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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार लगातार दबाव में आ रही है और उसे प्रबंधित करना मुश्किल होता जा रहा है। इस घटना ने सरकार को इस तरह घेर लिया है कि अब 'सम्राट' के अपने लोग ही बागी रुख अपनाने लगे हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि यह एनकाउंटर बाकी मुठभेड़ों से कितना अलग है, जिससे इसे संभालना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
GAUTAM KUMAR
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार लगातार दबाव में आ रही है और उसे प्रबंधित करना मुश्किल होता जा रहा है। इस घटना ने सरकार को इस तरह घेर लिया है कि अब 'सम्राट' के अपने लोग ही बागी रुख अपनाने लगे हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि यह एनकाउंटर बाकी मुठभेड़ों से कितना अलग है, जिससे इसे संभालना चुनौतीपूर्ण बन गया है।
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- भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर सरकार लगातार दबाव में आ रही है और उसे प्रबंधित करना मुश्किल होता जा रहा है। इस घटना ने सरकार को इस तरह घेर लिया है कि अब 'सम्राट' के अपने लोग ही बागी रुख अपनाने लगे हैं। यह सवाल भी उठ रहा है कि यह एनकाउंटर बाकी मुठभेड़ों से कितना अलग है, जिससे इसे संभालना चुनौतीपूर्ण बन गया है।1
- मुंगेर जिले के वासुदेवपुर थाना क्षेत्र के बकचपरा गंगा घाट पर बुधवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें चार सगी बहनों सहित कुल पांच किशोरियां गंगा की तेज धारा में डूब गईं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और परिजनों के बीच कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार, बकचपरा निवासी क्रांति पासवान की पुत्रियां संगीता कुमारी, बिनीता कुमारी, संध्या कुमारी और सोनम कुमारी, तथा पड़ोसी चमन लाल पासवान की पुत्री हिना कुमारी, बुधवार सुबह गंगा स्नान करने और गंगाजल लेने के लिए बकचपरा गंगा घाट गई थीं। इसी दौरान सभी किशोरियां गंगा में उतर गईं और अचानक गहरे पानी में चले जाने से डूबने लगीं। स्थानीय लोगों ने तत्काल वासुदेवपुर थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद एसडीआरएफ एवं गोताखोरों की टीम को भी बुलाया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे और खोजबीन अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम ने संगीता कुमारी के शव को गंगा से बरामद कर लिया। वहीं, समाचार लिखे जाने तक अन्य चार किशोरियों की तलाश जारी थी। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन गंगा घाट पर जमा हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ था। पुलिस प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है, और अधिकारियों ने बताया कि लापता किशोरियों की तलाश के लिए एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार अभियान चला रही है।1
- खगड़िया जिले के गोगरी प्रखंड की बोरना पंचायत में मंगलवार देर रात करीब 11 बजे तक मोहर्रम की सप्तमी पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस दौरान मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालुओं ने इमामबाड़े पर निशान चढ़ाकर दुआएं मांगीं। गांव के खिलाड़ियों ने भी पारंपरिक लड़वाड़ी खेल का प्रदर्शन कर अपनी कला का परिचय दिया, जिससे लोगों में काफी जोश दिखा। निशान चढ़ाने और खेल प्रदर्शन के बाद, उप सरपंच प्रतिनिधि फैयाज अहमद सहित सैकड़ों लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर खुशी का इजहार किया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह का माहौल व्याप्त था। मोहर्रम के खलीफा मोहम्मद तबारक और रज्जाक शाह ने बताया कि मंगलवार को सप्तमी मनाई गई है, जबकि नवमी और दशमी के अवसर पर अखाड़ा निकाला जाएगा। यह अखाड़ा पंचायत के विभिन्न क्षेत्रों में पारंपरिक खेलों का प्रदर्शन करते हुए गोगरी के लिए प्रस्थान करेगा। उन्होंने सभी ग्रामीणों से शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मनाने की अपील की और हुड़दंगबाजी तथा नशाखोरी से दूर रहने का आग्रह किया। खलीफाओं ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रख रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी के नेतृत्व में तारापुर क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जाँच की गई। इस निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन का जायजा लेना था। जाँच टीम ने विशेष रूप से अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति का परीक्षण किया। इसके अतिरिक्त, भवन के प्रवेश-निकास मार्ग और आपातकालीन निकास व्यवस्था की भी गहनता से जाँच की गई। इस अभियान में सब ऑफिसर दिनेश कुमार, अग्निक विकास कुमार सिंह, धीरज कुमार, आर्यन सिंह और अक्की सहित कई अन्य अग्निशमन कर्मी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान, कोचिंग सेंटर संचालकों को पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र रखने, उनकी नियमित जाँच सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को इन उपकरणों के सही उपयोग का प्रशिक्षण देने के सख्त निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आपातकालीन निकास मार्ग पूरी तरह से बाधारहित रहने चाहिए तथा सीढ़ियों, गलियारों और निकास द्वारों पर किसी भी प्रकार का सामान या फर्नीचर नहीं रखा जाना चाहिए, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में छात्र-छात्राओं और कर्मियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा सके।1
- मुंगेर पुलिस ने आगामी मोहर्रम के मद्देनजर अपनी सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करते हुए एक बड़ा दंगा नियंत्रण अभ्यास किया है। इस कवायद के तहत जवानों ने संभावित दंगा जैसी स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- करनी सेना के सदस्य सौरभ सिंह राजपूत ने भरत तिवारी को ‘गरीबों का मसीहा’ कहकर संबोधित किया है। इस दौरान सौरभ सिंह राजपूत पुलिस पर भी जमकर बरसे और उनकी आलोचना की।1
- एक हृदय विदारक घटना में क्रांति पासवान का परिवार एक ही झटके में पूरी तरह उजड़ गया है। गंगा नदी में डूबने से उनके छह बच्चों की मौत हो गई है, जिनमें चार बेटियां शामिल हैं। इस दुखद घटना के बाद से, एक अन्य बच्चे की तलाश अभी भी जारी है।1
- खगड़िया पुलिस लाइन में आयोजित पासिंग आउट परेड समारोह में अनुशासन और उत्साह का एक शानदार नज़ारा देखने को मिला। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विक्रम वीरकर और पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने परेड का निरीक्षण किया, जिससे प्रशिक्षु जवानों का मनोबल बढ़ा। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस सेवा को केवल एक पेशा नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा का एक दृढ़ संकल्प है। उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि प्रत्येक पुलिसकर्मी का कर्तव्य है कि वे इस सेवा को ईमानदारी, संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ निभाएँ।1