दतिया जिला अस्पताल में दबंगई की हद, वार्ड बॉय पर ताना कट्टा,पुलिस ने किया मामला दर्ज दतिया के जिला अस्पताल से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर अस्पताल को मरीजों के इलाज और सुरक्षा का केंद्र माना जाता है, वहीं अब वही जगह भय और दहशत का अड्डा बनती नजर आ रही है। ताजा मामला अस्पताल के सबसे संवेदनशील वार्ड एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का है, जहां नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। इस वार्ड में एक युवक ने वार्ड बॉय की कनपटी पर कट्टा तान दिया और करीब आधे घंटे तक पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, सोहिल मंसूरी नाम का युवक अपनी पत्नी और नवजात बच्चे को देखने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। उसका बच्चा एसएनसीयू वार्ड में भर्ती था। अस्पताल के नियमों के तहत फीडिंग रूम में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि नवजात और उनकी माताओं की गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे। लेकिन जब ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय सुमित बाल्मीकि ने उसे अंदर जाने से रोका, तो युवक भड़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले युवक ने वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू की। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और देखते ही देखते विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया। आरोपी ने अचानक अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और वार्ड बॉय की कनपटी पर तान दिया। इस घटना को देखकर वहां मौजूद मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ दहशत में आ गए। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कोई भी व्यक्ति तुरंत हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हालांकि बाद में कुछ सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार धमकियां देता रहा और कहता रहा कि जो भी बीच में आया, उसे गोली मार देगा। इस दौरान पूरे अस्पताल में करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह घटना उस वार्ड में हुई, जहां बेहद नाजुक हालत में नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। वहां मौजूद माताएं और उनके परिवार इस घटना से बुरी तरह सहम गए। कई लोग अपने बच्चों को लेकर वार्ड से बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए। अस्पताल, जो आमतौर पर सुरक्षा और भरोसे की जगह माना जाता है, उस समय पूरी तरह असुरक्षित दिखाई दिया। घटना के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह नाकाम नजर आई। न तो समय पर कोई प्रभावी हस्तक्षेप हुआ और न ही आरोपी को तुरंत काबू किया जा सका। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद आरोपी अस्पताल परिसर में खुलेआम घूमता रहा और यहां तक कि पुलिस चौकी तक पहुंचकर वहां भी कुछ समय तक बैठा रहा। यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। घटना के अगले दिन पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से कट्टा लहराते हुए नजर आ रहा है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे ने बताया कि वार्ड बॉय की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया? सुरक्षा जांच कहां चूक गई? और पुलिस चौकी होने के बावजूद आरोपी इतने समय तक बेखौफ कैसे घूमता रहा? गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है, जिसने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न केवल मरीजों और उनके परिजनों में डर पैदा कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, दतिया जिला अस्पताल में फैली यह दहशत लोगों के मन में एक गहरी चिंता छोड़ गई है।
दतिया जिला अस्पताल में दबंगई की हद, वार्ड बॉय पर ताना कट्टा,पुलिस ने किया मामला दर्ज दतिया के जिला अस्पताल से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर अस्पताल को मरीजों के इलाज और सुरक्षा का केंद्र माना जाता है, वहीं अब वही जगह भय और दहशत का अड्डा बनती नजर आ रही है। ताजा मामला अस्पताल के सबसे संवेदनशील वार्ड एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का है, जहां नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। इस वार्ड में एक युवक ने वार्ड बॉय की कनपटी पर कट्टा तान दिया और करीब आधे घंटे तक पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, सोहिल मंसूरी नाम का युवक अपनी पत्नी और नवजात बच्चे को देखने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। उसका बच्चा एसएनसीयू वार्ड में भर्ती था। अस्पताल के नियमों के तहत फीडिंग रूम में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि नवजात और उनकी माताओं की गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे। लेकिन जब ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय सुमित बाल्मीकि ने उसे अंदर जाने से रोका, तो युवक भड़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले युवक ने वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू की। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और देखते ही देखते विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया। आरोपी ने अचानक अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और वार्ड बॉय की कनपटी पर तान दिया। इस घटना को देखकर वहां मौजूद मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ दहशत में आ गए। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कोई भी व्यक्ति तुरंत हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हालांकि बाद में कुछ सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार धमकियां देता रहा और कहता रहा कि जो भी बीच में आया, उसे गोली मार देगा। इस दौरान पूरे अस्पताल में करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह घटना उस वार्ड में हुई, जहां बेहद नाजुक हालत में नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। वहां मौजूद माताएं और उनके परिवार इस घटना से बुरी तरह सहम गए। कई लोग अपने बच्चों को लेकर वार्ड
से बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए। अस्पताल, जो आमतौर पर सुरक्षा और भरोसे की जगह माना जाता है, उस समय पूरी तरह असुरक्षित दिखाई दिया। घटना के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह नाकाम नजर आई। न तो समय पर कोई प्रभावी हस्तक्षेप हुआ और न ही आरोपी को तुरंत काबू किया जा सका। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद आरोपी अस्पताल परिसर में खुलेआम घूमता रहा और यहां तक कि पुलिस चौकी तक पहुंचकर वहां भी कुछ समय तक बैठा रहा। यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। घटना के अगले दिन पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से कट्टा लहराते हुए नजर आ रहा है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे ने बताया कि वार्ड बॉय की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया? सुरक्षा जांच कहां चूक गई? और पुलिस चौकी होने के बावजूद आरोपी इतने समय तक बेखौफ कैसे घूमता रहा? गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है, जिसने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न केवल मरीजों और उनके परिजनों में डर पैदा कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, दतिया जिला अस्पताल में फैली यह दहशत लोगों के मन में एक गहरी चिंता छोड़ गई है।
- इटावा। शराबी पतियों से परेशान समसपुर गांव की महिलाओं ने इकट्ठा होकर शराब के ठेके को तहस नहस कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब के ठेके की वजह से गांव के पुरुष शराबी होते जा रहे हैं और वह रोज लड़ाई झगड़ा करते हैं । गुसाईं महिलाओ ने लाखों रुपए की शराब को नष्ट कर दिया इस घटना पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। वहीं, गांव के लोगों का कहना है कि ठेका गांव में नहीं होना चाहिए। इसे गांव से कहीं बाहर ले जाया जाए।1
- दतिया में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा दतिया जिले में 2 मई 2026 को लाड़ली लक्ष्मी उत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े के मार्गदर्शन में जिला, नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत एवं आंगनबाड़ी स्तर पर किया जाएगा। उत्सव में लाड़ली बालिकाओं, उनके अभिभावकों, लाड़ली क्लब के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को प्रोत्साहित करना और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाली बालिकाओं का सम्मान किया जाएगा। साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इसके अलावा “लाड़ली लक्ष्मी वाटिका” में प्रत्येक स्तर पर एक-एक पेड़ रोपित किया जाएगा और विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आयोजन को सफल बनाने के निर्देश दिए हैं।1
- Post by BOLTA MP1
- जनपद पंचायत दतिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में सचिवों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करके उपसरपंच और पंच को नहीं दिया जा रहा है मानदेय- ---- एड.छोटू गौतम प्र. जनपद सदस्य दतिया में उक्त मामले को लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत दतिया को शिकायती आवेदन पत्र देकर सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने एवं उपसरपंच एवं पंच को मानदेय दिलाए जाने के संबंध में मुलाकात की। मध्य प्रदेश शासन के अनुसार पंच को ₹300 प्रति बैठक एवं अधिकतम 1800 रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से मानदेय दिया जाना सुनिश्चित किया गया है। सात दिवस के अंदर अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो जनपद पंचायत दतिया का घेराव किया जाएगा और उच्च स्तर की जांच एजेंसी से उक्त मामले की जांच कराकर कार्रवाई कराई जाने का काम किया जाएगा।3
- Post by AD SINGH DHAKAD1
- Post by पत्रकार पवन दांतरे इंदरगढ1
- दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने गुरुवार को इंदरगढ़ का दौरा कर स्थानीय कृषि उपज मंडी एवं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में किसानों की उपज की तुलाई प्रक्रिया, रजिस्टर में प्रविष्टियों और मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में किसानों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल और छांव जैसी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर वानखड़े ने मंडी में वाटर कूलर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए धर्मकांटे को शिफ्ट करने का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे जाने की जानकारी दी। उन्होंने मंडी तक पहुंच के लिए नए रोड निर्माण का प्रस्ताव भी भेजे जाने की बात कही, जिससे किसानों को आवागमन में सुविधा मिल सके। कलेक्टर ने संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अग्रिम तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि उपज को किसी प्रकार का नुकसान न हो। निरीक्षण के बाद कलेक्टर वानखड़े ने दाल मिल रोड स्थित राधारानी उपचार गोशाला का भी भ्रमण किया। यहां स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने गोशाला के उपयोग हेतु भूमि उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की और इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशासन सख्त, किसानों की सुविधा सर्वोपरि कलेक्टर के इस दौरे से साफ संकेत मिले हैं कि प्रशासन किसानों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है और मंडी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।3
- उत्तरप्रदेश- अमेठी में जनगणना में लगे टीचर्स की ट्रैनिंग चल रही है. ट्रैनिंग के दौरान लंच मील आया. जैसे ही खाने को हुए उसमें बदबू आ रही थी. चैक किया तो सारा बुसा हुआ निकला. टीचर्स ने भोजन के पैक फैंक दिये.1