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उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के नावली गांव में नल-जल योजना के तहत नल लगाए जाने के बावजूद पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नल लगे हुए एक-दो साल का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिसके कारण उन्हें पानी के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।
Bheekam Singh
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के नावली गांव में नल-जल योजना के तहत नल लगाए जाने के बावजूद पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नल लगे हुए एक-दो साल का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक टंकी से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है, जिसके कारण उन्हें पानी के लिए लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।
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- उत्तरप्रदेश के जालौन जिले के कोंच में एक युवती ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद युवती को तत्काल गंभीर हालत में उरई रेफर किया गया है।1
- जालौन जिले की भदवा ग्राम पंचायत में विकास और स्वच्छता के सरकारी दावों के विपरीत जमीन पर स्थिति काफी बदहाल है। गांव में पानी की टंकी के पास गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे आसपास के निवासियों को न केवल दुर्गंध से परेशानी हो रही है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इसके साथ ही, भदवा स्टैंड से गांव की ओर जाने वाला लगभग एक किलोमीटर लंबा लिंक रोड भी बुरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसमें जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इस बदहाल सड़क के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को रोजाना आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, और बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और भी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई है और कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'गड्ढा मुक्त अभियान' के दावों के बावजूद यह सड़क अब भी अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और पानी की टंकी के आसपास फैली गंदगी की सफाई करवाने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि भदवा के इन गड्ढों और गंदगी से ग्रामीणों को आखिर कब निजात मिलेगी?1
- जालौन विकासखंड की ग्राम पंचायत मांडरी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक रात्रि जन चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उसकी उपलब्धियों के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद जालौन के अध्यक्ष प्रतिनिधि पुनीत मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विकासखंड अधिकारी प्रशांत यादव और उपखंड बेसिक शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी भी मौजूद थे। जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- जनपद जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गैंगस्टर एक्ट में वांछित और काफी समय से फरार चल रहे अभियुक्त राममोहन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी रिपोर्टर समीर मंसूरी ने आजाद अहमद और यासीन मंसूरी की कलम से दी है। पुलिस अधीक्षक जालौन के निर्देशन में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी जालौन के पर्यवेक्षण में थाना कुठौंद पुलिस लगातार वांछित अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थी। इसी अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक जगदंबा प्रसाद दुबे के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को दबोचने में कामयाबी हासिल की। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राममोहन यादव (34 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश यादव, निवासी ग्राम शेखपुर अहीर, थाना कुठौंद, जनपद जालौन के रूप में हुई है। पुलिस अभिलेखों के अनुसार, उसके खिलाफ थाना कुठौंद में मु0अ0सं0 62/2026 धारा 2(ख)/3(1) गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा। पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और अपराध पर नियंत्रण शामिल है। थाना प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्यवाही लगातार जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कुठौंद पुलिस की इस कार्यवाही को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।2
- जालौन नगर की पत्थर वाली गली में मंगलवार को एक इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग दुकान में शॉर्ट सर्किट के कारण अचानक आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन मोहल्लेवासियों की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़े हादसे को टाल दिया गया। आग ने देखते ही देखते दुकान में रखे लाखों रुपये के सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। दुकान संचालक संजय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी दुकान में समरसेबल, पंखे, वाशिंग मशीन, डायनमा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत का काम किया जाता था। आग लगने से मरम्मत के लिए आए उपकरणों समेत बड़ी मात्रा में सामान जलकर खाक हो गया। धुआं और आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और एकजुट होकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। मोहल्लेवासियों ने समरसेबल और अन्य उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास की दुकानों और मकानों तक फैलने से बच गई। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, पर दुकान मालिक को भारी आर्थिक क्षति हुई है। नगरवासियों ने विद्युत विभाग से क्षेत्र की बिजली लाइनों और कनेक्शनों की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।1
- जालौन जिले में देर रात जालौन-औरैया हाइवे पर हरीपुरा के पास एक चलती कार अचानक आग की लपटों से घिर गई। देखते ही देखते यह कार पूरी तरह से जलकर खाक हो गई और एक आग का गोला बन गई। हालांकि, गनीमत रही कि कार में सवार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली और वे बाल-बाल बच गए।1
- जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के ग्राम चमेंड़ की महिलाओं ने मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एसडीएम को एक शिकायती पत्र सौंपा है, जिसमें उन्होंने स्वयं सहायता समूह के धन के कथित गबन और फर्जी निकासी का गंभीर आरोप लगाया है। इन महिलाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी जानकारी के बिना ही उनके नाम पर धनराशि निकाली गई है, जिसके चलते अब उन पर भारी बकाया राशि दर्शाई जा रही है। ग्राम चमेंड़ निवासी ममता पत्नी रामलखन सहित कई महिलाओं ने एसडीएम हेमंत पटेल को दिए गए इस प्रार्थना पत्र में बताया कि वे गांव के मां संतोषी महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं। शिकायत में समूह से जुड़े फील्ड ऑफिसर मोहित तिवारी और हिंगुटा निवासी जयपाल सिंह पुत्र रामलाल पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मिलकर कथित तौर पर 74 हजार रुपये की फर्जी निकासी की है। महिलाओं ने बताया कि जब उन्हें इस कथित अनियमितता की जानकारी हुई, तो संबंधित लोगों ने राशि बैंक में वापस जमा कराने का भरोसा दिया था। हालांकि, इस आश्वासन के बाद केवल 10 हजार रुपये और फिर 4 हजार रुपये, यानी कुल 14 हजार रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष धनराशि अभी तक वापस नहीं की गई है। शिकायतकर्ता ममता ने यह भी बताया कि वर्ष 2015 से जुड़े इस मामले के कारण वर्तमान में उन पर 1 लाख 3 हजार 695 रुपये की बकाया देनदारी दिखाई जा रही है। उनके नाम पर वसूली की कार्रवाई भी शुरू हो गई है, जिससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। महिलाओं ने मांग की है कि उनके नाम से निकाली गई कथित 74 हजार रुपये की राशि तत्काल बैंक में जमा कराई जाए और इस मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम हेमंत पटेल ने महिलाओं को शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान गुड्डी, राखी, रानी, रिंकी, सुनीता, सीता और लीलावती सहित कई अन्य महिलाएं भी मौजूद रहीं।1
- भिड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ररुआ नं 2 में खेतों से होकर गुजर रही हाइटेंशन बिजली लाइन किसानों के लिए जानलेवा खतरा बन गई है। इन दिनों हंकाई और जुताई की तैयारी शुरू होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में झूल रहे बिजली के तारों के चलते खेती कार्य के दौरान कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या के बारे में आलमपुर जेइ और लाइनमैन को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। ररुआ निवासी उदय वीर सिंह ने विशेष रूप से बताया कि उनके खेत से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन के तार जमीन से करीब पांच फीट ऊपर लटक रहे हैं, जिससे ट्रैक्टर से हंकाई और जुताई करते समय करंट लगने का खतरा रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर इन बिजली लाइनों को दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे से बचा जा सके।1