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छत्तीसगढ़ में चांपा-कोरबा के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल ₹755 करोड़ की लागत आएगी, जिसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक 'नया इंजन' बताया जा रहा है। इस नई रेल लाइन से क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

9 hrs ago
user_Durgesh maravi
Durgesh maravi
कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
9 hrs ago

छत्तीसगढ़ में चांपा-कोरबा के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल ₹755 करोड़ की लागत आएगी, जिसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक 'नया इंजन' बताया जा रहा है। इस नई रेल लाइन से क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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  • कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र सियांग से एक पीड़ित किसान अपनी जमीन के सीमांकन का मामला लेकर चिर्रा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। किसान ने शिविर में अपनी समस्या प्रस्तुत की, जो कि भूमि से संबंधित सीमांकन के विवाद से जुड़ी थी।
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    कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र सियांग से एक पीड़ित किसान अपनी जमीन के सीमांकन का मामला लेकर चिर्रा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। किसान ने शिविर में अपनी समस्या प्रस्तुत की, जो कि भूमि से संबंधित सीमांकन के विवाद से जुड़ी थी।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोरबा जिले के कोटमी सोनार स्थित मगरमच्छ पार्क बच्चों और परिवारों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। यह पार्क यहां आने वाले लोगों की पहली पसंद के रूप में उभरा है।
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    गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोरबा जिले के कोटमी सोनार स्थित मगरमच्छ पार्क बच्चों और परिवारों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। यह पार्क यहां आने वाले लोगों की पहली पसंद के रूप में उभरा है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
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    सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
    user_POWER NEWS 24 BHARAT
    POWER NEWS 24 BHARAT
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है। मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है। मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
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    बिलासपुर में आवासीय कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में व्याप्त अनियमितताओं और बिल्डरों की मनमानी के खिलाफ पंजीकृत आवासीय सहकारी समिति मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर आवासीय परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फ्लैट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट मालिकों के अधिकारों की लड़ाई तेज करने का आह्वान किया है।

मंच ने बताया कि बिलासपुर में 150 से अधिक आवासीय कॉलोनियां और अपार्टमेंट्स हैं, जिनमें से अधिकांश स्थानों पर आवासीय समितियों का गठन और हस्तांतरण नहीं किया गया है। इसके चलते निवासियों को रखरखाव, सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि बिल्डर निर्माण अनुमति के समय जिन सुविधाओं का वादा करते हैं, वे अक्सर कब्जा देने के बाद उपलब्ध नहीं कराई जातीं। इसके अतिरिक्त, कई परियोजनाओं में भवनों का गुणवत्ता परीक्षण, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं किया जा रहा है।

मंच ने प्रशासन से मांग की है कि कॉलोनी और अपार्टमेंट्स का हस्तांतरण विधिवत आवासीय समितियों को कराया जाए, बिल्डरों द्वारा किए गए वादों की जांच हो, और सुरक्षा तथा मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक आवासीय परियोजना में अग्निशमन व्यवस्था, भवन सुरक्षा प्रमाणन और नियमित ऑडिट को अनिवार्य बनाने की भी मांग की गई है। मंच ने राज्य शासन द्वारा लागू किए गए नए सहकारी अधिनियम के प्रावधानों का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आवासीय समितियों को अधिक अधिकार मिलेंगे और निवासियों की समस्याओं के समाधान का रास्ता मजबूत होगा। मंच ने प्रशासन से नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

मंच के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र पहल नहीं की गई तो भविष्य में व्यापक जनआंदोलन भी किया जा सकता है।
    user_Kumar Poptani National Crime N
    Kumar Poptani National Crime N
    Local News Reporter बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
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    छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।
    user_Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Sheikh Sarfaraz Ahamad
    Newspaper publisher बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
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    बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।

विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें लगभग आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस के केबिन में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें लगभग आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस के केबिन में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • कोरबा जिले के बरपाली क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तालाब में नहाने के लिए भेजकर खुद ही पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
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    कोरबा जिले के बरपाली क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तालाब में नहाने के लिए भेजकर खुद ही पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
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    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
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