24 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद एन. सूबेदार भास्कर स्वामी सेवानिवृत्त, छिंदवाड़ा में हुआ भव्य स्वागत छिंदवाड़ा। भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट (द पागल पल्टन) 3 राजपूत के एन. सूबेदार भास्कर स्वामी 31 जुलाई 2026 को 24 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। 4 जुलाई 2002 को भारतीय सेना में भर्ती हुए भास्कर स्वामी ने अपने सेवा काल के दौरान देश के विभिन्न संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व निभाया। उन्होंने वर्ष 2003 से 2006 तक श्रीनगर और डोडा, 2006 से 2007 तक पंजाब के गुरदासपुर, 2007 से 2009 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग (चीन सीमा), 2009 से 2011 तक जयपुर, 2011 से 2015 तक लखनऊ, 2016 से 2020 तक जम्मू, 2021 से 2024 तक प्रयागराज तथा 2024 से 2026 तक जम्मू-कश्मीर के राजौरी (एलओसी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद जब एन. सूबेदार भास्कर स्वामी अपने गृह नगर छिंदवाड़ा पहुंचे तो परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं से सम्मानित करते हुए घर तक भव्य सम्मान यात्रा निकाली गई। इस भावुक पल में परिवार के कई सदस्यों की आंखें नम हो गईं। पूरे माहौल में देशभक्ति और गर्व का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर जित्तू अहिरवार, मोंटी सिंह, लालू, गुलशन, दुर्गेश, गोलू, आशु, नीरज चौहान सहित अन्य मित्र, रिश्तेदार और परिवारजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने भास्कर स्वामी के स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।
24 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद एन. सूबेदार भास्कर स्वामी सेवानिवृत्त, छिंदवाड़ा में हुआ भव्य स्वागत छिंदवाड़ा। भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट (द पागल पल्टन) 3 राजपूत के एन. सूबेदार भास्कर स्वामी 31 जुलाई 2026 को 24 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। 4 जुलाई 2002 को भारतीय सेना में भर्ती हुए भास्कर स्वामी ने अपने सेवा
काल के दौरान देश के विभिन्न संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व निभाया। उन्होंने वर्ष 2003 से 2006 तक श्रीनगर और डोडा, 2006 से 2007 तक पंजाब के गुरदासपुर, 2007 से 2009 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग (चीन सीमा), 2009 से 2011 तक जयपुर, 2011 से 2015 तक लखनऊ, 2016 से 2020 तक जम्मू, 2021 से 2024
तक प्रयागराज तथा 2024 से 2026 तक जम्मू-कश्मीर के राजौरी (एलओसी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद जब एन. सूबेदार भास्कर स्वामी अपने गृह नगर छिंदवाड़ा पहुंचे तो परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं से सम्मानित करते हुए घर तक भव्य सम्मान यात्रा निकाली गई। इस भावुक पल में परिवार के कई सदस्यों
की आंखें नम हो गईं। पूरे माहौल में देशभक्ति और गर्व का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर जित्तू अहिरवार, मोंटी सिंह, लालू, गुलशन, दुर्गेश, गोलू, आशु, नीरज चौहान सहित अन्य मित्र, रिश्तेदार और परिवारजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने भास्कर स्वामी के स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।
- Seoni News: दिनदहाड़े हनुमान मंदिर में चोरी, भगवान का मुकुट लेकर भागे दो चोर; पुजारी ने एक को दबोचा,1
- *ग्रामीणों से टोल वसूली को लेकर ग्रामीण एवं टोल प्लाजा कर्मचारियों में विवाद* *खवासा टोल विवाद: स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप* कुरई। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (नागपुर रोड) स्थित खवासा टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में आ गया है। स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया है कि टोल प्लाजा पर लंबे समय से स्कूल बसों को रोककर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है तथा नियमों के विपरीत आसपास के ग्रामीणों से भी टोल टैक्स वसूला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि टोल प्लाजा से 5 से 6 किलोमीटर अथवा उससे कम दूरी पर स्थित तेलिया, अर्जुनी, कोहका, जामुनटोला, टुरिया, उतरिया, खण्डासा, पचधार, आमझिरी और नयगांव सहित कई गांवों के निवासियों से भी टोल वसूला जा रहा है। इससे उन्हें प्रतिदिन आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं शिकायतों को लेकर ग्राम खवासा के सैकड़ों ग्रामीण एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि टोल प्रबंधन से चर्चा करने पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान टोल कर्मियों ने ग्राम पंचायत खवासा की सरपंच श्रीमती रमूला बाई उइके तथा जनपद सदस्य रामचरण बेलवंशी के साथ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि टोल कर्मचारी रघुवीर सिंह एवं हेमंत राजपूत बंदूकधारियों के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों को धमकाने का प्रयास किया। इस घटना से ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया। आरोपों के अनुसार, घटना के बाद टोल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने बिना समुचित जांच के खवासा के चार लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली। वहीं, जब सरपंच रमूला बाई उइके एवं जनपद सदस्य रामचरण बेलवंशी अपने साथ हुई कथित अभद्रता की शिकायत दर्ज कराने ग्रामीणों के साथ थाना कुरई पहुंचे, तो उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। उनका कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और दोनों पक्षों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि अब वे पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिवनी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा ग्रामीणों के हितों की रक्षा की मांग करेंगे। आगे बताया गया कि टोल प्लाजा में आसपास के ग्रामों से किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लिया जा रहा था लेकिन आज से वाहनों को रोक कर वसूली करने लगे जिसे लेकर आसपास के ग्रामीण पहुंचकर वसूली न करने पहुंचे थे लेकिन चार ग्रामीण के नाम से मामला बना दिया गया। जिसे लेकर ग्रामीण कुरई थाना में शिकायत करने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। संतुष्ट न होने पर ग्रामीण जल पुलिस अधीक्षक महोदय सिवनी के पास निष्पक्ष जांच करने लेकर पहुंच गए। पुलिस का पक्ष: कुरई थाना प्रभारी कृपाल साह तेकाम ने बताया कि शनिवार को दोपहर खवासा टोल प्लाजा पर तोड़फोड़ की शिकायत के आधार पर राही जायसवाल, राजा डेहरवाल, कासिम खान,अर्शदीप अहिरवार,चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आगे बताया कि आरटीओ की हेड मैनेजर कृष्णा मैडम के द्वारा आज से स्कूली वाहन क्षेत्र वाहनों से वसूली शुरू कर दिया था जिसे लेकर यह स्थिति बनी।1
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- 24 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद एन. सूबेदार भास्कर स्वामी सेवानिवृत्त, छिंदवाड़ा में हुआ भव्य स्वागत छिंदवाड़ा। भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट (द पागल पल्टन) 3 राजपूत के एन. सूबेदार भास्कर स्वामी 31 जुलाई 2026 को 24 वर्षों की गौरवपूर्ण सैन्य सेवा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गए। 4 जुलाई 2002 को भारतीय सेना में भर्ती हुए भास्कर स्वामी ने अपने सेवा काल के दौरान देश के विभिन्न संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में रहकर राष्ट्र की सुरक्षा का दायित्व निभाया। उन्होंने वर्ष 2003 से 2006 तक श्रीनगर और डोडा, 2006 से 2007 तक पंजाब के गुरदासपुर, 2007 से 2009 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग (चीन सीमा), 2009 से 2011 तक जयपुर, 2011 से 2015 तक लखनऊ, 2016 से 2020 तक जम्मू, 2021 से 2024 तक प्रयागराज तथा 2024 से 2026 तक जम्मू-कश्मीर के राजौरी (एलओसी) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद जब एन. सूबेदार भास्कर स्वामी अपने गृह नगर छिंदवाड़ा पहुंचे तो परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं से सम्मानित करते हुए घर तक भव्य सम्मान यात्रा निकाली गई। इस भावुक पल में परिवार के कई सदस्यों की आंखें नम हो गईं। पूरे माहौल में देशभक्ति और गर्व का भाव देखने को मिला। इस अवसर पर जित्तू अहिरवार, मोंटी सिंह, लालू, गुलशन, दुर्गेश, गोलू, आशु, नीरज चौहान सहित अन्य मित्र, रिश्तेदार और परिवारजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने भास्कर स्वामी के स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना करते हुए उनके राष्ट्रसेवा के योगदान को नमन किया।4
- छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अब अपने हक की लड़ाई सड़क पर लड़ते नजर आए। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने मेडिकल कॉलेज से बाइक रैली निकाली, शहर में प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। डॉक्टरों की मांग है कि वर्तमान ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए। छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के जूनियर डॉक्टरों ने आज स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर बाइक रैली निकालते हुए जिला प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाई। मेडिकल कॉलेज से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें केवल ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों के सामने बेहद कम है। उनका कहना है कि वे अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर जैसे महत्वपूर्ण विभागों में दिन-रात सेवाएं देते हैं, लेकिन इसके अनुरूप उन्हें आर्थिक सहयोग नहीं मिल रहा। डॉक्टरों ने मांग की है कि मध्य प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे आर्थिक परेशानियों से मुक्त होकर पूरी निष्ठा के साथ मरीजों की बेहतर सेवा कर सकें।3