कटनी नगर//- 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686
कटनी नगर//- 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686
- महापौर के कार्यकाल में फुटकर सब्जी विक्रेता महिला से कथित दुर्व्यवहार, अतिक्रमण टीम की कार्रवाई पर उठे सवाल1
- *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏 *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏2
- 7 दिवसीय रामधुन कार्यक्रम का हर्ष उल्लाह आनंद उत्साह उमंग के साथ जलविहार कार्यक्रम संपन्न1
- मां शारदा मंदिर अब तेंदुआ सीढ़ी मार्ग पर उतरने लगा है मंदिर का सीढ़ी मार्ग श्रद्धालुओं और बच्चों के चलने का आम रास्ता है जहां एक शिकारी जीव का मूवमेंट जनहानि का कारण बन सकता है वन विभाग आखिर क्यों नहीं तेंदुए को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में नहीं ले जा रहा1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला ड्रीम्स वैली स्कूल के पास कार दुर्घटनाग्रस्त, घायलों को अस्पताल भेजा सतना। उचेहरा-मैहर मार्ग पर ड्रीम्स वैली स्कूल के समीप सड़क हादसा हो गया। मैहर की ओर जा रही कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई स्थानीय लोगों की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।1
- कटनी वेयरहाउस मालिकों का कलेक्टर को शिकायती पत्र आखिर क्यो कटनी के बेयर हाऊस मालिको ने कटनी कलेक्टर के नाम सौपा शिकायती पत्र आखिर कौन कर रहा है उन्हे प्रताड़ित और उन्होने किसकी शिकायत की1
- सभी जाति वर्ग के लोग मंदिर बनवाओ पैसा चढ़ाओ पर मलाई एक ही जाति के लोग पूजा करें चोरी भगवान के नाम पर चढ़ाया हुआ सोना चांदी पंडित पुजारी चोरी करके ले जाए अपने घर1
- हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल... *हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल* मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।1
- बजरंग दल वालों ने भैंस चुराई ओबीसी एससी एसटी हो जाओ तैयार साथियों बजरंग दल के गुंडो खटमलों को जूता मारो सालों को ग्राम पिपरई लोधी ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार के वाहनों कपड़े जलाने वालों दंगाइयों गुंडो खटमलों को जूता बजरंग दल वालों ने भैंस चुराई ओबीसी एससी एसटी हो जाओ तैयार साथियों बजरंग दल के गुंडो को जूता मारो सालों को ग्राम पिपरई लोधी ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार के वाहनों कपड़े जलाने वालों दंगाइयों गुंडो खटमलों को जूता मारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी समाज के व्यक्ति को नंगा करके घुमाया जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी संपत्ति मकान पर बुलडोजर नहीं चल सकतामारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी अशोकनगर का पुलिस प्रशासन देख रहा इन दंगाइयों का साथ देता रहा1