बसना (महासमुंद), 26 जुलाई। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद योगेश्वर दास जी तथा बसना अंचल के वीर सपूत डॉ. मेजर गगनदीप सिंह जी भाटिया की पावन स्मृति में निर्मित ‘शहीद स्मारक’ का भव्य लोकार्पण समारोह पी.पी. रोड स्थित दशहरा मैदान, बसना में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लोकार्पण अवसर पर भारत माता के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने अमर जवानों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रूप कुमारी चौधरी जी, सांसद महासमुंद एवं डॉ. संपत अग्रवाल जी, विधायक बसना उपस्थित रहे। इसके अलावा सरायपाली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, फुलझर अंचल एवं बसना क्षेत्र के पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की अमर गाथा का प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 10 बजे भारतीय सशस्त्र सेनाओं—थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना के सम्मान और देशभक्ति के जयघोष के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जनसमूह ने भारत माता की जय और अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाते हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक निर्माण एवं लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त सम्माननीय पूर्व सैनिक सारंगढ़-बिलाईगढ़, पूर्व सैनिक फुलझर अंचल एवं बसना अंचल के क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा। यह स्मारक आने वाले समय में क्षेत्रवासियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा एवं देशप्रेम की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
बसना (महासमुंद), 26 जुलाई। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद योगेश्वर दास जी तथा बसना अंचल के वीर सपूत डॉ. मेजर गगनदीप सिंह जी भाटिया की पावन स्मृति में निर्मित ‘शहीद स्मारक’ का भव्य लोकार्पण समारोह पी.पी. रोड स्थित दशहरा मैदान, बसना में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लोकार्पण अवसर पर भारत माता के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने अमर जवानों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रूप कुमारी चौधरी जी, सांसद महासमुंद एवं डॉ. संपत अग्रवाल जी, विधायक बसना उपस्थित रहे। इसके अलावा सरायपाली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, फुलझर अंचल एवं बसना क्षेत्र के पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की अमर गाथा का प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 10 बजे भारतीय सशस्त्र सेनाओं—थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना के सम्मान और देशभक्ति के जयघोष के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जनसमूह ने भारत माता की जय और अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाते हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक निर्माण एवं लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त सम्माननीय पूर्व सैनिक सारंगढ़-बिलाईगढ़, पूर्व सैनिक फुलझर अंचल एवं बसना अंचल के क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा। यह स्मारक आने वाले समय में क्षेत्रवासियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा एवं देशप्रेम की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।
- बसना (महासमुंद), 26 जुलाई। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद योगेश्वर दास जी तथा बसना अंचल के वीर सपूत डॉ. मेजर गगनदीप सिंह जी भाटिया की पावन स्मृति में निर्मित ‘शहीद स्मारक’ का भव्य लोकार्पण समारोह पी.पी. रोड स्थित दशहरा मैदान, बसना में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लोकार्पण अवसर पर भारत माता के वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने अमर जवानों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रूप कुमारी चौधरी जी, सांसद महासमुंद एवं डॉ. संपत अग्रवाल जी, विधायक बसना उपस्थित रहे। इसके अलावा सरायपाली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, फुलझर अंचल एवं बसना क्षेत्र के पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद स्मारक केवल एक संरचना नहीं, बल्कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की अमर गाथा का प्रतीक है। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देता रहेगा। समारोह का शुभारंभ सुबह 10 बजे भारतीय सशस्त्र सेनाओं—थल सेना, नौसेना एवं वायु सेना के सम्मान और देशभक्ति के जयघोष के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जनसमूह ने भारत माता की जय और अमर शहीदों के सम्मान में नारे लगाते हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक निर्माण एवं लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त सम्माननीय पूर्व सैनिक सारंगढ़-बिलाईगढ़, पूर्व सैनिक फुलझर अंचल एवं बसना अंचल के क्षेत्रवासियों का विशेष योगदान रहा। यह स्मारक आने वाले समय में क्षेत्रवासियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा एवं देशप्रेम की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।1
- बलौदाबाजार के प्रसिद्ध महामाया मंदिर से देवी प्रतिमा के सोने के आभूषण चोरी करने वाले आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय (IPS) के निर्देशन में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान की और उसे ग्राम गबौद से घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, वार्ड क्रमांक 19 निवासी रोहित कुमार साहू ने 26 जुलाई को सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जुलाई की सुबह 9:30 से 10:30 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने महामाया मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा से 5 पत्ती वाला मंगलसूत्र और 1 पत्ती वाला सोने का लॉकेट चोरी कर लिया। मामले में अपराध क्रमांक 626/2026 के तहत धारा 331(3) एवं 305 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। तकनीकी विश्लेषण से आरोपी की पहचान अमन कुमार यादव (22 वर्ष), निवासी ग्राम सिंधोरा, थाना पलारी के रूप में हुई। पुलिस टीम ने पहले आरोपी के घर दबिश दी, लेकिन उसके ग्राम गबौद में रिश्तेदारी में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने ग्राम गबौद में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने मंदिर से सोने के आभूषण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किए गए सोने के 6 लाकेट/पत्ती तथा घटना में प्रयुक्त एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया। आरोपी को सोमवार, 27 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।2
- बलौदाबाजार के प्रसिद्ध महामाया मंदिर में देवी प्रतिमा से सोने के आभूषण चोरी करने की वारदात का सिटी कोतवाली पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के छह आभूषण (लॉकेट/पत्ती) तथा घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय (आईपीएस) के निर्देशन में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और अपराधों के त्वरित निराकरण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सिटी कोतवाली पुलिस ने यह सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 19 निवासी रोहित कुमार साहू ने 26 जुलाई को थाना सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 25 जुलाई की सुबह लगभग 9:30 से 10:30 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने महामाया मंदिर में स्थापित देवी प्रतिमा से पांच पत्ती वाला मंगलसूत्र और एक पत्ती वाला सोने का लॉकेट चोरी कर लिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 626/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(3) एवं 305 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण किया और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। तकनीकी जांच के दौरान आरोपी की पहचान अमन कुमार यादव (22 वर्ष), निवासी ग्राम सिंधोरा, थाना पलारी के रूप में हुई। पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो वह फरार मिला। सूचना मिली कि वह ग्राम गबौद स्थित रिश्तेदारी में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस टीम ने ग्राम गबौद में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने मंदिर से सोने के आभूषण चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए सोने के छह लॉकेट/पत्ती तथा घटना के दौरान उपयोग किया गया एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थलों पर अपराध करने वालों के खिलाफ इसी तरह त्वरित एवं कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- रायपुर जिले के आरंग अंतर्गत ग्राम कोसरंगी में समरस सृजन साहित्य संस्थान भारत की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा राज्य स्तरीय विराट साहित्यिक संगोष्ठी, शपथ ग्रहण, पुस्तक विमोचन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों साहित्यकारों, शिक्षकों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत कोसरंगी की सरपंच श्रीमती दामिनी मिर्झा ने की, जबकि मुख्य अतिथि संस्थान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. मुकेश व्यास 'स्नेहिल' रहे। मुख्य अतिथि डॉ. मुकेश व्यास 'स्नेहिल' ने अपने उद्बोधन में कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संस्कारों को सुदृढ़ करने और समरसता की भावना विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने साहित्यकारों से राष्ट्र, समाज तथा मानवीय मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर सृजन करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा श्रीमती गायत्री साहू 'शिवांगी' की पुस्तक "रक्तदान : राष्ट्र का आह्वान" का लोकार्पण किया गया। समारोह के दौरान नवीन पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई और संगोष्ठी में विभिन्न साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। साथ ही विशिष्ट साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में गायत्री साहू 'शिवांगी', श्रवण कुमार साहू 'प्रखर', लखन लाल साहू 'लहर', रूपेश देवांगन, उपसरपंच श्रीमती मंजू रानी दास और मधु कलश साहित्य समिति कोसरंगी के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन का समापन समरसता, साहित्य सृजन और सामाजिक जागरूकता के संदेश के साथ हुआ।4
- दुर्ग में सोमवार को हिंदुत्व से जुड़े संगठनों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, गो-संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने और गो-पालन मंत्रालय की स्थापना की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत बड़ी संख्या में गो-भक्तों ने रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देशभर में गो-सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। रैली के दौरान कार्यकर्ता जेसीबी पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि हाल के समय में गायों के साथ हो रही अमानवीय घटनाओं से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, गो-संरक्षण के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून लागू करने और अलग से गो-पालन मंत्रालय की स्थापना की मांग की गई है। संगठन का दावा है कि देश की 5,100 तहसीलों से सवा पांच करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ गो-सेवा, सुरक्षा एवं सम्मान के समर्थन में प्रार्थना पत्र भेजा गया था। उनका कहना है कि अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण शासन-प्रशासन को पुनः स्मरण कराने के उद्देश्य से दोबारा ज्ञापन सौंपा गया है।4
- छत्तीसगढ़ के बिल्हा क्षेत्र में सड़क पर कांग्रेस द्वारा मछली पकड़कर विरोध प्रदर्शन किए जाने के मामले में विधायक धरमलाल कौशिक ने पलटवार किया है। बिल्हा में सड़क पर मछली पकड़कर किए गए इस प्रदर्शन के बाद विधायक धरमलाल कौशिक की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- ग्राम मुढ़ीपार में रविवार को एक छटठी कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक बहस के बाद 70 वर्षीय मोहर सिंह सोनी के साथ मारपीट की गई। मोहर सिंह सोनी, जो खेती-किसानी का काम करते हैं, ने बिल्हा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनके अनुसार, गांव के अजय सोनी ने उन्हें अपशब्द कहे और मारपीट की। यह घटना दोपहर 12:30 बजे हुई जब मोहर सिंह अपने नाती संजय सोनी के साथ थे। मोहर सिंह के बड़े भाई महेत्तरू सोनी ने भी घटना की पुष्टि की है। अजय सोनी ने मोहर सिंह को कथित तौर पर गालियां दीं और कहा, 'आज तुम्हे जान से मार दूंगा'। इसके बाद अजय सोनी ने मोहर सिंह को झापड़ और लात मारी, जिससे उन्हें सीने और पीठ में चोटें आईं। मोहर सिंह को कन्हैया सतनामी ने उनके घर पहुंचाया। बिल्हा पुलिस ने मोहर सिंह सोनी की रिपोर्ट पर अपराध धारा- 296, 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।1