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कोटा के लाडपुरा में प्रसूताओं के परिवारों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए ओम बिरला ने ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मदद केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई जाएगी। ओम बिरला ने इस सहायता के वितरण के लिए 11 जुलाई की तारीख घोषित की है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि सरकार के स्तर से संभव हर संभव मदद प्रसूताओं के परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।
Anubhav Mittal Journalist
कोटा के लाडपुरा में प्रसूताओं के परिवारों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए ओम बिरला ने ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मदद केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई जाएगी। ओम बिरला ने इस सहायता के वितरण के लिए 11 जुलाई की तारीख घोषित की है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि सरकार के स्तर से संभव हर संभव मदद प्रसूताओं के परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।
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- राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) भविष्य में युवाओं के लिए केवल सहायक प्रोफेसर बनने का ही नहीं, बल्कि पीएचडी में प्रवेश का भी आधार बन सकती है। कोटा विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि इसे लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को पत्र भेजकर सेट को पीएचडी प्रवेश के लिए मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। प्रो. सारस्वत के अनुसार, SET-2026 का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया यूजीसी-नेट के मानकों के अनुरूप है। इस प्रस्ताव के स्वीकृत होने पर अभ्यर्थियों को नेट की तर्ज पर शोध और उच्च शिक्षा में प्रवेश के अवसर मिल सकेंगे, जिससे राज्य में शोध संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। कोटा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जा रही इस परीक्षा में इस बार जनसंचार एवं पत्रकारिता तथा संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को शामिल करने के साथ ही कुल 37 विषयों में परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2026 को निर्धारित है। कुलगुरु ने अभ्यर्थियों से 15 जुलाई तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है। आवेदन कोटा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट या एसएसओ पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं, और तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।3
- स्पीकर ओम बिरला ने आज कोटा के लाडपुरा क्षेत्र में एक दिव्यांग व्यक्ति को इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री भेंट की।1
- कोटा के लाडपुरा में प्रसूताओं के परिवारों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए ओम बिरला ने ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मदद केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी उठाई जाएगी। ओम बिरला ने इस सहायता के वितरण के लिए 11 जुलाई की तारीख घोषित की है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया है कि सरकार के स्तर से संभव हर संभव मदद प्रसूताओं के परिवारों तक पहुंचाई जाएगी।1
- कोटा में आयोजित ट्रिपल आईआईटी के 5वें दीक्षांत समारोह के दौरान लोकसभा स्पीकर और कोटा-बूंदी के सांसद ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में उन्होंने 203 से अधिक छात्रों को उनकी डिग्रियां प्रदान कीं। समारोह को संबोधित करते हुए ओम बिरला ने कोटा को 25 हजार छात्रों का कैंपस बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि अब उनके लिए देश सेवा का समय है।1
- कोटा के जंगली शाह बाबा स्थित महफिल खाना में मखदूम अलाउल हक फाउंडेशन ऑफ राजस्थान की ओर से सूफी संत हजरत सैयद मखदूम अशरफ जहाँगीर सिम्नानी का 66वाँ उर्स शरीफ और रूहानी तरबियती कैम्प पूरी अकीदत के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत तिलावत-ए-कुरआन के साथ हुई, जिसके बाद उलेमा-ए-किराम ने सूफी संत की तालीमात के माध्यम से इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डाला। इस आयोजन के मुख्य वक्ता शहजादा-ए-शेख-ए-तरीकत हजरत सैयद मोहम्मद जिलानी अशरफ पीर सैयद हुसैनी मियां साहब किछौछावी रहे, जिन्होंने समाज को नशा, जुआ और अन्य बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया। नात-ए-पाक और मनक़बत के दौर से पूरी महफिल रूहानियत से सराबोर रही। कार्यक्रम के समापन पर मौलाना मोहम्मद अलाउद्दीन अशरफी ने सभी का आभार व्यक्त किया और मुल्क में अमन, भाईचारे व खुशहाली की दुआ के साथ लंगर का आयोजन किया गया।1
- कोटा-उदयपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में 26 वर्षीय महिला भगवती की मौत हो गई। महिला अपने पति के साथ बाइक पर सवार होकर सांवलियाजी के दर्शन करने के लिए जा रही थी, तभी रास्ते में उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक के अनियंत्रित होने से महिला सड़क पर सीधे सिर के बल जा गिरी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे इलाज के लिए कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतका कोटा के रोजड़ी की निवासी थी और उसकी शादी को महज दो महीने ही हुए थे।1
- सुप्रीम कोर्ट में उस समय एक अप्रत्याशित और नाटकीय स्थिति पैदा हो गई, जब लखनऊ निवासी प्रबल प्रताप नामक एक व्यक्ति ने अदालत में जज के सामने खुद को आदेश देने वाली स्थिति में रखा। इस दौरान आरोपी ने 'न्यायिक सेवक महोदय' को संबोधित करते हुए लखनऊ के एसीपी विकास नगर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। जब जज ने इस पर स्पष्टीकरण मांगते हुए पूछा कि क्या वह अदालत को आदेश देगा, तो प्रबल प्रताप ने अपनी बात पर जोर देते हुए 'जी हां ऑर्डर' कहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब उसने अपने हाथ में रखे सभी दस्तावेज हवा में उछालकर कोर्ट रूम के भीतर फेंक दिए। इस घटना के अंत में आरोपी ने सीजेआई के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्र टिप्पणी भी की।1