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छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
Dwarika prasad Yadaw
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के बोईदा क्षेत्र में अचानक तेज आंधी-तूफान का दौर शुरू हो गया है। इसके साथ ही इलाके में रिमझिम बारिश भी हो रही है।1
- कोरबा जिले के चिर्रा में एक जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 481 आवेदन प्राप्त हुए। इस शिविर के साथ ही कोरबा जनपद पंचायत में आयोजित शिविरों का भव्य समापन हो गया।1
- कोरबा जिले के कनकी जोगी पाली क्षेत्र में रेत का खनन कार्य जारी है। यह खनन प्रक्रिया इलाके में चल रही है।1
- बिलासपुर जिले के रलिया गांव में एनटीपीसी डैम के बैकवॉटर से किसानों की सैकड़ों एकड़ खेती जलमग्न हो गई है, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। खेतों में लगातार पानी भरा रहने के कारण वे दलदल में तब्दील हो चुके हैं और खेती करना नामुमकिन हो गया है। ट्रैक्टर और कृषि उपकरण भी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों का आरोप है कि इस दलदल में मवेशी भी फंस जाते हैं, जिससे कई जानवरों की मौत हो चुकी है। इससे उन्हें खेती के नुकसान के साथ-साथ पशुधन का भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित किसानों ने कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन देकर और प्रशासन से शिकायत कर समस्या के समाधान की मांग की है। हालांकि, उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। किसानों का कहना है कि तहसीलदार हर बार "देखेंगे", "सोचेंगे" और "अगले साल कार्रवाई करेंगे" जैसे जवाब देते हैं, जबकि उनकी समस्या आज भी वैसी ही बनी हुई है। डैम के पानी से उनकी उपजाऊ जमीन बेकार हो रही है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित किसान अब प्रशासन से मुआवजे और इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।2
- दिल्ली में एक फोटो खिंचवाने को लेकर शुरू हुई बहस ने एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला और अन्य लोगों के बीच तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा है कि बहस के दौरान महिला ने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद मामला और अधिक गरमा गया। हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी पृष्ठभूमि और सभी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर व्यवहार, संयम और आपसी सम्मान जैसे विषयों पर एक नई चर्चा छेड़ दी है।1
- बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है। मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।1
- गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोरबा जिले के कोटमी सोनार स्थित मगरमच्छ पार्क बच्चों और परिवारों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। यह पार्क यहां आने वाले लोगों की पहली पसंद के रूप में उभरा है।1
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पालिका अध्यक्ष की ज़मीन पर पेड़ काटने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी को उजागर करती है।1