झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बसारी, लठेसरा और विजयगढ़ गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी शराब की दुकान खोले जाने का तीखा विरोध किया। तहसील पहुंचकर महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से प्रस्तावित शराब दुकान को तुरंत निरस्त करने की मांग की। महिलाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें कहा गया कि गांव में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा, साथ ही घरेलू विवाद और अन्य सामाजिक समस्याएं बढ़ेंगी। उन्होंने जनहित का हवाला देते हुए गांव के आसपास सरकारी देशी शराब की दुकान खोलने की अनुमति न दिए जाने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने “गांव में शराब की दुकान नहीं चाहिए” और “शराब मुक्त समाज बनाओ” जैसे नारे लगाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी। तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायतें और मांगों को गंभीरता से सुना, और आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन में क्षेत्र की अनेक महिलाएं और ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर शराब दुकान खोलने का विरोध किया।
झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बसारी, लठेसरा और विजयगढ़ गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी शराब की दुकान खोले जाने का तीखा विरोध किया। तहसील पहुंचकर महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से प्रस्तावित शराब दुकान को तुरंत निरस्त करने की मांग की। महिलाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें कहा गया कि गांव में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा, साथ ही घरेलू विवाद और अन्य सामाजिक समस्याएं बढ़ेंगी। उन्होंने जनहित का हवाला देते हुए गांव के आसपास सरकारी देशी शराब की दुकान खोलने की अनुमति न दिए जाने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने “गांव में शराब की दुकान नहीं चाहिए” और “शराब मुक्त समाज बनाओ” जैसे नारे लगाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी। तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायतें और मांगों को गंभीरता से सुना, और आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन में क्षेत्र की अनेक महिलाएं और ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर शराब दुकान खोलने का विरोध किया।
- खलीलपुरा गांव में एक किसान की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस मामले में, पीड़ित किसान ने टहरौली तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान अपनी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने संबंधित अधिकारियों से न्याय की मांग की है।1
- निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर नगर परिषद द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान के तहत, अच्छी रैंक हासिल करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर पौधे और डस्टबिन रखवाए गए थे। हालांकि, यह सामने आया है कि इन पौधों और डस्टबिन को फोटोशूट संपन्न होने के तुरंत बाद ही वहाँ से हटा दिया गया या वे गायब हो गए हैं।1
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में जेएनयू से जुड़े लोगों को सीधे तौर पर 'मीठे कॉकरोच' कहकर संबोधित किया गया है, जिसमें उनके प्रति तीखी उपहासपूर्ण भावना व्यक्त की गई है। पोस्ट के माध्यम से इन पर तंज कसा गया है कि उन्हें आजादी मुबारक हो और वे हंसते-मुस्कुराते रहें। लेखक ने अपनी बात को आगे बढ़ाने के लिए पाठकों से इस पोस्ट को फॉलो करने का आग्रह भी किया है, जिससे इसका संदेश प्रसारित हो सके।1
- पृथ्वीपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा सर्वेक्षण के लिए लगाए गए डस्टबिन और गमलों को फोटोशूट पूरा होते ही हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे इस दिखावटी तैयारी का प्रमाण माना जा रहा है।1
- भांडेर तहसील के ग्राम खिरिया फैंजुल्ला के ग्रामीणों ने सरकारी ठेकेदारों पर बिजली के तार और खंभे चोरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में थाना प्रभारी भांडेर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनके आवेदन के अनुसार, यह घटना 6 और 7 जून 2026 की दरमियानी रात को हुई, जब गांव से संबंधित खिरिया फैंजुल्ला की तरफ गई विद्युत लाइन के खंभे और तार काट दिए गए। इसकी सूचना विद्युत विभाग और ग्रामीणों को दी गई। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में बताया है कि जब इस बारे में ठेकेदारों से पूछा गया, तो उन्होंने शाम तैडोत के जीतू दांगी के कहने पर धर्मेंद्र भदोरिया ठेकेदार द्वारा खंभे और तारों को उखाड़ने की बात कही। इस घटना के बाद से गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे किसानों की फसलें खराब हो रही हैं और ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी ठेकेदारों की मनमानी से किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। समस्त ग्रामवासियों ने 07.06.26 को दिए गए इस आवेदन के माध्यम से प्रशासन से इस मामले में उचित और तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो वे एक उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे।1
- झांसी के गुरसरांय स्थित प्रतिष्ठित भगवान श्री परशुराम मंदिर में 6 जून शनिवार की संध्या भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत श्री सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन की शुरुआत भगवान श्री हनुमान जी और भगवान श्री परशुराम जी की प्रतिमा पर तिलक व माल्यार्पण के साथ हुई। संकटमोचन श्री हनुमान जी के गुणगान और भगवान श्री राम की महिमा से सजे इस पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में सुंदरकांड का पाठ करते हुए वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक रूप से प्रेरक बन गया बल्कि समाज में एकता और संस्कारों की भावना को भी प्रकट करता है। कार्यक्रम के अंत में श्री रामप्रकाश अरजरिया (बृहद ब्राह्मण परिषद् अध्यक्ष) ने आरती की। इस अवसर पर अनुज द्विवेदी प्रधान नागर, रासबिहारी तिवारी, अखिलेश पिपरिया, जे जे मिश्रा, अश्वनी पस्तोर, अरुण चतुर्वेदी, स्वदेश पाठक, राजकुमार गुप्ता, विजय नायक, योगेश व्यास, मोनू मिश्रा, अशोक पटेरिया, हेमंत विदु आ, धर्मेश त्रिपाठी, केशकुमार पुजारी, गिरीश अरजरिया, अवनीश देवलिया, अखिलेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। बताते चलें कि भगवान श्री परशुराम मंदिर में माह के प्रत्येक प्रथम शनिवार को श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाता है, जिसका समापन संगीतमय पाठ, आरती और महाप्रसाद वितरण के साथ होता है।1
- झांसी के टहरौली तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान बसारी, लठेसरा और विजयगढ़ गांव की बड़ी संख्या में महिलाओं ने देशी शराब की दुकान खोले जाने का तीखा विरोध किया। तहसील पहुंचकर महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से प्रस्तावित शराब दुकान को तुरंत निरस्त करने की मांग की। महिलाओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा, जिसमें कहा गया कि गांव में शराब की दुकान खुलने से सामाजिक माहौल खराब होगा, युवाओं पर नकारात्मक असर पड़ेगा, साथ ही घरेलू विवाद और अन्य सामाजिक समस्याएं बढ़ेंगी। उन्होंने जनहित का हवाला देते हुए गांव के आसपास सरकारी देशी शराब की दुकान खोलने की अनुमति न दिए जाने की मांग की। इस दौरान महिलाओं ने “गांव में शराब की दुकान नहीं चाहिए” और “शराब मुक्त समाज बनाओ” जैसे नारे लगाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि वे किसी भी कीमत पर गांव में शराब की दुकान नहीं खुलने देंगी और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप देंगी। तहसील दिवस में मौजूद अधिकारियों ने महिलाओं की शिकायतें और मांगों को गंभीरता से सुना, और आश्वासन दिया कि ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन में क्षेत्र की अनेक महिलाएं और ग्रामीण शामिल थे, जिन्होंने एकजुट होकर शराब दुकान खोलने का विरोध किया।1
- झांसी जनपद की तहसील टहरौली क्षेत्र के ग्राम भसनेह में शनिवार रात्रि एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात लगभग 9 बजे राहगीरों ने गुरसरांय पुलिस को सूचना दी कि भसनेह स्थित वाटर प्लांट के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही गुरसरांय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मृतक की पहचान कराने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। शव की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस आसपास के क्षेत्रों से भी जानकारी जुटा रही है। इस घटना की सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन फिलहाल शव मिलने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द ही मृतक की पहचान तथा मौत के कारणों का खुलासा करने की बात कह रही है।1