पर्यटक सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स बनाने, जिले के सभी लंबित हत्या कांडों का तीन महीने में स्पीडी ट्रायल करने और राजगीर थाना प्रभारी को निलंबित कर तुरंत हटाने की पांच बड़ी मांगें रखीं। ठेला-फुटपाथ वेंडर्स यूनियन के जिलाध्यक्ष किशोर साव ने कहा कि अपराध बढ़ने से राजगीर में पर्यटकों की संख्या गिरी है, जिससे ठेला, होटल और गाइड बेरोजगार हो रहे हैं। भाकपा माले ने सरकार से सीधा सवाल किया कि राजगीर दोहरे हत्याकांड के बाद उसने क्या सबक लिया और कर्नाटक के चार लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग ने कौन से सुरक्षा इंतजाम किए। नेताओं ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो बिहार में निवेश और पर्यटन का दावा खोखला है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों में दहशत है, वनगंगा इलाके के दुकानदार शाम 6 बजे ही अपनी दुकानें बंद कर देते हैं और पुलिस गश्त केवल वीआईपी मूवमेंट पर ही दिखती है। माले के बिहार शरीफ ग्रामीण प्रभारी सुनील कुमार और हरनौत प्रभारी बिरेश कुमार ने बताया कि बिहार शरीफ थाना क्षेत्र के ऊपरौरा गांव में अपराधियों ने एक दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी क्योंकि उसने सामान खरीदने के बाद अपराधी को चेंज पैसे नहीं दिए, वहीं सोहसराय थाना क्षेत्र में भी निर्माण मजदूरों की हत्या कर उनके शव को खेत में फेंक दिया गया था। डबल इंजन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है और पीड़ितों को लाठियां। यह जानकारी नालंदा जिला कार्यालय सचिव नवल किशोर द्वारा साझा की गई है।1
- दीपांकर भट्टाचार्य बिहार शरीफ पहुंच गए हैं। उनके इस आगमन के साथ ही यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति सरकार की विफलता का परिणाम है।1
- चेवाड़ा राजकीय डिग्री महाविद्यालय, चेवाड़ा में बुधवार को नवनामांकित छात्र-छात्राओं के स्वागत और मार्गदर्शन के लिए एक इंडक्शन मीट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नए विद्यार्थियों ने भाग लिया, जहाँ उन्हें महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, पठन-पाठन की प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुरलीधर प्रसाद सिंह ने सभी नए छात्र-छात्राओं का स्वागत किया और उन्हें नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित होकर पढ़ाई करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा जीवन में सफलता का एक मजबूत आधार है और राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए विभिन्न प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय स्थापित किए हैं। प्राचार्य ने जोर दिया कि विद्यार्थी नियमित अध्ययन और महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी से ही इसका पूरा लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और बेहतर भविष्य की नींव है, और छात्रों से समय का सदुपयोग करने व अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरीय शिक्षक डॉ. पवन कुमार, राजन कुमार वर्मा और अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। सभी शिक्षकों ने नए छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन का पालन करने और महाविद्यालय की प्रत्येक शैक्षणिक गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाने की प्रेरणा दी। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसकी जानकारी बुधवार की दोपहर 3:00 बजे दी गई।3
- नालंदा जिले के राजगीर में मलमास मेला के दौरान हुई पिंटू पासवान और सरवन पासवान की कथित हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर भीम आर्मी ने बिहार शरीफ में एक कैंडल मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में पीड़ितों के परिवार के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की गई और दोषियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई गई। कथित हत्या के इस मामले में साधुओं पर आरोप लगाए गए हैं। जन आक्रोश के बीच प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और उन्हें फांसी की सजा सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े। यह कैंडल मार्च दलित न्याय, सामाजिक न्याय, और बहुजन समाज के मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक न्याय आंदोलन का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य पिंटू और सरवन के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।1
- प्रस्तुत पोस्ट में कश्मीर के मनमोहक सौंदर्य और अद्भुत फिजा की विशेष रूप से सराहना की गई है। पोस्ट कश्मीर को एक ऐसी जगह के रूप में वर्णित करता है, जिसके प्राकृतिक वातावरण और सुंदरता को शब्दों में बयान करना मुश्किल है, मानो उसकी महिमा का वर्णन करने के लिए कोई शब्द पर्याप्त न हों।1