बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने से नाराज़ हजारों अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित कई लोग घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने देर रात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की थी। हंगामा और प्रदर्शन का असर रविवार सुबह तक बना रहा। घटना के बाद से रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने से नाराज़ हजारों अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित कई लोग घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने देर रात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की थी। हंगामा और प्रदर्शन का असर रविवार सुबह तक बना रहा। घटना के बाद से रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने वहां कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया है।1
- कोरबा में तालाब की सफाई के दौरान एक मजदूर की तालाब में डूबने से मौत हो गई है। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद, SDRF और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर मजदूर का शव तालाब से बाहर निकाला। मृतक के परिजनों ने इस घटना के लिए ठेकेदार पर आरोप लगाए हैं।1
- जिले में अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का कारोबार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब और परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा (IPS), पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में जिले भर में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हल्दीबाड़ी निवासी राकेश गुप्ता किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का संग्रहण और विक्रय कर रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 6 नंबर गोलाई क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल से महुआ शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से प्लास्टिक के झोले में रखी लगभग 15 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, शराब परिवहन में प्रयुक्त हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60,000 रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश गुप्ता (पिता गुलाब गुप्ता, उम्र 42 वर्ष, निवासी भैसा दफाई, हल्दीबाड़ी) और मदन सिंह (पिता कबिलाश सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी बगनच्चा दफाई, हल्दीबाड़ी) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना चिरमिरी में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिरमिरी पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ त्रिलोक साहू, संतोष साहू, अशोक एक्का, चन्द्रसेन राजपूत, एम.डी. हाफिज और मदन राजवाड़े की भूमिका सराहनीय रही।2
- कोरबा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक मामूली विवाद हत्या का कारण बन गया। एक बेटे ने अपनी माँ को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।1
- छत्तीसगढ़ के गांधीनगर अंबिकापुर में स्वयं को 'बाबा' बताने वाले एक व्यक्ति ने एक युवती के साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी ने खुद को बागेश्वर धाम का बताते हुए शरीर शुद्धीकरण के नाम पर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को अपने जाल में फंसाया और वारदात को अंजाम देने से पहले उसके पूरे कपड़े उतरवाए। घटना के बाद युवती काफी डरी और घबराई हुई थी, जिसके कारण वह अपने परिजनों को यह बात बताने में हिचकिचा रही थी। आरोपी की पहचान प्रयागराज निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है, जो झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर लड़कियों को यह अफवाह फैलाकर फंसाता था कि उनके पुराने आशिक ने उन पर तंत्र-मंत्र क्रिया की हुई है। बताया गया है कि आरोपी ने दो अन्य घरों से भी 'ठीक करने' के नाम पर 50-50 हजार रुपये लिए थे। ऐसे कृत्यों से 'पंडित' जाति बदनाम हो रही है। इस घटना के बाद आम जनता को ऐसे पाखंडी बाबाओं से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यह भी कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति भूत-प्रेत या पाखंड के नाम पर पैसा मांगने की कोशिश करे, तो उसकी शिकायत तत्काल अपने नजदीकी थाने में करें। प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।1
- गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में 15 जून 2026 को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) पेंड्रा में सभी शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन इन सुविधाओं के अनुरूप परीक्षा परिणाम भी बेहतर आने चाहिए। कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान होना चाहिए और उन्हें स्वयं अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि जब शिक्षक का पढ़ाया हुआ विद्यार्थी कामयाब होता है, तो गर्व से सिर ऊंचा उठता है। उन्होंने शिक्षकों की प्रतिभा और काबिलियत का सही उपयोग करने, विद्यार्थियों को संवारने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें दिग्भ्रमित होने से बचाने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि पढ़ाने का तरीका सरल और रोचक होना चाहिए, क्योंकि मेहनत का परिणाम दिखना चाहिए और इसके साथ लगातार अभ्यास भी आवश्यक है। बैठक में उपस्थित सभी प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों ने कलेक्टर के निर्देशों और अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने तथा बेहतर परीक्षा परिणाम लाने का भरोसा दिलाया। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन, विद्यार्थियों के आधार सत्यापन एवं एमबीयू की स्थिति, अपार आईडी निर्माण, जाति प्रमाण पत्र, जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की जानकारी, विद्यालयों की साफ-सफाई और प्रवेश उत्सव की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी, डाइट के प्राचार्य श्री जेपी पुष्प और सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण किया है, जिससे शहर में विकास का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। इन परियोजनाओं को प्रधानमंत्री की ओर से हैदराबाद के लिए एक बड़ी सौगात बताया गया है।1
- बिहार की राजधानी पटना स्थित पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात बिहार पुलिस मद्य निषेध विभाग की कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में शामिल होने जा रहे अभ्यर्थियों ने जमकर हंगामा किया। पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था न होने से नाराज़ हजारों अभ्यर्थियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कई ट्रेनों को रोक दिया, जिससे उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिससे रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित कई लोग घायल हो गए। हालात को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वहीं, रेलवे प्रशासन का कहना है कि अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए उन्होंने देर रात विशेष ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की थी। हंगामा और प्रदर्शन का असर रविवार सुबह तक बना रहा। घटना के बाद से रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार किया जा रहा है।1