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रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक लूटकांड का मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है, जो पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन का परिणाम है।

19 hrs ago
user_Raigarh Chhattisgarh
Raigarh Chhattisgarh
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
19 hrs ago

रायगढ़ कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक लूटकांड का मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है, जो पुलिस के ताबड़तोड़ एक्शन का परिणाम है।

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  • रायगढ़ में अपराध की दुनिया से बाहर आकर तीन दिन के भीतर ही एक और खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले दो आदतन अपराधियों के दुस्साहस को रायगढ़ पुलिस ने नाकाम कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने देर रात ढिमरापुर रोड पर एक युवक से हुई ₹15,200 की लूट के मामले में मात्र 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने इस त्वरित कार्रवाई पर अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना 29-30 जून की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। जगन्नाथ हरिशचंद्र ज्वेलर्स के 31 वर्षीय सेल्समैन त्रिनाथ सामल रायपुर से काम निपटाकर रायगढ़ लौटे थे। मालिक को सामान सौंपकर जब वह अपने कमरे की ओर जा रहे थे, तभी ढिमरापुर रोड पर आदित्य मोटर्स के पास घात लगाए बैठे दो युवकों ने उन्हें रोका। गुंडागर्दी दिखाते हुए, आरोपियों ने त्रिनाथ को पीटा, जमीन पर पटका और उनकी जेब से ₹15,200 लूटकर चैतन्य नगर की ओर फरार हो गए। मामला दर्ज होते ही एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का अल्टीमेटम दिया। कोतवाली पुलिस ने तुरंत घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें काले और मटमैले रंग की शर्ट पहने दो संदिग्ध कैमरे में कैद हो गए। इसके बाद पुलिस के मुखबिर तंत्र ने अपना काम किया और दोनों की पहचान रामभाठा निवासी 19 वर्षीय नीरज टोप्पो और 22 वर्षीय शैलेष मिंज के रूप में हुई। पुलिस टीम ने बिना देरी किए रामभाठा मुक्तिधाम के पास दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनमें से एक आरोपी तो महज तीन दिन पहले ही जेल से छूटा था। लूट के पैसों से दोनों रातों-रात झारसुगुड़ा (ओडिशा) भाग गए और वहां ऐशो-आराम में अधिकांश रकम उड़ा दी। पुलिस ने उनके पास से सिर्फ ₹700 बरामद किए हैं। पीड़ित त्रिनाथ सामल ने मजिस्ट्रेट के सामने पहचान परेड में दोनों आरोपियों को पहचान लिया है। नीरज टोप्पो के खिलाफ पहले से 2 चोरी और 1 लूट का मामला दर्ज है, जबकि शैलेष मिंज के खिलाफ चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर कहा है कि रायगढ़ पुलिस लूट, चोरी और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में एसएसपी के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी व सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और उनकी टीम (उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, पीएसआई प्रिया साहू, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक उत्तम सारथी और कोमल तिवारी) का एक्शन बेहद शानदार रहा।
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    रायगढ़ में अपराध की दुनिया से बाहर आकर तीन दिन के भीतर ही एक और खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले दो आदतन अपराधियों के दुस्साहस को रायगढ़ पुलिस ने नाकाम कर दिया है। कोतवाली पुलिस ने देर रात ढिमरापुर रोड पर एक युवक से हुई ₹15,200 की लूट के मामले में मात्र 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर दोबारा जेल भेज दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह ने इस त्वरित कार्रवाई पर अपराधियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों पर और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना 29-30 जून की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। जगन्नाथ हरिशचंद्र ज्वेलर्स के 31 वर्षीय सेल्समैन त्रिनाथ सामल रायपुर से काम निपटाकर रायगढ़ लौटे थे। मालिक को सामान सौंपकर जब वह अपने कमरे की ओर जा रहे थे, तभी ढिमरापुर रोड पर आदित्य मोटर्स के पास घात लगाए बैठे दो युवकों ने उन्हें रोका। गुंडागर्दी दिखाते हुए, आरोपियों ने त्रिनाथ को पीटा, जमीन पर पटका और उनकी जेब से ₹15,200 लूटकर चैतन्य नगर की ओर फरार हो गए।

मामला दर्ज होते ही एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने का अल्टीमेटम दिया। कोतवाली पुलिस ने तुरंत घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें काले और मटमैले रंग की शर्ट पहने दो संदिग्ध कैमरे में कैद हो गए। इसके बाद पुलिस के मुखबिर तंत्र ने अपना काम किया और दोनों की पहचान रामभाठा निवासी 19 वर्षीय नीरज टोप्पो और 22 वर्षीय शैलेष मिंज के रूप में हुई। पुलिस टीम ने बिना देरी किए रामभाठा मुक्तिधाम के पास दबिश देकर दोनों को धर दबोचा।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनमें से एक आरोपी तो महज तीन दिन पहले ही जेल से छूटा था। लूट के पैसों से दोनों रातों-रात झारसुगुड़ा (ओडिशा) भाग गए और वहां ऐशो-आराम में अधिकांश रकम उड़ा दी। पुलिस ने उनके पास से सिर्फ ₹700 बरामद किए हैं। पीड़ित त्रिनाथ सामल ने मजिस्ट्रेट के सामने पहचान परेड में दोनों आरोपियों को पहचान लिया है। नीरज टोप्पो के खिलाफ पहले से 2 चोरी और 1 लूट का मामला दर्ज है, जबकि शैलेष मिंज के खिलाफ चोरी और मारपीट के मामले दर्ज हैं। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई पर कहा है कि रायगढ़ पुलिस लूट, चोरी और असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है और आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे ऑपरेशन में एसएसपी के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी व सीएसपी श्री मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सुखनंदन पटेल और उनकी टीम (उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, पीएसआई प्रिया साहू, एएसआई कोसो सिंह, आरक्षक उत्तम सारथी और कोमल तिवारी) का एक्शन बेहद शानदार रहा।
    user_RM24 News
    RM24 News
    Local News Reporter Raigarh, Chhattisgarh•
    5 hrs ago
  • रायगढ़ जिला पुलिस बल के लिए आज का दिन भावनात्मक और गौरवपूर्ण रहा, जब उप निरीक्षक हेतराम सिदार और आरक्षक निस्तोर तिर्की अपनी लंबी और अनुकरणीय सेवा के बाद विधिवत सेवानिवृत्त हुए। पुलिस कार्यालय रायगढ़ में आयोजित एक गरिमामय सेवा सम्मान समारोह में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और विभाग की ओर से उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजन भी मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय बन गया। रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक हेतराम सिदार वर्ष 1984 में अविभाजित मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत और कार्यकुशलता से पदोन्नति प्राप्त करते हुए उन्होंने कोरबा, जांजगीर, बिलासपुर सहित विभिन्न जिलों में लगभग चार दशकों तक सेवाएं दीं, और वर्ष 2014 में उप निरीक्षक बने। वे डीसीआरबी प्रभारी के रूप में रायगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। वहीं, आरक्षक निस्तोर तिर्की ने वर्ष 1983 में जिला जगदलपुर से आरक्षक के रूप में अपना पुलिस जीवन शुरू किया था। वर्ष 1993 में उनका स्थानांतरण रायगढ़ हुआ, जहाँ उन्होंने यातायात, कोतवाली, चौकी जोबी, रक्षित केंद्र, जूटमिल, कापू, धरमजयगढ़ और लैलूंगा जैसे विभिन्न थानों एवं इकाइयों में कुशलतापूर्वक जिम्मेदारियाँ निभाईं और ट्रेजरी गार्ड धरमजयगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। गर्व की बात यह भी है कि उनका पुत्र सिकंदर तिर्की भी वर्तमान में पुलिस विभाग में सेवारत है, जो परिवार की दूसरी पीढ़ी के रूप में पुलिस सेवा का दायित्व निभा रहा है। समारोह में दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उप निरीक्षक हेतराम सिदार ने पुलिस विभाग में सेवा को अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय बताया, जबकि निस्तोर तिर्की ने कहा कि वर्दी पहनकर समाज और देश की सेवा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है, और उनके पुत्र के भी इसी विभाग में होने से यह गर्व और भी बढ़ गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति केवल सेवा का औपचारिक समापन है, विभाग से उनका आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहेगा और भविष्य में किसी भी आवश्यकता पर विभाग उनके साथ खड़ा रहेगा। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर दी गई शुभकामनाओं और स्वल्पाहार के साथ एक आत्मीय विदाई के साथ हुआ।
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    रायगढ़ जिला पुलिस बल के लिए आज का दिन भावनात्मक और गौरवपूर्ण रहा, जब उप निरीक्षक हेतराम सिदार और आरक्षक निस्तोर तिर्की अपनी लंबी और अनुकरणीय सेवा के बाद विधिवत सेवानिवृत्त हुए। पुलिस कार्यालय रायगढ़ में आयोजित एक गरिमामय सेवा सम्मान समारोह में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया और विभाग की ओर से उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिजन भी मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम का माहौल और भी आत्मीय बन गया।

रक्षित निरीक्षक श्री अमित सिंह ने बताया कि उप निरीक्षक हेतराम सिदार वर्ष 1984 में अविभाजित मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत और कार्यकुशलता से पदोन्नति प्राप्त करते हुए उन्होंने कोरबा, जांजगीर, बिलासपुर सहित विभिन्न जिलों में लगभग चार दशकों तक सेवाएं दीं, और वर्ष 2014 में उप निरीक्षक बने। वे डीसीआरबी प्रभारी के रूप में रायगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। वहीं, आरक्षक निस्तोर तिर्की ने वर्ष 1983 में जिला जगदलपुर से आरक्षक के रूप में अपना पुलिस जीवन शुरू किया था। वर्ष 1993 में उनका स्थानांतरण रायगढ़ हुआ, जहाँ उन्होंने यातायात, कोतवाली, चौकी जोबी, रक्षित केंद्र, जूटमिल, कापू, धरमजयगढ़ और लैलूंगा जैसे विभिन्न थानों एवं इकाइयों में कुशलतापूर्वक जिम्मेदारियाँ निभाईं और ट्रेजरी गार्ड धरमजयगढ़ से सेवानिवृत्त हुए। गर्व की बात यह भी है कि उनका पुत्र सिकंदर तिर्की भी वर्तमान में पुलिस विभाग में सेवारत है, जो परिवार की दूसरी पीढ़ी के रूप में पुलिस सेवा का दायित्व निभा रहा है।

समारोह में दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल के अनुभव साझा किए। उप निरीक्षक हेतराम सिदार ने पुलिस विभाग में सेवा को अपने जीवन का सबसे गौरवपूर्ण अध्याय बताया, जबकि निस्तोर तिर्की ने कहा कि वर्दी पहनकर समाज और देश की सेवा करना उनके लिए गर्व का विषय रहा है, और उनके पुत्र के भी इसी विभाग में होने से यह गर्व और भी बढ़ गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी ने उनके स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए आश्वस्त किया कि सेवानिवृत्ति केवल सेवा का औपचारिक समापन है, विभाग से उनका आत्मीय रिश्ता सदैव बना रहेगा और भविष्य में किसी भी आवश्यकता पर विभाग उनके साथ खड़ा रहेगा। कार्यक्रम का समापन उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर दी गई शुभकामनाओं और स्वल्पाहार के साथ एक आत्मीय विदाई के साथ हुआ।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • सभी सतलोक आश्रमों में अनेकों दहेज रहित विवाह समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से कई जोड़ों ने बिना किसी दहेज के विवाह बंधन में बंधकर एक मिसाल कायम की है। इन प्रेरणादायक विवाहों की पूरी वीडियो 'SANT RAMPAL JI MAHARAJ YouTube Channel' पर अवश्य देखी जा सकती है।
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    सभी सतलोक आश्रमों में अनेकों दहेज रहित विवाह समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से कई जोड़ों ने बिना किसी दहेज के विवाह बंधन में बंधकर एक मिसाल कायम की है। इन प्रेरणादायक विवाहों की पूरी वीडियो 'SANT RAMPAL JI MAHARAJ YouTube Channel' पर अवश्य देखी जा सकती है।
    user_Akkena Chinababu
    Akkena Chinababu
    बरमकेला, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • प्रधानमंत्री आवास योजना की नई पात्रता सूची जारी होने के बाद कई जिलों में यह बड़ा सवाल उठा है कि सर्वे होने के बावजूद लोगों के नाम सूची से कैसे गायब हो गए। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी सैकड़ों ग्रामीण इसी मुद्दे पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, जहां जिला प्रशासन ने नाम हटने का कारण सिस्टम-स्तरीय जांच और 'एआई सिस्टम' से जुड़ी प्रक्रिया को बताया है। जिले की कई ग्राम पंचायतों के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आरोप लगा रहे हैं कि उनका सर्वे तो हुआ था, लेकिन अंतिम सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए। इस स्थिति के बीच, जिला सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के बाद हुई जांच में कुछ नाम सिस्टम स्तर पर हटा दिए गए हैं। यह मामला केवल तीन ग्राम पंचायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यदि वास्तव में पात्र परिवार सूची से बाहर रह गए हैं, तो यह हजारों गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं: आखिर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में क्यों नहीं है, इसे कैसे सुधारा जाएगा, और क्या दोबारा जांच की जाएगी? ग्रामीणों की यह भी मांग है कि छूटे हुए पात्र परिवारों की दोबारा जांच हो, और जिन लोगों का सर्वे हुआ था, उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिले। इसके साथ ही, प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह पारदर्शी तरीके से यह बताए कि किस आधार पर नाम जोड़े गए और किस आधार पर हटाए गए, ताकि व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
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    प्रधानमंत्री आवास योजना की नई पात्रता सूची जारी होने के बाद कई जिलों में यह बड़ा सवाल उठा है कि सर्वे होने के बावजूद लोगों के नाम सूची से कैसे गायब हो गए। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में भी सैकड़ों ग्रामीण इसी मुद्दे पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, जहां जिला प्रशासन ने नाम हटने का कारण सिस्टम-स्तरीय जांच और 'एआई सिस्टम' से जुड़ी प्रक्रिया को बताया है।

जिले की कई ग्राम पंचायतों के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर आरोप लगा रहे हैं कि उनका सर्वे तो हुआ था, लेकिन अंतिम सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए। इस स्थिति के बीच, जिला सीईओ इंद्रजीत बर्मन ने स्पष्ट किया है कि सर्वे के बाद हुई जांच में कुछ नाम सिस्टम स्तर पर हटा दिए गए हैं।

यह मामला केवल तीन ग्राम पंचायतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यदि वास्तव में पात्र परिवार सूची से बाहर रह गए हैं, तो यह हजारों गरीब परिवारों के लिए बड़ी चिंता का विषय है। इस संबंध में कई महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं: आखिर किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में क्यों नहीं है, इसे कैसे सुधारा जाएगा, और क्या दोबारा जांच की जाएगी? ग्रामीणों की यह भी मांग है कि छूटे हुए पात्र परिवारों की दोबारा जांच हो, और जिन लोगों का सर्वे हुआ था, उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिले। इसके साथ ही, प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह पारदर्शी तरीके से यह बताए कि किस आधार पर नाम जोड़े गए और किस आधार पर हटाए गए, ताकि व्याप्त भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • सक्ती पुलिस ने 26 जून को हुए महिला हत्याकांड की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझा ली है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जाँच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह प्रेम संबंध था। मृतक महिला के पति-पत्नी पर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप है। महिला की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी देने का दावा किया गया है, जिसके बाद दो शूटरों ने गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से 1 पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, मामले से संबंधित 2 मोटरसाइकिलें, 7 मोबाइल फोन और 71,500 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।
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    सक्ती पुलिस ने 26 जून को हुए महिला हत्याकांड की गुत्थी सफलतापूर्वक सुलझा ली है। पुलिस ने इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जाँच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की मुख्य वजह प्रेम संबंध था। मृतक महिला के पति-पत्नी पर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप है। महिला की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी देने का दावा किया गया है, जिसके बाद दो शूटरों ने गोली मारकर वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस ने मुख्य आरोपी के पास से 1 पिस्टल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, मामले से संबंधित 2 मोटरसाइकिलें, 7 मोबाइल फोन और 71,500 रुपए नकद भी जब्त किए गए हैं।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    19 hrs ago
  • एक ओर देश 'विकसित भारत' के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पारेमेर का आश्रित ग्राम कौहाड़ाही आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ों के बीच बसा यह आदिवासी बहुल गाँव, जो विशेष पिछड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों की आबादी वाला है, इसकी तस्वीर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गहरी खाई को उजागर करती है। इस गाँव तक पहुँचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही आवागमन के लिए कोई समुचित कच्चा मार्ग उपलब्ध है, जिससे बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। कई परिवार आज भी मिट्टी के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी यहाँ पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति चिंतनीय है, क्योंकि गाँव में केवल एक प्राथमिक शाला संचालित है, जिसका संचालन भी आंगनबाड़ी भवन में किया जा रहा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दर्शाता है। सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के विकास और मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, आवास, शिक्षा, पेयजल तथा विद्युत के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये की योजनाओं और बजट का दावा करती हैं। इसके बावजूद, कौहाड़ाही जैसे गाँवों की यह स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर ये विकास योजनाएँ धरातल तक क्यों नहीं पहुँच पा रही हैं और क्यों आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाने का समय है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन कौहाड़ाही जैसे उपेक्षित गाँवों की ओर गंभीरता से ध्यान देगा और उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाएगा, ताकि इस दूरस्थ आदिवासी अंचल में भी विकास के बड़े दावे पूरे हो सकें।
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    एक ओर देश 'विकसित भारत' के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पारेमेर का आश्रित ग्राम कौहाड़ाही आज भी विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर है। घने जंगलों और ऊँचे पहाड़ों के बीच बसा यह आदिवासी बहुल गाँव, जो विशेष पिछड़ी कोरवा जनजाति के परिवारों की आबादी वाला है, इसकी तस्वीर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच एक गहरी खाई को उजागर करती है।

इस गाँव तक पहुँचने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही आवागमन के लिए कोई समुचित कच्चा मार्ग उपलब्ध है, जिससे बरसात के मौसम में हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। कई परिवार आज भी मिट्टी के कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं, जबकि बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी यहाँ पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति चिंतनीय है, क्योंकि गाँव में केवल एक प्राथमिक शाला संचालित है, जिसका संचालन भी आंगनबाड़ी भवन में किया जा रहा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी को दर्शाता है।

सरकारें आदिवासी क्षेत्रों के विकास और मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, आवास, शिक्षा, पेयजल तथा विद्युत के लिए हर वर्ष करोड़ों रुपये की योजनाओं और बजट का दावा करती हैं। इसके बावजूद, कौहाड़ाही जैसे गाँवों की यह स्थिति यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर ये विकास योजनाएँ धरातल तक क्यों नहीं पहुँच पा रही हैं और क्यों आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को विवश हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब केवल घोषणाओं का नहीं, बल्कि धरातल पर परिणाम दिखाने का समय है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन कौहाड़ाही जैसे उपेक्षित गाँवों की ओर गंभीरता से ध्यान देगा और उन्हें भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ठोस एवं समयबद्ध कदम उठाएगा, ताकि इस दूरस्थ आदिवासी अंचल में भी विकास के बड़े दावे पूरे हो सकें।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    19 hrs ago
  • रायगढ़ में खुले बिजली के तार अब जानलेवा खतरा बन गए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, रायगढ़ महापौर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस खतरे को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।
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    रायगढ़ में खुले बिजली के तार अब जानलेवा खतरा बन गए हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, रायगढ़ महापौर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस खतरे को जल्द से जल्द दूर किया जा सके।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    18 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के लैलूंगा कॉलेज में एक बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहाँ एक छात्रा ने अश्लील मैसेज भेजने वाले प्रोफेसर को सरेआम कॉलर पकड़कर थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है, जिसने मामले को और भी अधिक चर्चा में ला दिया है।
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    छत्तीसगढ़ के लैलूंगा कॉलेज में एक बड़ा हंगामा देखने को मिला है। यहाँ एक छात्रा ने अश्लील मैसेज भेजने वाले प्रोफेसर को सरेआम कॉलर पकड़कर थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है, जिसने मामले को और भी अधिक चर्चा में ला दिया है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    10 min ago
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