Shuru
Apke Nagar Ki App…
इस बार फरीदाबाद के दशहरा ग्राउंड में भव्य रूप से मनाया जाएगा देश के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म दिवस "डॉ आंबेडकर सामाजिक एकता मंच फरीदाबाद" ने होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा किया ।
पब्लिक मीडिया न्यूज़ चैनल
इस बार फरीदाबाद के दशहरा ग्राउंड में भव्य रूप से मनाया जाएगा देश के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म दिवस "डॉ आंबेडकर सामाजिक एकता मंच फरीदाबाद" ने होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा किया ।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- नगर निगम प्रशासन के द्वारा यह कार्य जो कई वर्षों से कब्जा किया गया था उसको हटाया गया एवं नई रोड के निर्माण कार्य हेतु यह कार्य हो रहा है1
- इस बार फरीदाबाद के दशहरा ग्राउंड में भव्य रूप से मनाया जाएगा देश के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म दिवस "डॉ आंबेडकर सामाजिक एकता मंच फरीदाबाद" ने होने वाले कार्यक्रम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कार्यक्रम की रूपरेखा को साझा किया ।1
- सेमरिया थाना प्रभारी समेत तीन सस्पेंड, IG की सख्ती के बाद SP का बड़ा एक्शन बड़ी कार्रवाई: NDPS के आरोपियों को 6 घंटे थाने में बिठाकर बिना कार्रवाई छोड़ा, 'सेटिंग' के संदेह में गाज गिरी रीवा संभाग में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। सतना के कोटर से पकड़े गए NDPS एक्ट के दो आरोपियों को 'मैनेज' कर छोड़ने के मामले में रीवा आईजी गौरव राजपूत के निर्देश पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक हुई है। रीवा एसपी शैलेन्द्र सिंह ने सेमरिया थाना प्रभारी विकास कपिश, आरक्षक रामयश रावत और सुजीत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से समूचे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। 6 घंटे तक चली 'सौदाबाजी' सूत्रों के मुताबिक, नशे के दो सौदागरों को दबोचा था, जिन्हें सेमरिया थाना लाया गया। नियमानुसार आरोपियों पर तत्काल मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश करना था, लेकिन सेमरिया थाने में कानून की धज्जियां उड़ाई गईं। आरोपियों को करीब 6 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा गया और फिर बिना किसी कानूनी कार्रवाई के संदिग्ध परिस्थितियों में रिहा कर दिया गया। रीवा से फोन पर 'कंट्रोल' हो रहा था खेल जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि जब यह पूरा घटनाक्रम चल रहा था, थाना प्रभारी विकास कपिश रीवा में मौजूद थे। वे फोन के माध्यम से थाने के स्टाफ को लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे। शुरुआती जांच में निजी बातचीत और कथित 'लेन-देन' के पुख्ता संकेत मिले हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि आरोपियों को छोड़ने के पीछे गहरी साजिश और 'सेटिंग' थी। > "NDPS जैसे गंभीर मामलों में लापरवाही और अपराधियों को संरक्षण देना अक्षम्य है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। जांच जारी है, जो भी दोषी होगा उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।" जांच के घेरे में कई और नाम पुलिस सूत्रों की मानें तो यह मामला सिर्फ तीन पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं है। आईजी के सख्त रुख के बाद अब थाना प्रभारी और आरक्षकों की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही इसमें कुछ और बड़े चेहरों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। आने वाले दिनों में महकमे में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या विभागीय कार्रवाई संभव है।1
- पूरे शहर में लोगों को गैस देने के नाम पर हो रही है ठगी, पब्लिक गैस सिलेंडर के लिए यहां से वहां भटक रहे हैं1
- Post by Bolti Divare1
- ऑपरेशन प्रहार-2 में बड़ी कार्रवाई: 100 नग नशीली कफ सिरप के साथ आरोपी गिरफ्तार रीवा। अवैध नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत गोविन्दगढ़ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस महानिरीक्षक रीवा के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) आरती सिंह एवं उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) उदित मिश्रा के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, 30 मार्च 2026 को थाना गोविन्दगढ़ अंतर्गत चौकी शिवपुरवा क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सहिजना मोड़ के पास नहर किनारे घेराबंदी कर एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 100 नग अवैध नशीली कफ सिरप बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी के साथ इस अवैध कारोबार में दो अन्य व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्हें भी प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। तीनों के विरुद्ध थाना गोविन्दगढ़ में अपराध क्रमांक 114/2026 के तहत धारा 8/21, 22, 29 एनडीपीएस एक्ट एवं 5/13 ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार आरोपी अजय तिवारी उर्फ शिब्बू (35 वर्ष) निवासी ग्राम सहिजना नंबर 02 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अरविंद सिंह, उपनिरीक्षक निशा खूता, सहायक उपनिरीक्षक रामजियावन वर्मा, इन्द्रभान सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और जवानों की अहम भूमिका रही।2
- मां शारदा देवी के दर्शन करने पहुंचे रीवा IG गौरव राजपूत1
- नई दिल्ली। आज का वैश्विक परिदृश्य कई संघर्षों और युद्धों से प्रभावित है। चाहे अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव हो, पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच संघर्ष हो या यूक्रेन-रूस का युद्ध, दुनिया के कई हिस्सों में अशांति और तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में विश्व शांति और आंतरिक संतुलन का संदेश देने के उद्देश्य से ‘ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑफ मेडिटेशन लीडर्स (GCML) 2026’ का आयोजन 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, आध्यात्मिक नेताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों और कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस सम्मेलन का आयोजन बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन द्वारा आयुष मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। कार्यक्रम में एस-व्यासा विश्वविद्यालय, पिरामिड मेडिटेशन चैनल (PMC) हिंदी, क्वांटम लाइफ यूनिवर्सिटी, पिरामिड वैली इंटरनेशनल, स्पिरिचुअल टैबलेट्स रिसर्च फाउंडेशन, BeSuperMind और ग्लोबल ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल ऑफ इंडिया (GTTCI) सहित कई संस्थान सहयोगी के रूप में जुड़े हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ध्यान को एक वैज्ञानिक और व्यावहारिक माध्यम के रूप में स्थापित करना है, ताकि इसे नीति-निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कार्यस्थलों में शामिल कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। बुद्धा-सीईओ क्वांटम फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. चंद्र पुलामरसेट्टी ने कहा कि ध्यान मन और शरीर को संतुलित करने के साथ-साथ व्यक्ति को सही निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। उनके अनुसार जब नेतृत्व ध्यान के माध्यम से आंतरिक परिवर्तन अपनाता है, तो यह परिवर्तन समाज और विश्व शांति की दिशा में सकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं पद्मश्री डॉ. डी. आर. कार्तिकेयन, पूर्व निदेशक सीबीआई एवं सीआरपीएफ, ने कहा कि “वैश्विक शांति की शुरुआत व्यक्ति के भीतर की शांति से होती है।” सम्मेलन में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर एच.एच. पूज्य स्वामी चिदानंद सरस्वती, डॉ. विनोद के. पॉल (नीति आयोग), पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र (एस-व्यासा विश्वविद्यालय), पद्मश्री राजेश कोटेचा (सचिव, आयुष मंत्रालय), डॉ. सुधांशु त्रिवेदी (सांसद, राज्यसभा), डॉ. सारा लाजर (हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, अमेरिका), डॉ. रीमा दादा (एम्स), डॉ. मोहित गुप्ता, पूज्य साध्वी भगवती सरस्वती, डॉ. न्यूटन कोंडावेती, श्री सौरभ बोथरा और श्री विजयभास्कर रेड्डी सहित कई प्रतिष्ठित वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। तीन दिवसीय सम्मेलन के दौरान ध्यान पर आधारित शोध, केस स्टडी, पैनल चर्चा, नेतृत्व और स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव तथा निर्देशित ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनसे प्रतिभागियों को ध्यान के व्यावहारिक लाभों का अनुभव होगा।1