बड़वानी पुलिस को 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत बड़ी सफलता मिली है, जिसके फलस्वरूप माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बड़वानी ने एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने विवेचना को पेशेवर और वैज्ञानिक बनाकर समय-सीमा में चालान पेश किया और साक्षियों की समय पर गवाही सुनिश्चित की। इसी के परिणाम स्वरूप, न्यायालय ने थाना पानसेमल के चिन्हित अपराध क्रमांक 202/2025 में आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1000 अर्थदंड की कड़ी सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी 01 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड का आदेश दिया गया है। बड़वानी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण घटना के महज़ एक साल के भीतर ही पीड़िता को न्याय मिल सका, जिससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। मासूम पीड़िता को मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए माननीय न्यायालय ने एक संवेदनशील कदम उठाते हुए, 'नालसा पीड़ित प्रतिकर योजना, 2018' के अंतर्गत ₹6,00,000 (छह लाख रुपये) की भारी-भरकम प्रतिकर राशि प्रदान करने के भी आदेश पारित किए हैं। इस संवेदनशील मामले में बड़वानी पुलिस की टीम ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्य किया। प्रकरण की कुशल विवेचना मुख्य विवेचक श्री आयुष कुमार अलावा (एसडीओपी राजपुर) और प्रारंभिक विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक रचना तोमर द्वारा की गई। माननीय न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक श्री दुष्यंतसिंह रावत और सहायक विशेष लोक अभियोजक श्रीमती शीला अलावा ने अकाट्य तर्क और प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की। इसके अलावा, नोडल अधिकारी निरीक्षक मंशाराम वगेन, उप निरीक्षक विजय रावत और आरक्षक अभिषेक रावत ने गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई। इस उत्कृष्ट टीम वर्क पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी ने पूरी टीम की जमकर सराहना की है।
बड़वानी पुलिस को 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत बड़ी सफलता मिली है, जिसके फलस्वरूप माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बड़वानी ने एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने विवेचना को पेशेवर और वैज्ञानिक बनाकर समय-सीमा में चालान पेश किया और साक्षियों की समय पर गवाही सुनिश्चित की। इसी के परिणाम स्वरूप, न्यायालय ने थाना पानसेमल के चिन्हित अपराध क्रमांक 202/2025 में आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1000 अर्थदंड की कड़ी सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी 01 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड का आदेश दिया गया है। बड़वानी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण घटना के महज़ एक साल के भीतर ही पीड़िता को न्याय मिल सका, जिससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। मासूम पीड़िता को मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए माननीय न्यायालय ने एक संवेदनशील कदम उठाते हुए, 'नालसा पीड़ित प्रतिकर योजना, 2018' के अंतर्गत ₹6,00,000 (छह लाख रुपये) की भारी-भरकम प्रतिकर राशि प्रदान करने के भी आदेश पारित किए हैं। इस संवेदनशील मामले में बड़वानी पुलिस की टीम ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्य किया। प्रकरण की कुशल विवेचना मुख्य विवेचक श्री आयुष कुमार अलावा (एसडीओपी राजपुर) और प्रारंभिक विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक रचना तोमर द्वारा की गई। माननीय न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक श्री दुष्यंतसिंह रावत और सहायक विशेष लोक अभियोजक श्रीमती शीला अलावा ने अकाट्य तर्क और प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की। इसके अलावा, नोडल अधिकारी निरीक्षक मंशाराम वगेन, उप निरीक्षक विजय रावत और आरक्षक अभिषेक रावत ने गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई। इस उत्कृष्ट टीम वर्क पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी ने पूरी टीम की जमकर सराहना की है।
- बड़वानी पुलिस को 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत बड़ी सफलता मिली है, जिसके फलस्वरूप माननीय विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बड़वानी ने एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने विवेचना को पेशेवर और वैज्ञानिक बनाकर समय-सीमा में चालान पेश किया और साक्षियों की समय पर गवाही सुनिश्चित की। इसी के परिणाम स्वरूप, न्यायालय ने थाना पानसेमल के चिन्हित अपराध क्रमांक 202/2025 में आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1000 अर्थदंड की कड़ी सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत भी 01 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड का आदेश दिया गया है। बड़वानी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण घटना के महज़ एक साल के भीतर ही पीड़िता को न्याय मिल सका, जिससे कानून व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है। मासूम पीड़िता को मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए माननीय न्यायालय ने एक संवेदनशील कदम उठाते हुए, 'नालसा पीड़ित प्रतिकर योजना, 2018' के अंतर्गत ₹6,00,000 (छह लाख रुपये) की भारी-भरकम प्रतिकर राशि प्रदान करने के भी आदेश पारित किए हैं। इस संवेदनशील मामले में बड़वानी पुलिस की टीम ने अत्यंत पेशेवर तरीके से कार्य किया। प्रकरण की कुशल विवेचना मुख्य विवेचक श्री आयुष कुमार अलावा (एसडीओपी राजपुर) और प्रारंभिक विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक रचना तोमर द्वारा की गई। माननीय न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक श्री दुष्यंतसिंह रावत और सहायक विशेष लोक अभियोजक श्रीमती शीला अलावा ने अकाट्य तर्क और प्रभावी पैरवी प्रस्तुत की। इसके अलावा, नोडल अधिकारी निरीक्षक मंशाराम वगेन, उप निरीक्षक विजय रावत और आरक्षक अभिषेक रावत ने गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित कराई। इस उत्कृष्ट टीम वर्क पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक बड़वानी ने पूरी टीम की जमकर सराहना की है।1
- किसान कांग्रेस ने Sendhwa में किसानों की डीजल और खाद से जुड़ी समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान, संगठन के सदस्यों ने एसडीएम कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई।1
- बड़वानी शहर के पानवाड़ी मोहल्ले में तीन सांडों ने खूब उत्पात मचाया, जिससे वहाँ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सांडों की इस लड़ाई का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। सांडों की लड़ाई इतनी उग्र थी कि उन्हें रोकने गए लोगों को भी वहाँ से भागना पड़ा। इस उत्पात के दौरान, लड़ाई के बीच एक सांड टैंक में गिर गया।1
- एक आदिवासी व्यक्ति सरकारी नौकरी की तलाश में अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर आ गया है। उसे यह जानकारी नहीं थी कि सरकारी नौकरी के लिए पढ़ाई की आवश्यकता होती है।1
- धार शहर में गुरुवार को गंदे पानी और अनियमित जल सप्लाई के मुद्दे पर कांग्रेस ने 'कामचोर' नगर पालिका के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष रोहित कामदार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने घोड़ा चौपाटी स्थित लालबाग परिसर से नगर पालिका कार्यालय तक रैली निकाली, जहाँ नागरिकों ने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। नगर पालिका पहुंचते ही प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने परिसर का घेराव कर जमकर नारेबाजी की और कुछ प्रदर्शनकारी बैरीकेट लांघकर भीतर घुस गए। महिलाओं ने नगर पालिका कार्यालय के सामने मिट्टी के घड़े फोड़कर अपनी नाराजगी जताई, जिसमें नौगांव थाना प्रभारी हीरूसिंह रावत के सिर पर एक घड़ा फूट गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर पालिका शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय का घेराव किया और कुछ महिलाओं ने सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास किया, हालांकि सीएमओ अपने कार्यालय से बाहर नहीं निकले। प्रदर्शनकारियों ने 'सीएमओ विश्वनाथ सिंह मुर्दाबाद' और 'रीलबाज सीएमओ' के नारे लगाए। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया और नगर पालिका की ओर से वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शन के बाद रोहित कामदार के नेतृत्व में कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें धार शहर के नागरिकों के पेयजल की गंभीर समस्या पर प्रकाश डाला गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका द्वारा की जा रही जल सप्लाई न केवल अनियमित है, बल्कि नलों से बदबूदार, पीले और कीचड़ मिश्रित पानी आ रहा है, जिससे लोग उल्टी-दस्त, टाइफाइड जैसी जलजनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। यह भी आरोप लगाया गया कि शहर में पांच से छह दिन के अंतराल पर मात्र 15 से 20 मिनट के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है, जबकि नगर पालिका नियमित रूप से पानी टैक्स वसूल रही है, जिसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन और जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया। युवा कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से शहर में स्वच्छ और पीने योग्य पानी की नियमित सप्लाई सुनिश्चित करने तथा पुरानी व जर्जर पाइपलाइन व फिल्टर प्लांट की उच्च स्तरीय मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम भी दिया, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो युवा कांग्रेस और शहरवासी नगर पालिका में ताला लगाओ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- खरगोन शहर के प्रतिष्ठित गोकुलदास पब्लिक स्कूल (GPS) पर अपनी मार्केटिंग के लिए जिले के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों की तस्वीरों और कथित बयानों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। स्कूल ने कथित तौर पर कलेक्टर भव्या मित्तल (आईएएस), जिला खेल अधिकारी पवी दुबे और बमनाला पुलिस चौकी प्रभारी राजेंद्र अवास्था की तस्वीरें छापकर स्कूल का महिमामंडन किया, जिसका उद्देश्य अभिभावकों को भ्रमित कर उनसे अत्यधिक फीस वसूलना था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 11 जून 2026 को एक प्रमुख अखबार में गोकुलदास पब्लिक स्कूल द्वारा एक भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित किया गया। इस विज्ञापन में स्कूल संचालक ने इन अधिकारियों के नाम, पद और उनके 'कथित बयानों' को छापा। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा किसी अनौपचारिक अवसर या स्कूल भ्रमण के दौरान कही गई बातों को स्कूल ने अपनी व्यावसायिक सफलता का प्रमाण पत्र बनाकर बाजार में प्रस्तुत किया। यह 'सरकारी ठप्पे' का फायदा उठाकर स्कूल नर्सरी के लिए 60 हजार रुपये और हॉस्टल सहित 1 लाख 80 हजार से 2 लाख 62 हजार रुपये तक की भारी भरकम फीस वसूल रहा है। इसे सरकारी पद की गरिमा का व्यावसायिक हथियार के रूप में उपयोग कर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को गुमराह करने का प्रयास बताया जा रहा है, और यह सिविल सेवा आचरण अधिनियम का भी उल्लंघन प्रतीत होता है। इस पूरे मामले पर कलेक्टर भव्या मित्तल या जनसंपर्क विभाग की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर गोकुलदास स्कूल के खिलाफ जोरदार विरोध होने के बाद, GPS स्कूल प्रबंधन ने विज्ञापन प्रकाशन को लेकर खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है।1
- नगर पालिका परिसर बड़वानी में उमड़ी नागरिकों की भीड़: पीएम स्वनिधि, संबल और पेंशन योजना के आवेदकों की समस्याओं का मौके पर हुआ निराकरण . बड़वानी 18 जून, 2026 | निमाड़ दस्तक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट) ✍️ . राज्य शासन के सख्त निर्देशानुसार नगर पालिका परिषद बड़वानी परिसर में गुरुवार को एक दिवसीय विशाल जनकल्याण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी और कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों के नए आवेदन प्राप्त किए गए, साथ ही कई लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के लाभ पत्र प्रदान किए गए। शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचाना तथा पात्र नागरिकों को शासकीय योजनाओं से जोड़कर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। सीएमओ श्रीमती सोनाली शर्मा ने बांटे ऋण स्वीकृति पत्र, स्वनिधि योजना में मिले 16 नए आवेदन शिविर के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) श्रीमती सोनाली शर्मा द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित नागरिकों को योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को शासन की मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। आंकड़ों की बात करें तो इस जनकल्याण शिविर में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 16 नए आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 20 पुराने पात्र हितग्राहियों के लोन स्वीकृत कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया। श्रम योगी मानधन, पेंशन और संबल योजना के पत्रों का भी हुआ वितरण, नागरिकों ने जताया आभार पीएम स्वनिधि के अलावा शिविर में अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिसके तहत प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत 6 जरूरतमंद श्रमिकों का नया पंजीयन किया गया। वहीं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 02 और मुख्यमंत्री संबल योजना के 03 स्वीकृति पत्रों का वितरण पात्र परिवारों को किया गया। शिविर में मौजूद नगर पालिका के अधिकारी-कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया। इस सुव्यवस्थित आयोजन और त्वरित लाभ मिलने पर बड़वानी के नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन और शासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।3
- अलीराजपुर जिले के सियाली के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से बाउरी वधू नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। अखाड़ा फलिया निवासी बाउरी वधू, जो हो सिंह भोर सिंह के पुत्र हैं, सियाली जा रहे थे तभी अज्ञात वाहन से उनकी टक्कर हो गई। घटनास्थल पर व्यक्ति को गंभीर हालत में देखकर अनु विभागीय अधिकारी वीरेंद्र सिंह बघेल ने तुरंत कार्रवाई की। एस.डी.एम. साहब ने अपनी शासकीय गाड़ी में डालकर घायल को बोरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टर अमित दलाल ने उनका इलाज किया। बताया गया है कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए रेफर किया गया है। यह घटना श्रेया टीवी अलीराजपुर से क्राइम ब्यूरो चीफ फारूक कुरैशी द्वारा रिपोर्ट की गई है।2