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मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ
अजय कुमार केवट
मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ
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- मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ1
- कप्तान के सख्त निर्देशों के बावजूद बेखौफ रेत का खेल*! *भूतहा नाला से रोजाना हो रहा रेत का कथित अवैध उत्खनन, तड़के ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप* *धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में नगर पालिका हल्दी घाटी नर्सरी के पास लंबे समय से चल रहा कारोबार; वन अमले की कथित मिलीभगत की भी चर्चा* धनपुरी/शहडोल। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी इलाके में भूतहा नाला से कथित रूप से लगातार रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका की हल्दी घाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला इन दिनों कथित अवैध रेत कारोबार का केंद्र बना हुआ है, जहां रोजाना मजदूरों के माध्यम से रेत निकालकर आसपास अलग-अलग स्थानों पर जमा किए जाने और बाद में ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात कही जा रही है। दिनभर उत्खनन, भोर में ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप स्थानीय सूत्रों का दावा है कि भूतहा नाला क्षेत्र में दिन के समय मजदूरों को लगाकर रेत निकलवाई जाती है। इसके बाद रेत को मुख्य स्थान से कुछ दूरी पर छोटे-छोटे ढेरों के रूप में कथित तौर पर भंडारित किया जाता है। बताया जा रहा है कि सुबह तड़के, जब क्षेत्र में आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है, ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न केवल अवैध उत्खनन पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा, बल्कि प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरण पर भी इसके प्रभाव की जांच जरूरी हो जाएगी। एसपी के निर्देशों के बाद भी संचालन ने खड़े किए सवाल अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कथित रूप से कई दिनों से चल रहे इस कारोबार की शिकायतों के बावजूद यदि गतिविधियां जारी हैं, तो यह स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा भूतहा नाला और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण किया जाए तथा दिन और तड़के के समय ट्रैक्टरों की आवाजाही की जांच की जाए, तो कथित रेत कारोबार की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वन अमले की कथित भूमिका की भी चर्चा इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा वन विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि भूतहा नाला क्षेत्र से रेत निकासी किसकी अनुमति से हो रही है और यदि अनुमति नहीं है तो इतने दिनों से गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं। जिम्मेदार विभाग करे मौके पर जांच मामले में पुलिस, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि रेत कहां से निकाली जा रही है, किसके निर्देश पर मजदूर लगाए जा रहे हैं, रेत का भंडारण किन स्थानों पर किया जा रहा है और किन वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कथित रेत उत्खनन के मामले में कब तक मौके पर पहुंचकर जांच करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।1
- धमोखर में हाथियों की ‘पांच दिन की छुट्टी’, नन्हा कृष्णा बना आकर्षण उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरुवार को झमाझम बारिश के बीच पांच दिवसीय हाथी महोत्सव एवं पुनर्यौवनीकरण कैंप 2026 का शुभारंभ हुआ। धमोखर बफर क्षेत्र के परासी गेट के समीप आयोजित यह महोत्सव 28 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान जंगल की सुरक्षा, गश्त और रेस्क्यू अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैम्प हाथियों की विशेष देखभाल की जाएगी। उद्घाटन कार्यक्रम में उमरिया कलेक्टर राखी सहाय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में DFO विवेक सिंह, जिला पंचायत CEO अभय सिंह ओहरिया, संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी, BTR उप संचालक योहान कटारा सहित वन विभाग के अधिकारी, पत्रकार, EDC अध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। 15 हाथियों में 9 की महोत्सव में मौजूदगी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 15 कैम्प हाथी हैं। इनमें चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन और दो अनुश्रवण कार्य में लगे हुए हैं। शेष नौ हाथियों को पुनर्यौवनीकरण कैंप में शामिल किया गया है। पांच दिनों के दौरान इनका स्वास्थ्य परीक्षण, स्नान, मालिश और विशेष देखभाल की जाएगी। पसंदीदा भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस आयोजन में नन्हा कृष्णा खास आकर्षण बना हुआ है। अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में जन्मे कृष्णा का नामकरण 31 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बांधवगढ़ प्रवास के दौरान किया गया था। अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वह महोत्सव में मौजूद लोगों का ध्यान खींच रहा है। गौतम सबसे उम्रदराज, कृष्णा सबसे छोटा बांधवगढ़ के हाथी परिवार में 10 नर और पांच मादा हाथी हैं। नर हाथियों में 80 वर्षीय गौतम सबसे उम्रदराज हैं, जबकि मादा हाथियों में 62 वर्षीय अनारकली सबसे बुजुर्ग है। दूसरी ओर करीब एक वर्ष का कृष्णा इस परिवार की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है। रेस्क्यू में व्यस्त हाथी नहीं हो सके शामिल मैहर वन मंडल के गोरसरी क्षेत्र में जंगली हाथी के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते बांधवगढ़ के कुछ कैम्प हाथी और रेस्क्यू दल महोत्सव में शामिल नहीं हो सके। विभागीय टीम वहां रेस्क्यू अभियान में जुटी हुई है। क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय के अनुसार, हाथी महोत्सव का उद्देश्य हाथियों को आराम और विशेष देखभाल देने के साथ उनके स्वास्थ्य की निगरानी करना तथा स्थानीय समुदाय को हाथियों और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। इस बार परासी गेट को आयोजन स्थल बनाए जाने से धमोखर बफर क्षेत्र में पर्यटन और ग्रामीण सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।1
- विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण - राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल अनूपपुर - मध्य प्रदेश शासन कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्रप्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश में शासन, प्रशासन के समन्वय से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को विकसित भारत की संकल्पना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सहभागिता से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है। प्रत्येक नागरिक अपने दायित्व का ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान दे। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे ‘मेरे सपनों का भारत’ कार्यक्रम के तहत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोतमा में विकासखण्ड स्तरीय चित्रकला, निबंध, रंगोली एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने प्रतियोगिताओं का अवलोकन कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उक्ताशय के विचार व्यक्त किए। मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि भारत विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, रेल एवं अन्य अधोसंरचना, डिजिटल तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। चंद्रयान जैसे अंतरिक्ष अभियानों ने भारत की वैज्ञानिक क्षमता को नई पहचान दी है। किसानों और महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जीत धुर्वे के चित्र और परिधि पाण्डेय के भाषण की सराहना राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का अवलोकन किया और उनके विषय एवं कल्पना के संबंध में विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विद्यार्थी जीत धुर्वे द्वारा विकसित भारत की संकल्पना पर तैयार किए गए चित्र का अवलोकन करते हुए राज्यमंत्री ने उसकी विषयवस्तु एवं रचनात्मक प्रस्तुति की सराहना की तथा विद्यार्थी का उत्साहवर्धन किया। भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थी परिधि पाण्डेय ने ‘विकसित भारत’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। राज्यमंत्री ने परिधि पाण्डेय के विचारों एवं प्रस्तुति की सराहना करते हुए उसे प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी रचनात्मक अभिव्यक्ति उनके भीतर की प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण के प्रति सोच को सामने लाती है। विद्यार्थियों ने चित्रों और रचनात्मक प्रस्तुतियों से दिखाई विकसित भारत की कल्पना प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रधानमंत्री आवास, बेहतर सड़क एवं परिवहन सुविधाएं, आधुनिक तकनीक, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, वैज्ञानिक उपलब्धियों एवं पर्यावरण संरक्षण सहित विभिन्न विषयों को चित्रकला, निबंध, रंगोली एवं भाषण के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने वर्ष 2047 के विकसित भारत की अपनी कल्पना को रचनात्मक ढंग से अभिव्यक्त किया। राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने भविष्य का लक्ष्य अभी से निर्धारित करें और अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप क्षेत्र का चयन कर पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ें। पढ़ाई के साथ सामान्य ज्ञान तथा अपने समाज, नगर, प्रदेश और देश से संबंधित विषयों की जानकारी भी रखें। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं। विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल, अनुशासन और परिश्रम के माध्यम से देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न भी पूछे गए, जिनका विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया। राज्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने, अपनी प्रतिभा को निखारने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग समाज और देश के हित में करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प प्रत्येक नागरिक की सहभागिता, परिश्रम और जिम्मेदारी से साकार होगा। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा टी आर नाग, नगर पालिका अध्यक्ष कोतमा अजय सराफ, उपाध्यक्ष श्रीमती वैशाली ताम्रकार, बीईओ आर के मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित थे।1
- हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल... *हवाई पट्टी के पास सड़क हादसा, तीन गम्भीर रूप से घायल* मध्य प्रदेश उमरिया मुख्यालय हवाई पट्टी के करीब सड़क हादसे में तीन बाईक सवार के घायल होने की खबर है। हादसे के बाद तीनों घायलों को सिविल चौकी पुलिस की मदद से जिला अस्पताल लाया गया। बताया गया है कि दो बाइक की जोड़दार टक्कर हो गई। जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। खबर है कि सड़क हादसे में एक की पहचान दुब्बार निवासी दिनेश यादव के रूप में हुई है। जो पिपरिया स्थित पेट्रोल पंप टंकी में कर्मी है। बाकी दूसरी बाइक में सवार युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। हालांकि बताया जाता है कि ये दोनों खरहटा गांव से उमरिया शहर की ओर आ रहे थे। दरअसल वे तीनों हादसे के बाद गंभीर अवस्था में है। जिस वजह से हादसे के कारण और पहचान वर्तमान में नहीं हो पाई है।1
- मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने किया चरितार्थ सफलता की कहानी === === शहडोल 24 सितम्बर 2026- सफलता एक न एक दिन जरूर मिलती है। बस जरूरत है कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण के साथ निरंतर पढ़ाई करने की। मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती, इसलिए अपनी मेहनत पर विश्वास रखें और पूरी ईमानदारी से प्रयास करते रहें। इस कहावत को शहडोल जिले की तहसील ब्यौहारी के ग्राम सकंदी निवासी डॉ. प्रियम विश्वकर्मा, पिता श्री रामनारायण विश्वकर्मा ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में वाणिज्य विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर चरितार्थ किया है। डॉ. प्रियम विश्वकर्मा ने बताया कि ग्राम सकंदी उनकी जन्मभूमि है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जिले की तहसील गोहपारू में ग्रहण की। कक्षा 11वीं एवं 12वीं की पढ़ाई मध्यप्रदेश की सुपर-100 योजना के तहत इंदौर से पूर्ण की। इसके बाद बी.कॉम., एम.कॉम. शिक्षा एवं पीएच.डी. की डिग्री बनारस विश्वविद्यालय, वाराणसी से प्राप्त की। वर्ष 2025 में उन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि इस सफलता में उनके माता-पिता, परिवारजनों एवं गुरुजनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिसकी बदौलत उन्हें यह सफलता हासिल हुई। डॉ. प्रियम विश्वकर्मा की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, लगन और समर्पण से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।1
- झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन झमाझम बारिश के बीच बांधवगढ़ में पांच दिवसीय 'हाथी महोत्सव' का आगाज, नन्हें 'कृष्णा' की अठखेलियों ने मोहा मन उमरिया। झमाझम बारिश के बीच विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पांच दिवसीय हाथी महोत्सव 2026 की शुरुआत हो गई है। परासी गेट के समीप स्थित धमोखर बफर क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में कलेक्टर राखी सहाय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, पत्रकार, स्थानीय रहवासी और ईडीसी (पारिस्थितिकी विकास समिति) के पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान बांधवगढ़ के कैंप हाथियों की भूमिका और उनके संरक्षण को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में कुल 15 कैंप हाथी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से चार हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन, दो अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) कार्य और नौ हाथी पुनर्यौवनीकरण (रेजुवेनेशन) कैंप में शामिल हैं। आकर्षण का केंद्र बना नन्हा 'कृष्णा' महोत्सव के पहले दिन नन्हें नर हाथी 'कृष्णा' ने अपनी अठखेलियों और उछलकूद से वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। बता दें कि कृष्णा का जन्म अक्टूबर 2025 में बांधवगढ़ में ही हुआ था, जिसका नामकरण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। सेहत और सेवा को समर्पित महोत्सव इस पांच दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण करना, उनकी विशेष देखभाल करना और उन्हें उनकी पसंद का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, इस महोत्सव के माध्यम से स्थानीय लोगों को हाथियों को करीब से जानने, उनके स्वभाव को समझने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक होने का एक अनूठा अवसर मिल रहा है।4
- कप्तान के सख्त निर्देशों के बावजूद बेखौफ रेत का खेल*! *भूतहा नाला से रोजाना हो रहा रेत का कथित अवैध उत्खनन, तड़के ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप* *धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में नगर पालिका हल्दी घाटी नर्सरी के पास लंबे समय से चल रहा कारोबार; वन अमले की कथित मिलीभगत की भी चर्चा* धनपुरी/शहडोल। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी इलाके में भूतहा नाला से कथित रूप से लगातार रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक नगर पालिका की हल्दी घाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला इन दिनों कथित अवैध रेत कारोबार का केंद्र बना हुआ है, जहां रोजाना मजदूरों के माध्यम से रेत निकालकर आसपास अलग-अलग स्थानों पर जमा किए जाने और बाद में ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात कही जा रही है। दिनभर उत्खनन, भोर में ट्रैक्टरों से सप्लाई का आरोप स्थानीय सूत्रों का दावा है कि भूतहा नाला क्षेत्र में दिन के समय मजदूरों को लगाकर रेत निकलवाई जाती है। इसके बाद रेत को मुख्य स्थान से कुछ दूरी पर छोटे-छोटे ढेरों के रूप में कथित तौर पर भंडारित किया जाता है। बताया जा रहा है कि सुबह तड़के, जब क्षेत्र में आवाजाही अपेक्षाकृत कम रहती है, ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत को विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है तो यह न केवल अवैध उत्खनन पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करेगा, बल्कि प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरण पर भी इसके प्रभाव की जांच जरूरी हो जाएगी। एसपी के निर्देशों के बाद भी संचालन ने खड़े किए सवाल अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात सामने आती रही है। ऐसे में धनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत कथित रूप से कई दिनों से चल रहे इस कारोबार की शिकायतों के बावजूद यदि गतिविधियां जारी हैं, तो यह स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग द्वारा भूतहा नाला और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक निरीक्षण किया जाए तथा दिन और तड़के के समय ट्रैक्टरों की आवाजाही की जांच की जाए, तो कथित रेत कारोबार की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। वन अमले की कथित भूमिका की भी चर्चा इस पूरे मामले में कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा वन विभाग से जुड़े कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है कि भूतहा नाला क्षेत्र से रेत निकासी किसकी अनुमति से हो रही है और यदि अनुमति नहीं है तो इतने दिनों से गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं। जिम्मेदार विभाग करे मौके पर जांच मामले में पुलिस, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच किए जाने की आवश्यकता है। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि रेत कहां से निकाली जा रही है, किसके निर्देश पर मजदूर लगाए जा रहे हैं, रेत का भंडारण किन स्थानों पर किया जा रहा है और किन वाहनों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस कथित रेत उत्खनन के मामले में कब तक मौके पर पहुंचकर जांच करता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।4