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यूरोप में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से सड़कों के पिघलने और डामर के बहने की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन दृश्यों ने पूरे यूरोप में तापमान के बढ़ते कहर को उजागर किया है। भारत में कई लोग इन खबरों को देखकर हैरान हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और बिहार जैसे भारतीय राज्यों में हर साल गर्मियों के दौरान तापमान 45°C से 48°C को पार कर जाता है। इसके बावजूद, भारत की सड़कें आमतौर पर इस तरह पिघलती हुई नहीं देखी जातीं, जिससे यूरोपीय सड़कों की वर्तमान स्थिति पर लोगों में आश्चर्य बना हुआ है।
M M APNA BHARAT
यूरोप में जारी भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस से सड़कों के पिघलने और डामर के बहने की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इन दृश्यों ने पूरे यूरोप में तापमान के बढ़ते कहर को उजागर किया है। भारत में कई लोग इन खबरों को देखकर हैरान हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान और बिहार जैसे भारतीय राज्यों में हर साल गर्मियों के दौरान तापमान 45°C से 48°C को पार कर जाता है। इसके बावजूद, भारत की सड़कें आमतौर पर इस तरह पिघलती हुई नहीं देखी जातीं, जिससे यूरोपीय सड़कों की वर्तमान स्थिति पर लोगों में आश्चर्य बना हुआ है।
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- भागलपुर जिले के सुलतानगंज प्रखंड अंतर्गत गनगनिया पंचायत की रंग मंच कार्यशाला में जिला प्रशासन के निर्देश पर बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा माह के अंत में पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुखिया रजनी देवी ने की और इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री की 'मन की बात' का जिक्र करते हुए ग्राम सभा के आयोजन के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में मंच पर मुखिया रजनी देवी के साथ वार्ड प्रतिनिधि रविश यादव, पंचायत सेवक अनिल कुमार सिंह, पूर्व पंचायत समिति सदस्य रामनेपाल मंडल, सरपंच विजय कुमार दास, उपमुखिया मो शिबरत, भाजपा नेता कुमार मंगलम, कार्यपालक सहायक अमरदीप कुमार, वार्ड सदस्य धन्नजय कुमार, समाजसेवी रबिश यादव और नोडल पदाधिकारी सुजित सिन्हा उपस्थित थे। कार्यक्रम में जीविका दीदी, जीविका कर्मी, वार्ड सदस्य और गनगनिया पंचायत के ग्रामवासी भी मौजूद रहे। मुखिया प्रतिनिधि रामजी मंडल, हरिचन्द्र मंडल, ओमप्रकाश पासवान, सरिता देवी, प्रियंका देवी, माधुरी देवी और सीमा देवी सहित दर्जनों जीविका दीदी, कर्मी और ग्रामवासी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। पंचायत विकास दिवस के अवसर पर बिहार सरकार और भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान एसटीजी (STG) के तहत समाज की महिलाओं के उत्थान पर विशेष जोर दिया गया, ताकि महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आगे बढ़ सकें। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया।4
- दिल्ली के निवासियों के लिए एक बड़ी खबर है, जहाँ 30 जून से राजधानी में 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) नामक एक बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। यह कोई मामूली सरकारी काम नहीं है; यह अभियान दिल्ली की वोटर लिस्ट को पूरी तरह से अपडेट और दुरुस्त करने के लिए चलाया जाएगा। इसके तहत, बूथ-लेवल अधिकारी (BLO) 30 जून से 29 जुलाई तक, पूरे एक महीने के लिए, खुद घर-घर आकर यह सुनिश्चित करेंगे कि वोटर लिस्ट में किसी का नाम छूट न गया हो या उसमें कोई गलती न हो। यह सरकारी प्रक्रिया दिल्ली के निवासियों के सबसे बड़े लोकतांत्रिक अधिकार से सीधे तौर पर जुड़ी है। इस अभियान के तहत, BLO घर-घर जाकर उन सभी मुद्दों का समाधान करेंगे, जैसे किसी का नाम वोटर लिस्ट में न होना या उसमें कोई गलती होना। दिल्ली चुनाव आयोग की इस तैयारी में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि BLO कितनी बार घरों का दौरा करेंगे, यदि घर बंद पाया जाता है तो नागरिकों को क्या करना होगा, और नौकरीपेशा व व्यापारियों के लिए चुनाव आयोग ने किस प्रकार का 'फ्लेक्सिबल शेड्यूल' तैयार किया है। इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए नागरिकों को अपने सभी आवश्यक सरकारी दस्तावेज़ (डॉक्यूमेंट्स) तैयार रखने की सलाह दी गई है। दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा की जा रही इस महा-तैयारी का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को समझना और लागू करना है। इस संदर्भ में, नागरिकों से यह भी जानना चाहा गया है कि क्या उन्हें लगता है कि इस अभियान से वोटर लिस्ट की सभी गड़बड़ियां पूरी तरह से ठीक हो पाएंगी।1
- बिहार के गया जिले की रहने वाली 24 वर्षीय एलएलबी छात्रा दिव्या कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। 1 जुलाई की कोर्ट सुनवाई से ठीक पहले लापता हुई दिव्या का शव चार दिन बाद झारखंड की एक खदान से बरामद किया गया है। परिजनों ने दिव्या के प्रेमी राहुल यादव और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, दिव्या का प्रेम-संबंध साल 2023 से कुबड़ी गांव के रहने वाले राहुल यादव के साथ था, जिसने शादी का झांसा देकर दिव्या के साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब दिव्या ने शादी की बात उठाई, तो राहुल टाल-मटोल करने लगा और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां देने लगा। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दिव्या ने 28 मई 2025 को शेरघाटी थाना में राहुल के खिलाफ (कांड संख्या 256/25) मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद राहुल लगातार दिव्या पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था और धमकियां दे रहा था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि शेरघाटी पुलिस की कथित मिलीभगत से परिवार पर दबाव बनाने के लिए दिव्या के पिता चमारी पासवान पर चोरी का एक झूठा केस भी दर्ज करवा दिया गया था। परिवार का सीधा आरोप है कि 1 जुलाई की सुनवाई को रोकने के मकसद से राहुल और उसके साथियों ने दिव्या को अगवा कर उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र स्थित जजलो के एक बंद पड़े और पानी से भरे माइंस के गड्ढे में फेंक दिया। मृतिका की बहन पूनम कुमारी के मुताबिक, दिव्या 24 जून को कौलेश्वरी पहाड़ जाने के लिए घर से निकली थी और उसने फोन पर बताया था कि राहुल भी उसके साथ है। दोपहर में घर लौटने के बाद वह लगभग दो बजे दोबारा यह कहकर घर से निकली कि राहुल ने उसे मिलने के लिए बुलाया है। जब वह शाम तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। परिजनों ने अगले दिन शेरघाटी थाना में बेटी की गुमशुदगी की अर्जी देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से भगा दिया। इस पूरी घटना में शेरघाटी पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी राहुल को अक्सर थाने में आते-जाते देखा जाता था। इस बीच, शेरघाटी-01 के डीएसपी संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले को लेकर शुक्रवार को नया केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।1
- बिहार के स्वास्थ्य विभाग को सुधारने के लिए निशांत कुमार ने एक 'नया अवतार' दिखाया है, जहाँ वे रात-रात भर जागकर विभाग की सभी फाइलें पढ़ रहे हैं। उन्होंने सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों और हर एक विवरण की व्यक्तिगत रूप से जाँच की है ताकि समस्याओं को गहराई से समझा जा सके। इसके तहत, 15,000 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे और एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जाएगा जिससे डॉक्टरों की हर गतिविधि पर नज़र रखी जा सकेगी। निशांत कुमार ने खुद हर जगह जाकर कैमरों के माध्यम से निगरानी करने की बात कही है, जिसमें यह ट्रैक किया जाएगा कि डॉक्टरों ने कितने ऑपरेशन किए और कितने राउंड लगाए। उनके इस विस्तृत और गहन कार्य को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि वे आखिर करना क्या चाहते हैं और क्या उन्होंने बिहार के हेल्थ सिस्टम को सुधारने का ठेका ले लिया है? यह भी आशंका जताई गई है कि वे बिहार के मेडिकल माफिया के सामने कितने दिन टिक पाएंगे, क्योंकि नीतीश कुमार ने अपने बेटे को 'सबसे बड़ा माफिया वाला मंत्रालय' दिया है। हालांकि, यह माना जा रहा है कि यदि निशांत कुमार इन चुनौतियों से निपटने में सफल होते हैं, तो 2030 में उन्हें कोई रोक नहीं पाएगा और वे सबको चौंका देंगे। उनके इस व्यापक प्रयास की तुलना देश के स्वास्थ्य मंत्री से की गई है, जिनके बारे में कहा गया है कि वे सिर्फ 'साहब को चाय पिलाते हैं' और 70% भारतीयों को बिना गूगल किए उनका नाम भी पता नहीं होगा। निशांत कुमार ने मंत्रालय में पहले दिन कहा था कि वे नए हैं और पहले देखेंगे, सीखेंगे, फिर कुछ बोलेंगे।1
- टेटियाबंबर प्रखंड के बनहारा पंचायत के मिल्की गांव में बजरंगबली के एक भव्य मूर्ति-मंदिर की पुनर्स्थापना की जा रही है। इस धार्मिक आयोजन को लेकर ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।1
- हाजीपुर में एक मरीज की मौत के बाद भारी बवाल मच गया है। आरोप है कि डॉक्टर ने मरीज का इलाज उसकी जाति पूछने के बाद किया था, जिसके चलते यह घटना और गंभीर हो गई। इस स्थिति ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर पासवान समुदाय की इस हालात का जिम्मेदार कौन है।1