उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के नगर पंचायत जहानागंज में गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। पूरी तरह जलमग्न हुए कस्बे की मुख्य सड़कें नदी में तब्दील हो गईं। जल निकासी के लिए बनाए गए नए नालों की बनावट ऐसी है कि वे सड़क के स्तर से करीब 2 फीट ऊंचे हैं, जिससे सड़क का पानी निकलने के बजाय वापस सड़कों पर ही भर रहा है। इस जलभराव के बीच भाजपा नेताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। भाजपा नेता आनंद गुप्ता ने सड़क पर भरे घुटने भर पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और इसे प्रशासनिक लापरवाही व साजिश करार दिया। आनंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ द्वारा सरकार की छवि धूमिल करने के लिए यह कृत्य जानबूझकर किया गया है। उन्होंने तंज कसा कि नालों के निर्माण को देखकर लगता है कि इसमें तकनीकी समझ का पूर्ण अभाव है, क्योंकि यदि कोई 5वीं कक्षा का विद्यार्थी भी होता तो वह भी नाले को सड़क से ऊंचा नहीं बनाता। वहीं, मौके पर पहुंचे भाजपा नेता अखिलेश सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईओ, जेई और अध्यक्ष की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है और जनता के टैक्स का पैसा हड़पा जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण आम जनता और दुकानदारों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे खराब स्थिति स्कूल जाने वाले बच्चों की है, क्योंकि राहगीरों और छात्रों के जलभराव के कारण सड़क पर गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय सभासद गोपाल मद्धेशिया ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस पूरे मामले पर नगर पंचायत प्रशासन फिलहाल मौन साधे हुए है, जबकि स्थानीय लोग तत्काल जल निकासी की व्यवस्था और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के नगर पंचायत जहानागंज में गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। पूरी तरह जलमग्न हुए कस्बे की मुख्य सड़कें नदी में तब्दील हो गईं। जल निकासी के लिए बनाए गए नए नालों की बनावट ऐसी है कि वे सड़क के स्तर से करीब 2 फीट ऊंचे हैं, जिससे सड़क का पानी निकलने के बजाय वापस सड़कों पर ही भर रहा है। इस जलभराव के बीच भाजपा नेताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। भाजपा नेता आनंद गुप्ता ने सड़क पर भरे घुटने भर पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और इसे प्रशासनिक लापरवाही व साजिश करार दिया। आनंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ द्वारा सरकार की छवि धूमिल करने के लिए यह कृत्य जानबूझकर किया गया है। उन्होंने तंज कसा कि नालों के निर्माण को देखकर लगता है कि इसमें तकनीकी समझ का पूर्ण अभाव है, क्योंकि यदि कोई 5वीं कक्षा का विद्यार्थी भी होता तो वह भी नाले को सड़क से ऊंचा नहीं बनाता। वहीं, मौके पर पहुंचे भाजपा नेता अखिलेश सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईओ, जेई और अध्यक्ष की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है और जनता के टैक्स का पैसा हड़पा जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण आम जनता और दुकानदारों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे खराब स्थिति स्कूल जाने वाले बच्चों की है, क्योंकि राहगीरों और छात्रों के जलभराव के कारण सड़क पर गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय सभासद गोपाल मद्धेशिया ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस पूरे मामले पर नगर पंचायत प्रशासन फिलहाल मौन साधे हुए है, जबकि स्थानीय लोग तत्काल जल निकासी की व्यवस्था और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के नगर पंचायत जहानागंज में गुरुवार को हुई हल्की बारिश ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। पूरी तरह जलमग्न हुए कस्बे की मुख्य सड़कें नदी में तब्दील हो गईं। जल निकासी के लिए बनाए गए नए नालों की बनावट ऐसी है कि वे सड़क के स्तर से करीब 2 फीट ऊंचे हैं, जिससे सड़क का पानी निकलने के बजाय वापस सड़कों पर ही भर रहा है। इस जलभराव के बीच भाजपा नेताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। भाजपा नेता आनंद गुप्ता ने सड़क पर भरे घुटने भर पानी में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और इसे प्रशासनिक लापरवाही व साजिश करार दिया। आनंद गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ द्वारा सरकार की छवि धूमिल करने के लिए यह कृत्य जानबूझकर किया गया है। उन्होंने तंज कसा कि नालों के निर्माण को देखकर लगता है कि इसमें तकनीकी समझ का पूर्ण अभाव है, क्योंकि यदि कोई 5वीं कक्षा का विद्यार्थी भी होता तो वह भी नाले को सड़क से ऊंचा नहीं बनाता। वहीं, मौके पर पहुंचे भाजपा नेता अखिलेश सिंह ने तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि ईओ, जेई और अध्यक्ष की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है और जनता के टैक्स का पैसा हड़पा जा रहा है। इस अव्यवस्था के कारण आम जनता और दुकानदारों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सबसे खराब स्थिति स्कूल जाने वाले बच्चों की है, क्योंकि राहगीरों और छात्रों के जलभराव के कारण सड़क पर गिरकर चोटिल होने की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय सभासद गोपाल मद्धेशिया ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी खामियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस पूरे मामले पर नगर पंचायत प्रशासन फिलहाल मौन साधे हुए है, जबकि स्थानीय लोग तत्काल जल निकासी की व्यवस्था और पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर देश भर में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस गिरोह के बैंक खाते से जुड़े करीब 83.94 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर एक्सिस बैंक के एक म्यूल खाते की जांच में इस धोखाधड़ी का पता चला, जिसके खिलाफ देश के 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं। यह बैंक खाता 'NIHASA MANPOWER SERVICES Pvt. Ltd.' नाम की कंपनी के नाम से संचालित था, जिसके निदेशक आनंद रॉव और सुनील थे। तकनीकी जांच में प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। आरोपियों ने कमीशन के बदले अपनी कंपनी का यह बैंक खाता साइबर ठगों को मुहैया कराया था, जिसमें केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच ही लगभग 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कौरा गहनी (थाना दीदारगंज) निवासी आनंद रॉव, सिसवारा नरवे (थाना ठेकमा) निवासी सुनील और पुष्पनगर (थाना दीदारगंज) निवासी प्रशांत सिंह उर्फ लकी के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 जुलाई की शाम को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत न्यायालय में पेश किया है। इस मामले में आगे की जांच और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।3
- आजमगढ़ के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर नंदिनी निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया है। पीड़ित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि महिला को हार्निया की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को बिना कोई सूचना दिए ही उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते में ही महिला की मौत हो चुकी थी। इस घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही मुबारकपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम समाप्त कराकर यातायात सामान्य कराया। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद से क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- बारिश के मौसम में धान की लगाई का काम शुरू हो गया है और इस समय धान की लगाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर स्थित नगरपंचायत राजेसुल्तानपुर के ब्रह्म बाबा स्थान के पास वन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग की इस लापरवाही के कारण यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर ठगों की मदद करते थे। पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपियों के एक बैंक खाते से जुड़े मामलों में देश के 20 राज्यों से 73 साइबर शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों के जरिए करीब 84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 05 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड और ₹3,860 नकद बरामद किए हैं। मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने बताया कि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।1
- आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के भगवती बाग में मशीनों के मरम्मत का काम करने वाले 55 वर्षीय दिनेश शर्मा की लाश उनके घर के बाहर बेहद बुरी हालत में मिली। मृतक के परिजनों का आरोप है कि दिनेश ने अपने पड़ोसी उदय अग्रवाल को 1.5 से 4 लाख रुपये दिए थे। जब वे अपने पैसे वापस मांगने गए, तो वहां लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई की गई और करंट लगाकर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को सड़क पार कराकर उनके घर के बाहर फेंक दिया गया, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी फुटेज में भी सामने आई है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों—मुख्य आरोपी उदय अग्रवाल उर्फ पुल्ली और उसके दो बेटों को बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है, लेकिन परिजनों के भारी विरोध और आरोपों के बाद पुलिस इस मामले की पूरी जांच कर रही है। घटना से आक्रोशित परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर 6 से 15 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन से आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।1