सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। नवहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के संयुक्त व कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन वारंटियों को धर-दबोचा है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में पवन गुप्ता (पिता: राजेन्द्र गुप्ता, निवासी: चन्दरायण, थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा), मो० फेकुआ उर्फ मकसूद (पिता: नसीर, निवासी: नवहट्टा (बालू टोला), थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा) और अर्जुन राय (पिता: सरयुग राय, थाना नवहट्टा, जिला सहरसा) शामिल हैं। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के पदभार संभालने के बाद से क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, कोर्ट से जारी वारंट के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, इन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस सक्रियता और मुस्तैदी से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में हड़कंप का माहौल है। थाना प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून का राज स्थापित करने के लिए फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। नवहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के संयुक्त व कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन वारंटियों को धर-दबोचा है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में पवन गुप्ता (पिता: राजेन्द्र गुप्ता, निवासी: चन्दरायण, थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा), मो० फेकुआ उर्फ मकसूद (पिता: नसीर, निवासी: नवहट्टा (बालू टोला), थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा) और अर्जुन राय (पिता: सरयुग राय, थाना नवहट्टा, जिला सहरसा) शामिल हैं। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के पदभार संभालने के बाद से क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, कोर्ट से जारी वारंट के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, इन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस सक्रियता और मुस्तैदी से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में हड़कंप का माहौल है। थाना प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून का राज स्थापित करने के लिए फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- सहरसा जिले के नवहट्टा थाना क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। नवहट्टा थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के संयुक्त व कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलग-अलग मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे तीन वारंटियों को धर-दबोचा है। गिरफ्तार किए गए वारंटियों में पवन गुप्ता (पिता: राजेन्द्र गुप्ता, निवासी: चन्दरायण, थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा), मो० फेकुआ उर्फ मकसूद (पिता: नसीर, निवासी: नवहट्टा (बालू टोला), थाना: नवहट्टा, जिला: सहरसा) और अर्जुन राय (पिता: सरयुग राय, थाना नवहट्टा, जिला सहरसा) शामिल हैं। थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और अपर थाना अध्यक्ष रोशन कुमार के पदभार संभालने के बाद से क्षेत्र में पुलिसिंग व्यवस्था काफी चुस्त-दुरुस्त हुई है, जिसके परिणामस्वरूप अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, कोर्ट से जारी वारंट के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए इन तीनों आरोपियों को उनके ठिकानों से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, इन्हें कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस सक्रियता और मुस्तैदी से स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में हड़कंप का माहौल है। थाना प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और कानून का राज स्थापित करने के लिए फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- सहरसा में एक नई और पहली बार उपलब्ध कराई गई सुविधा शुरू हुई है, जिसके तहत स्थानीय निवासी अपनी Facebook, YouTube और Instagram ID को ठीक करा सकते हैं। यह पहल लोगों को डिजिटल क्रिएटर बनने का अवसर प्रदान करती है।1
- सहरसा जिले के एकजाटा नील सरस्वती भगवती उग्रतारा मंदिर में पिछले सप्ताह मूर्ति की घेराबंदी किए जाने के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों की एक बैठक हुई। स्थानीय विधायक संजय सिंह की उपस्थिति में सम्पन्न हुई इस बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी नंदकुमार चौधरी ने की, जिसमें ग्रामीणों ने मूर्ति की घेराबंदी का कड़ा विरोध दर्ज कराया। बैठक के दौरान, कई ग्रामीणों ने बारी-बारी से अपनी बात रखते हुए अन्य धार्मिक स्थलों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर कहीं भी घेराबंदी करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ को बुलाया जाता है और फिर एक उचित ढांचा तैयार किया जाता है। ग्रामीण ललित मिश्र, आयुष कुमार ठाकुर, संजीव मिश्र, गुंजन कुमार धोलटु और जवाहर चौधरी सहित अन्य लोगों ने जोर देकर कहा कि मंदिर में मूर्ति और श्रद्धालुओं के बीच एक भावनात्मक संबंध है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस भावनात्मक संबंध को देखते हुए लगाए गए जंगला (घेराबंदी) को नहीं हटाया गया, तो वे इसका आगे विरोध करेंगे।1
- दिल्ली में मौसम ने अचानक करवट ली है, जहाँ बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार प्रखंड अंतर्गत कांप पश्चिमी पंचायत के वार्ड नंबर दो विजयपुर निवासी किसान मुकेश कुमार मंडल सब्जी की खेती से लाखों रुपये कमा रहे हैं, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल जाता है। मुकेश मंडल के अनुसार, एक एकड़ में गेहूं, धान या मक्के की फसल लगाने से उतना मुनाफा नहीं होता, जितना सब्जी की खेती से होता है।1
- अंधराठाढ़ी प्रखंड के जलसैन पंचायत के मदनपट्टी गांव में शिक्षा के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है, जहाँ नवनिर्मित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन लगभग आठ वर्षों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आखिरकार विद्यार्थियों के लिए खुल गया है। यह भवन वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन विद्यार्थियों तक पहुँचने में इसे इतना लंबा समय लगा, जिससे यह सवाल जरूर उठता है कि जब भवन बन चुका था, तो शिक्षा के अधिकार को इतनी लंबी प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी। पंचायत चुनाव के बाद मिट्टीकरण का काम हुआ है, और अब बिना चारदीवारी तथा पेयजल, शौचालय सहित कई आवश्यक मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो रहा है, हालाँकि यह उम्मीद जताई गई है कि जल्द ही यह भवन केवल एक 'भवन' नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और पूर्ण शिक्षण परिसर भी बनेगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को गांव के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज किया गया है, जो वर्षों के संघर्ष और क्षेत्रवासियों की आशाओं को नई दिशा देता है। इस विद्यालय की स्थापना के पीछे एक महान शिक्षक, स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' का त्याग, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति अद्भुत समर्पण छिपा है, जिन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा दान मानते हुए अपनी लगभग एक एकड़ निजी भूमि बिहार सरकार को विद्यालय निर्माण के लिए समर्पित कर दी थी। उनका सपना था कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और आने वाली पीढ़ियां ज्ञान के प्रकाश से अपना भविष्य संवारें। शनिवार को उसी पावन भूमि पर बच्चों की किलकारियां, शिक्षकों की आवाज़ और ज्ञान का दीप प्रज्ज्वलित होना इस बात का प्रमाण है कि एक सच्चे शिक्षक का सपना कभी नहीं मरता। यह विद्यालय केवल ईंट-पत्थरों का भवन नहीं, बल्कि स्वर्गीय भोगेन्द्र यादव 'भास्कर' के सपनों, त्याग और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का साकार स्वरूप है, जिसने आठ वर्षों बाद नए भवन में शिक्षा की लौ को प्रज्ज्वलित किया है।4
- चंद्रयान पंचायत के अगले मुखिया के पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हरे राम यादव ने अपनी बात रखी है।1
- आज माधेपुर में लक्ष्मीपुर चौक से गांधी तक के क्षेत्र में अतिक्रमण हुआ है।1