बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों, गहराते पेयजल संकट और बेलगाम महंगाई के विरोध में CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर प्रदेश की जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों ने मध्यमवर्गीय परिवारों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से लाखों परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है, किसानों के लिए सिंचाई की लागत बढ़ गई है और छोटे व्यवसायी संचालन संकट का सामना कर रहे हैं। घेराव के दौरान कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली शुल्क में कटौती करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि संबंधित विभाग समस्या के समाधान में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कांग्रेस ने खाद्य सामग्री, रसोई गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि को भी आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति कमजोर करने वाला बताया, जिससे परिवारों का घरेलू खर्च नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है और गरीब तथा मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली और पेयजल व महंगाई के मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों, गहराते पेयजल संकट और बेलगाम महंगाई के विरोध में CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर प्रदेश की जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों ने मध्यमवर्गीय परिवारों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से लाखों परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है, किसानों के लिए सिंचाई की लागत बढ़ गई है और छोटे व्यवसायी संचालन संकट का सामना कर रहे हैं। घेराव के दौरान कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली शुल्क में कटौती करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि संबंधित विभाग समस्या के समाधान में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कांग्रेस ने खाद्य सामग्री, रसोई गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि को भी आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति कमजोर करने वाला बताया, जिससे परिवारों का घरेलू खर्च नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है और गरीब तथा मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली और पेयजल व महंगाई के मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- बिलासपुर जिले के देवरीखुर्द स्थित प्राथमिक शाला में बच्चे बेहद खतरनाक स्थिति में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और जगह-जगह से खुले हुए सरिये बच्चों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। यह स्थिति बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहाँ उन्हें खतरे के बीच अपनी शिक्षा जारी रखनी पड़ रही है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने रिश्तों और मानवीय संवेदनाओं को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस वीडियो में एक महिला सीढ़ियां चढ़ते समय चक्कर खाकर अचानक गिर जाती है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि महिला के गिरने के बाद, उसके पति ने उसे संभालने से पहले अपने साथ रखे सामान को सुरक्षित रखने पर ज़्यादा ध्यान दिया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है। कुछ यूज़र्स इसे रिश्तों में बढ़ती संवेदनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों का तर्क है कि कुछ सेकंड के इस छोटे से वीडियो के आधार पर पूरी घटना का आकलन करना सही नहीं होगा। यह वीडियो रिश्तों में ज़िम्मेदारी और मानवीय व्यवहार के कई पहलुओं पर सवाल खड़े कर रहा है।1
- छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित सीएसईबी (CSEB) जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर अपनी नाराजगी जताई और बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी से जनता की परेशानी और बढ़ गई है। ज्ञापन में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है, जिससे लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सीएसईबी कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान खींचने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के दौरान जनता से जुड़े मुद्दों को नारेबाजी के साथ प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं—बिजली, पानी और महंगाई—के खिलाफ एक जनआवाज है। इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव की स्थिति बनी रही और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। कांग्रेस की मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।1
- बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में धमनी मेन रोड खदान के पास एक व्यक्ति से चाकू की नोक पर तीन अज्ञात लड़कों ने लूटपाट की। पीड़ित सुनील यादव (34 वर्ष) ने इस संबंध में बुधवार रात को हुई घटना की शिकायत गुरुवार सुबह चकरभाठा पुलिस में दर्ज कराई है। सुनील यादव, जो ग्राम सेवार के निवासी हैं और नर्मदा कोल्डड्रिंक, सिरगिट्टी में हाउसकीपिंग का काम करते हैं, ने बताया कि 16 जून 2026 की रात करीब 10:30 बजे वे अपनी स्कूटी (क्रं CG 10 ED 9432) से काम से लौटकर गांव सेंवार आ रहे थे। धमनी मेन रोड खदान के पास पीछे से एक मोटरसाइकिल पर आए तीन लड़कों ने उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा, जिससे वे स्कूटी सहित सड़क पर गिर गए। तीनों लड़के मोटरसाइकिल रोककर नीचे उतरे और उनसे रुपये, पैसे और मोबाइल निकालने को कहा। जब सुनील यादव ने कुछ भी न होने की बात कही, तो उसी समय उनकी मोटरसाइकिल की चाबी जमीन पर गिर गई। चाबी ढूंढने के लिए एक दुबले-पतले लड़के ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई, जिससे सुनील तीनों का चेहरा देख पाए। उन्होंने एक लड़के को काले रंग का, बड़ी-बड़ी आंखों वाला; दूसरे को ठिगना कद, दाढ़ी वाला; और तीसरे को गोरे रंग का, दुबला-पतला और कम उम्र का बताया, जिन्हें देखकर वे पहचान लेंगे। लूट के दौरान, काले रंग और बड़ी-बड़ी आंखों वाले लड़के ने अपनी कमर से एक बड़ा चाकू निकाला और सुनील को एक हाथ से पकड़कर दूसरे हाथ से चाकू उनकी गर्दन पर लगा दिया। ठिगने कद और दाढ़ी वाले लड़के ने सुनील के लोअर की जेब से 395 रुपये निकाल लिए। मोबाइल न होने की बात कहने पर, काले रंग वाले लड़के ने चाकू हटाकर सुनील के दोनों गालों पर थप्पड़ मारे और उनका गला पकड़कर हिलाने लगा। जब सुनील ने छुड़ाने की कोशिश की, तो उस लड़के ने उनकी बाईं आंख पर घूंसा मारा और स्कूटी की चाबी लेकर स्कूटी स्टार्ट कर भागने लगा। शेष दो लड़के अपनी मोटरसाइकिल से जाने लगे। कुछ दूर जाने के बाद तीनों लड़के अपनी मोटरसाइकिल और सुनील की स्कूटी लेकर वापस आए। दो लड़कों ने सुनील को पकड़ा और काले रंग वाले लड़के ने कहा कि 'इसने हमें देख लिया है, इसे जान से मारते हैं' और फिर से चाकू निकालने लगा। उसी समय नगपुरा की ओर से एक तेज रोशनी वाली कार आती दिखी, जिसे देखकर तीनों लड़के सुनील के रुपये और स्कूटी लूटकर सिरगिट्टी थाना आने की बात कहकर भाग गए। सुनील यादव ने डर और दहशत में धमनी पहुंचकर अपने एक सहकर्मी के मोबाइल से डायल 112 पर फोन किया। पुलिस के आने पर आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन वे नहीं मिले। डरे सहमे होने के कारण सुनील अपने घर चले गए और अगले दिन 17 जून 2026 को गांव के आशीष तिवारी के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज कराई। चकरभाठा पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6), 351(3), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलारी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय मदनलाल ठेठवार की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता उनके स्वागत में उपस्थित थे, जिससे बुधवार का दिन नगर पंचायत पलारी के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बन गया। बाजार चौक पलारी में आयोजित इस समारोह में नगर भवन प्रथम तल का लोकार्पण भी किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद थे, जबकि कसडोल विधानसभा विधायक संदीप साहू ने अध्यक्षता की। स्वर्गीय मदनलाल ठेठवार ने महात्मा गांधी के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य राष्ट्र सेवा के उनके आदर्श को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है, ताकि यह क्षेत्र के युवाओं के लिए देशभक्ति, त्याग और समर्पण का प्रेरणा स्रोत बन सके। नगर पंचायत अध्यक्ष गोपी साहू ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल प्रतिमा का अनावरण नहीं है, बल्कि क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर भवन के लोकार्पण से नगरवासियों को बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं मिलेंगी और नगर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।4
- बिलासपुर में कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली दरों, गहराते पेयजल संकट और बेलगाम महंगाई के विरोध में CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने इस प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित के मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की और बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर प्रदेश की जनता महंगाई की दोहरी मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दाम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों ने मध्यमवर्गीय परिवारों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और किसानों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। कांग्रेस नेताओं ने छत्तीसगढ़ जैसे बिजली उत्पादक राज्य में उपभोक्ताओं पर लगातार बिजली दरों का बोझ बढ़ाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट की बढ़ोतरी से लाखों परिवारों का मासिक बजट बिगड़ गया है, किसानों के लिए सिंचाई की लागत बढ़ गई है और छोटे व्यवसायी संचालन संकट का सामना कर रहे हैं। घेराव के दौरान कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने, उपभोक्ताओं को राहत देने और बिजली शुल्क में कटौती करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश के कई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जबकि संबंधित विभाग समस्या के समाधान में प्रभावी कदम नहीं उठा पा रहे हैं। कांग्रेस ने खाद्य सामग्री, रसोई गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि को भी आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति कमजोर करने वाला बताया, जिससे परिवारों का घरेलू खर्च नियंत्रित करना मुश्किल हो गया है और गरीब तथा मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही बिजली दरों में बढ़ोतरी वापस नहीं ली और पेयजल व महंगाई के मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी। इस अवसर पर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- कोरबा जिले के कटघोरा में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों, तीन सवारी बाइक सवारों और नो-एंट्री का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान ऐसे सभी नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों पर चालानी कार्रवाई की गई।1
- बढ़ती बिजली दरों, पेयजल संकट और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने बिलासपुर स्थित CSEB जोन कार्यालय का जोरदार घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ पर नाराजगी जाहिर करते हुए बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों से बिजली दरों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली, पानी और आवश्यक वस्तुओं के दामों में लगातार वृद्धि से लोगों का घरेलू बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घेराव के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने और प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए बिजली शुल्क में कमी करने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है और खाद्य सामग्री, ईंधन तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया है। इन्हीं मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने CSEB कार्यालय का घेराव कर सरकार और संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। इस आंदोलन में बिलासपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल बिजली दरों तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली, पानी और महंगाई जैसी जनता को प्रभावित करने वाली सभी मूलभूत समस्याओं के खिलाफ एक जनआवाज है। उनके अनुसार, इस व्यापक प्रदर्शन और घेराव से संबंधित विभागों में दबाव बना और प्रशासनिक अधिकारियों को आंदोलनकारियों की मांगों पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्य मांगों में बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेना, घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को राहत देना, पेयजल संकट का स्थायी समाधान करना, आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाना शामिल है।4
- कोरबा के तुलसी नगर में जिला कांग्रेस कमेटी ने बढ़ते बिजली बिलों के विरोध में मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन बिजली बिलों में हो रही वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस के आंदोलन का हिस्सा था।4