नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्षों के बाद बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आ रही है। करीब सात दशकों के बाद यहाँ राजस्व सर्वे का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भूमि संबंधी अधिकारों और विकास योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। एक समय अपने रहस्यों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ में अब सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का कार्य भी जारी है। क्षेत्र में पेंदा खेती, वन संरक्षण और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी कई चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। बरसात के मौसम में आवागमन की समस्या को देखते हुए, सुरक्षा बलों और प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए अस्थायी पुलों का निर्माण किया है, जिससे गांवों का संपर्क बना रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में विकास की उम्मीद दिखाई दे रही है। अबूझमाड़ की इस बदलती तस्वीर, राजस्व सर्वे, विकास कार्यों और जमीनी हकीकत पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी।
नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में वर्षों के बाद बदलाव की एक नई तस्वीर सामने आ रही है। करीब सात दशकों के बाद यहाँ राजस्व सर्वे का कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भूमि संबंधी अधिकारों और विकास योजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। एक समय अपने रहस्यों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए पहचाने जाने वाले अबूझमाड़ में अब सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का कार्य भी जारी है। क्षेत्र में पेंदा खेती, वन संरक्षण और अन्य विकास कार्यों को लेकर भी कई चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं। बरसात के मौसम में आवागमन की समस्या को देखते हुए, सुरक्षा बलों और प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए अस्थायी पुलों का निर्माण किया है, जिससे गांवों का संपर्क बना रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद क्षेत्र में विकास की उम्मीद दिखाई दे रही है। अबूझमाड़ की इस बदलती तस्वीर, राजस्व सर्वे, विकास कार्यों और जमीनी हकीकत पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट जल्द ही सामने आएगी।
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरण्डा गाँव में धर्मांतरण विवाद के चलते आदिवासी समुदाय ने एक ग्राम सभा का आयोजन किया है। इस सभा में मतांतरित परिवारों को ईसाई धर्म का पालन छोड़ कर आदिवासी रीति-नीति अपनाने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। प्रस्ताव न मानने की स्थिति में उन्हें गाँव छोड़ने की चेतावनी दी गई है। आदिवासी समुदाय का कहना है कि ईसाई समुदाय का पालन करने वाले लोग उनकी आदिवासी रीति-नीति और उनके देवी-देवताओं का अपमान करते हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि या तो ये परिवार आदिवासी परंपराओं में शामिल हों या फिर गाँव छोड़कर चले जाएं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सुरक्षा बल के जवान अभी भी गाँव में बड़ी संख्या में तैनात हैं। इसी बीच, नारायणपुर के भरण्डा में कथित धर्मांतरण विवाद को लेकर सांसद भोजराज नाग ने भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है।1
- नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में हाल ही में धर्मांतरण को लेकर हुए विवाद के बाद ग्रामीणों ने एक ग्रामसभा आयोजित कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गांव में बढ़ते तनाव और सामाजिक मतभेदों को देखते हुए, ग्रामवासियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है कि समुदाय विशेष से जुड़े बाहरी व्यक्तियों के गांव में बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोगों की गतिविधियों के कारण गांव का माहौल प्रभावित हो रहा था, जिससे स्थानीय लोगों के बीच असंतोष और तनाव पैदा हो गया था। इसी को ध्यान में रखते हुए, ग्रामसभा में गांव की शांति, सामाजिक एकता और पारंपरिक व्यवस्था को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी ने गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने पर जोर दिया, साथ ही प्रशासन से अवांछित गतिविधियों पर नजर रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इधर, प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि कानून के दायरे में रहकर सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी और क्षेत्र में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- केशकाल विधानसभा क्षेत्र के बहीगांव में विधायक नीलकंठ टेकाम ने सेवानिवृत्त बैंककर्मी लोकनाथ राठौर का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने राठौर के परिवारजनों से भी मुलाकात की और बच्चों को शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया। इसके उपरांत, विधायक टेकाम ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।1
- परमेश्वर कबीर साहेब जी का 629वां प्रकट दिवस सतलोक आश्रम श्री धनाना धाम, हरियाणा में मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर सभी सपरिवार सादर आमंत्रित हैं।1
- कांकेर/चारामा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का शादी का झांसा देकर अपहरण और फिर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। चारामा पुलिस ने आरोपी को घटना की जानकारी मिलने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की बहन ने 24 जून को थाना चारामा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी नाबालिग बहन की पहचान कुछ महीने पहले ग्राम साल्हेभाट निवासी ओमन कुमार तारम से हुई थी और वे मोबाइल पर बातचीत करते थे। आरोप है कि 22 जून को ओमन कुमार तारम ने नाबालिग को चारामा बस स्टैंड बुलाया और उसे मोटरसाइकिल पर बैठाकर अपनी नानी के घर ग्राम दुखचेरा (गुरूर) ले गया। वहां आरोपी ने, नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद, उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता ने यह भी बताया कि 24 जून को आरोपी उसे ग्राम पुरी के पास छोड़कर फरार हो गया था। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना चारामा में अपराध क्रमांक 134/26 के तहत धारा 137(2), 64(1) बीएनएस एवं धारा 4 के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ओमन कुमार तारम (25 वर्ष), जो ग्राम साल्हेभाट, थाना गुरूर, जिला बालोद का निवासी है, को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।2
- 25 जून 2026 को आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर 'तीसरी आंख' नामक स्रोत ने एक गहरा संदेश साझा करते हुए कहा है कि आपातकाल केवल इंदिरा गांधी द्वारा नहीं लाया गया था, बल्कि नागरिकों की चुप्पी ने भी इसे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पोस्ट में यह गंभीर चिंता व्यक्त की गई है कि वही चुप्पी, जो आपातकाल का एक कारण बनी थी, आज भी समाज में जीवित है।1
- दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल में स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों और व्यापारियों को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। इसी कड़ी में, किरंदुल बीजेपी मंडल अध्यक्ष विजय कुमार सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत बाहरी कंपनियों के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए उन पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समानता कंपनी, देव माइनिंग, एल एंड टी सहित अन्य बाहरी कंपनियों को बैलाडीला क्षेत्र के संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार यहाँ के लोगों का होने के नाते, स्थानीय युवाओं, ठेकेदारों, व्यापारियों और मजदूरों को सर्वप्रथम रोजगार एवं कार्य के अवसर प्रदान करने चाहिए। सोढ़ी ने बताया कि बैलाडीला क्षेत्र के अनेक युवा आईटीआई, डिप्लोमा और इंजीनियरिंग जैसी तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि वेल्डर, कटर, रिगर, ऑपरेटर, इंजीनियर, ऑफिस स्टाफ सहित विभिन्न पदों पर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि कई कंपनियाँ बाहरी ठेकेदारों को काम देकर स्थानीय ठेकेदारों की अनदेखी कर रही हैं, जो क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है। उनके अनुसार, स्थानीय ठेकेदार हर प्रकार के कार्य को करने में सक्षम हैं और उन्हें कार्य आवंटन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस पूरे विषय पर पैनी नजर रख रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि स्थानीय लोगों की लगातार उपेक्षा होती रही, तो वे पत्राचार, जनप्रतिनिधियों से चर्चा और अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से अपना विरोध दर्ज कराएंगे। सोढ़ी ने क्षेत्र में कार्यरत सभी कंपनियों से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और स्थानीय युवाओं, मजदूरों, व्यापारियों और ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में कथित धर्मांतरण विवाद के चलते पैदा हुए तनाव के बाद, अब दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बन गई है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों की मौजूदगी में आयोजित एक बैठक के उपरांत, आदिवासी समाज और दूसरे पक्ष के ग्रामीणों ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखने पर रजामंदी दी है। उल्लेखनीय है कि इस विवाद के कारण गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी, जिसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया था। लगातार संवाद और समझाइश के प्रयासों के परिणामस्वरूप, दोनों पक्षों ने अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास किया और समझौते पर पहुंचे। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, और पुलिस तथा प्रशासन द्वारा हालातों पर लगातार नजर रखी जा रही है।1