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महोबा में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी के बाहर रोड जाम कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी की। यह प्रदर्शन एक अधिवक्ता के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में किया गया था, जिससे जिला बार एसोसिएशन भी भड़क गया। जाम की सूचना मिलते ही, सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया और उनसे जाम खोलने की अपील की।
Nitendra Jha
महोबा में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी के बाहर रोड जाम कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी की। यह प्रदर्शन एक अधिवक्ता के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में किया गया था, जिससे जिला बार एसोसिएशन भी भड़क गया। जाम की सूचना मिलते ही, सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया और उनसे जाम खोलने की अपील की।
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- महोबा में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी के बाहर रोड जाम कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी की। यह प्रदर्शन एक अधिवक्ता के हमलावरों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में किया गया था, जिससे जिला बार एसोसिएशन भी भड़क गया। जाम की सूचना मिलते ही, सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वकीलों को पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई के बारे में बताया और उनसे जाम खोलने की अपील की।2
- महोबा जिले में कल शाम 6:00 बजे के बाद मौसम का हाल यह रहा कि किसी भी प्रकार की कड़ाके की बारिश दर्ज नहीं की गई।1
- उत्तर प्रदेश के महोबा में चुनावी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के चलते कचहरी से घर लौट रहे एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया है। शहर कोतवाली इलाके के मुल्ला खुडा के पास हुए इस हमले में जिला कोर्ट के अधिवक्ता सतीश अवस्थी को आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने पहले अवैध तमंचे से फायर किया, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर मरणासन्न कर दिया। परिजनों के मुताबिक, हमलावरों में कैलाश कुशवाहा, आकाश राजपूत और करन राजपूत सहित उनकी पूरी गैंग शामिल थी, जो वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गई। गंभीर रूप से घायल अधिवक्ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे महोबा जिला अधिवक्ता संघ में उबाल आ गया और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी तथा परिजन तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहाँ उन्होंने पुलिस की लचर कार्यप्रणाली को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिला अधिवक्ता समिति के महामंत्री राजेंद्र तिवारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वकील एक बड़ा आंदोलन करेंगे। घायल के भाई अजय अवस्थी और भतीजे रोहित अवस्थी ने सीधा आरोप लगाया है कि सपा नेता कैलाश कुशवाहा की शह पर इन गुंडों ने पहले भी अधिवक्ता के भाई और भतीजे पर जानलेवा हमला किया था, लेकिन तब पुलिस ने महज मामूली धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया था। परिजनों के मुताबिक, इसी शह के कारण आगामी ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर आरोपी आकाश राजपूत ने इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीओ सिटी रविकांत गौड़ ने अस्पताल पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर ली जा रही है और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें रवाना कर दी गई हैं।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस में अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए पुलिसकर्मियों का महोबा के अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा उल्लेख किया गया है।1
- चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के 'महादेव और राम भरोसे' उतरने की बात कही जा रही है। इसी बीच, मंत्रीजी के पीठ पीछे दनादन ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। खबर यह भी है कि एक विधायक ने घूसखोरी से जुड़े मामले में सुलह करवाई है।1
- छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले हल्का शिवराजपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ दबंग भूमाफिया राजेंद्र सिंह यादव के संरक्षण में सुभाष चंद्र चौरसिया द्वारा अवैध प्लाटिंग और निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। यह सब राजनगर तहसीलदार महोदय द्वारा खसरा नंबर 219/1/1 और 218/1/1, भियाताल रोड पर स्थित भूमि के लिए जारी किए गए स्थगन आदेश के बावजूद हो रहा है। यह मामला थाना बमीठा क्षेत्र से संबंधित है। उक्त भूमि, जो पूर्व में 2004 में मध्य प्रदेश शासन के नाम पर दर्ज थी, उसे कूटरचित दस्तावेज तैयार करके अपने नाम करा लिया गया है। यह पूरा मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है और इसमें तहसीलदार कोर्ट की भू राजस्व संहिता की धारा 151 का खुला उल्लंघन हो रहा है। नायब तहसीलदार सर्कल चंद्रनगर धीरज गौतम द्वारा 24 जून 2026 को स्थगन आदेश भी जारी किया गया था। इस धांधली में गरीब आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है, क्योंकि उन्हें शासकीय भूमि के प्लॉट बेचे जा रहे हैं, जो 'सावधान ग्राहक सिद्धांत' के विरुद्ध है। यह कृत्य शासन को करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान पहुँचा रहा है। स्थगन आदेश का पालन कराने के लिए बमीठा थाने, चंद्रनगर चौकी और हल्का पटवारी को मौके पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने और प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, हल्का पटवारी शिवराजपुर के छुट्टी पर होने के कारण पटवारी प्रतिवेदन पेश नहीं हो पाया, जिसका फायदा उठाकर भूमाफिया धड़ल्ले से निर्माण कार्य कर रहे हैं और तहसील के तहसीलदार महोदय के आदेश का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। सरहदी किसानों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार महोदय को लिखित आवेदन भी दिया है, लेकिन स्थगन आदेश का पालन नहीं कराया गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस तरह से भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते देख, यह कार्य प्रकृति के न्याय सिद्धांतों के विरुद्ध है और न्यायसंगत नहीं है। मीडिया के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, अब यह देखना होगा कि जिले के ईमानदार कलेक्टर इस स्थगन आदेश के उल्लंघन पर क्या कार्रवाई करते हैं।3
- जवाहर नवोदय विद्यालय नौगांव के उप प्राचार्य एन. पी. चंचल अपने सेवाकाल को सफलतापूर्वक पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए हैं। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य मनोज कुमार श्रीवास्तव ने श्री चंचल को शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। विद्यालय स्टाफ ने भी उन्हें फूल मालाएं पहनाकर एवं उपहार देकर उनकी नई पारी की शुरुआत के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। सेवानिवृत्ति के इस खास मौके पर, सभी ने एन. पी. चंचल के उत्तम स्वास्थ्य, सुखमय एवं आनंदमय जीवन की कामना की, और यह भी कहा कि विद्यालय परिवार उनके अमूल्य योगदान को सदैव स्मरण रखेगा।1
- महोबा जनपद के चरखारी थाना क्षेत्र के ग्राम भटेवरकला निवासी धारीराम पुत्र बाबूलाल ने पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती पत्र सौंपकर गोरहरी चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके परिवार के साथ अभद्रता की, मारपीट की और ₹10 हजार की अवैध धनराशि की मांग भी की। शिकायती पत्र के अनुसार, 27 जून को गांव में हुए एक विवाद के बाद पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उनके परिजनों से अभद्रता की। इसके बाद 29 जून को चौकी इंचार्ज पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और उनके पुत्र भारत व भाई नरसिंह को घर से ले जाकर धारा 151 सीआरपीसी के तहत चालान कर दिया। धारीराम का आरोप है कि अवैध धनराशि न देने पर चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके पुत्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस विपक्षी पक्ष से सांठगांठ कर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है, और उन्हें तथा उनके परिवार को लगातार जानमाल की धमकियां मिल रही हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, घायल युवकों का चिकित्सीय परीक्षण कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस घटना को पुलिस की बर्बर कार्रवाई और मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया गया है।3