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अर्की के जयनगर में विवादित गौशाला बंद, गोवंश को नालागढ़ की गौशालाओं में किया शिफ्ट
पवन कुमार पत्रकार
अर्की के जयनगर में विवादित गौशाला बंद, गोवंश को नालागढ़ की गौशालाओं में किया शिफ्ट
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- अर्की के जयनगर में विवादित गौशाला बंद, गोवंश को नालागढ़ की गौशालाओं में किया शिफ्ट1
- गुरुग्राम स्थित सीपी कार्यालय जाने का अवसर प्राप्त हुआ। वहाँ से फ्री होने के पश्चात पूर्व आईएएस विनय जी से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्होंने स्नेहपूर्वक अपने निवास पर आने का आग्रह किया। उनके घर पहुँचने पर आत्मीय स्वागत किया गया और कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान उन्होंने सादर भोजन भी कराया। साथ ही हमने पूर्व पुलिस महानिदेशक गुजरात अनिल प्रथम जी तथा राज्यसभा सांसद संगीता जी से भी दूरभाष के माध्यम से बातचीत करवाई। यह मुलाकात अत्यंत प्रेरणादायक और सार्थक रही। ऐसे स्नेह, सम्मान और मार्गदर्शन के लिए विनय जी का हृदय से आभार।1
- माहुनाग मंदिर. ढकरियाना मेले मे कुस्ती के लाईव प्रसारण पवन सिंघ के साथ1
- LPG गैस सिलेंडर आपूर्ति पर बोले हिमाचल के मुख्य सचिव प्रदेश में स्थित आउट ऑफ कंट्रोल नहीं ईरान-इजरायल-अमेरिकी युद्ध के चलते दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक गैस का व्यापार प्रभावित हुआ है. भारत में भी इसका असर अब देखने को मिल रहा है. भारत सरकार ने देश में एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट किया हुआ है. इसी बीच हिमाचल प्रदेश में मौजूदा हालात को लेकर मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहा कि सरकार सभी हालातो की लगातार मॉनीटरिंग कर रही है. प्रदेश में फिलहाल स्थिति आउट ऑफ कंट्रोल नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी जिलों के DC, सिविल सप्लाई विभाग और तेल कंपनियों को लगातार स्थिति के बारे में अपडेट करने के लिए कहा गया है. VO -- मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर प्रदेश में मॉनिटरिंग कर रही है. सभी जिला आयुक्त, खाद्य और सिविल सप्लाई विभाग और तेल कंपनियों को लगातार ताजा हालातों की जानकारी देने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि इस बारे में केंद्र सरकार भी गंभीर है. केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से मॉनिटरिंग की जा रही है. बीते कल ही होम सेक्रेटरी की ओर से सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति का मामला केंद्र सरकार के अधीन है और केंद्र ने डॉमेस्टिक एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता बनाया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध थे, उन्हें होटल और फूड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों तक पहुंचाने के लिए कहा गया है. उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार नजर बनाए हुए हैं. बाइट -- संजय गुप्ता, मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश1
- बचत भवन बिलासपुर में आज अभियोजन निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा मादक द्रव्यों से जुड़े मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मादक पदार्थों की जब्ती के बाद अपनाई जाने वाली सीलिंग, नमूना संग्रहण तथा विधिसम्मत नष्ट करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। यह कार्यशाला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित छठी राज्य स्तरीय एनकॉर्ड समिति के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की। कार्यशाला में अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संदीप धवल, संयुक्त संयुक्त निदेशक अभियोजन रणधीर परमार, जिला न्यायवादी बिलासपुर सी. एस. भाटिया, जिला न्यायवादी मंडी, कांगड़ा, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, सोलन व शिमला तथा इन जिलों के जिला न्यायवादी व सहायक जिला न्यायवादी और सैमिनार के विशेषज्ञ राकेश सोनी तथा भीष्म चंद जिला न्यायवादी हायर एजुकेशन शिमला उपस्थित रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बताया कि जिले में एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत वर्तमान में 570 मामले लंबित हैं, जबकि अब तक 51 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इन मामलों के प्रभावी निपटान के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अभियोजन निदेशक हिमाचल प्रदेश संजीव कटोच ने अधिनियम के क्रियान्वयन में आने वाली कमियों को दूर करते हुए यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तो एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों के निपटान में और अधिक प्रगति सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यशाला में विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को बताया कि मादक द्रव्य एवं मनोप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत इन प्रक्रियाओं का सही ढंग से पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के सुरक्षित संरक्षण, नमूनों के सही तरीके से संग्रहण तथा निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार उनके निस्तारण की व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यदि इन प्रक्रियाओं का विधिसम्मत तरीके से पालन किया जाए तो अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों की विश्वसनीयता बनी रहती है और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान साक्ष्य संरक्षण, दस्तावेजीकरण और निर्धारित कानूनी औपचारिकताओं का पालन अत्यंत आवश्यक है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनती है तथा न्यायालय में मामलों के निपटारे में भी सुविधा होती है। कार्यशाला के माध्यम से अधिकारियों को अधिनियम के प्रावधानों और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों के प्रभावी निपटान में सहायता मिल सके। बैठक में सभी जिलों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। -000- --1
- Bilaspur Himachal Pradesh1
- शाहतलाई थाना के अंतर्गत मलहोट में देर रात एक गद्दी समुदाय के व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि देर रात किसी व्यक्ति ने तेजधार हथियार से गर्दन पर वार कर इस व्यक्ति की हत्या कर दी। यह व्यक्ति कुछ दिनों से यहां पर रह रहा था। वहीं क्षेत्र में हुई अचानक इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस व्यक्ति के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था लेकिन वह भी मौके पर नहीं पाया गया है। उधर सुबह के समय सूचना मिलने पर तलाई पुलिस भी मौके पर पहुंची और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं मौके पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस हत्या के इस मामले को लेकर जांच में जुटी हुई है। एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।4
- गुरुग्राम से दबोचा LSD का मुख्य सप्लायर केरल का शातिर तस्कर और पंजाब का कनेक्शन,व्हाट्सएप कॉल के जरिए चलता था नशे का काला कारोबार हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान रंग ला रहा है। शिमला पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए एलएसडी (LSD) तस्करी के मुख्य सरगना को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। विओ : ASP अभिषेक ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की पहचान 27 वर्षीय नविएल हैरिसन (निवासी कालीकट, केरल) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की शुरुआत पुलिस थाना न्यू शिमला में दर्ज अभियोग संख्या 14/2026 से हुई। पुलिस ने पहले संदीप शर्मा (निवासी मोगा, पंजाब) और प्रिया शर्मा (निवासी ददाहू, सिरमौर) को 11.570 ग्राम एलएसडी (562 स्टांप साइज स्ट्रिप्स) के साथ गिरफ्तार किया था। इन्हीं आरोपियों से हुई कड़ी पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण ने पुलिस को गुरुग्राम में बैठे मुख्य सप्लायर नविएल तक पहुँचाया। ASP अभिषेक ने कहा कि जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी संदीप शर्मा पुलिस की रडार से बचने के लिए सामान्य फोन कॉल का उपयोग बिल्कुल नहीं करता था। वह केवल व्हाट्सएप के माध्यम से ही अपने नेटवर्क से संपर्क साधता था। यही नहीं, इनके बीच नशे के बदले नशे का व्यापार भी चलता था—संदीप शर्मा मुख्य सप्लायर नविएल को एलएसडी के बदले में कैनाबिस (गांजा) उपलब्ध करवाता था। बाइट : अभिषेक ASP उन्होंने कहा कि इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 77 मुकदमे दर्ज कर 144 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इनमें से 14 आरोपी पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और भारत-नेपाल बॉर्डर जैसे बाहरी क्षेत्रों से 'बैकवर्ड लिंकेज' के तहत गिरफ्तार किए गए हैं। साथ ही, PIT NDPS के कड़े प्रावधानों के तहत पिछले 48 दिनों में 30 शातिर तस्करों को जेल भेजा गया है।1