दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर नगर में जश्न, आतिशबाजी कर बांटी मिठाइयां राजगढ़। दतिया में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने इस जीत को सत्य की जीत बताते हुए खुशी का इजहार किया। बुधवार को उपचुनाव के परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। शाम के समय पुराना बस स्टैंड स्थित पालिका निधि कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जहां जमकर आतिशबाजी की गई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। आतिशबाजी कार्यक्रम प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष जीवन सिसोदिया, समाजसेवी मुकेश तूफान, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक जैन, पार्षद सनी सिसोदिया, पार्षद प्रतिनिधि बलराम मकवाना, गोपाल वाणी, संदीप बारोंड, देवीसिंह बवेरिया, अंसार खान, गोविंद भाई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हिम्मत बारोड की रिपोर्ट
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर नगर में जश्न, आतिशबाजी कर बांटी मिठाइयां राजगढ़। दतिया में हुए उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने इस जीत को सत्य की जीत बताते हुए खुशी का इजहार किया। बुधवार को उपचुनाव के परिणाम घोषित होते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। शाम के समय पुराना बस स्टैंड स्थित पालिका निधि कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए, जहां जमकर आतिशबाजी की गई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। आतिशबाजी कार्यक्रम प्रताप ग्रेवाल के नेतृत्व में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष जीवन सिसोदिया, समाजसेवी मुकेश तूफान, नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक जैन, पार्षद सनी सिसोदिया, पार्षद प्रतिनिधि बलराम मकवाना, गोपाल वाणी, संदीप बारोंड, देवीसिंह बवेरिया, अंसार खान, गोविंद भाई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। हिम्मत बारोड की रिपोर्ट
- रामन्नति पदोन्नति को लेकर शिक्षक संघ के शिक्षकों ने दिया ज्ञापन1
- दतिया में कांटे की टक्कर, कैलाश विजयवर्गीय बोले— जीत भाजपा की होगी दतिया विधानसभा चुनाव की मतगणना में भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। 11 राउंड के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पीछे चल रहे हैं। इस बीच इंदौर में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अभी कई राउंड बाकी हैं और भाजपा अंत में जीत दर्ज करेगी।1
- विश्व आदिवासी दिवस को लेकर पाटी में निकलेगी भव्य रैली, युवाओं को मिली जिम्मेदारी1
- हरसोला में 48 वर्षों से श्रावण मास में अखंड रामायण पाठ का आयोजन महू lग्राम हरसोला, तहसील महू, जिला इंदौर स्थित चंद्रभागा नदी के तट पर बसे प्राचीन अमरेश्वर महादेव मंदिर में, जो क्षेत्रवासियों की आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। प्राचीन अमरेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन सुबह और शाम भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की जाती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं और सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं। श्रावण मास के पावन अवसर पर इस मंदिर में पिछले 48 वर्षों से लगातार अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक परंपरा को ग्राम के श्रद्धालु एवं ग्रामीण भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से आगे बढ़ा रहे हैं। अखंड रामायण पाठ के समापन के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे एवं प्रसादी वितरण का आयोजन भी किया जाता है। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहता है और आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को कांवड़ यात्री एवं शिवभक्त भगवान अमरेश्वर महादेव का जलाभिषेक करते हैं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र भक्तिमय हो उठता है। वहीं, महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज के गांवों और क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। समय-समय पर मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा, शिव पुराण कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन होता रहता है। यह प्राचीन मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का भी महत्वपूर्ण प्रतीक है। चंद्रभागा नदी के तट पर स्थित प्राचीन अमरेश्वर महादेव मंदिर, हरसोला आज भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और सनातन परंपरा को जीवंत बनाए हुए है।1
- राष्ट्रीय मानव धर्म रक्षा संघ वो सनातनी वट वृक्ष है, जीसकी जड़ें पुरे ब्रह्मांड में फेली है जो कभी नहीं मीटेगी,,संत नरसिंह गीरी महाराज प्राइम न्यूज राजस्थान ब्यूरो रिपोर्ट रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ बांसवाड़ा रिपोर्टर परविन्द डामोर राष्ट्रीय मानव धर्म रक्षा संघ भारत की केंद्रीय टीम मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के थांदला जनपद के गांव। सेमलीया में एक दिवसीय संत सम्मेलन में पंहुची ज़हां राष्ट्रीय संघ प्रमुख संत नरसिंह गीरी महाराज,नारी शक्ति प्रमुख साधना पंचाल अनाथ आश्रम गुरु मां शारदा देवी डामोर, नारी शक्ति मिडिया प्रभारी रिपोर्टर श्री मती प्रियंका सोनी युवा संत अध्यक्ष थावरचंद महाराज, उपाध्यक्ष धनसिंह महाराज महा मंत्री धिरु महाराज, तहसील के मन्नू महाराज का स्वागत सत्कार किया गया ,संत सभा में बतोर मुख्य अतिथि के रुप में राष्ट्रीय मानव धर्म रक्षा संघ भारत के संगठन प्रमुख संत नरसिंह गीरी महाराज ने उपस्थित संतों महात्माओं सनातनियों को अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय मानव धर्म रक्षा संघ वो सनातनी वट वृक्ष है जीसकी जड़ें पुरे ब्रह्मांड में फेली है,जो कभी नहीं मीटेगी व कभी नहीं झुकेगी ना ही उसे कोई मीटा नहीं सकता,हम वैदिक काल व परम्परा से सनातनी थे सनातनी हे व सनातनी ही रहेंगे हमारी संस्कृति संस्कार हमारा ब्रम्हास्त् हथियार है ,आदी कालों से जब हमारे सनातनी संतों महात्माओं ऋषि मुनियों ने चार वैद छः शास्त्र अट्ठारह पुराण उपनिषद जैसे महान् ग्रंथों को लिखा जो पुरे विश्व में उनकी किर्तिया फैली हुई है,जो हमारे सनातनी हिन्दू का एक सबसे बड़ा प्रमाण है,संत नरसिंह गीरी महाराज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व व बाहरी ताकतें भोले भाले गरीब लोगों की गरीबी का फायदा उठाकर लोभ लालच देकर ब्रेन वाश कर अंध विश्वास का जाल बुनकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं उनके मंसुबे कभी हम कामयाब नही होने देंगे,अब हर भारतीय हिन्दू सनातनी जाग चुका है इस जबरन धर्म परिवर्तन करानें वालों को कानूनी तोर पर खदेड़ कर ही दम लेंगे,इस और संगठन पुरी सक्रियता से कार्य कर रहा है,इस सृष्टि में जितने भी पहलेमहां पुरुष हुए थें वह सभी सनातनी थें जिन महां पुरूषों में, मैं पन का अहंकारी भाव उत्पन्न होने के कारण ही अन्य सभी धर्मों किउत्पत्ति हुई है ऊन सभी का स्थान एक माऋ सनातन मानव धर्म था इसलिए सनातन मानव धर्म सर्वोपरि है और सर्वोपरि रहेगा, क्योंकि सनातन धर्म सबका हितकारी सबका रक्षक सबका कल्याण कारी सबका उद्धार करता सबका सहयोगीसबका सेवक सब पर दया व करूणा बरसाने वाला अंहीसा वादी समरसता सम्मानता और एकता स्थापित करके सबको सम्मान देने वाला इस सृष्टि में किडी से कंजर तक समस्त प्राणियों में ईश्वर को देखने वाला एकमात्र सनातन मानव धर्म है इस धर्म में धरती को माता गौ को माता गंगा नदी को माता व पहाड़ पर्वत पेड़ पत्थर पशु पक्षी सांप किडी कंकर कंकर में शंकर चांद सूरज तारे पानी पोवन अग्नि तथा दशो दिशाओं को पुजने व मानने वाला और सबका उद्धारकर्ता सम्मान करता और सारि सृष्टि को अपना परिवार मानने सिर्फ एक सनातन धर्म ही है ऐसे धर्म से हट कर जोअहंकारी धर्म पर विश्वास करता है वह मूड अज्ञानी ही होगा क्योंकि जिस धर्म में माता को माता नहींमानतेपिता को पिता नहीं मानते नारियों को सम्मान नहीं समस्त प्राणियों पर दया नहीं लुटना कुटना मारने का भाव उत्पन्न होता है अपने स्वार्थ को सिद्ध करने केलिए चाहे माता होया पिता हो भाई हों या बन्धु पति हो या पत्नी हो पुत्र हो या पुत्री हो मित्र रिश्तेदार दीन दुखी गरिब भले क्यों न हो जिन्हें एक तनिक भी दया नहीं आती जिस धर्म में किसी भी जिव आत्मा को शान्ती नही हो किसी को आजादी नहीं कोई पण स्वतंत्र नहीं ऐसा धर्म किस काम का जो अपना शासन करने केलिए चाहे जो करने केलिए होता है तो ऐसा अन्धा व नास्तिक धर्म किस काम काजो ऐसा धर्म सर्व उपकारी हो ऐसा तो सिर्फ सनातन धर्म हि है ऐसे धर्म को जो मिटाने का प्रयास करता है वह स्वयं मिट जाता है जिस जिस ने भी इस मिटाने के लिए आगे आया है उसका समुल नाश हुआ है यह प्रमाणित है इसलिए आप सब सनातनि है सारि सृष्टि सनातनी हैं जो कभी मिटती नहीं और शास्वत है हम सब एक हैं हमरा ईश्वर परमात्मा पैगम्बर गुरु सत् गुरु धरती अंबर एक ही है फर्क सिर्फ भाव रिती रिवाज निति न्याय और मैं पन का भाव जिस दिन मीट जाएगा उस दिन हम सब सनातनी हैं उस दिन हम सब एक हैं तथा हम सबका सनातनी मानवीय धर्म होगा और सबको शांति आंनद होगा सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे सन्तों निरामया सर्वे भद्राणि पच्यनतु मां कसिद दुःख भाग भवेत्ये भाव सनातन मानव धर्म में उत्पन्न होता है इसलिए यह समस्त प्राणियों का शांति और आनंद तथा सुख मय जिवन जिने एक मात्र स्थान है क्योंकि यहां सबको प्रेम मिलता है किसी पर भी वेर भाव नहीं किया जाता है अगर ईस प्रमाण देखना चाहते है तो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पिता न्याय कारि सबका कल्याण कारी उद्धार करता पालन हार करूणा म ईआंनद म,ई सर्व उपकारी सर्व शक्तिमान सबका सार्जन पालन और संहार करता अखिल ब्रह्माण्ड के नायक सबके परम स़द गुरु पुर्ण परमात्मा पैगम्बर सबके वन्दनिय पुज्य महां प्रभु सनातनी अजन्म अजर अमर अविनाशी परमेश्वर जो सब पर दया बरसाने वाले परमानंद सत्य स्वरूप जिसकी सत्ता अखिल ब्रह्माण्ड में है उसके आगे किसी भी सत्ता स्थापित नहीं हो सकती अगर होती है तो उसकि कृपा से ऐसे महां प्रभु सनातनी भगवान शिव को देखो उनकी शरण में जाने से सब कुछ देखने को मिल जाएगा तो ये सनातन धर्म है सनातन धर्म कबसे है ऐसा जानने वाले अधर्मीयो पाखंड वादीयो और विधर्मियों तथा अन्दभक्तो अज्ञानीयोको ठीक से मालूम हो जाएगा क्योंकि वो अपनी सत्ता को स्थापित करने केलिए कुछ भी करने केलिए लगे हुए हैं पर उसकी सत्ता के आगे किसी कि चलने वाली नहीं है यह बिल्कुल सत्य हैजो सत्य है शाश्वत है अखंड है उसे कोई खंण्डन नहीं कर सकता है इसलिए मानव को भ्रमित मत करो उसे सद्द मार्ग पर चलने दो मानवतावादी बनने दो ईन पाखंड वादीयो ने विधर्मियों ने तो सम्पूर्ण विश्व में पाखंड का जाल फैला रखा धर्म के नाम से राजनीतिक के नाम सेवा के नाम से शिक्षा के नाम से व्यापार के नाम से स्वास्थ्य के नाम से तथा अन्य मत भाव से आमजन को दिशा हीन कर दिया है अखंडता, को खंडन खंडन कर दीया एकता को अनेकता में कर दिया इसलिए, आप सब सनातनि है सत्य को स्वीकार करना होगा यह संघर्ष सत्य असत्य का है यह संघर्ष धर्म अ धर्म का है यह संघर्ष ज्ञान अ ज्ञान का है यह संघर्ष आस्तिक और नास्तिक का है इसलिए यह संघर्ष हम सब को मिल कर सत्य सनातन शाश्वत धर्म को पुनः स्थापित करने केलिए हम सब मानव समाज को मिलकर शांति और आनंद के लिए एकता और अखंडता के लिए समानता और समरसता के लिए प्रेम और ऐकेश्वर के लिए सुखमय जीवन जीने के लिए हमें सत्य ज्ञान कि तलवार को प्रत्येक मनुष्य को अपने हाथ में उठा कर सत्य सनातन मानव धर्म कि रक्षा केलिए लड़ाई लडनि होगी और विधर्मियों के सम्पूर्ण पाखंड वाद और आडम्बर तथा कालनेमी बैहरुपियो केखेल को सदा सदा के लिए खत्म कर के उनका अस्तित्व को सम्मुल नष्ट-भ्रष्ट कर सदा के लिए मीटा होगा क्योंकि इन विधर्मियों ने हर समय मानव समाज और प्रकृति को आहत पहुंचाई है उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता क्योंकि ऐसे धर्म में किसी को भी कभी भी शांति नहीं मिल सकती है ऐसा धर्म किस काम का ऐसे धर्म का अंत एक न एक दिन निश्चित है हम सब के प्रयास से नहीं तो ईश्वर तो उसे अवश्य मिटाएं गा ईश्वर सत्य है शाश्वत है अखंड उसे कोई खंण्डन नहीं कर सकता जेसे पानी में पत्थर डालने से पानी कुछ शण के लिए अलग हो सकता है हमेशा के लिए नहीं ऐसा ही जानो इसी लिए यह सनातन मानव धर्म सर्वोपरि है यह विराट वृक्ष और ब्रम्ह है उसकी सत्ता किजडेसम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में हुई है उसे कोई उखाड़ नहीं सकता है और कोई मिटा हटा सकता है यह सत्य है हम सबको पुर्ण विश्वास है जब जब इस सृष्टि पर सत्य सनातन धर्म पर संकट मंडराया हैऔर आहत पहुंचाई है तब तब स्वयं ईश्वर ने ईस सृष्टि पर आकर सत्य कि रक्षा कि है यह सब जानते हैं फिर भी सत्ता के लोभ में अंधे हैं इसलिए सनातन मानव धर्म के विशाल वटवृक्ष कि छायां में रहो यही सत्य है सत्य म धर्म सनातने सत्य मैवजयते सत्य कि ही जित होगी वहीं सास्वत है कार्यक्रम का संचालन कल्लु महाराज राणगा धाम जोगडीमाल ने तथा आभार बहादुर महाराज शीव मंदिर सेमलिया ने माना लेखक रामानंद संत नरसिंह गीरी महाराज राष्ट्रीय प्रमुख4
- aadivasi new video AI se banaya Gaya barsat Jaan Mausam ke liye Lage Barsaat1
- भेरूघाट पर ट्रक खराब होने से 2 घंटे लगा जाम; तीन किमी लंबी कतारें, क्रेन से हटाकर खुलवाया रास्ता बस यात्री एव निजीवाहन वाले होते रहे परेशान संवाददाता जे.एन. यादव धामनोद इंदौर-बॉम्बे नेशनल हाईवे 52 पर स्थित भेरू और गणेश मंदिर घाट क्षेत्र में रविवार को एक बार फिर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मानपुर थाना क्षेत्र में एक ट्रक खराब हो जाने से सुबह करीब 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक हाईवे पर दो से तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम के कारण सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन घंटों फंसे रहे। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे से प्रतिदिन करीब 25 हजार वाहनों की आवाजाही होती है। इन दिनों सावन माह के चलते ओंकारेश्वर जाने वाले कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई है। ट्रैफिक का दबाव पहले से अधिक है। ऐसे में एक ट्रक के खराब होने से पूरे मार्ग की रफ्तार थम गई। धामनोद से इंदौर की ओर जाने वाले वाहन लंबी कतारों में खड़े रहे। जाम में फंसे बच्चों, बुजुर्गों, अन्य यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। सूचना मिलते ही मानपुर पुलिस, धामनोद पुलिस, एनएचएआई की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से खराब ट्रक हटाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सुचारू हो सका। भेरूघाट क्षेत्र में जाम की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जुलाई के पहले सप्ताह में अजनार पुल के एक्सपेंशन जॉइंट की मरम्मत के दौरान छह दिन तक हाईवे पर महाजाम की स्थिति बनी रही थी। उस समय पुल की एक लेन बंद कर वन-वे यातायात संचालित किया गया था। इससे दोनों ओर करीब पांच किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। मरम्मत के बाद भी पुल का हिस्सा दोबारा क्षतिग्रस्त हो गया था। काम फिर करना पड़ा था।1