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कुपोषण मुक्त अभियान: डिण्डौरी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष ‘पोषण माह’ अभियान डिण्डौरी।शासन के निर्देशों के तहत जिले भर में 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा समाज से कुपोषण को दूर करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की देखरेख में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख गतिविधियां व उद्देश्य: पोषण प्रदर्शनी का आयोजन: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। हितग्राहियों को मार्गदर्शन: केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और परिजनों को भोजन की पौष्टिकता (न्यूट्रिएंट वैल्यू) के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। कुपोषण पर वार: कुपोषित बच्चों और माताओं के खानपान में सुधार लाने के लिए नियमित निगरानी और विशेष पोषण परामर्श दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्याम सिंगौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी केंद्रों को पूर्व में ही आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही को इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।

13 hrs ago
user_मोर डिण्डौरी
मोर डिण्डौरी
Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

कुपोषण मुक्त अभियान: डिण्डौरी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष ‘पोषण माह’ अभियान डिण्डौरी।शासन के निर्देशों के तहत जिले भर में 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा समाज से कुपोषण को दूर करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की देखरेख में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख गतिविधियां व उद्देश्य: पोषण प्रदर्शनी का आयोजन: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। हितग्राहियों को मार्गदर्शन: केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और परिजनों को भोजन की पौष्टिकता (न्यूट्रिएंट वैल्यू) के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। कुपोषण पर वार: कुपोषित बच्चों और माताओं के खानपान में सुधार लाने के लिए नियमित निगरानी और विशेष पोषण परामर्श दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्याम सिंगौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी केंद्रों को पूर्व में ही आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही को इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।

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  • कुपोषण मुक्त अभियान: डिण्डौरी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष ‘पोषण माह’ अभियान डिण्डौरी।शासन के निर्देशों के तहत जिले भर में 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा समाज से कुपोषण को दूर करना है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की देखरेख में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रमुख गतिविधियां व उद्देश्य: पोषण प्रदर्शनी का आयोजन: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। हितग्राहियों को मार्गदर्शन: केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और परिजनों को भोजन की पौष्टिकता (न्यूट्रिएंट वैल्यू) के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है। कुपोषण पर वार: कुपोषित बच्चों और माताओं के खानपान में सुधार लाने के लिए नियमित निगरानी और विशेष पोषण परामर्श दिया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्याम सिंगौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी केंद्रों को पूर्व में ही आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही को इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।
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    कुपोषण मुक्त अभियान:   डिण्डौरी जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में 9 अक्टूबर तक चलेगा विशेष ‘पोषण माह’ अभियान
डिण्डौरी।शासन के निर्देशों के तहत जिले भर में 9 सितंबर से 9 अक्टूबर तक विशेष पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा समाज से कुपोषण को दूर करना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की देखरेख में कई तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रमुख गतिविधियां व उद्देश्य:
पोषण प्रदर्शनी का आयोजन: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय और पौष्टिक खाद्य सामग्रियों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है।
हितग्राहियों को मार्गदर्शन: केंद्रों पर आने वाली गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और परिजनों को भोजन की पौष्टिकता (न्यूट्रिएंट वैल्यू) के बारे में विस्तार से समझाया जा रहा है।
कुपोषण पर वार: कुपोषित बच्चों और माताओं के खानपान में सुधार लाने के लिए नियमित निगरानी और विशेष पोषण परामर्श दिया जा रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्याम सिंगौर ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए सभी केंद्रों को पूर्व में ही आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर हर पात्र हितग्राही को इस अभियान का सीधा लाभ मिल सके।
    user_मोर डिण्डौरी
    मोर डिण्डौरी
    Local News Reporter शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • धमोखर में हाथियों की ‘पांच दिन की छुट्टी’, नन्हा कृष्णा बना आकर्षण उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरुवार को झमाझम बारिश के बीच पांच दिवसीय हाथी महोत्सव एवं पुनर्यौवनीकरण कैंप 2026 का शुभारंभ हुआ। धमोखर बफर क्षेत्र के परासी गेट के समीप आयोजित यह महोत्सव 28 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान जंगल की सुरक्षा, गश्त और रेस्क्यू अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैम्प हाथियों की विशेष देखभाल की जाएगी। उद्घाटन कार्यक्रम में उमरिया कलेक्टर राखी सहाय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में DFO विवेक सिंह, जिला पंचायत CEO अभय सिंह ओहरिया, संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी, BTR उप संचालक योहान कटारा सहित वन विभाग के अधिकारी, पत्रकार, EDC अध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। 15 हाथियों में 9 की महोत्सव में मौजूदगी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 15 कैम्प हाथी हैं। इनमें चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन और दो अनुश्रवण कार्य में लगे हुए हैं। शेष नौ हाथियों को पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल किया गया है। पांच दिनों के दौरान इनका स्वास्थ्य परीक्षण, स्नान, मालिश और विशेष देखभाल की जाएगी। पसंदीदा भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस आयोजन में नन्हा कृष्णा खास आकर्षण बना हुआ है। अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में जन्मे कृष्णा का नामकरण 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान किया गया था। अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वह महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान खींच रहा है। गौतम सबसे उम्रदराज, कृष्णा सबसे छोटा बांधवगढ़ के हाथी परिवार में 10 नर और पांच मादा हाथी हैं। नर हाथियों में 80 वर्षीय गौतम सबसे उम्रदराज हैं, जबकि मादा हाथियों में 62 वर्षीय अनारकली सबसे बुजुर्ग है। दूसरी ओर करीब एक वर्ष का कृष्णा इस परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। रेस्क्यू में व्यस्त हाथी नहीं हो सके शामिल मैहर वन मंडल के गोरसरी क्षेत्र में जंगली हाथी के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते बांधवगढ़ के कुछ कैम्प हाथी और रेस्क्यू दल महोत्सव में शामिल नहीं हो सके। विभागीय टीम वहां रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों को आराम और विशेष देखभाल देने के साथ उनके स्वास्थ्य की निगरानी करना तथा स्थानीय समुदाय को हाथियों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस बार परासी गेट को आयोजन स्थल बनाए जाने से धमोखर बफर क्षेत्र में पर्यटन और ग्रामीण सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
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    धमोखर में हाथियों की ‘पांच दिन की छुट्टी’, नन्हा कृष्णा बना आकर्षण
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरुवार को झमाझम बारिश के बीच पांच दिवसीय हाथी महोत्सव एवं पुनर्यौवनीकरण कैंप 2026 का शुभारंभ हुआ। धमोखर बफर क्षेत्र के परासी गेट के समीप आयोजित यह महोत्सव 28 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान जंगल की सुरक्षा, गश्त और रेस्क्यू अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैम्प हाथियों की विशेष देखभाल की जाएगी।
उद्घाटन कार्यक्रम में उमरिया कलेक्टर राखी सहाय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में DFO विवेक सिंह, जिला पंचायत CEO अभय सिंह ओहरिया, संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी, BTR उप संचालक योहान कटारा सहित वन विभाग के अधिकारी, पत्रकार, EDC अध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।
15 हाथियों में 9 की महोत्सव में मौजूदगी
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 15 कैम्प हाथी हैं। इनमें चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन और दो अनुश्रवण कार्य में लगे हुए हैं। शेष नौ हाथियों को पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल किया गया है। पांच दिनों के दौरान इनका स्वास्थ्य परीक्षण, स्नान, मालिश और विशेष देखभाल की जाएगी। पसंदीदा भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
इस आयोजन में नन्हा कृष्णा खास आकर्षण बना हुआ है। अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में जन्मे कृष्णा का नामकरण 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान किया गया था। अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वह महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान खींच रहा है।
गौतम सबसे उम्रदराज, कृष्णा सबसे छोटा
बांधवगढ़ के हाथी परिवार में 10 नर और पांच मादा हाथी हैं। नर हाथियों में 80 वर्षीय गौतम सबसे उम्रदराज हैं, जबकि मादा हाथियों में 62 वर्षीय अनारकली सबसे बुजुर्ग है। दूसरी ओर करीब एक वर्ष का कृष्णा इस परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है।
रेस्क्यू में व्यस्त हाथी नहीं हो सके शामिल
मैहर वन मंडल के गोरसरी क्षेत्र में जंगली हाथी के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते बांधवगढ़ के कुछ कैम्प हाथी और रेस्क्यू दल महोत्सव में शामिल नहीं हो सके। विभागीय टीम वहां रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है।
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों को आराम और विशेष देखभाल देने के साथ उनके स्वास्थ्य की निगरानी करना तथा स्थानीय समुदाय को हाथियों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस बार परासी गेट को आयोजन स्थल बनाए जाने से धमोखर बफर क्षेत्र में पर्यटन और ग्रामीण सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
    user_Tapas Gupta
    Tapas Gupta
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल... *हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल* मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।
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    हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल...
*हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल*
मध्य प्रदेश 
उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से    हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन उमरिया। झमाझम बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पांच दिवसीय हाथी महोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। परासी गेट के समीप स्थित धमोखर बफर क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में कलेक्टर राखी सहाय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार, स्थानीय रहवासी और ईडीसी (पारिस्थितिकी विकास समिति) के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान बांधवगढ़ के कैंप हाथियों की भूमिका और उनके संरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 15 कैंप हाथी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन, दो अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) कार्य और नौ हाथी पुनर्यौवनीकरण (रेजुवेनेशन) कैंप में शामिल हैं। आकर्षण का केंद्र बना नन्हा 'कृष्णा' महोत्सव के पहले दिन नन्हें नर हाथी 'कृष्णा' ने अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बता दें कि कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था, जिसका नामकरण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। सेहत और सेवा को समर्पित महोत्सव इस पांच दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण करना, उनकी विशेष देखभाल करना और उन्हें उनकी पसंद का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय लोगों को हाथियों को करीब से जानने, उनके स्वभाव को समझने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक होने का एक अनूठा अवसर मिल रहा है।
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    झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन

झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन
उमरिया। झमाझम बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पांच दिवसीय हाथी महोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। परासी गेट के समीप स्थित धमोखर बफर क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में कलेक्टर राखी सहाय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार, स्थानीय रहवासी और ईडीसी (पारिस्थितिकी विकास समिति) के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान बांधवगढ़ के कैंप हाथियों की भूमिका और उनके संरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 15 कैंप हाथी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन, दो अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) कार्य और नौ हाथी पुनर्यौवनीकरण (रेजुवेनेशन) कैंप में शामिल हैं।
आकर्षण का केंद्र बना नन्हा 'कृष्णा'
महोत्सव के पहले दिन नन्हें नर हाथी 'कृष्णा' ने अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बता दें कि कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था, जिसका नामकरण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था।
सेहत और सेवा को समर्पित महोत्सव
इस पांच दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण करना, उनकी विशेष देखभाल करना और उन्हें उनकी पसंद का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय लोगों को हाथियों को करीब से जानने, उनके स्वभाव को समझने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक होने का एक अनूठा अवसर मिल रहा है।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • *विकास" ने डंडी का रास्ता देखा ही नहीं! गड्ढों में सड़क ढूंढ रहे ग्रामीण, बोले: "पंचायत लौटा दो, कम से कम बहाने तो नहीं मिलते थे* *विकास" ने डंडी का रास्ता देखा ही नहीं! गड्ढों में सड़क ढूंढ रहे ग्रामीण, बोले: "पंचायत लौटा दो, कम से कम बहाने तो नहीं मिलते थे* मानपुर।नगर परिषद मानपुर के वार्ड 11 और 12 में डंडी पहुंच मार्ग पर चलना अब सड़क यात्रा नहीं, साहसिक खेल है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि इंजीनियर चाहें तो इनमें "जल संरक्षण परियोजना" का उद्घाटन कर दें। सड़क कहां है, यह खोजने के लिए अब ग्रामीणों को गूगल मैप नहीं, खुदाई विभाग की जरूरत है। *2018 में पंचायत ने सड़क बनवाई, आज सिर्फ यादें बचीं* उक्त सड़क ग्राम पंचायत मानपुर ने वर्ष 2018 में बनवाई थी, तब डंडी गांव खुशी से झूम उठा था। फिर शासन ने डंडी में वेयरहाउस बनाया, पर भारी ट्रकों के लिए अलग सड़क बनाने की "छोटी सी बात" भूल गया। नतीजा यह कि पंचायत की बनवाई सड़क ने ट्रकों का बोझ उठाते-उठाते दम तोड़ दिया। ग्रामीणों की सड़क पर शासन के गोदाम का बोझ लादा गया, और अब बदहाली की जिम्मेदारी लेने कोई आगे नहीं आ रहा। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि गोदाम बनाते वक्त अनाज का हिसाब तो रखा गया, पर उसके रास्ते का हिसाब किसके खाते में गया? *मानपुर में सड़कों का जाल, डंडी में गड्ढों का जाल* नगर परिषद बनी तो ग्रामीणों ने सोचा कि अब अच्छे दिन आएंगे। चुनाव में नेताजी वादों की बारिश करके गए, वह बारिश भी सिर्फ गड्ढों में भरने के काम आई। 4 साल से ज्यादा हो गए, डंडी का रास्ता जस का तस है। उधर मानपुर में गली-मोहल्लों से खेत-खलिहानों तक बीटी और सीसी सड़कों की चमक है। डंडी, बगैहा, कुदरा टोला और गोवर्द को क्या मिला? गड्ढे, कीचड़ और आश्वासन। ग्रामीण पूछते हैं, "यह कैसा विकास है, जो खेतों तक पहुंच गया पर हम तक नहीं पहुंचा?" *साहब, विकास आप रख लो, हमें पुरानी पंचायत लौटा दो!* ग्रामीणों का धैर्य अब व्यंग्य बनकर बह रहा है: "हम इस विकास से ऊब चुके हैं साहब, हमें वही पुरानी अव्यवस्थित ग्राम पंचायत लौटा दी जाए।" आखिर सड़क तो उसी पंचायत ने बनवाई थी, नगर परिषद तो चार साल में एक गड्ढा भी नहीं भर पाई। टैक्स और तरह-तरह के कर वे ईमानदारी से भर रहे हैं, पर बदले में विकास का एक कंकड़ भी नसीब नहीं हुआ। उनकी मांग है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी एक बार आकर मौका मुआयना करें, एसी गाड़ी से उतरकर पैदल चलें, फिर बताएं कि सड़क कहां है। *राशन भी फंसा, बच्चे-बुजुर्ग भी* इसी रास्ते से बच्चे स्कूल, बुजुर्ग बाजार और मरीज अस्पताल जाते हैं, हर कदम पर हड्डी बचाते हुए। मानपुर जनपद की सभी राशन दुकानों तक पीडीएस का अनाज पहुंचाने वाली अन्दूत की गाड़ियां भी यहीं से गुजरती हैं और गड्ढों-कीचड़ में दिन-दिन भर फंसी रहती हैं। हर महीने की 1 तारीख से पहले राशन पहुंचाना होता है, पर सड़क की हालत देखकर लगता है कि गरीब की थाली तक अनाज पहुंचने से पहले कीचड़ का "प्रसाद" पहुंच रहा है। *आवेदन, निवेदन, प्रतिवेदन… और नगर परिषद की कुंभकर्णी नींद* ग्रामीणों और चालकों ने नगर परिषद को इतने आवेदन, निवेदन और प्रतिवेदन दिए कि अब कागज भी शर्मिंदा है। पर जवाब में मिला सिर्फ सन्नाटा। आरोप है कि परिषद वार्ड 11 और 12 के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है: 4 साल में सड़क बनी नहीं, और अब गड्ढे भरने में भी आनाकानी है। शायद परिषद को डर है कि गड्ढे भर गए तो "विकास" का सबूत मिट जाएगा, या फिर फाइलें भी इन्हीं गड्ढों में गिरकर लापता हैं। *कलेक्टर साहब, अब आपसे ही आस* थक-हारकर रहवासियों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि डंडी पहुंच मार्ग का नया आरसीसी या बीटी सड़क निर्माण जल्द कराया जाए, और तत्काल व्यवस्था के तौर पर नगर परिषद को निर्देश देकर गड्ढे भरवाए जाएं। अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की कुंभकर्णी नींद पहले टूटती है, या ग्रामीणों का सब्र। सड़क तो वैसे भी कब की टूट चुकी है।
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    *विकास" ने डंडी का रास्ता देखा ही नहीं! गड्ढों में सड़क ढूंढ रहे ग्रामीण, बोले: "पंचायत लौटा दो, कम से कम बहाने तो नहीं मिलते थे*
*विकास" ने डंडी का रास्ता देखा ही नहीं! गड्ढों में सड़क ढूंढ रहे ग्रामीण, बोले: "पंचायत लौटा दो, कम से कम बहाने तो नहीं मिलते थे*
मानपुर।नगर परिषद मानपुर के वार्ड 11 और 12 में डंडी पहुंच मार्ग पर चलना अब सड़क यात्रा नहीं, साहसिक खेल है। गड्ढे इतने गहरे हैं कि इंजीनियर चाहें तो इनमें "जल संरक्षण परियोजना" का उद्घाटन कर दें। सड़क कहां है, यह खोजने के लिए अब ग्रामीणों को गूगल मैप नहीं, खुदाई विभाग की जरूरत है।
*2018 में पंचायत ने सड़क बनवाई, आज सिर्फ यादें बचीं*
उक्त सड़क ग्राम पंचायत मानपुर ने वर्ष 2018 में बनवाई थी, तब डंडी गांव खुशी से झूम उठा था। फिर शासन ने डंडी में वेयरहाउस बनाया, पर भारी ट्रकों के लिए अलग सड़क बनाने की "छोटी सी बात" भूल गया। नतीजा यह कि पंचायत की बनवाई सड़क ने ट्रकों का बोझ उठाते-उठाते दम तोड़ दिया। ग्रामीणों की सड़क पर शासन के गोदाम का बोझ लादा गया, और अब बदहाली की जिम्मेदारी लेने कोई आगे नहीं आ रहा। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि गोदाम बनाते वक्त अनाज का हिसाब तो रखा गया, पर उसके रास्ते का हिसाब किसके खाते में गया?
*मानपुर में सड़कों का जाल, डंडी में गड्ढों का जाल*
नगर परिषद बनी तो ग्रामीणों ने सोचा कि अब अच्छे दिन आएंगे। चुनाव में नेताजी वादों की बारिश करके गए, वह बारिश भी सिर्फ गड्ढों में भरने के काम आई। 4 साल से ज्यादा हो गए, डंडी का रास्ता जस का तस है। उधर मानपुर में गली-मोहल्लों से खेत-खलिहानों तक बीटी और सीसी सड़कों की चमक है। डंडी, बगैहा, कुदरा टोला और गोवर्द को क्या मिला? गड्ढे, कीचड़ और आश्वासन। ग्रामीण पूछते हैं, "यह कैसा विकास है, जो खेतों तक पहुंच गया पर हम तक नहीं पहुंचा?"
*साहब, विकास आप रख लो, हमें पुरानी पंचायत लौटा दो!*
ग्रामीणों का धैर्य अब व्यंग्य बनकर बह रहा है: "हम इस विकास से ऊब चुके हैं साहब, हमें वही पुरानी अव्यवस्थित ग्राम पंचायत लौटा दी जाए।" आखिर सड़क तो उसी पंचायत ने बनवाई थी, नगर परिषद तो चार साल में एक गड्ढा भी नहीं भर पाई। टैक्स और तरह-तरह के कर वे ईमानदारी से भर रहे हैं, पर बदले में विकास का एक कंकड़ भी नसीब नहीं हुआ। उनकी मांग है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी एक बार आकर मौका मुआयना करें, एसी गाड़ी से उतरकर पैदल चलें, फिर बताएं कि सड़क कहां है।
*राशन भी फंसा, बच्चे-बुजुर्ग भी*
इसी रास्ते से बच्चे स्कूल, बुजुर्ग बाजार और मरीज अस्पताल जाते हैं, हर कदम पर हड्डी बचाते हुए। मानपुर जनपद की सभी राशन दुकानों तक पीडीएस का अनाज पहुंचाने वाली अन्दूत की गाड़ियां भी यहीं से गुजरती हैं और गड्ढों-कीचड़ में दिन-दिन भर फंसी रहती हैं। हर महीने की 1 तारीख से पहले राशन पहुंचाना होता है, पर सड़क की हालत देखकर लगता है कि गरीब की थाली तक अनाज पहुंचने से पहले कीचड़ का "प्रसाद" पहुंच रहा है।
*आवेदन, निवेदन, प्रतिवेदन… और नगर परिषद की कुंभकर्णी नींद*
ग्रामीणों और चालकों ने नगर परिषद को इतने आवेदन, निवेदन और प्रतिवेदन दिए कि अब कागज भी शर्मिंदा है। पर जवाब में मिला सिर्फ सन्नाटा। आरोप है कि परिषद वार्ड 11 और 12 के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है: 4 साल में सड़क बनी नहीं, और अब गड्ढे भरने में भी आनाकानी है। शायद परिषद को डर है कि गड्ढे भर गए तो "विकास" का सबूत मिट जाएगा, या फिर फाइलें भी इन्हीं गड्ढों में गिरकर लापता हैं।
*कलेक्टर साहब, अब आपसे ही आस*
थक-हारकर रहवासियों ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि डंडी पहुंच मार्ग का नया आरसीसी या बीटी सड़क निर्माण जल्द कराया जाए, और तत्काल व्यवस्था के तौर पर नगर परिषद को निर्देश देकर गड्ढे भरवाए जाएं।
अब देखना यह है कि जिम्मेदारों की कुंभकर्णी नींद पहले टूटती है, या ग्रामीणों का सब्र। सड़क तो वैसे भी कब की टूट चुकी है।
    user_पत्रकारिता
    पत्रकारिता
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
  • मनु वादियों ने क्षत्रिय ठाकुर राजपूत समाज को बनाया अब निशान जहर उगलना चालू कर दिया नीरज भारद्वाज मुरैना का है यह
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    मनु वादियों ने क्षत्रिय ठाकुर राजपूत समाज को बनाया अब निशान जहर उगलना चालू कर दिया नीरज भारद्वाज मुरैना का है यह
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Sleemnbad, Katni•
    8 hrs ago
  • मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ
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    मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बजरंग दल वालों ने भैंस चुराई ओबीसी एससी एसटी हो जाओ तैयार साथियों बजरंग दल के गुंडो खटमलों को जूता मारो सालों को ग्राम पिपरई लोधी ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार के वाहनों कपड़े जलाने वालों दंगाइयों गुंडो खटमलों को जूता बजरंग दल वालों ने भैंस चुराई ओबीसी एससी एसटी हो जाओ तैयार साथियों बजरंग दल के गुंडो को जूता मारो सालों को ग्राम पिपरई लोधी ओबीसी एससी एसटी हिंदू परिवार के वाहनों कपड़े जलाने वालों दंगाइयों गुंडो खटमलों को जूता मारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी समाज के व्यक्ति को नंगा करके घुमाया जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी संपत्ति मकान पर बुलडोजर नहीं चल सकतामारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी अशोकनगर का पुलिस प्रशासन देख रहा इन दंगाइयों का साथ देता रहा
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जिला अशोकनगर के ग्राम पिपरई में लोधी समाज के व्यक्ति ने हनुमान जी की मूर्ति तोड़ी पर उसकी सजा कानूनी रूप से मिलनी चाहिए  ठीक है लेकिन बजरंग दल वालों ने उसके साथ मारपीट की पूरे गांव में नंगा घुमाया गया बजरंग दल वालों ने भैंस चोरी की पूरे परिवार के साथ मारपीट की गई मासूम बच्चों के साथ मारपीट की गई  उसके मकान पर बुलडोजर चलाया गया यह क्या संवैधानिक न्याय हैं उन  अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है अपराधी के परिवार को प्रताड़ित नहीं किया जा सकता या उसकी संपत्ति मकान पर बुलडोजर नहीं चल सकतामारो सालों को पुलिस प्रशासन देख रही दंगा इन गुंडो पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करो नहीं तो आंदोलन किया जाएगा एक बड़ा अशोकनगर में ओबीसी महासभा भीम आर्मी जायस संगठन हो जाओ तैयार साथियों और लोधी अशोकनगर का पुलिस प्रशासन देख रहा इन दंगाइयों का साथ देता रहा
    user_मानवाधिकार  भारतीय
    मानवाधिकार भारतीय
    Lawyer Sleemnbad, Katni•
    8 hrs ago
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