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अलीगंज (जमुई) प्रखंड क्षेत्र के +2 हाई स्कूल धनामा की तीन छात्राओं ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनींद्र कुमार पर 11वीं कक्षा के नामांकन की रसीद देने के एवज में पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राएं अनुराधा कुमारी, कुसुम कुमारी और पुनम कुमारी ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को कक्षा 11 में दाखिला लिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नामांकन की रसीद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। छात्राओं का आरोप है कि रसीद उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 'खर्चा' के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बिना नामांकन रसीद के उन्हें भविष्य में बोर्ड परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में, छात्राओं ने अलीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (अग्रसर राज) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अविलंब रसीद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अग्रसर राज ने इस मामले को संज्ञान में लेने की पुष्टि की है और बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना है।

2 hrs ago
user_Md Mumtaz
Md Mumtaz
Media and information sciences faculty इस्लाम नगर अलीगंज, जमुई, बिहार•
2 hrs ago

अलीगंज (जमुई) प्रखंड क्षेत्र के +2 हाई स्कूल धनामा की तीन छात्राओं ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनींद्र कुमार पर 11वीं कक्षा के नामांकन की रसीद देने के एवज में पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राएं अनुराधा कुमारी, कुसुम कुमारी और पुनम कुमारी ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को कक्षा 11 में दाखिला लिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नामांकन की रसीद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। छात्राओं का आरोप है कि रसीद उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 'खर्चा' के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बिना नामांकन रसीद के उन्हें भविष्य में बोर्ड परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में गंभीर समस्याओं का सामना

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करना पड़ सकता है। इस मामले में, छात्राओं ने अलीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (अग्रसर राज) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अविलंब रसीद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अग्रसर राज ने इस मामले को संज्ञान में लेने की पुष्टि की है और बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना है।

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  • अलीगंज (जमुई) प्रखंड क्षेत्र के +2 हाई स्कूल धनामा की तीन छात्राओं ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनींद्र कुमार पर 11वीं कक्षा के नामांकन की रसीद देने के एवज में पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राएं अनुराधा कुमारी, कुसुम कुमारी और पुनम कुमारी ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को कक्षा 11 में दाखिला लिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नामांकन की रसीद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। छात्राओं का आरोप है कि रसीद उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 'खर्चा' के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बिना नामांकन रसीद के उन्हें भविष्य में बोर्ड परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में, छात्राओं ने अलीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (अग्रसर राज) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अविलंब रसीद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अग्रसर राज ने इस मामले को संज्ञान में लेने की पुष्टि की है और बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना है।
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    अलीगंज (जमुई) प्रखंड क्षेत्र के +2 हाई स्कूल धनामा की तीन छात्राओं ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मुनींद्र कुमार पर 11वीं कक्षा के नामांकन की रसीद देने के एवज में पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। छात्राएं अनुराधा कुमारी, कुसुम कुमारी और पुनम कुमारी ने बताया कि उन्होंने 8 मई 2026 को कक्षा 11 में दाखिला लिया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उन्हें नामांकन की रसीद अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।

छात्राओं का आरोप है कि रसीद उपलब्ध कराने के लिए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा 'खर्चा' के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बिना नामांकन रसीद के उन्हें भविष्य में बोर्ड परीक्षा सहित अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक कार्यों में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले में, छात्राओं ने अलीगंज के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (अग्रसर राज) को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग करते हुए अविलंब रसीद उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। इस घटना ने क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अग्रसर राज ने इस मामले को संज्ञान में लेने की पुष्टि की है और बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सभी की निगाहें अब प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संभावना है।
    user_Md Mumtaz
    Md Mumtaz
    Media and information sciences faculty इस्लाम नगर अलीगंज, जमुई, बिहार•
    2 hrs ago
  • गुरुवार को चेवाड़ा-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर चिंतामन चक मोड़ के पास अचानक एक बड़ा पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे लगभग एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा। इस घटना के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दोपहिया, चारपहिया सहित सभी प्रकार के वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों की तलाश में भटकते हुए देखे गए। घटना की जानकारी स्थानीय पत्रकार द्वारा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद, कर्मियों ने पेड़ की टहनियों को काटकर सड़क से हटाया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। शाम करीब पांच बजे तक सड़क से पेड़ को पूरी तरह हटा दिया गया, जिसके बाद वाहनों का परिचालन एक बार फिर सुचारु हो गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहने के कारण लोगों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए वन विभाग की सराहना की और साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क किनारे मौजूद जर्जर और सूखे पेड़ों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की।
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    गुरुवार को चेवाड़ा-सिकंदरा मुख्य मार्ग पर चिंतामन चक मोड़ के पास अचानक एक बड़ा पेड़ टूटकर सड़क पर गिर गया, जिससे लगभग एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा। इस घटना के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और दोपहिया, चारपहिया सहित सभी प्रकार के वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, जबकि कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों की तलाश में भटकते हुए देखे गए।

घटना की जानकारी स्थानीय पत्रकार द्वारा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत सड़क पर गिरे पेड़ को हटाने का काम शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद, कर्मियों ने पेड़ की टहनियों को काटकर सड़क से हटाया, जिससे यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। शाम करीब पांच बजे तक सड़क से पेड़ को पूरी तरह हटा दिया गया, जिसके बाद वाहनों का परिचालन एक बार फिर सुचारु हो गया।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। हालांकि, लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहने के कारण लोगों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने समय पर कार्रवाई के लिए वन विभाग की सराहना की और साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क किनारे मौजूद जर्जर और सूखे पेड़ों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग भी की।
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    Local News Reporter शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    1 hr ago
  • लखीसराय के नया बाजार स्थित नगर परिषद प्रशासनिक भवन के सभागार में हाल ही में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वार्ड संख्या-18 के पार्षद ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से श्रावणी मेला की तैयारियों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि 30 जून को अशोक धाम में जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रावणी मेला संबंधी बैठक में नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान को आमंत्रित नहीं किया गया था। बैठक के दौरान, वार्ड पार्षदों ने इसे नगर परिषद की उपेक्षा बताते हुए कहा कि श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में नगर परिषद की अहम भूमिका रहती है। पार्षदों का स्पष्ट तर्क था कि नगर परिषद शहर में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं की जिम्मेदारी निभाता है, ऐसे में इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेषकर सभापति को इतनी महत्वपूर्ण बैठक से अलग रखना उचित नहीं है। इस घटना को देखते हुए, उपस्थित पार्षदों ने जिला प्रशासन से भविष्य में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल करने की मांग की। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन आगे से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा, ताकि श्रावणी मेले की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें तथा शहरी सुविधाओं से संबंधित निर्णयों में नगर परिषद की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
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    लखीसराय के नया बाजार स्थित नगर परिषद प्रशासनिक भवन के सभागार में हाल ही में वार्ड पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वार्ड संख्या-18 के पार्षद ने की। इस बैठक में मुख्य रूप से श्रावणी मेला की तैयारियों से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि 30 जून को अशोक धाम में जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रावणी मेला संबंधी बैठक में नगर परिषद के सभापति अरविंद पासवान को आमंत्रित नहीं किया गया था।

बैठक के दौरान, वार्ड पार्षदों ने इसे नगर परिषद की उपेक्षा बताते हुए कहा कि श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में नगर परिषद की अहम भूमिका रहती है। पार्षदों का स्पष्ट तर्क था कि नगर परिषद शहर में सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य शहरी सुविधाओं की जिम्मेदारी निभाता है, ऐसे में इसके निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेषकर सभापति को इतनी महत्वपूर्ण बैठक से अलग रखना उचित नहीं है।

इस घटना को देखते हुए, उपस्थित पार्षदों ने जिला प्रशासन से भविष्य में नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल करने की मांग की। पार्षदों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन आगे से बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य करेगा, ताकि श्रावणी मेले की व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें तथा शहरी सुविधाओं से संबंधित निर्णयों में नगर परिषद की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    3 hrs ago
  • लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में किसानों को कृषि विभाग द्वारा दिए गए सरकारी बीज से धोखा मिला है, जिसके कारण उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अप्रैल में MH-1142 बीज से बोई गई फसल में एक भी दाना नहीं लगा, जिससे करीब 250 किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और मायूस हैं। पिछले अप्रैल में, कृषि विभाग ने प्रखंड के ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत निकली; फसल में न फल लगा और न ही फलियां आईं। अब पूरी फसल पीली पड़कर खेतों में ही बर्बाद हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस संबंध में मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बड़े उत्साह के साथ मूंग बोई थी, लेकिन अब उनका मूलधन और समय दोनों बर्बाद हो गया है। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का फैसला किया है, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। इस पूरे मामले पर अधिकारियों ने भी बयान दिए हैं। गुरुवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का भरोसा देते हुए कहा है कि सभी किसान सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में लिखित आवेदन जमा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि उचित जांच कराई जाएगी और यदि तथ्य सही पाए जाते हैं तो किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी। फिलहाल, किसानों की मुख्य मांग है कि इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
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    लखीसराय के रामगढ़ चौक प्रखंड में किसानों को कृषि विभाग द्वारा दिए गए सरकारी बीज से धोखा मिला है, जिसके कारण उनकी मूंग की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। अप्रैल में MH-1142 बीज से बोई गई फसल में एक भी दाना नहीं लगा, जिससे करीब 250 किसान कर्ज के बोझ तले दब गए हैं और मायूस हैं।

पिछले अप्रैल में, कृषि विभाग ने प्रखंड के ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था। उस समय यह दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, हरदा रोग से मुक्त रहेगा और हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत निकली; फसल में न फल लगा और न ही फलियां आईं। अब पूरी फसल पीली पड़कर खेतों में ही बर्बाद हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इस संबंध में मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर बड़े उत्साह के साथ मूंग बोई थी, लेकिन अब उनका मूलधन और समय दोनों बर्बाद हो गया है। आक्रोशित किसानों ने अब सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का फैसला किया है, ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

इस पूरे मामले पर अधिकारियों ने भी बयान दिए हैं। गुरुवार को प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त होता है, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का भरोसा देते हुए कहा है कि सभी किसान सामूहिक रूप से प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में लिखित आवेदन जमा करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि उचित जांच कराई जाएगी और यदि तथ्य सही पाए जाते हैं तो किसानों को हर संभव राहत प्रदान की जाएगी।

फिलहाल, किसानों की मुख्य मांग है कि इस धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा मिले।
    user_Vivek Anand
    Vivek Anand
    रामगढ़ चौक, लखीसराय, बिहार•
    6 hrs ago
  • शेखपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
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    शेखपुरा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
    user_कुमार सुबिद
    कुमार सुबिद
    पत्रकार Sheikhpura, Bihar•
    8 hrs ago
  • नवादा जिले के गोविंदपुर क्षेत्र में जिमशाला बंद हो जाने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    नवादा जिले के गोविंदपुर क्षेत्र में जिमशाला बंद हो जाने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Nawada Halchal News
    Nawada Halchal News
    Doctor गोविंदपुर, नवादा, बिहार•
    13 hrs ago
  • लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा। कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है। परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ। इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
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    लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड में कृषि विभाग द्वारा वितरित मूंग के बीज से बोई गई फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है, जिससे लगभग 250 किसान भारी कर्ज और मायूसी में डूब गए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें 'धोखा' मिला है, क्योंकि अप्रैल में सरकारी बीज से बोई गई मूंग की फसल में एक भी दाना नहीं लगा।

कृषि विभाग ने पिछले अप्रैल में प्रखंड के लगभग ढाई सौ किसानों को 36 कुंतल MH-1142 मूंग बीज वितरित किया था, जिसके साथ दावा किया गया था कि यह बीज प्रति हेक्टेयर 8-10 कुंतल की उपज देगा, इसमें हरदा रोग नहीं लगेगा, और यह हरी खाद का भी काम करेगा। हालांकि, किसानों के अनुसार, न तो फसल में फल लगे और न ही फलियाँ आईं, और अब पूरी फसल पीली पड़कर नष्ट हो चुकी है।

परसावां के पूर्व पैक्स अध्यक्ष महेश कुमार सिंह, धर्मवीर सिंह, सोंधी के रमेश सिंह, बरतारा के अजय कुमार रविदास, शर्मा के अनिल सिंह, बड़हरा के मुकेश राजा, तेतरहाट के लखन साब और महसौडा के रमेश कुमार सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि उन्होंने मौखिक रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी को इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि कर्ज लेकर बड़े उत्साह से मूंग बोया था, लेकिन अब मूलधन भी चला गया और समय भी बर्बाद हुआ।

इस आक्रोश के बीच, किसानों ने सामूहिक रूप से उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करने का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें अपनी हुई क्षति की भरपाई मिल सके। इस संबंध में, प्रखंड कृषि पदाधिकारी चंद्र प्रकाश मिश्रा ने कहा कि बीज बिहार बीज निगम से प्राप्त हुआ था, इसलिए इसकी जिम्मेदारी निगम की है। वहीं, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार ने किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए कहा कि सभी किसान सामूहिक रूप से लिखित आवेदन प्रखंड और जिला कृषि कार्यालय में जमा करें। उन्होंने उचित जांच कराने और तथ्य सही पाए जाने पर हर संभव राहत प्रदान करने का भरोसा दिया। किसानों की प्रमुख मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई हो और उनकी बर्बाद फसल का मुआवजा मिले।
    user_Kumar Amlesh
    Kumar Amlesh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    15 hrs ago
  • शेखपुरा के करंडे थाना पुलिस ने अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने थाना कांड संख्या 54/26 में अपहृत दोनों बालकों को सकुशल बरामद कर लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। करंडे थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि अपहृत सत्यम कुमार, जो राजाराम वर्मा के पुत्र हैं, और नंदन कुमार, जो जितेंद्र कुमार के पुत्र हैं, दोनों तियाय गांव, थाना करंडे के निवासी हैं। इन्हें लखीसराय से सुरक्षित बरामद किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बालकों का पता लगाकर उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया। थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि बरामदगी के उपरांत, दोनों बालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ उनके बयान दर्ज कराए गए। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, गुरुवार की शाम लगभग 6:30 बजे थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। घटना में संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, उनका कहना है कि कम समय में बालकों की सकुशल बरामदगी से परिवारों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने भी करंडे थाना पुलिस के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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    शेखपुरा के करंडे थाना पुलिस ने अपहरण के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने थाना कांड संख्या 54/26 में अपहृत दोनों बालकों को सकुशल बरामद कर लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली।

करंडे थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि अपहृत सत्यम कुमार, जो राजाराम वर्मा के पुत्र हैं, और नंदन कुमार, जो जितेंद्र कुमार के पुत्र हैं, दोनों तियाय गांव, थाना करंडे के निवासी हैं। इन्हें लखीसराय से सुरक्षित बरामद किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, जिसके परिणामस्वरूप दोनों बालकों का पता लगाकर उन्हें सकुशल बरामद कर लिया गया।

थानाध्यक्ष ने आगे बताया कि बरामदगी के उपरांत, दोनों बालकों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ उनके बयान दर्ज कराए गए। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, गुरुवार की शाम लगभग 6:30 बजे थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में दोनों बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। घटना में संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, उनका कहना है कि कम समय में बालकों की सकुशल बरामदगी से परिवारों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने भी करंडे थाना पुलिस के प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त किया है।
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    Local News Reporter शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    1 hr ago
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