हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल... *हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल* मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।
हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल... *हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल* मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।
- कहानी बदलाव की सशक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत नवीन सिंघनिया को मिला सरकार का साथ,बढाया आत्मनिर्भरता की ओर कदम #SevaSankalpAbhiyan #सेवा_संकल्प_अभियान #शहडोल #shahdol1
- कप्तान के सख्त निर्देशों के बावजूद बेखौफ रेत का खेल*! *भूतहा नाला से रोजाना हो रहा रेत का कथित अवैध उत्खनन, तड़के ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप* *धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में नगर पालिका हल्दी घाटी नर्सरी के पास लंबे समय से चल रहा कारोबार; वन अमले की कथित मिलीभगत की भी चर्चा* धनपुरी/शहडोल। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी इलाके में भूतहा नाला से कथित रूप से लगातार रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका की हल्दी घाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला इन दिनों कथित अवैध रेत कारोबार का केंद्र बना हुआ है, जहां रोजाना मजदूरों के माध्यम से रेत निकालकर आसपास अलग-अलग स्थानों पर जमा किए जाने और बाद में ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात कही जा रही है। दिनभर उत्खनन, भोर में ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप स्थानीय सूत्रों का दावा है कि भूतहा नाला क्षेत्र में दिन के समय मजदूरों को लगाकर रेत निकलवाई जाती है। इसके बाद रेत को मुख्य स्थान से कुछ दूरी पर छोटे-छोटे ढेरों के रूप में कथित तौर पर भंडारित किया जाता है। बताया जा रहा है कि सुबह तड़के, जब क्षेत्र में आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है, ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न केवल अवैध उत्खनन पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा, बल्कि प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरण पर भी इसके प्रभाव की जांच जरूरी हो जाएगी। एसपी के निर्देशों के बाद भी संचालन ने खड़े किए सवाल अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कथित रूप से कई दिनों से चल रहे इस कारोबार की शिकायतों के बावजूद यदि गतिविधियां जारी हैं, तो यह स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा भूतहा नाला और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण किया जाए तथा दिन और तड़के के समय ट्रैक्टरों की आवाजाही की जांच की जाए, तो कथित रेत कारोबार की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वन अमले की कथित भूमिका की भी चर्चा इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा वन विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि भूतहा नाला क्षेत्र से रेत निकासी किसकी अनुमति से हो रही है और यदि अनुमति नहीं है तो इतने दिनों से गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं। जिम्मेदार विभाग करे मौके पर जांच मामले में पुलिस, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि रेत कहां से निकाली जा रही है, किसके निर्देश पर मजदूर लगाए जा रहे हैं, रेत का भंडारण किन स्थानों पर किया जा रहा है और किन वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कथित रेत उत्खनन के मामले में कब तक मौके पर पहुंचकर जांच करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।1
- कुपोषण मुक्त अभियान: डिण्डौरी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष ‘पोषण माह’ अभियान डिण्डौरी।शासन के निर्देशों के तहत जिले भर में 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा समाज से कुपोषण को दूर करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की देखरेख में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख गतिविधियां व उद्देश्य: पोषण प्रदर्शनी का आयोजन: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। हितग्राहियों को मार्गदर्शन: केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और परिजनों को भोजन की पौष्टिकता (न्यूट्रिएंट वैल्यू) के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। कुपोषण पर वार: कुपोषित बच्चों और माताओं के खानपान में सुधार लाने के लिए नियमित निगरानी और विशेष पोषण परामर्श दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्याम सिंगौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी केंद्रों को पूर्व में ही आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही को इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।1
- *कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ... *कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...2
- इनकी बददुआएं तो मत लो कटनी नगर निगम पुनः निवेदन करता हूं—इनकी बददुआएं तो मत लो नगर निगम 🙏🚩 जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लो... जो गरीब छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके महज 100, 200 या 500 रुपये कमाते हैं, उनकी सब्जियां इस तरह उठा ली जाएं तो उनके परिवार पर क्या गुजरती होगी, यह समझने की जरूरत है। आज एक बुजुर्ग माता को रोते हुए देखा। बताया गया कि छीनाझपटी के दौरान उनके सिर में चोट भी लगी। यह दृश्य देखकर मन विचलित हो गया। वीडियो मौजूद होने के बावजूद उसे साझा करने का मन नहीं हुआ। 🙏 मैं नगर निगम की कार्यवाही को गलत नहीं ठहरा रहा हूं। शहर में व्यवस्था और अतिक्रमण नियंत्रण जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि कार्रवाई का तरीका क्या हो? अगर छोटे दुकानदारों को हटाना है तो पहले उनके लिए उचित स्थान और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्हें समझाइश दी जाए और व्यवस्था के अनुसार व्यापार करने का अवसर दिया जाए। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। गरीबों की सब्जियां उठाकर या उन्हें परेशान करके आखिर हम कौन-सी व्यवस्था बना रहे हैं? बड़े दुकानदारों और प्रभावशाली स्थानों पर भी इसी तरह नियमों का समान रूप से पालन कराया जाए, तभी आम लोगों को कार्रवाई की निष्पक्षता पर भरोसा होगा। नगर निगम से पुनः विनम्र निवेदन है कि गरीबों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाए। व्यवस्था बनाइए, रास्ता दीजिए, रोजगार का सम्मान कीजिए— क्योंकि जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लीजिए।1
- सरपंच सचिव का ग्रामीणों ने किया खुलकर विरोध1
- कहानी बदलाव की, स्वस्थ्य भारत, स्वस्थ्य समाज आयुष्मान कार्ड योजना से पात्र मरीजों का हो रहा नि: शुल्क उपचार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार #शहडोल #shahdol #SevaSankalpAbhiyan #सेवा_संकल्प_अभियान1
- कप्तान के सख्त निर्देशों के बावजूद बेखौफ रेत का खेल*! *भूतहा नाला से रोजाना हो रहा रेत का कथित अवैध उत्खनन, तड़के ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप* *धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में नगर पालिका हल्दी घाटी नर्सरी के पास लंबे समय से चल रहा कारोबार; वन अमले की कथित मिलीभगत की भी चर्चा* धनपुरी/शहडोल। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी इलाके में भूतहा नाला से कथित रूप से लगातार रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका की हल्दी घाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला इन दिनों कथित अवैध रेत कारोबार का केंद्र बना हुआ है, जहां रोजाना मजदूरों के माध्यम से रेत निकालकर आसपास अलग-अलग स्थानों पर जमा किए जाने और बाद में ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात कही जा रही है। दिनभर उत्खनन, भोर में ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप स्थानीय सूत्रों का दावा है कि भूतहा नाला क्षेत्र में दिन के समय मजदूरों को लगाकर रेत निकलवाई जाती है। इसके बाद रेत को मुख्य स्थान से कुछ दूरी पर छोटे-छोटे ढेरों के रूप में कथित तौर पर भंडारित किया जाता है। बताया जा रहा है कि सुबह तड़के, जब क्षेत्र में आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है, ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न केवल अवैध उत्खनन पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा, बल्कि प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरण पर भी इसके प्रभाव की जांच जरूरी हो जाएगी। एसपी के निर्देशों के बाद भी संचालन ने खड़े किए सवाल अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कथित रूप से कई दिनों से चल रहे इस कारोबार की शिकायतों के बावजूद यदि गतिविधियां जारी हैं, तो यह स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा भूतहा नाला और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण किया जाए तथा दिन और तड़के के समय ट्रैक्टरों की आवाजाही की जांच की जाए, तो कथित रेत कारोबार की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वन अमले की कथित भूमिका की भी चर्चा इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा वन विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि भूतहा नाला क्षेत्र से रेत निकासी किसकी अनुमति से हो रही है और यदि अनुमति नहीं है तो इतने दिनों से गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं। जिम्मेदार विभाग करे मौके पर जांच मामले में पुलिस, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि रेत कहां से निकाली जा रही है, किसके निर्देश पर मजदूर लगाए जा रहे हैं, रेत का भंडारण किन स्थानों पर किया जा रहा है और किन वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कथित रेत उत्खनन के मामले में कब तक मौके पर पहुंचकर जांच करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।4
- *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏 *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏2