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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पालिका अध्यक्ष की ज़मीन पर पेड़ काटने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी को उजागर करती है।
Bhupendra Dewangan
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के चांपा में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां पालिका अध्यक्ष की ज़मीन पर पेड़ काटने के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। यह घटना कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों में कमी को उजागर करती है।
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- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- छत्तीसगढ़ में चांपा-कोरबा के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल ₹755 करोड़ की लागत आएगी, जिसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक 'नया इंजन' बताया जा रहा है। इस नई रेल लाइन से क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।1
- रायगढ़ पुलिस ने जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए सक्रियता बढ़ा दी है। ग्राम धनागर में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस अब इस संगठित गिरोह के सरगना तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में, बुधवार को पुलिस टीम ने आरोपी के विकास नगर स्थित निवास पर पहुंचकर विधिसम्मत नोटिस चस्पा किया और उसे तीन दिनों के भीतर कोतरारोड़ थाना में उपस्थित होने का निर्देश दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जब पुलिस विकास नगर गली नंबर-3 स्थित उसके मकान पहुंची, तो घर पर ताला लगा मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि विनय सिंह ठाकुर और उसके परिजन कई दिनों से घर पर नहीं हैं। इसके बाद, पुलिस ने नियमानुसार मकान के प्रवेश द्वारों पर नोटिस चस्पा कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की। उल्लेखनीय है कि 8 जून 2026 की रात को रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। इस कार्रवाई के दौरान, लगभग 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम, तथा शराब निर्माण और पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वह अपने भाई सुभाष पटेल और विनय सिंह ठाकुर के साथ मिलकर लंबे समय से नकली शराब का कारोबार चला रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह फार्म हाउस में बड़ी मात्रा में शराब का भंडारण करके उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। शराब का रंग फीका पड़ने पर उसमें चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली शराब जैसा बनाया जाता था। इसके बाद, नकली होलोग्राम और फर्जी लेबल लगाकर विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बिक्री की जाती थी। पुलिस ने पहले ही सुभाष पटेल को गिरफ्तार कर शराब निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली बोतलें बरामद की थीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के माध्यम से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि नकली शराब का कारोबार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी उपाय किए जा रहे हैं, आवश्यकता पड़ने पर उसकी संपत्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।4
- छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।1
- बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।1
- कोरबा जिले के बरपाली क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तालाब में नहाने के लिए भेजकर खुद ही पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें लगभग आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस के केबिन में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।1
- बिलासपुर जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल इन दिनों सक्रियता से जनता की समस्याओं के समाधान में लगे हैं। मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के आवेदकों से सीधे फोन पर बात कर लंबित मामलों के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इसी जनदर्शन के दौरान एक हृदयस्पर्शी घटना सामने आई, जिसने सभी को भावुक कर दिया। जनदर्शन समाप्त होने के बाद जब कलेक्टर संजय अग्रवाल अपने कार्यालय जा रहे थे, तब उनकी नज़र जनदर्शन कक्ष के बाहर बैठी एक युवती पर पड़ी, जो दोनों पैरों से 90 प्रतिशत दिव्यांग थी। कलेक्टर ने तत्काल उसके पास पहुँचकर समस्या सुनी। युवती ने बताया कि शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उसने कॉलेज की शिक्षा पूरी कर ली है और आगे भी पढ़ाई जारी रखना चाहती है, लेकिन आवागमन की सुविधा न होने के कारण उसे प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उसने दिव्यांगजन योजना के तहत स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग की। युवती के संघर्ष और जज्बे को सुनकर कलेक्टर संजय अग्रवाल भावुक हो गए। उन्होंने तत्काल समाज कल्याण विभाग के उप संचालक तिलकेश भावे को मौके पर बुलाकर पूरे मामले की जांच करने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने युवती से उसकी आगे की पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और अन्य आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी ली तथा शिक्षा सहित सभी आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। कलेक्टर की इस संवेदनशील पहल की पूरे दिन चर्चा होती रही, और लोगों ने इसे प्रशासन के मानवीय और जवाबदेह चेहरे का उदाहरण बताया। दिव्यांग युवती ने भी कलेक्टर का आभार व्यक्त करते हुए स्कूटी मिलने और शिक्षा व दैनिक जीवन के आसान होने की उम्मीद जताई। इसके अतिरिक्त, कलेक्टर ने टीएल बैठक में सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा की और अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 21 जून को बहतराई स्टेडियम में होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।3