सोनभद्र जनपद के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवां गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे एक दुखद घटना हुई, जहाँ बेलन नदी में नहा रहे 12 वर्षीय आदर्श पुत्र बेचन कोल को एक मगरमच्छ पानी में खींच ले गया। इस हादसे में किशोर की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, आदर्श अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर बेलन नदी में गांव के एक अन्य किशोर के साथ नहाने गया था। नहाने के दौरान अचानक पानी से एक मगरमच्छ निकलकर आया और आदर्श पर झपट्टा मारकर उसे अपने चंगुल में पकड़ लिया तथा पानी के अंदर खींच ले गया। साथ नहा रहा किशोर शोर मचाता हुआ भागा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी, डंडा और बांस लेकर नदी में उतरकर तलाश शुरू की तो मगरमच्छ मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ ने आदर्श को पानी के अंदर मिट्टी में गड़ा दिया था। काफी तलाश के बाद आदर्श बीच नदी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय अपनी टीम के साथ और वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आदर्श को घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद आदर्श के परिजनों में कोहराम मच गया, क्योंकि वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय ने बताया कि मृतक के शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद शाम करीब 4:30 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने आशंका जताई है कि किशोर की मौत नदी में डूबने से हुई होगी, हालाँकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
सोनभद्र जनपद के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवां गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे एक दुखद घटना हुई, जहाँ बेलन नदी में नहा रहे 12 वर्षीय आदर्श पुत्र बेचन कोल को एक मगरमच्छ पानी में खींच ले गया। इस हादसे में किशोर की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, आदर्श अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर बेलन नदी में गांव के एक
अन्य किशोर के साथ नहाने गया था। नहाने के दौरान अचानक पानी से एक मगरमच्छ निकलकर आया और आदर्श पर झपट्टा मारकर उसे अपने चंगुल में पकड़ लिया तथा पानी के अंदर खींच ले गया। साथ नहा रहा किशोर शोर मचाता हुआ भागा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी, डंडा और बांस लेकर नदी में उतरकर तलाश शुरू की तो मगरमच्छ मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ ने आदर्श
को पानी के अंदर मिट्टी में गड़ा दिया था। काफी तलाश के बाद आदर्श बीच नदी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय अपनी टीम के साथ और वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आदर्श को घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद आदर्श के परिजनों में
कोहराम मच गया, क्योंकि वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय ने बताया कि मृतक के शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद शाम करीब 4:30 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने आशंका जताई है कि किशोर की मौत नदी में डूबने से हुई होगी, हालाँकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
- सोनभद्र के विण्ढमगंज थाना पुलिस ने एक हत्या की घटना का मात्र आठ घंटे के भीतर सफल अनावरण करते हुए अभियुक्त को आला कत्ल सहित गिरफ्तार कर लिया है। इस सफल कार्यवाही की पुष्टि अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र, श्री ऋषभ रुणवाल ने की।1
- सोनभद्र जिले में तीन पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) का तबादला किया गया है। इन तबादलों के तहत, एक डीएसपी को सोनभद्र से चंदौली स्थानांतरित किया गया है। वहीं, एक अन्य डीएसपी को मिर्जापुर में तैनात किया गया है।1
- सोनभद्र जिले के विण्ढमगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की वारदात का सोनभद्र पुलिस ने मात्र 8 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को हत्या में प्रयुक्त हथियार (आलाकत्ल) के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) के पर्यवेक्षण में की गई त्वरित कार्रवाई के दौरान, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को दबोचा गया। पूछताछ में सामने आया कि यह हत्या प्रेम-प्रसंग के कारण हुई रंजिश का नतीजा थी। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) सोनभद्र ऋषभ रुणवाल ने विस्तृत जानकारी दी।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी तहसील के मझौली गांव में अंश निर्धारण और पत्थरगड़ी के नाम पर कथित रिश्वत लेने का एक वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाए जाने पर संबंधित कानूनगो के निलंबन की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही, इस मामले में संलिप्त लेखपाल को उसके कार्यक्षेत्र से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने यह साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।1
- जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के एनआईसी में जिला स्तरीय श्रम बंधु की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण, उपकर वसूली और विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में श्रमिक कल्याण, श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा तथा श्रमिक सुविधा केंद्रों की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने इस दौरान जोर देकर कहा कि श्रमिक समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र श्रमिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को श्रमिकों से जुड़े सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। श्रम विभाग ने बैठक में बताया कि जिला स्तरीय श्रम बंधु का गठन श्रमिकों और सेवायोजकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने और श्रम कानूनों के प्रभावी प्रवर्तन के उद्देश्य से किया गया है। यह मंच श्रमिकों एवं नियोजकों के बीच के विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 362 अधिष्ठानों के पंजीकरण के लक्ष्य के मुकाबले 302 का पंजीकरण किया गया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लक्ष्य आवंटित न होने के बावजूद अब तक 32 नए अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है। वर्तमान में जनपद में कुल 1 लाख 70 हजार 704 निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उपकर वसूली के संदर्भ में, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹21.71 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष ₹16.26 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराई गई है, और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ₹40.82 लाख का उपकर संग्रहण हुआ है। बैठक में असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम के तहत ई-श्रम पोर्टल पर अधिकाधिक पात्र श्रमिकों के पंजीकरण पर विशेष बल दिया गया और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डा) योजना की समीक्षा करते हुए सभी उप जिलाधिकारियों को भूमि चिन्हांकन और अन्य औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कर इन केंद्रों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। इंटक के जिला अध्यक्ष श्री हरदेव नारायण तिवारी ने बैठक में दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित कराने और सीमेंट उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को नियमानुसार न्यूनतम वेतन दिलाने का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अंत में, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और श्रमिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, यह दोहराते हुए कि श्रमिकों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और योजनाओं का लाभ हर पात्र श्रमिक तक पहुँचेगा।4
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हालिया फेरबदल के बाद, सोनभद्र जिले की कमान नवनियुक्त राज्य मंत्री/MLC हंसराज विश्वकर्मा को सौंपी गई है, जिन्होंने 5 जून, 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर जिले का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। पूर्व प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल के स्थान पर आए विश्वकर्मा जी की कलेक्ट्रेट सभागार में हुई स्वागत सह समीक्षा बैठक में जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और ओबरा के विधायक व राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ सहित पूरा प्रशासनिक व राजनीतिक अमला उपस्थित था। हालांकि, इस प्रथम प्रवास के दौरान सत्ता पक्ष के ही मंच से खनिज संपदा को लेकर दिए गए वक्तव्यों ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय रिपोर्टिंग पर कई स्वाभाविक एवं गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। काशी क्षेत्र के वरिष्ठ सांगठनिक चेहरे और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले हंसराज विश्वकर्मा के इस पहले दौरे पर, स्वागत मंच से ही व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं पर तीखा विमर्श सामने आया। पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार कुशवाहा ने खनिज संपदा से जुड़ी समस्याओं को प्रखरता से उठाया। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2004 में मिर्जापुर से सांसद रहे और फिर 2023 में भारतीय जानी पार्टी में शामिल हुए कुशवाहा ने, जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में बिना किसी विशिष्ट पट्टा धारक या खदान का नाम लिए "बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप" और "सुरक्षा के गंभीर संकट" का जिक्र किया। यह वक्तव्य तत्कालीन 'भूमिधरि नियमावली' के तहत स्थानीय किसानों को मिलने वाले छोटे पट्टों की आसान व्यवस्था से हटकर, वर्तमान ई-टेंडरिंग प्रणाली की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के चलते स्थानीय काश्तकारों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित करता है, जिसमें कानूनी रॉयल्टी दर ₹160 प्रति घन मीटर से शुरू होती है। इस पूरी प्रशासनिक बैठक का सबसे गंभीर पहलू यह है कि प्रदेश में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री राज्य से "माफिया राज" और "गुंडागर्दी" के खात्मे की बात करते हैं, वहीं उनके जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले, उनके करीबी प्रभारी मंत्री के सामने सार्वजनिक रूप से व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होना कई विधिक और प्रशासनिक यक्ष प्रश्न खड़े करता है। पहला प्रश्न यह है कि यदि खनन राजस्व का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार की ई-टेंडरिंग नीति पारदर्शी है, तो बिना प्रामाणिक साक्ष्य के सार्वजनिक आरोप वैध व्यवसायियों की सुरक्षा और साख को क्यों प्रभावित कर रहे हैं? दूसरा, 15 नवंबर 2025 के उस भीषण खदान हादसे में, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के ऑन-रिकॉर्ड आंकड़ों के अनुसार 7 मौतें दर्ज थीं, शिकायतों में मृतकों की संख्या 10-12 बताई गई, जिससे जिला प्रशासन की राहत कार्यवाहियों और विभागीय रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे; इसी कारण जिम्मेदार आला अधिकारी (DM-SP) मौन रहे। तीसरा और सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता स्वयं सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हैं, तो वे विशिष्ट खदानों या विसंगतियों का नाम स्पष्ट रूप से सामने क्यों नहीं रखते? निष्कर्षतः, सोनभद्र जैसे आदिवासी बहुल जिले की खनिज संपदा पूरे प्रदेश को आर्थिक मजबूती देती है, लेकिन यहां का स्थानीय समाज आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित रोजगार जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए संघर्षरत है, जिसके कारण कभी-कभी स्थानीय सामाजिक परिवेश में आक्रामकता देखने को मिलती है। प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के प्रथम प्रवास में सामने आए इन सांगठनिक अंतर्विरोधों और बयानों को शासन को "जमीनी फीडबैक" के रूप में देखना चाहिए। यह आवश्यक है कि खनन से प्राप्त राजस्व का एक निश्चित हिस्सा जिला खनिज कोष (DMF) के माध्यम से सोनभद्र के मूल आदिवासियों के विकास पर पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाए, ताकि यह समृद्ध जिला आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक शांति भी बनाए रख सके।1
- सोनभद्र जनपद के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के दीवां गांव में शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे एक दुखद घटना हुई, जहाँ बेलन नदी में नहा रहे 12 वर्षीय आदर्श पुत्र बेचन कोल को एक मगरमच्छ पानी में खींच ले गया। इस हादसे में किशोर की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, आदर्श अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर बेलन नदी में गांव के एक अन्य किशोर के साथ नहाने गया था। नहाने के दौरान अचानक पानी से एक मगरमच्छ निकलकर आया और आदर्श पर झपट्टा मारकर उसे अपने चंगुल में पकड़ लिया तथा पानी के अंदर खींच ले गया। साथ नहा रहा किशोर शोर मचाता हुआ भागा, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने लाठी, डंडा और बांस लेकर नदी में उतरकर तलाश शुरू की तो मगरमच्छ मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ ने आदर्श को पानी के अंदर मिट्टी में गड़ा दिया था। काफी तलाश के बाद आदर्श बीच नदी में मिला। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह, चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय अपनी टीम के साथ और वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आदर्श को घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद आदर्श के परिजनों में कोहराम मच गया, क्योंकि वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। चौकी प्रभारी त्रिभुवन राय ने बताया कि मृतक के शव को आवश्यक कार्रवाई के बाद शाम करीब 4:30 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के मोर्चरी हाउस भेज दिया गया है। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने आशंका जताई है कि किशोर की मौत नदी में डूबने से हुई होगी, हालाँकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।4