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बिलासपुर की कोटा थाना पुलिस ने खेत समतलीकरण कराने का झांसा देकर ₹9 लाख की धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी के ₹9 लाख नकद भी बरामद किए हैं। जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी रतनपुर के चर्चित बकरी चोरी प्रकरण में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। कोटा पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही सख्त संदेश दिया है कि धोखाधड़ी और अपराध करने वालों की अब खैर नहीं, क्योंकि कानून से बचना नामुमकिन है।
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बिलासपुर की कोटा थाना पुलिस ने खेत समतलीकरण कराने का झांसा देकर ₹9 लाख की धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी के ₹9 लाख नकद भी बरामद किए हैं। जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी रतनपुर के चर्चित बकरी चोरी प्रकरण में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। कोटा पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही सख्त संदेश दिया है कि धोखाधड़ी और अपराध करने वालों की अब खैर नहीं, क्योंकि कानून से बचना नामुमकिन है।
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- बिलासपुर की कोटा थाना पुलिस ने खेत समतलीकरण कराने का झांसा देकर ₹9 लाख की धोखाधड़ी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी के ₹9 लाख नकद भी बरामद किए हैं। जाँच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी रतनपुर के चर्चित बकरी चोरी प्रकरण में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है। कोटा पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ ही सख्त संदेश दिया है कि धोखाधड़ी और अपराध करने वालों की अब खैर नहीं, क्योंकि कानून से बचना नामुमकिन है।1
- बिलासपुर में तोरवा पुलिस ने शादी का झूठा वादा कर एक युवती का दैहिक शोषण करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पहले युवती को विवाह का भरोसा दिलाया और उसी आधार पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से साफ इंकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, पीड़िता पहले बिलासपुर के एक पेट्रोल पंप में कार्य करती थी, इसी दौरान उसकी पहचान गौरेला निवासी सागर राठौर (19 वर्ष), पिता राधेश्याम राठौर से हुई। आरोप है कि सागर ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने का आश्वासन दिया और इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद आरोपी ने विवाह करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस की शरण ली। पीड़िता द्वारा सबसे पहले गौरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में घटना का क्षेत्राधिकार थाना तोरवा का पाए जाने पर प्रकरण को शून्य पर दर्ज कर तोरवा भेजा गया। तोरवा थाना में 1 जुलाई 2026 को अपराध क्रमांक 362/2026 के तहत धारा 69 बीएनएस में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। महिला संबंधी अपराध की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक रजनीश सिंह के निर्देशन में पुलिस टीम तत्काल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही रवाना हुई। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया, जहाँ उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 2 जुलाई 2026 को आरोपी सागर राठौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।2
- बिलासपुर प्रेस क्लब के कार्यक्रम "हमर पहुना" में शामिल हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश कुमार सिंह ने पुलिसिंग, कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, नशा मुक्ति और युवाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस की वास्तविक शक्ति हथियार या वर्दी में नहीं, बल्कि जनता के भरोसे में निहित है। संवाद के दौरान, एसएसपी ने अपने व्यक्तिगत सफर को साझा किया, जिसमें ग्वालियर में एसपी कार्यालय के पास पढ़ाई करते हुए उनके भीतर एक पुलिस अधिकारी बनने का सपना पनपा। लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद, उन्होंने बस्तर से अपने पुलिस करियर की शुरुआत की और कई चुनौतीपूर्ण जिलों में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दीं। बिलासपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने बताया कि यहाँ अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। गंभीर मामलों में 22 अपराधियों को आजीवन कारावास दिलवाना और लगभग 9.5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त करना, पुलिस की प्रभावी कार्यशैली की प्रमुख उपलब्धियाँ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि महिला सुरक्षा, नशा उन्मूलन और साइबर अपराध नियंत्रण वर्तमान में बिलासपुर पुलिस की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं। साइबर ठगी से बचाव के प्रयासों के बारे में, एसएसपी ने जानकारी दी कि थाना स्तर पर "हमर संगवारी" समूह गठित किए गए हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को डिजिटल सुरक्षा के संबंध में आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आधुनिक पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं है, बल्कि अपराध होने से पहले ही लोगों को जागरूक करना भी है। कार्यक्रम के समापन पर, एसएसपी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण, कानून का सम्मान करने और सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। अंत में, बिलासपुर प्रेस क्लब ने उनका सम्मान किया, जिसमें प्रेस क्लब के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे।2
- बिलासपुर हाईकोर्ट ने बारिश के मौसम में बार-बार बिजली गुल होने और घंटों तक आपूर्ति बहाल न होने की गंभीर समस्या पर स्वतः संज्ञान लिया है। यह संज्ञान बिलासपुर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से लिया गया है। अदालत ने ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल), और नगर निगम को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। इन शपथपत्रों में उन्हें स्पष्ट रूप से बताना होगा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और जलभराव को रोकने के लिए उन्होंने क्या ठोस कदम उठाए हैं। इस आदेश का संदर्भ हाल ही में हुई बारिश है, जहाँ 11 केवी लाइन पर पेड़ गिरने के कारण कई इलाकों में घंटों तक बिजली बाधित रही थी, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है, जिस दिन इन विभागों द्वारा उठाए गए कदमों पर कोर्ट विचार करेगा।1
- मिमिक्री कलाकार राज बहादुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राज बहादुर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की आवाज़ की मिमिक्री करते हुए सुने जा सकते हैं।1
- स्थानीय ग्रामीणों ने अपने क्षेत्र के सड़क मार्गों की खस्ता हालत के खिलाफ एक अनूठा प्रदर्शन किया है। उनका आरोप है कि विकास के बड़े-बड़े दावे और डंका पीटे जाने के बावजूद, लोगों को आज भी दलदल से भरी और बदहाल सड़कों पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति विकास के प्रचार और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास को उजागर करती है, जिससे ग्रामीण भारी कठिनाई का सामना कर रहे हैं।1
- रायगढ़ पुलिस के "ऑपरेशन क्लीन हंट" अभियान के तहत तमनार पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है, जिसके तहत CHP चौक लिबरा हिंसा कांड के मुख्य आरोपी राजेश मरकाम को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी राजेश मरकाम पुलिस पर प्राणघातक हमला, लूटपाट, आगजनी, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और आर्म्स एक्ट सहित चार गंभीर आपराधिक मामलों में नामजद था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, तमनार और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी राजेश मरकाम ग्राम बरपाली आया हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2025 से गारे पेलमा सेक्टर-01 कोयला परियोजना की जनसुनवाई के विरोध में CHP चौक लिबरा में चल रहे धरना-प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी से जुड़ी है। 27 दिसंबर 2025 को यह आंदोलन हिंसक हो गया, जिसमें आरोपियों ने भीड़ को उकसाकर पुलिस बल पर लाठी, डंडे, टांगी और पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, शासकीय वॉकी-टॉकी और मोबाइल लूट लिए गए, साथ ही पुलिस और प्रशासन के वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। प्लांट में भी बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई थी। इस हिंसक घटना के संबंध में थाना तमनार में कुल 16 अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी राजेश मरकाम थाना तमनार के अपराध क्रमांक 303/2025, 306/2025, 307/2025 और 308/2025 में नामजद था। पूछताछ में उसने आंदोलनकारियों के साथ मिलकर हिंसक घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की। विवेचना के दौरान आंदोलनकारियों को दुष्प्रेरित करने में उसकी भूमिका सामने आने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 49 भी प्रकरण में जोड़ी गई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- गुरुवार सुबह दगौरी रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला, जिसकी सूचना डायल 112 को सुबह 8 बजे के करीब एक कॉलर से फोन पर प्राप्त हुई थी। बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे पुलिस ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है और गहनता से जांच कर रही है। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची, जहाँ उन्होंने देखा कि लगभग 50 से 55 वर्ष की आयु का एक अज्ञात व्यक्ति रेलवे ट्रैक पर पड़ा हुआ था। मृतक के सिर के पीछे गंभीर चोट लगी हुई थी और सर फटने के कारण काफी खून बह चुका था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। यह मामला रेलवे पुलिस के क्षेत्र का होने के कारण, डायल 112 की टीम ने रेलवे पुलिस के आने के बाद मामला उन्हें सौंप दिया और वापस लौट गई। मृतक की पहचान और वह कहाँ का रहने वाला था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। फिलहाल, रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस कई पहलुओं पर बारीकी से गौर कर रही है, जिसमें यह संभावना भी शामिल है कि मृतक रात की किसी ट्रेन से गिरकर मरा था, उसने स्वयं ट्रेन के सामने आकर जान दी थी, या फिर उसे कहीं और मारकर रेलवे पटरी पर लाकर फेंका गया था।1