*झारखंड सरकार की पशुपालन योजनाओं एवं टीकाकरण कार्यक्रम का लाभ उठाने हेतु अपील।* झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न लाभकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी, हजारीबाग डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। *प्रमुख योजनाएँ एवं अनुदान:पशुपालन विभाग द्वारा निम्नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।* 1.बकरी पालन 2.भेड़ पालन 3.सूकर पालन 4.लेयर (मुर्गी) पालन 5.ब्रायलर पालन 6.बत्तख पालन 7.जोड़ा बैल वितरण योजना इन सभी योजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा क्रमानुसार 75% से 90% तक का भारी सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है। *आवेदन प्रक्रिया:* *आवेदन पत्र:* इच्छुक किसान/पशुपालक अपना आवेदन फार्म अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। *ग्राम सभा से अनुमोदन:* योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को योजना के अनुरूप ग्राम सभा से अपना नाम स्वीकृत/पारित करवाना अनिवार्य है। *आवश्यक दस्तावेज:* भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। *जमा करने का स्थान:* पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन को संबंधित पशु चिकित्सालय में जमा करें, जिसके बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। *निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम:* पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए निरंतर टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्तमान में पीपीआर (PPR) तथा एफएमडी (FMD - खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने सभी किसानों और पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और सरकार की अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाएं।
*झारखंड सरकार की पशुपालन योजनाओं एवं टीकाकरण कार्यक्रम का लाभ उठाने हेतु अपील।* झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न लाभकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी, हजारीबाग डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। *प्रमुख योजनाएँ एवं अनुदान:पशुपालन विभाग द्वारा निम्नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।* 1.बकरी पालन 2.भेड़ पालन 3.सूकर पालन 4.लेयर (मुर्गी) पालन 5.ब्रायलर पालन 6.बत्तख पालन 7.जोड़ा बैल वितरण योजना इन सभी योजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा क्रमानुसार 75% से 90% तक का भारी सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है। *आवेदन प्रक्रिया:* *आवेदन पत्र:* इच्छुक किसान/पशुपालक अपना आवेदन फार्म अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। *ग्राम सभा से अनुमोदन:* योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को योजना के अनुरूप ग्राम सभा से अपना नाम स्वीकृत/पारित करवाना अनिवार्य है। *आवश्यक दस्तावेज:* भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। *जमा करने का स्थान:* पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन को संबंधित पशु चिकित्सालय में जमा करें, जिसके बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। *निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम:* पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए निरंतर टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्तमान में पीपीआर (PPR) तथा एफएमडी (FMD - खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने सभी किसानों और पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और सरकार की अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाएं।
- *हजारीबाग के किसानों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा बीज* जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा), हजारीबाग श्री शुभांकर गुप्ता ने जिले के किसानो को राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत अनुदानित दर पर बीज प्राप्त करने के लिए समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुगमता एवं त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पात्र किसानों को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। *इन योजनाओं के तहत मिलेगा अनुदानित बीज* कृषकों को विभिन्न फसलों के आच्छादन हेतु निम्नलिखित योजनाओं के तहत बीज उपलब्ध कराया जाएगा। *बीज वितरण की योजनाएं* 1)बिरसा फसल विस्तार योजना। 2) नेशनल फूड एंड न्यूट्रीशन सिक्योरिटी मिशन। 3) आत्मनिर्भरता इन प्लेसेस 4) नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड ऑयल सीड्स *नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड ऑयलसीड्स के लिए किसानों को क्या करना होगा?* अनुदानित दर पर बीज का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए किसान अपने प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम अथवा पैक्स (PACS) के सदस्यों से संपर्क करें। *आधिकारिक पोर्टल jharkhandseed.com पर जाकर अपना पंजीकरण कराएं।* पंजीकरण सफल होने के उपरांत पात्र किसान ब्लॉकचेन आधारित प्रणाली के माध्यम से अनुदानित दर पर बीज प्राप्त कर सकेंगे। जिला कृषि पदाधिकारी ने हजारीबाग जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे यथाशीघ्र अपना पंजीकरण कराएं और राज्य सरकार की इन कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। *किसानों से यह भी अपील की गई है कि बीज प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलिये के झांसे में न आएं।*1
- हजारीबाग लोकसभा समीक्षा बैठक में संगठन मजबूती पर जोर कांग्रेस समीक्षा बैठक में के. राजू ने दिए संगठन विस्तार के निर्देश हजारीबाग में जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता पूर्व मंत्री सह जिलाध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल ने की। मुख्य अतिथि झारखंड प्रभारी के. राजू ने संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता से निरंतर संपर्क पर जोर दिया। उन्होंने आपसी समन्वय के साथ जमीनी स्तर तक संगठन मजबूत करने का निर्देश दिया। प्रदेश सह प्रभारी भूपेंद्र मरावी ने प्रखंड, नगर, मंडल, वार्ड और पंचायत स्तर तक पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मतदाताओं से मिले सुझावों को संगठन की कार्ययोजना में शामिल करने की बात कही। लोकसभा प्रभारी राजेश कच्छप ने महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया। बैठक में वरिष्ठ नेताओं समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- झारखंड सरकार की पशुपालन योजनाओं एवं टीकाकरण कार्यक्रम का लाभ उठाने हेतु अपील हजारीबाग | झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न लाभकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी, हजारीबाग डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। प्रमुख योजनाएँ एवं अनुदान:पशुपालन विभाग द्वारा निम्नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। 1.बकरी पालन 2.भेड़ पालन 3.सूकर पालन 4.लेयर (मुर्गी) पालन 5.ब्रायलर पालन 6.बत्तख पालन 7.जोड़ा बैल वितरण योजना इन सभी योजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा क्रमानुसार 75% से 90% तक का भारी सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया: आवेदन पत्र: इच्छुक किसान/पशुपालक अपना आवेदन फार्म अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। ग्राम सभा से अनुमोदन: योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को योजना के अनुरूप ग्राम सभा से अपना नाम स्वीकृत/पारित करवाना अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेज: भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। जमा करने का स्थान: पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन को संबंधित पशु चिकित्सालय में जमा करें, जिसके बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम: पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए निरंतर टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्तमान में पीपीआर (PPR) तथा एफएमडी (FMD - खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने सभी किसानों और पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और सरकार की अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाएं।1
- जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने पर छात्र नेता महेंद्र कुमार मंडल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द होने पर छात्र नेता महेंद्र कुमार मंडल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस1
- हजारीबाग के किसानों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के माध्यम से अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा बीज ================ जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक (आत्मा), हजारीबाग श्री शुभांकर गुप्ता ने जिले के किसानो को राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं के तहत अनुदानित दर पर बीज प्राप्त करने के लिए समय पर पंजीकरण कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा बीज वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, सुगमता एवं त्वरित वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से पात्र किसानों को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया जाएगा। *इन योजनाओं के तहत मिलेगा अनुदानित बीज* कृषकों को विभिन्न फसलों के आच्छादन हेतु निम्नलिखित योजनाओं के तहत बीज उपलब्ध कराया जाएगा। *बीज वितरण की योजनाएं* ============= 1)बिरसा फसल विस्तार योजना। 2) नेशनल फूड एंड न्यूट्रीशन सिक्योरिटी मिशन। 3) आत्मनिर्भरता इन प्लेसेस 4) नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड ऑयल सीड्स ================ *नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल एंड ऑयलसीड्स के लिए किसानों को क्या करना होगा?* ================ अनुदानित दर पर बीज का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण कराना होगा। इसके लिए किसान अपने प्रखंड के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीएम अथवा पैक्स (PACS) के सदस्यों से संपर्क करें। पंजीकरण सफल होने के उपरांत पात्र किसान ब्लॉकचेन आधारित प्रणाली के माध्यम से अनुदानित दर पर बीज प्राप्त कर सकेंगे। जिला कृषि पदाधिकारी ने हजारीबाग जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे यथाशीघ्र अपना पंजीकरण कराएं और राज्य सरकार की इन कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। *किसानों से यह भी अपील की गई है कि बीज प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें तथा किसी भी प्रकार के बिचौलिये के झांसे में न आएं।*1
- जलजमाव से स्कूली बच्चों की परेशानी जलजमाव से स्कूली बच्चों की परेशानी1
- आदिवासी जन परिषद जिला समिति रामगढ़ ने आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष श्री प्रेम शाही मुण्डा जी को उनका केक काटकर जन्मदिवस मनाया गया।1
- *झारखंड सरकार की पशुपालन योजनाओं एवं टीकाकरण कार्यक्रम का लाभ उठाने हेतु अपील।* झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न लाभकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इस संबंध में जिला पशुपालन पदाधिकारी, हजारीबाग डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। *प्रमुख योजनाएँ एवं अनुदान:पशुपालन विभाग द्वारा निम्नलिखित योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।* 1.बकरी पालन 2.भेड़ पालन 3.सूकर पालन 4.लेयर (मुर्गी) पालन 5.ब्रायलर पालन 6.बत्तख पालन 7.जोड़ा बैल वितरण योजना इन सभी योजनाओं पर राज्य सरकार द्वारा क्रमानुसार 75% से 90% तक का भारी सरकारी अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जा रहा है। *आवेदन प्रक्रिया:* *आवेदन पत्र:* इच्छुक किसान/पशुपालक अपना आवेदन फार्म अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या जिला पशुपालन कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। *ग्राम सभा से अनुमोदन:* योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को योजना के अनुरूप ग्राम सभा से अपना नाम स्वीकृत/पारित करवाना अनिवार्य है। *आवश्यक दस्तावेज:* भरे हुए आवेदन फॉर्म के साथ ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करना आवश्यक है। *जमा करने का स्थान:* पूर्ण रूप से भरे गए आवेदन को संबंधित पशु चिकित्सालय में जमा करें, जिसके बाद विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। *निःशुल्क टीकाकरण कार्यक्रम:* पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए निरंतर टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्तमान में पीपीआर (PPR) तथा एफएमडी (FMD - खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण कार्य प्रगति पर है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने सभी किसानों और पशुपालकों से अनुरोध किया है कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं और सरकार की अनुदानित योजनाओं का लाभ उठाएं।1