Shuru
Apke Nagar Ki App…
गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोरबा जिले के कोटमी सोनार स्थित मगरमच्छ पार्क बच्चों और परिवारों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। यह पार्क यहां आने वाले लोगों की पहली पसंद के रूप में उभरा है।
Dwarika prasad Yadaw
गर्मी की छुट्टियों के दौरान कोरबा जिले के कोटमी सोनार स्थित मगरमच्छ पार्क बच्चों और परिवारों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है। यह पार्क यहां आने वाले लोगों की पहली पसंद के रूप में उभरा है।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- कोरबा जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र सियांग से एक पीड़ित किसान अपनी जमीन के सीमांकन का मामला लेकर चिर्रा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में पहुंचे। किसान ने शिविर में अपनी समस्या प्रस्तुत की, जो कि भूमि से संबंधित सीमांकन के विवाद से जुड़ी थी।1
- छत्तीसगढ़ में चांपा-कोरबा के बीच तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर कुल ₹755 करोड़ की लागत आएगी, जिसे छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक 'नया इंजन' बताया जा रहा है। इस नई रेल लाइन से क्षेत्र में विकास को गति मिलने की उम्मीद है।1
- बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों, गहराते पेयजल संकट और बेलगाम महंगाई के विरोध में CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर प्रदेश की जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों ने मध्यमवर्गीय परिवारों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से लाखों परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है, किसानों के लिए सिंचाई की लागत बढ़ गई है और छोटे व्यवसायी संचालन संकट का सामना कर रहे हैं। घेराव के दौरान कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली शुल्क में कटौती करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि संबंधित विभाग समस्या के समाधान में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कांग्रेस ने खाद्य सामग्री, रसोई गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि को भी आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति कमजोर करने वाला बताया, जिससे परिवारों का घरेलू खर्च नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है और गरीब तथा मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली और पेयजल व महंगाई के मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।1
- छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।1
- बिलासपुर में बिजली बिलों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने बिजली विभाग कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। विधायक अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सरकार केवल उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि बढ़े हुए बिजली बिलों से आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर से पिता और उनके दो मासूम बच्चों के शव मिले हैं। इस तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई है और मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- कोरबा जिले के बरपाली क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तालाब में नहाने के लिए भेजकर खुद ही पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक यात्री बस और ट्रक के बीच भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें लगभग आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बस के केबिन में फंसे ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला गया।1