हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर बलभद्र गांव में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब एक बजे अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच खेत में खीरे की गुड़ाई कर रहे छह मजदूर बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद खेत में चीख-पुकार मच गई और आसपास काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। इस घटना में उमेश, सचिन, हंसू, शेरू, नीरज और कोमल नामक मजदूर झुलस गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी घायलों को खेत से बाहर निकाला और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद, दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य चार का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल में ग्रामीणों व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। पूरे गांव में इस हादसे के बाद दहशत का माहौल है, जहां लोगों का कहना है कि मौसम इतनी तेजी से खराब हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और ऐसे समय में खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बारिश के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम न करें, और यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें, तथा बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं गांव में लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर बलभद्र गांव में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब एक बजे अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच खेत में खीरे की गुड़ाई कर रहे छह मजदूर बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद खेत में चीख-पुकार मच गई और आसपास काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। इस घटना में उमेश, सचिन, हंसू, शेरू, नीरज और कोमल नामक मजदूर झुलस गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी घायलों को खेत से बाहर निकाला और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार
दिए जाने के बाद, दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य चार का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल में ग्रामीणों व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। पूरे गांव में इस हादसे के बाद दहशत का माहौल है, जहां लोगों का कहना है कि मौसम इतनी तेजी से खराब हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और ऐसे समय में खेतों, खुले
मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बारिश के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम न करें, और यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें, तथा बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं गांव में लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
- दरियापुर बलभद्र में आकाशीय बिजली का कहर देखने को मिला, जहाँ छह लोग झुलस गए। घटना उस वक्त हुई जब ये सभी खीरे की गुड़ाई का काम कर रहे थे और आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए।1
- हरदोई के पचदेवरा थाना क्षेत्र में झाड़-फूंक के बहाने एक महिला को बेहोश कर उसके सोने के कुंडल नोचने वाले एक गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके कब्जे से लूटे गए सोने के कुंडल भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। थाना क्षेत्र के मैकपुर गांव निवासी माया देवी ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया था कि 26 जून को दो युवक झाड़-फूंक करने के बहाने उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने उसे एक धागा सुंघाया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद, आरोपियों ने उसके कानों से सोने के कुंडल नोच लिए और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रभारी निरीक्षक राकेश यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर फतेहपुर अंडरपास के पास से अरविंद नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। अरविंद ने पूछताछ में अपना नाम अरविंद पुत्र स्वर्गीय लाल बहादुर निवासी नई बस्ती, थाना शाहाबाद बताया। पुलिस के अनुसार, बरामद सोने के कुंडलों की पहचान पीड़िता ने अपने कुंडलों के रूप में की है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपने दो साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम प्रयासरत है।2
- हरियाणा के आईएमटी मानेसर स्थित सेक्टर 8 में सुबह 6 बजे से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। इस जलभराव के चलते क्षेत्र से आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 'ध्रुव' नामक व्यक्ति ने मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को छुड़ा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे इस पूरी घटना से संबंधित एक वीडियो की जांच की मांग कर रहे हैं।1
- हरदोई जिले के पाली थाना क्षेत्र के दरियापुर बलभद्र गांव में गुरुवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। दोपहर करीब एक बजे अचानक बदले मौसम और तेज गर्जना के बीच खेत में खीरे की गुड़ाई कर रहे छह मजदूर बिजली की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद खेत में चीख-पुकार मच गई और आसपास काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़ पड़े। इस घटना में उमेश, सचिन, हंसू, शेरू, नीरज और कोमल नामक मजदूर झुलस गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए सभी घायलों को खेत से बाहर निकाला और निजी वाहनों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार दिए जाने के बाद, दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य चार का उपचार स्थानीय अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल में ग्रामीणों व रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। पूरे गांव में इस हादसे के बाद दहशत का माहौल है, जहां लोगों का कहना है कि मौसम इतनी तेजी से खराब हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और ऐसे समय में खेतों, खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर रुकना जानलेवा हो सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और बारिश के दौरान खेतों या खुले स्थानों पर काम न करें, और यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन या सुरक्षित स्थान पर शरण लें, तथा बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है और चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं गांव में लोग घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।3