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समस्त सनातनी परिवार के लिए एक खुशी की खबर है, क्योंकि अब नगर पंचायत पटना के मेन रोड पर श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार खुल गया है। यह दुकान पूजा पाठ के सभी सामानों के लिए होलसेल और फुटकर सेवा एक ही स्थान पर उपलब्ध करा रही है। विक्रेता दिव्येश महराज का यह भंडार सभी प्रकार के पूजा सामग्री को कम कीमत पर उपलब्ध कराने का दावा करता है। ग्राहकों की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए, श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार एक अनूठी सुविधा प्रदान करता है: यदि सामान की गुणवत्ता अच्छी न लगे या कीमत अधिक लगे तो उसे वापस करने की सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा सनातनी भाइयों और बहनों की पहली पसंद बनने के उनके दावे को मजबूत करती है। सभी सनातनी भाइयों और बहनों का श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार में दिल से स्वागत किया जाता है और उनसे एक बार सेवा का मौका अवश्य देने का आग्रह किया गया है। दुकान लोगों से खुद सामग्री की जांच कर सही कीमत का पता लगाने और फिर खरीदारी करने की सलाह देती है, और दूसरों की कही-सुनी बातों पर बिल्कुल भी ध्यान न देने को कहती है। बड़े-बुजुर्गों की कहावत का हवाला देते हुए कि जो बराबरी नहीं कर सकता, वह पीठ पीछे बदनामी करना शुरू कर देता है, यह दुकान ग्राहकों से खुद जांच करने और फिर विश्वास करने का निवेदन करती है। जय श्री राम।

18 hrs ago
user_Guru Reality Show
Guru Reality Show
पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
18 hrs ago

समस्त सनातनी परिवार के लिए एक खुशी की खबर है, क्योंकि अब नगर पंचायत पटना के मेन रोड पर श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार खुल गया है। यह दुकान पूजा पाठ के सभी सामानों के लिए होलसेल और फुटकर सेवा एक ही स्थान पर उपलब्ध करा रही है। विक्रेता दिव्येश महराज का यह भंडार सभी प्रकार के पूजा सामग्री को कम कीमत पर उपलब्ध कराने का दावा करता है। ग्राहकों की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए, श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार एक अनूठी सुविधा प्रदान करता है: यदि सामान की गुणवत्ता अच्छी न लगे या कीमत अधिक लगे तो उसे वापस करने की सुविधा उपलब्ध है। यह सुविधा सनातनी भाइयों और बहनों की पहली पसंद बनने के उनके दावे को मजबूत करती है। सभी सनातनी भाइयों और बहनों का श्री सुपर संपूर्ण पूजा भंडार में दिल से स्वागत किया जाता है और उनसे एक बार सेवा का मौका अवश्य देने का आग्रह किया गया है। दुकान लोगों से खुद सामग्री की जांच कर सही कीमत का पता लगाने और फिर खरीदारी करने की सलाह देती है, और दूसरों की कही-सुनी बातों पर बिल्कुल भी ध्यान न देने को कहती है। बड़े-बुजुर्गों की कहावत का हवाला देते हुए कि जो बराबरी नहीं कर सकता, वह पीठ पीछे बदनामी करना शुरू कर देता है, यह दुकान ग्राहकों से खुद जांच करने और फिर विश्वास करने का निवेदन करती है। जय श्री राम।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने वहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने वहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया है।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 15 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इन सुविधाओं के अनुरूप परीक्षा परिणाम भी बेहतर आने चाहिए। कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान होना चाहिए और उन्हें स्वयं अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जब शिक्षक का पढ़ाया हुआ विद्यार्थी कामयाब होता है, तो गर्व से सिर ऊंचा उठता है। उन्होंने शिक्षकों की प्रतिभा और काबिलियत का सही उपयोग करने, विद्यार्थियों को संवारने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें दिग्भ्रमित होने से बचाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि पढ़ाने का तरीका सरल और रोचक होना चाहिए, क्योंकि मेहनत का परिणाम दिखना चाहिए और इसके साथ लगातार अभ्यास भी आवश्यक है। बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने कलेक्टर के निर्देशों और अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा बेहतर परीक्षा परिणाम लाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं एमबीयू की स्थिति, अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्र, जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की जानकारी, विद्यालयों की साफ-सफाई और प्रवेश उत्सव की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी, डाइट के प्राचार्य श्री जेपी पुष्प और सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।
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    गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 15 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इन सुविधाओं के अनुरूप परीक्षा परिणाम भी बेहतर आने चाहिए।

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान होना चाहिए और उन्हें स्वयं अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जब शिक्षक का पढ़ाया हुआ विद्यार्थी कामयाब होता है, तो गर्व से सिर ऊंचा उठता है। उन्होंने शिक्षकों की प्रतिभा और काबिलियत का सही उपयोग करने, विद्यार्थियों को संवारने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें दिग्भ्रमित होने से बचाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि पढ़ाने का तरीका सरल और रोचक होना चाहिए, क्योंकि मेहनत का परिणाम दिखना चाहिए और इसके साथ लगातार अभ्यास भी आवश्यक है।

बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने कलेक्टर के निर्देशों और अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा बेहतर परीक्षा परिणाम लाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं एमबीयू की स्थिति, अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्र, जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की जानकारी, विद्यालयों की साफ-सफाई और प्रवेश उत्सव की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी, डाइट के प्राचार्य श्री जेपी पुष्प और सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।
    user_Lovekesh singh dixit
    Lovekesh singh dixit
    Local News Reporter मरवाही, गौरेला पेंड्रा मरवाही, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के गांधीनगर अंबिकापुर में स्वयं को 'बाबा' बताने वाले एक व्यक्ति ने एक युवती के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी ने खुद को बागेश्वर धाम का बताते हुए शरीर शुद्धीकरण के नाम पर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम देने से पहले उसके पूरे कपड़े उतरवाए। घटना के बाद युवती काफी डरी और घबराई हुई थी, जिसके कारण वह अपने परिजनों को यह बात बताने में हिचकिचा रही थी। आरोपी की पहचान प्रयागराज निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जो झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर लड़कियों को यह अफवाह फैलाकर फंसाता था कि उनके पुराने आशिक ने उन पर तंत्र-मंत्र क्रिया की हुई है। बताया गया है कि आरोपी ने दो अन्य घरों से भी 'ठीक करने' के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए थे। ऐसे कृत्यों से 'पंडित' जाति बदनाम हो रही है। इस घटना के बाद आम जनता को ऐसे पाखंडी बाबाओं से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या पाखंड के नाम पर पैसा मांगने की कोशिश करे, तो उसकी शिकायत तत्काल अपने नजदीकी थाने में करें। प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
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    छत्तीसगढ़ के गांधीनगर अंबिकापुर में स्वयं को 'बाबा' बताने वाले एक व्यक्ति ने एक युवती के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी ने खुद को बागेश्वर धाम का बताते हुए शरीर शुद्धीकरण के नाम पर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम देने से पहले उसके पूरे कपड़े उतरवाए। घटना के बाद युवती काफी डरी और घबराई हुई थी, जिसके कारण वह अपने परिजनों को यह बात बताने में हिचकिचा रही थी। आरोपी की पहचान प्रयागराज निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जो झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर लड़कियों को यह अफवाह फैलाकर फंसाता था कि उनके पुराने आशिक ने उन पर तंत्र-मंत्र क्रिया की हुई है। बताया गया है कि आरोपी ने दो अन्य घरों से भी 'ठीक करने' के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए थे। ऐसे कृत्यों से 'पंडित' जाति बदनाम हो रही है।

इस घटना के बाद आम जनता को ऐसे पाखंडी बाबाओं से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या पाखंड के नाम पर पैसा मांगने की कोशिश करे, तो उसकी शिकायत तत्काल अपने नजदीकी थाने में करें। प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
    user_जनता की ख़बर
    जनता की ख़बर
    Local News Reporter वाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जब सुहागिन महिलाओं ने पीपल के वृक्ष में जल अर्पित कर मौली लपेटी और अपने पति की लंबी आयु के लिए 108 बार परिक्रमा कर प्रार्थना की। हिंदू धर्म में इस तिथि को पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि, पितरों के तर्पण तथा पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष की सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी अधिक बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या एवं संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान, साथ ही ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है। जिले में स्थित मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। उन्होंने मां नर्मदा के पवित्र तटों जैसे रामघाट, पुष्कर बांध, कोटि तीर्थ कुंड एवं आरंडी संगम पर पुण्य स्नान कर जप, तप, ध्यान, दान और पूजन-अर्चन किया। इसके उपरांत, मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, यश एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। धर्माचार्यों का मत है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। इसी मान्यता के चलते अमरकंटक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस पर्व के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया, और कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया, साथ ही अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया। पूरे जिले भर में सौभाग्यवती महिलाओं ने अपने नजदीक के पीपल के वृक्षों की श्रद्धाभाव से 108 परिक्रमा लगाकर व्रत एवं पूजन संपन्न किया। अमरकंटक में नर्मदा मंदिर परिसर, रामघाट एवं आसपास स्थित पीपल तथा वट वृक्षों का भी विधिवत पूजन किया गया। महिलाओं ने कच्चे धागे से वृक्षों की परिक्रमा करते हुए अपने पति एवं परिवारजनों के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की। लगभग एक माह तक चले पुरुषोत्तम मास के दौरान अमरकंटक में धार्मिकता का विशेष वातावरण बना रहा। देश के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने कल्याण सेवा आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, शांतिकुंज आश्रम, बर्फानी आश्रम, मार्कण्डेय आश्रम, धारकुंडी आश्रम तथा गुरु नानक गुरुद्वारा सहित अनेक धार्मिक संस्थानों में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। इन संस्थानों में शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण एवं नर्मदा महापुराण कथा का भव्य आयोजन भी हुआ। इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जब सुहागिन महिलाओं ने पीपल के वृक्ष में जल अर्पित कर मौली लपेटी और अपने पति की लंबी आयु के लिए 108 बार परिक्रमा कर प्रार्थना की। हिंदू धर्म में इस तिथि को पति की दीर्घायु, सुख-समृद्धि, पितरों के तर्पण तथा पवित्र नदियों में स्नान-दान के लिए अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है।

धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष की सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी अधिक बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या एवं संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान, साथ ही ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है।

जिले में स्थित मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया। उन्होंने मां नर्मदा के पवित्र तटों जैसे रामघाट, पुष्कर बांध, कोटि तीर्थ कुंड एवं आरंडी संगम पर पुण्य स्नान कर जप, तप, ध्यान, दान और पूजन-अर्चन किया। इसके उपरांत, मां नर्मदा उद्गम मंदिर में दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य, यश एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। धर्माचार्यों का मत है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। इसी मान्यता के चलते अमरकंटक में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया।

इस पर्व के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया, और कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया, साथ ही अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया।

पूरे जिले भर में सौभाग्यवती महिलाओं ने अपने नजदीक के पीपल के वृक्षों की श्रद्धाभाव से 108 परिक्रमा लगाकर व्रत एवं पूजन संपन्न किया। अमरकंटक में नर्मदा मंदिर परिसर, रामघाट एवं आसपास स्थित पीपल तथा वट वृक्षों का भी विधिवत पूजन किया गया। महिलाओं ने कच्चे धागे से वृक्षों की परिक्रमा करते हुए अपने पति एवं परिवारजनों के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।

लगभग एक माह तक चले पुरुषोत्तम मास के दौरान अमरकंटक में धार्मिकता का विशेष वातावरण बना रहा। देश के विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश से आए श्रद्धालुओं ने कल्याण सेवा आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, शांतिकुंज आश्रम, बर्फानी आश्रम, मार्कण्डेय आश्रम, धारकुंडी आश्रम तथा गुरु नानक गुरुद्वारा सहित अनेक धार्मिक संस्थानों में आयोजित आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। इन संस्थानों में शिव महापुराण, श्रीमद्भागवत महापुराण एवं नर्मदा महापुराण कथा का भव्य आयोजन भी हुआ।

इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।
    user_Rajesh Shukla
    Rajesh Shukla
    Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • धार्मिक विद्वानों के अनुसार, 15 जून 2026 को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या और संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान तथा ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है। धर्माचार्यों का कहना है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन श्रद्धा एवं भक्ति से किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य समस्त तीर्थों में किए गए पुण्य कर्मों के समान फलदायी होता है। इसी कारण अमरकंटक में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया। इस पर्व के अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, साथ ही अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया। कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल एवं वट वृक्ष के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया। इसके अतिरिक्त, अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया गया। वट वृक्ष की पूजा करने वाली महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की दीर्घायु की कामना की। पूरे दिन मंदिरों, घाटों और आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा। इन सब के चलते 'नर्मदे हर' के जयघोष और भक्ति भाव से सराबोर अमरकंटक का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।
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    धार्मिक विद्वानों के अनुसार, 15 जून 2026 को पड़ने वाली सोमवती अमावस्या अनेक शुभ संयोगों से युक्त रही। लगभग 30 वर्षों के पश्चात पुरुषोत्तम (अधिक) मास में सोमवती अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही, पुरुषोत्तम मास के समापन दिवस पर मिथुन संक्रांति का योग बनने से इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया। शास्त्रों में अमावस्या और संक्रांति के एक साथ होने को विषु संक्रांति कहा गया है, जिसे मेष और तुला संक्रांति के समान तथा ग्रहणकाल के तुल्य पुण्यदायी माना जाता है।

धर्माचार्यों का कहना है कि इस विशेष अवसर पर किया गया स्नान, जप, तप, दान, हवन, पूजन एवं दीपदान अक्षय फल प्रदान करने वाला होता है। ऐसी मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन श्रद्धा एवं भक्ति से किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य समस्त तीर्थों में किए गए पुण्य कर्मों के समान फलदायी होता है। इसी कारण अमरकंटक में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोगों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में स्नान कर धर्मलाभ अर्जित किया।

इस पर्व के अवसर पर अनेक श्रद्धालुओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान कर सूर्य नारायण को अर्घ्य अर्पित किया, साथ ही अपने इष्टदेव का पूजन एवं मंत्र जाप किया। कई स्थानों पर हवन-पूजन के धार्मिक आयोजन भी संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पीपल एवं वट वृक्ष के समीप दीपदान कर भगवान विष्णु एवं मां नर्मदा का स्मरण किया। इसके अतिरिक्त, अन्नदान, वस्त्रदान, गौसेवा तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता कर पुण्य अर्जित किया गया। वट वृक्ष की पूजा करने वाली महिलाओं ने अखंड सौभाग्य, परिवार की सुख-समृद्धि तथा पति की दीर्घायु की कामना की। पूरे दिन मंदिरों, घाटों और आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहा।

इन सब के चलते 'नर्मदे हर' के जयघोष और भक्ति भाव से सराबोर अमरकंटक का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया। इस प्रकार, विषु संक्रांति, मिथुन संक्रांति, पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के इस दुर्लभ महासंयोग ने अमरकंटक में श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति की दिव्यता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। मां नर्मदा के चरणों में उमड़ी श्रद्धा की यह विशाल धारा जनमानस की अटूट आस्था और भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंतता का प्रतीक बनी रही।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • कोरबा जिले की उतरदा समिति में किसानों को धान और खाद की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में NSUI के जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सारी समस्या कालाबाजारी का परिणाम है।
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    कोरबा जिले की उतरदा समिति में किसानों को धान और खाद की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में NSUI के जिलाध्यक्ष मनमोहन राठौर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह सारी समस्या कालाबाजारी का परिणाम है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया है, जिससे शहर में विकास का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं को प्रधानमंत्री की ओर से हैदराबाद के लिए एक बड़ी सौगात बताया गया है।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया है, जिससे शहर में विकास का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं को प्रधानमंत्री की ओर से हैदराबाद के लिए एक बड़ी सौगात बताया गया है।
    user_Pradesh Khabar News Network
    Pradesh Khabar News Network
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • अनूपपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बदरा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के बदरा कलस्टर की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने कलस्टर के सभी ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया। श्रीमती कुमारी ने 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत हितग्राही मूलक पौधारोपण के गैप फिलिंग कार्य को पूरा करने तथा पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें पर्याप्त खाद और नियमित पानी प्रदान करने पर भी जोर दिया। इस दौरान, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बदरा कलस्टर के विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री रावेन्द्र पटेल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि गोयल, एसडीओ सुरेंद्र पांडे, इंजीनियर लव श्रीवास्तव और सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री अरविंद सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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    अनूपपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत बदरा सभागार में ग्रामीण विकास विभाग के बदरा कलस्टर की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अर्चना कुमारी ने कलस्टर के सभी ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।

श्रीमती कुमारी ने 'एक बगिया मां के नाम' योजना के तहत हितग्राही मूलक पौधारोपण के गैप फिलिंग कार्य को पूरा करने तथा पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें पर्याप्त खाद और नियमित पानी प्रदान करने पर भी जोर दिया। इस दौरान, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बदरा कलस्टर के विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की।

बैठक में जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी मनरेगा श्री रावेन्द्र पटेल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि गोयल, एसडीओ सुरेंद्र पांडे, इंजीनियर लव श्रीवास्तव और सहायक कार्यक्रम अधिकारी श्री अरविंद सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने से नाराज़ हजारों अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित कई लोग घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने देर रात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की थी। हंगामा और प्रदर्शन का असर रविवार सुबह तक बना रहा। घटना के बाद से रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
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    बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने से नाराज़ हजारों अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित कई लोग घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने देर रात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की थी।

हंगामा और प्रदर्शन का असर रविवार सुबह तक बना रहा। घटना के बाद से रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
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