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मजदूर बोले हम लोगों को चार सप्ताह से पैसा नहीं मिला है घर की स्थिति बहुत खराब है पुलिस कैंप में बनाया गया बिल्डिंग पेमेंट नहीं मिलने से मजदूर परेशान जांच का विषय
Badri Narayan Sahu
मजदूर बोले हम लोगों को चार सप्ताह से पैसा नहीं मिला है घर की स्थिति बहुत खराब है पुलिस कैंप में बनाया गया बिल्डिंग पेमेंट नहीं मिलने से मजदूर परेशान जांच का विषय
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- युवक ने फांसी का फंदा बना किया आत्महत्या सूचना पर पुलिस जांच में जुटी घटना कल्हैपाट डीपा टोली में हुआ1
- तेज आंधी से तुरी टोला में भारी तबाही, पेड़ गिरने से खपरैल मकान ध्वस्त, बेटी की शादी से पहले टूटा आशियाना, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार लातेहार: सदर प्रखंड के सांसग पंचायत के समीप तुरी टोला ग्राम में अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। तेज हवा और मूसलधार बारिश के कारण एक विशाल सखुआ का पेड़ संजय तुरी के खपरैल मकान पर गिर पड़ा, जिससे उनका घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।घटना के संबंध में भुक्तभोगी संजय तुरी ने बताया कि अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बगल में खड़ा सखुआ का बड़ा पेड़ उनके घर पर गिर पड़ा, जिससे छत सहित पूरा खपरैल मकान बर्बाद हो गया। घर में रखे खाने-पीने के सामान सहित दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी नष्ट हो गईं।संजय तुरी ने बताया कि वे एक गरीब परिवार से हैं और मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया कि इसी वर्ष उनकी बेटी की शादी तय हुई है और अब शादी में मात्र 12 दिन ही शेष हैं। ऐसे में यह घटना उनके लिए किसी बड़ी विपत्ति से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अब उनके सामने यह संकट खड़ा हो गया है कि वे बेटी की शादी की तैयारी करें या फिर अपने उजड़े हुए घर की मरम्मत। पीड़ित परिवार ने इस घटना में लगभग 2 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें। इस संबंध में जब अंचलाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आपदा प्रबंधन के तहत उन्हें मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके और वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। *क्या कहते हैं मुखिया पति मंगलदेव उरांव* इस संबंध में मुखिया पति मंगलदेव उरांव ने कहा कि यह जानकारी मुझे मिली है पंचायत स्तर से पीड़ित परिवार के लिए जो भी हमसे बन पाएगा हम उनके लिए करेंगे अंचल अधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से बात कर उनको मुआवजा दिलाने का काम भी हम करेंगे1
- लातेहार में राहुल गांधी का पुतला फूका गया4
- भारत की धरती में खजाना था, लेकिन फायदा दूसरे उठाते रहे। दशकों तक हम Rare Earth minerals निकालकर बाहर भेजते रहे। चीन उनसे मैग्नेट बनाता रहा, और हम वही मैग्नेट महंगे दामों पर खरीदते रहे। लेकिन 2025 में मोदी सरकार ने खेल बदल दिया। ₹7,280 करोड़ की रेयर अर्थ मैग्नेट प्रोडक्शन योजना को मंजूरी मिली। अब सिर्फ खनन नहीं, पूरी वैल्यू चेन भारत में बनेगी: * खनन * प्रोसेसिंग * धातु और मिश्र धातु * तैयार मैग्नेट यानी कच्चा माल नहीं, अब तैयार उत्पाद दुनिया तक जाएगा। इन्हीं मैग्नेट से चलेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, घूमेंगी पवन चक्कियां, मजबूत होंगे रक्षा सिस्टम और आगे बढ़ेगा भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर। ⚡ यही है असली आत्मनिर्भर भारत, जहां अपनी धरती का खजाना, अपने ही हाथों की ताकत बनता है। 🇮🇳1
- महुआडांड़ (संवाददाता):नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर जारी सियासी घमासान अब महुआडांड़ की सड़कों पर खुलकर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और लोगों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ तीखा आक्रोश जताया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े इतने अहम कानून पर कांग्रेस का रुख नकारात्मक रहा है, जिससे आम जनता में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण जैसे मुद्दे पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सीधे-सीधे महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ है। *मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल का तीखा बयान:* मौके पर मौजूद मंडल अध्यक्ष अमित जायसवाल ने दो टूक कहा,नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को उनका हक दिलाने का मजबूत प्रयास है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने से पीछे हट रहे हैं। अब देश की जनता सब समझ रही है और ऐसे नेताओं को जवाब जरूर देगी।”उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है और इसे हर हाल में जमीन पर उतारना जरूरी है। *प्रदर्शन में ये रहे प्रमुख चेहरे:* प्रशांत सिंह (मंडल अध्यक्ष), अमित जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, सुनील जायसवाल, दिलीप प्रसाद, संजय राय, विश्वनाथ राम, रोहित सिंह, विनोद कुमार सिंह, राजेंद्र सोनी, कृष्णा लोहारा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई और सरकार से मांग उठी कि अधिनियम को जल्द और प्रभावी तरीके से लागू किया जाए, ताकि महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिल सके1
- लातेहार। हजारीबाग में एक पत्रकार के साथ हुई मारपीट की घटना पर लातेहार प्रेस क्लब के पत्रकारों ने काला बिला लगाकर विरोध किया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। गुरुवार को पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।1
- सिसई (गुमला)।जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले प्रखंड संयोजक सोमेश्वर उरांव की अध्यक्षता में एक अहम बैठक संपन्न हुआ। यह बैठक पिलखी मोड़ स्थित संजय कुमार वर्मा के आवास में आयोजित किया गया था। इस बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में जनजाति सुरक्षा मंच के रांची जिला संयोजक जगरनाथ भगत शामिल हुए। बैठक के दौरान विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा किया गया साथ ही 12 मई 2026 को सिसई में विशाल जनाक्रोश रैली निकालने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। यह रैली केंद्रीय सरना स्थल सिसई थाना के समीप से शुरू किया जायेगा और जीता पतरा पहुंचकर सभा के साथ इसका समापन होगा। बैठक में मुख्य रूप से संजय पहान, आनंद कुमार साहु, विश्व भूषण खड़िया, बालेश्वर उरांव, सोमेश्वर उरांव, जागेश्वर गोप, दिनेश उरांव, चरवा उरांव, देवकू भगत, रिचर्डसन एक्का, बंदी मिंज, जोगेंद्र उरांव, शिव साहु, सुमित महली, बहुरन लोहरा, करण गोप सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।4
- महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था एक बार फिर मजाक बनकर रह गई है। हल्की आंधी-तूफान ने ही पूरे सिस्टम की पोल खोल दी—जैसे ही हवा चली, वैसे ही ‘बिजली रानी’ ने हाथ खड़े कर दिए और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। जरा सी हवा या बूंदाबांदी होते ही बिजली सप्लाई ठप पड़ जाती है, जिससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय मेंटेनेंस सिर्फ कागजों तक सीमित है। सवाल उठ रहा है कि जब हल्की आंधी में ही हालात ऐसे हैं, तो तेज तूफान या बारिश में क्या होगा?बिजली गुल होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। दुकानदारों का कारोबार ठप हो गया, वहीं गर्मी और उमस के बीच लोग रातभर बेहाल रहे। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद न तो लाइन दुरुस्त की जाती है और न ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा रहा है। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हर बार ‘जल्द सुधार’ का भरोसा देकर पल्ला झाड़ लेते हैं।1
- Post by Sanjay kumar1