सूरजगढ़ में बिजली व्यवस्था पर सवाल, अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से नाराज लाइनमैन धरने पर बैठे सूरजगढ़ (झुंझुनूं)। क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से कर्मचारी और उपभोक्ता दोनों ही परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले छह माह से कार्यरत एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिसको लेकर अब बिजली विभाग के लाइनमैनों ने धरना शुरू कर दिया है। लाइनमैनों का आरोप है कि एफआरटी टीम संतोषजनक कार्य नहीं कर रही है, जिससे छोटी-छोटी खराबियों को भी समय पर ठीक नहीं किया जाता। इसका खामियाजा कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि फॉल्ट होने पर जिम्मेदारी उन पर डाल दी जाती है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है, जहां जरा सा मौसम बदलते ही बिजली लाइनों में फॉल्ट आ जाता है और रात-रातभर बिजली गुल रहती है। इससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एफआरटी टीम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सूरजगढ़ में बिजली व्यवस्था पर सवाल, अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से नाराज लाइनमैन धरने पर बैठे सूरजगढ़ (झुंझुनूं)। क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से कर्मचारी और उपभोक्ता दोनों ही परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले छह माह से कार्यरत एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिसको लेकर अब बिजली विभाग के लाइनमैनों ने धरना शुरू कर दिया है। लाइनमैनों का आरोप है कि एफआरटी टीम संतोषजनक कार्य नहीं कर रही है, जिससे छोटी-छोटी खराबियों को भी समय पर ठीक नहीं किया जाता। इसका खामियाजा कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि फॉल्ट होने पर जिम्मेदारी उन पर डाल दी जाती है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है, जहां जरा सा मौसम बदलते ही बिजली लाइनों में फॉल्ट आ जाता है और रात-रातभर बिजली गुल रहती है। इससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एफआरटी टीम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- चिड़ावा। शहर के वार्ड नंबर 16 स्थित अरडावतिया कॉलोनी और रानी सती मंदिर के आसपास के इलाकों में जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। पिछले करीब दस दिनों से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के साथ अत्यधिक गंदा और बदबूदार पानी पहुंच रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार नलों से आने वाला पानी इतना प्रदूषित है कि उसका उपयोग पीने के लिए तो दूर, नहाने और कपड़े धोने के लिए भी नहीं किया जा सकता। पानी से उठने वाली तेज दुर्गंध के कारण घरों में रहना तक मुश्किल हो गया है। दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में पेट दर्द, त्वचा रोग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोगों में इस स्थिति को लेकर भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं।वार्डवासियों ने बताया कि वे कई बार जलदाय विभाग के कार्यालय जाकर लिखित शिकायत दर्ज करा चुके हैं। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों को बोतलों में भरकर गंदा पानी भी दिखाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सोमवार को वार्डवासी एसडीएम कार्यालय पहुंचे और SDM डॉ. नरेश सोनी को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया। एसडीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जलदाय विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और शीघ्र समाधान करने को कहा है। ज्ञापन देने वालों में विष्णु अग्रवाल, विशाल गौड़, रामावतार पारीक, घीसाराम शर्मा और संत कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे।1
- मंडावा करीब 10 मिनट तक चन्ने के आकार के ओले गिरे, जमीन पर बिछी नजर आई सफेद चादर, क्षेत्र में आधे घंटे से झमाझम तेज बारिश, आसमान से गर्जना के साथ हो रही है बारिश, दिन भर की तेज गर्मी से आमजन को मिली राहत2
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- सूरजगढ़ (झुंझुनूं)। क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से कर्मचारी और उपभोक्ता दोनों ही परेशान नजर आ रहे हैं। पिछले छह माह से कार्यरत एफआरटी (फॉल्ट रिपेयर टीम) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिसको लेकर अब बिजली विभाग के लाइनमैनों ने धरना शुरू कर दिया है। लाइनमैनों का आरोप है कि एफआरटी टीम संतोषजनक कार्य नहीं कर रही है, जिससे छोटी-छोटी खराबियों को भी समय पर ठीक नहीं किया जाता। इसका खामियाजा कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि फॉल्ट होने पर जिम्मेदारी उन पर डाल दी जाती है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब बताई जा रही है, जहां जरा सा मौसम बदलते ही बिजली लाइनों में फॉल्ट आ जाता है और रात-रातभर बिजली गुल रहती है। इससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही एफआरटी टीम की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया गया और समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1