जिले में अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का कारोबार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब और परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा (IPS), पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में जिले भर में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हल्दीबाड़ी निवासी राकेश गुप्ता किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का संग्रहण और विक्रय कर रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 6 नंबर गोलाई क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल से महुआ शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से प्लास्टिक के झोले में रखी लगभग 15 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, शराब परिवहन में प्रयुक्त हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60,000 रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश गुप्ता (पिता गुलाब गुप्ता, उम्र 42 वर्ष, निवासी भैसा दफाई, हल्दीबाड़ी) और मदन सिंह (पिता कबिलाश सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी बगनच्चा दफाई, हल्दीबाड़ी) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना चिरमिरी में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिरमिरी पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ त्रिलोक साहू, संतोष साहू, अशोक एक्का, चन्द्रसेन राजपूत, एम.डी. हाफिज और मदन राजवाड़े की भूमिका सराहनीय रही।
जिले में अवैध नशे के कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चिरमिरी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का कारोबार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 15 लीटर महुआ शराब और परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा (IPS), पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह (IPS) और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र नायक के निर्देशन में तथा नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में जिले भर में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबारियों के विरुद्ध चलाए जा रहे निरंतर अभियान का हिस्सा है। थाना प्रभारी चिरमिरी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि हल्दीबाड़ी निवासी राकेश गुप्ता किराना दुकान की आड़ में अवैध महुआ शराब का संग्रहण और विक्रय कर रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने 6 नंबर गोलाई क्षेत्र में घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल से महुआ शराब का परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान, आरोपियों के कब्जे से
प्लास्टिक के झोले में रखी लगभग 15 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3,000 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही, शराब परिवहन में प्रयुक्त हीरो पैशन प्रो मोटरसाइकिल भी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60,000 रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राकेश गुप्ता (पिता गुलाब गुप्ता, उम्र 42 वर्ष, निवासी भैसा दफाई, हल्दीबाड़ी) और मदन सिंह (पिता कबिलाश सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी बगनच्चा दफाई, हल्दीबाड़ी) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना चिरमिरी में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। चिरमिरी पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध नशे के कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह के साथ त्रिलोक साहू, संतोष साहू, अशोक एक्का, चन्द्रसेन राजपूत, एम.डी. हाफिज और मदन राजवाड़े की भूमिका सराहनीय रही।
- कोरिया जिले के वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई का सिलसिला इन दिनों जोरों पर है। एक खास रिपोर्ट के अनुसार, जिले के जंगलों में यह गतिविधि बड़े पैमाने पर चल रही है।1
- छत्तीसगढ़ श्रम विभाग और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOCW) ने राज्य के श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। विभाग ने आगाह किया है कि यदि किसी श्रमिक के पंजीयन में दर्ज जानकारी उनके आधार कार्ड की जानकारी से मेल नहीं खाती है, तो उन्हें मंडल द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यह जनहित में जारी एक आवश्यक अलर्ट है, जिसमें श्रमिकों से आधार संबंधी संशोधनों पर तुरंत ध्यान देने का आग्रह किया गया है। सभी पंजीकृत श्रमिकों से यह अपील की गई है कि वे बिना किसी देरी के अपना मूल आधार कार्ड लेकर अपने नजदीकी CSC केंद्र पर पहुँचें और अपने पंजीयन में आवश्यक संशोधन अवश्य करवाएं। इस प्रक्रिया को पूरा करने से यह सुनिश्चित होगा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के लगातार मिलता रहेगा, भविष्य में किसी भी प्रकार की भुगतान संबंधी समस्या उत्पन्न नहीं होगी, और उनकी पहचान तथा जानकारी पूरी तरह सुरक्षित बनी रहेगी। श्रमिकों को जल्द से जल्द यह कार्य पूरा करने की सलाह दी गई है।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद के बीच अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि जब चढ़ावे को लेकर चिंता जताई जा रही है, तब लोग आपस में सहयोग कर भंडारे कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने इस बात पर जोर दिया कि "पेट पूजा से बड़ी कोई पूजा नहीं होती" और उन्होंने जरूरतमंदों की मदद करने तथा भोजन कराने को सबसे बड़ा धर्म बताया। इसी क्रम में, अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन आगे भी कायम रहेगा और सभी विपक्षी दल मिलकर भारतीय जनता पार्टी को हराने का काम करेंगे। अखिलेश यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।1
- अनूपपुर जिले में सर्पदंश की घटनाओं ने दो लोगों की जान ले ली, जबकि एक महिला का इलाज जारी है। जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार के दौरान एक नवविवाहिता की मौत हो गई। शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव निवासी 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी को सोमवार रात घर के पीछे बाड़ी में किसी अज्ञात जहरीले सांप ने जांघ के पास डस लिया था। सांप के नहीं मिलने और सरिता की हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे निजी वाहन से देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मंगलवार सुबह जिला अस्पताल पुलिस के प्रधान आरक्षक कमलेश प्रसाद ने मृतका नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालक दण्डाधिकारी/तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया। परिवार की महिलाओं द्वारा महिला के शव का अंदरुनी परीक्षण कराकर, ड्यूटी डॉक्टर से पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। संबंधित थाना को घटना की जानकारी देते हुए अग्रिम जांच करने की बात कही गई है। इसी क्रम में, भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक एक निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता स्व. मनोहर चौधरी की दो दिन पूर्व घर में सोते समय एक अत्यंत जहरीले करैत सर्प के काटने से मृत्यु हो गई थी। गंभीर स्थिति में उन्हें कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया था। परिजनों एवं रिश्तेदारों के एकत्रित होने तथा रात में रुकने के दौरान, रविशंकर की 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति स्व. मनोहर चौधरी को भी देर रात करैत सर्प ने दाएं हाथ की बीच की उंगली में काट लिया। परिजनों ने हो-हल्ला सुनकर सांप को मारकर इंद्रवती को उपचार के लिए फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया है, जहाँ चिकित्सकों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है और वर्तमान में उनका उपचार जारी है।1
- छत्तीसगढ़ में स्कूल खुलने के पहले ही दिन राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर सभी स्कूलों में प्रार्थना से लेकर छुट्टी तक मंत्रों का उच्चारण अनिवार्य कर दिया है। इस आदेश के तहत सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, गुरु मंत्र, सरस्वती वंदना और महापुरुषों की जीवनी का वाचन कराना होगा, जबकि मध्यान्ह भोजन से पहले भोजन मंत्र तथा छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का पाठ कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिसका विपक्षी दल कांग्रेस सहित अन्य संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने भी सरकार के इस निर्णय का खुलकर विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। अंबिकापुर स्थित अपने आवास 'तपस्या' में मीडिया से बातचीत के दौरान सिंहदेव ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता संविधान का एक मूलभूत आधार है और धर्म के पालन या उच्चारण को स्वैच्छिक होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार इसे जबरदस्ती लागू कर रही है, तो यह संविधान के विपरीत एक पहल है। उनका तर्क है कि जो अपने देवी-देवताओं का पूजन करना चाहते हैं, उनके लिए स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन दूसरे धर्म के लोगों पर इसे लादना गलत है। सिंहदेव ने जोर देकर कहा कि सरकार को इस आदेश को वापस लेना चाहिए और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहते, उन्हें छूट मिलनी चाहिए। कांग्रेसियों के बीच यह चर्चा है कि भाजपा इस आदेश को बच्चों और अभिभावकों पर जबरदस्ती थोप रही है, जो अन्य धर्म के लोगों और उनकी धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है। वे मानते हैं कि स्कूली बच्चों को इसमें शामिल होने या न होने की छूट मिलनी चाहिए और इसे पूरी तरह से नियम बना देना अनुचित है। कई अन्य संगठनों ने भी सरकार के इस फैसले का विरोध किया है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हैदराबाद दौरे के दौरान शहर को कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं के शुभारंभ से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी।1
- कोरिया जिले के वन मंडल की जंगल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले को लेकर एक खास रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें वन प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं।1
- मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में राज्यसभा के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। जिला युवा कांग्रेस भालूमाड़ा और कोतमा नगर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर भाजपा और चुनाव आयोग के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें लोकतंत्र की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की गई। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से लोकतंत्र की आत्मा को चोट पहुंचाई गई है, और उनके हाथ लोकतंत्र के खून से सने हैं। उन्होंने इस नामांकन निरस्तीकरण को संविधान की मर्यादाओं का उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया। कोतमा नगर में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार कोतमा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को सत्ता के दबाव में चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की तानाशाही प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दुर्भावनापूर्ण मंशा से नामांकन रद्द करने वाले संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर को तत्काल निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इस प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक मौजूद रहे, जिन्होंने जनहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1