उड़ीसा के रूरकेला से जरईकेला तक जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य, जिसके साथ कूकड़ा फाटक में फ्लाईओवर का काम भी प्रगति पर है, इन दिनों तेजी से जारी है। लोगों को उम्मीद थी कि इस कार्य से आवागमन सुगम होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर लगातार उड़ रही धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिनभर भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही से धूल का गुबार उठता रहता है, लेकिन धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव या उचित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। धूल के कारण सबसे अधिक परेशानी साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों को हो रही है; राहगीरों के लिए सड़क पर चलना तक मुश्किल है। कई लोग आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जरईकेला, भालुलता और बंदामुंडा जैसे छोटे कस्बों में स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां दुकानदार, स्थानीय निवासी, विद्यार्थी और राहगीर दिनभर उड़ती धूल से जूझ रहे हैं, और घरों तथा दुकानों तक में धूल की मोटी परतें जम रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित सरकारी अधिकारियों का इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं है; वे जनता की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए और धूल नियंत्रण के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके।
उड़ीसा के रूरकेला से जरईकेला तक जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य, जिसके साथ कूकड़ा फाटक में फ्लाईओवर का काम भी प्रगति पर है, इन दिनों तेजी से जारी है। लोगों को उम्मीद थी कि इस कार्य से आवागमन सुगम होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर लगातार उड़ रही धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिनभर भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही से धूल का गुबार उठता रहता है, लेकिन धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव या उचित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। धूल के कारण सबसे अधिक परेशानी साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों को हो रही है; राहगीरों के लिए सड़क पर चलना तक मुश्किल है। कई लोग आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जरईकेला, भालुलता और बंदामुंडा जैसे छोटे कस्बों में स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां दुकानदार, स्थानीय निवासी, विद्यार्थी और राहगीर दिनभर उड़ती धूल से जूझ रहे हैं, और घरों तथा दुकानों तक में धूल की मोटी परतें जम रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित सरकारी अधिकारियों का इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं है; वे जनता की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए और धूल नियंत्रण के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके।
- उड़ीसा के रूरकेला से जरईकेला तक जाने वाली मुख्य सड़क का निर्माण कार्य, जिसके साथ कूकड़ा फाटक में फ्लाईओवर का काम भी प्रगति पर है, इन दिनों तेजी से जारी है। लोगों को उम्मीद थी कि इस कार्य से आवागमन सुगम होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर लगातार उड़ रही धूल ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दिनभर भारी वाहनों और मशीनों की आवाजाही से धूल का गुबार उठता रहता है, लेकिन धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव या उचित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। धूल के कारण सबसे अधिक परेशानी साइकिल और मोटरसाइकिल सवारों को हो रही है; राहगीरों के लिए सड़क पर चलना तक मुश्किल है। कई लोग आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। जरईकेला, भालुलता और बंदामुंडा जैसे छोटे कस्बों में स्थिति विशेष रूप से खराब है, जहां दुकानदार, स्थानीय निवासी, विद्यार्थी और राहगीर दिनभर उड़ती धूल से जूझ रहे हैं, और घरों तथा दुकानों तक में धूल की मोटी परतें जम रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित सरकारी अधिकारियों का इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं है; वे जनता की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए और धूल नियंत्रण के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि उन्हें राहत मिल सके।1
- चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल परिसर में रविवार को एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मानवता की सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस शिविर के दौरान कुल 43 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया है, जो अवश्यंभावी रूप से जरूरतमंद मरीजों के लिए अत्यंत मददगार साबित होगा। यह शिविर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा था, जिसके तहत अब प्रत्येक माह की 24 तारीख को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यापक पहल के अंतर्गत, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में भी लगातार रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को समय पर आवश्यक सहायता प्रदान करना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन रक्तदान शिविरों में भाग लें, क्योंकि रक्तदान को 'महादान' कहा गया है। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि यह कार्य न केवल किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहायक होता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को भी दृढ़ता प्रदान करता है। रक्तदाताओं के इस सराहनीय योगदान की स्थानीय लोगों द्वारा भी काफी प्रशंसा की गई है।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडुंगी प्रखंड अंतर्गत बड़ा लुंती गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 9 वर्षीय मासूम सूरज तिरिया की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक सूरज तिरिया प्राथमिक विद्यालय बालमुचूसाई का दूसरी कक्षा का छात्र था। इस भयावह घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, रविवार शाम सूरज अपने घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज हवा और बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए तीन बच्चे पास के एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए। बताया जा रहा है कि सूरज पेड़ की एक डाल पकड़कर खड़ा था, तभी तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी। इस वज्रपात की चपेट में आने से सूरज गंभीर रूप से झुलस गया; बिजली उसके सिर पर गिरी थी और घटना इतनी भीषण थी कि उसके कपड़े तक जल गए। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे को गंभीर हालत में इलाज के लिए कुमारडुंगी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में एक अन्य बच्चे को भी हल्का झटका लगा था, जिसकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि सूरज छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था, उसका स्वभाव चंचल था और उसे पढ़ाई में भी काफी रुचि थी। उसकी असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।1
- बसिया प्रखंड मुख्यालय स्थित बसिया स्टेडियम सरना मैदान में बसिया प्रीमियर क्रिकेट लीग सीजन 2 टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला परिषद सदस्य बसंती डूंगडुंग ने मुख्य अतिथि के तौर पर टॉस करके और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मैच का उद्घाटन किया। इस रोमांचक फाइनल में बीएसडी लायंस और बीएसडी चैलेंजर्स के बीच भिड़ंत हुई, जिसमें बीएसडी चैलेंजर्स ने जीत हासिल की। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि बसंती डूंगडुंग ने इस क्रिकेट प्रतियोगिता को क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में इन्हीं खिलाड़ियों में से कोई राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेगा, जिससे उनके माता-पिता, बसिया सबडिवीजन क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष अंजनी कुमार मिश्रा, हेड कोच सह सचिव राजू राम और पूरे झारखंड का नाम रोशन होगा। डूंगडुंग ने विशेष रूप से लड़कियों द्वारा लड़कों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेलने की प्रशंसा की, इसे गौरवशाली क्षण और महिला सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने लड़कों और लड़कियों को एक साथ खेलते देखना एक सुखद अनुभव करार दिया। इस प्रीमियम लीग में कुल चार टीमें - बीएसडी लॉयंस, बीएसडी चैलेंजर, बीएसडी सुपरकिंग और बीएसडी रॉयल्स - शामिल थीं। फाइनल मैच के दौरान नीलेश कंसारी को 'मैन ऑफ द मैच' घोषित किया गया, जबकि 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब अर्णव मिश्रा ने जीता। यह टूर्नामेंट अंजनी कुमार मिश्रा और हेड कोच राजू राम के अथक प्रयासों से सफल हुआ। इस अवसर पर डीएसओ गुमला भी उपस्थित थे।3
- देश में पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद, नागरिकों को पेट्रोल न मिलने पर गंभीर चिंता और सवाल व्यक्त किए गए हैं। यह पूछा गया है कि जब हमारे देश में पेट्रोल और डीज़ल मौजूद है, तो आम लोगों को पेट्रोल क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह स्थिति ईंधन की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जिसके कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- सिमडेगा सदर प्रखंड के सेवई बेलटोली में मारिया जतरा का आयोजन किया गया, जहाँ मिस्सा पूजा भी संपन्न हुई। यह पूजा फा इग्नासियुस बघवार के द्वारा संपन्न कराई गई। इस अवसर पर विधायक सह कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूषण बाड़ा भी उपस्थित रहे। विधायक भूषण बाड़ा ने मारिया जतरा को केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि समाज की एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी परंपराओं और संस्कृति को जीवित रखने का कार्य करते हैं। विधायक ने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए लोगों से आपसी प्रेम और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्रामीण संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, और समाज की एकजुटता से ही क्षेत्र का विकास संभव है। विधायक ने ग्रामीणों को हर संभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया। इस कार्यक्रम में सदर प्रखंड अध्यक्ष सिलबेस्टर बघवार, विधायक प्रतिनिधि शीतल एक्का, पंचायत अध्यक्ष सालमोन लकड़ा, अजयदान कुजूर और बेलटोली के बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।1
- झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य की दो सीटों के लिए 18 जून को मतदान होगा और नतीजे भी उसी दिन घोषित किए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।1
- चक्रधरपुर थाना परिसर में आगामी बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी अवधेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों और शांति समिति के सदस्यों सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, उपस्थित लोगों से आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ बकरीद का पर्व मनाने की अपील की गई। प्रशासन ने त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने, या सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट, वायरल फोटो एवं वीडियो साझा करने से पूरी तरह बचने की सख्त हिदायत दी। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने सभी से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने का आग्रह किया, जबकि अंचल अधिकारी सुरेश कुमार सिन्हा ने भी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।1