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राहुल गाँधी और अखिलेश यादव ने संसद के बाहर काले कपड़े पहनकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने काले वस्त्र धारण कर संसद के बाहर अपना विरोध दर्ज कराया।
Ranjeet Yadav Badaun tak
राहुल गाँधी और अखिलेश यादव ने संसद के बाहर काले कपड़े पहनकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने काले वस्त्र धारण कर संसद के बाहर अपना विरोध दर्ज कराया।
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- राहुल गाँधी और अखिलेश यादव ने संसद के बाहर काले कपड़े पहनकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने काले वस्त्र धारण कर संसद के बाहर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- बदायूँ में बुधवार को सियासी हलचल बेहद तेज नजर आई, जहाँ एक ओर समाजवादी पार्टी के नेताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली, तो दूसरी ओर जनसंपर्क अभियान जारी रहा। जिले में सुबह से ही एहतियाती कदम उठाते हुए समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को उनके ही घरों में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करके रखा गया। एक तरफ जहाँ सपा नेताओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही थी, वहीं दूसरी ओर दातागंज विधानसभा से विधायक प्रतिनिधि सुनीता पाल क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दीं। उन्होंने हज़रतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सेंटाडांडी पहुँचकर लोगों से सीधा संपर्क साधा और अपना जनसंपर्क अभियान जारी रखा।1
- पेपर लीक के मामले में सरकार पूरी तरह घिर चुकी है और इस स्थिति के बीच छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं, प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज का ठीकरा विपक्ष के सिर पर फोड़ा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में जवाबदेही तय करने के बजाय डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मंत्री को बचाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।1
- अखिलेश यादव ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने छात्रों पर हुई इस कार्रवाई को लेकर सदन के भीतर अपनी बात रखी और इस मामले को उठाया।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण के आदेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है। बदायूं के सहसवान में पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाफ़िज़ इरफ़ान ने उपजिलाधिकारी सहसवान के माध्यम से प्रदेश की महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित यह ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया है कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश का एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहाँ हजारों विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होती है तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, शिक्षकों व कर्मचारियों के भविष्य तथा प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। हाफ़िज़ इरफ़ान ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना महान स्वतंत्रता सेनानी मौलाना मुहम्मद अली जौहर के नाम पर की गई है, इसलिए इस प्रकरण के सभी कानूनी, संवैधानिक और मानवीय पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश पर तुरंत रोक लगाने और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायसंगत समीक्षा कराने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित होने से बचाने के लिए शिक्षा संस्थानों से जुड़े निर्णय विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर ही लिए जाने चाहिए। इस ज्ञापन को सौंपने के दौरान गुलफाम सिंह यादव, रज़ी अहमद राजू, मुकर्रम अंसारी, अजमल हुसैन, एडवोकेट क़सीम सरवर, शोएब अहमद शब्बू, हाफ़िज़ आतिफ रज़ा, शानू प्रधान बाग़वाला और मुबीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।2
- बरेली में डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने बड़ा बयान देते हुए लाठीचार्ज और पेपर लीक के मामलों के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूँ में चर्चित "दादा हत्याकांड" का आरोपी लगातार फरार चल रहा है। इस मामले में पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और पुलिस प्रशासन पर फरार आरोपी को बचाने का सीधा आरोप लगाया जा रहा है।1