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*कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ... *कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...

14 hrs ago
user_POORAN LAL DUBEY
POORAN LAL DUBEY
Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

*कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ... *कप्तान

साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...

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शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ... *कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*? *भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप* धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है। समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है। गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल? शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही? सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है। वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण? अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी? मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी। इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...
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    *कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*?


*भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप*

धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है।

समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार

सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी।

इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है।

गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान

सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल?

शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही?

सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है।

वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण?

अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?

मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...
*कप्तान साहब! युवा ब्रदर्स को नहीं है प्रशासन का खौफ*?
*भूतहा नाला से रोजाना रेत का कथित अवैध उत्खनन, ट्रैक्टरों से हो रही सप्लाई; कार्रवाई के बावजूद बेखौफ कारोबार के आरोप*
धनपुरी। शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच धनपुरी थाना क्षेत्र के सिलपरी में हल्दीघाटी नर्सरी के पास स्थित भूतहा नाला से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर रेत निकाले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई दिनों से यहां मजदूरों के जरिए दिनभर रेत निकाली जा रही है और उसे आसपास अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से जमा करने के बाद सुबह-सुबह ट्रैक्टरों के माध्यम से सप्लाई किए जाने का आरोप है।
समाचार प्रकाशित होने के बाद भी नहीं थमा कारोबार
सूत्रों का दावा है कि मामले को लेकर समाचार प्रकाशित होने के बाद भी कथित रेत कारोबार से जुड़े लोगों में प्रशासन का कोई खौफ नजर नहीं आया। सूत्रों के अनुसार, युवा ब्रदर्स से जुड़े लोगों द्वारा कथित तौर पर प्रशासन को लेकर आपत्तिजनक एवं चुनौतीपूर्ण बातें कही गईं और यह तक दावा किया गया कि अब भूतहा नाले के बाद पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र से भी रेत निकाली जाएगी।
इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रशासनिक कार्रवाई और अवैध उत्खनन पर जारी निर्देशों की गंभीर अनदेखी का मामला हो सकता है।
गाडाघाट वही इलाका, जहां हादसे में गई थी दो मासूमों की जान
सबसे गंभीर बात यह है कि जिस पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट से रेत निकालने की बात कही जा रही है, उसी क्षेत्र में कुछ माह पूर्व पानी से भरे गड्ढे में डूबने से दो छोटे बच्चों की मौत हो चुकी है। ऐसे में यदि वहां दोबारा खनन या गड्ढों का निर्माण होता है तो स्थानीय लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
एसपी के सख्त निर्देशों के बावजूद कैसे चल रहा खेल?
शहडोल पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद यदि भूतहा नाला क्षेत्र में लगातार रेत का उत्खनन और परिवहन हो रहा है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही?
सूत्रों की मानें तो रेत निकालने के लिए दिनभर मजदूर लगाए जाते हैं। निकाली गई रेत को मुख्य स्थल से कुछ दूरी पर अलग-अलग जगहों पर जमा किया जाता है और फिर सुबह के समय ट्रैक्टरों के जरिए उसकी सप्लाई किए जाने की बात सामने आ रही है।
वन अमले की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की कथित मिलीभगत की चर्चा भी की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जिम्मेदार विभाग कब करेगा मौके का निरीक्षण?
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर भूतहा नाला एवं पुरानी अमराडंडी के गाडाघाट क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे? क्या रेत के कथित अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन की जांच होगी? और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी?
मामले में प्रशासनिक जांच और मौके की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
इस मामले से जुड़े और भी तथ्य सामने आने की संभावना है। आगे की जानकारी के लिए बने रहिए हमारे साथ...
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • इनकी बददुआएं तो मत लो कटनी नगर निगम पुनः निवेदन करता हूं—इनकी बददुआएं तो मत लो नगर निगम 🙏🚩 जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लो... जो गरीब छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके महज 100, 200 या 500 रुपये कमाते हैं, उनकी सब्जियां इस तरह उठा ली जाएं तो उनके परिवार पर क्या गुजरती होगी, यह समझने की जरूरत है। आज एक बुजुर्ग माता को रोते हुए देखा। बताया गया कि छीनाझपटी के दौरान उनके सिर में चोट भी लगी। यह दृश्य देखकर मन विचलित हो गया। वीडियो मौजूद होने के बावजूद उसे साझा करने का मन नहीं हुआ। 🙏 मैं नगर निगम की कार्यवाही को गलत नहीं ठहरा रहा हूं। शहर में व्यवस्था और अतिक्रमण नियंत्रण जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि कार्रवाई का तरीका क्या हो? अगर छोटे दुकानदारों को हटाना है तो पहले उनके लिए उचित स्थान और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्हें समझाइश दी जाए और व्यवस्था के अनुसार व्यापार करने का अवसर दिया जाए। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। गरीबों की सब्जियां उठाकर या उन्हें परेशान करके आखिर हम कौन-सी व्यवस्था बना रहे हैं? बड़े दुकानदारों और प्रभावशाली स्थानों पर भी इसी तरह नियमों का समान रूप से पालन कराया जाए, तभी आम लोगों को कार्रवाई की निष्पक्षता पर भरोसा होगा। नगर निगम से पुनः विनम्र निवेदन है कि गरीबों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाए। व्यवस्था बनाइए, रास्ता दीजिए, रोजगार का सम्मान कीजिए— क्योंकि जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लीजिए।
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    इनकी बददुआएं तो मत लो कटनी नगर निगम 
पुनः निवेदन करता हूं—इनकी बददुआएं तो मत लो नगर निगम 🙏🚩
जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लो...
जो गरीब छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके महज 100, 200 या 500 रुपये कमाते हैं, उनकी सब्जियां इस तरह उठा ली जाएं तो उनके परिवार पर क्या गुजरती होगी, यह समझने की जरूरत है।
आज एक बुजुर्ग माता को रोते हुए देखा। बताया गया कि छीनाझपटी के दौरान उनके सिर में चोट भी लगी। यह दृश्य देखकर मन विचलित हो गया। वीडियो मौजूद होने के बावजूद उसे साझा करने का मन नहीं हुआ। 🙏
मैं नगर निगम की कार्यवाही को गलत नहीं ठहरा रहा हूं। शहर में व्यवस्था और अतिक्रमण नियंत्रण जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि कार्रवाई का तरीका क्या हो?
अगर छोटे दुकानदारों को हटाना है तो पहले उनके लिए उचित स्थान और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्हें समझाइश दी जाए और व्यवस्था के अनुसार व्यापार करने का अवसर दिया जाए। इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
गरीबों की सब्जियां उठाकर या उन्हें परेशान करके आखिर हम कौन-सी व्यवस्था बना रहे हैं?
बड़े दुकानदारों और प्रभावशाली स्थानों पर भी इसी तरह नियमों का समान रूप से पालन कराया जाए, तभी आम लोगों को कार्रवाई की निष्पक्षता पर भरोसा होगा।
नगर निगम से पुनः विनम्र निवेदन है कि गरीबों की रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाए।
व्यवस्था बनाइए, रास्ता दीजिए, रोजगार का सम्मान कीजिए—
क्योंकि जिनकी दुआएं लेनी चाहिए, उनकी बददुआ मत लीजिए।
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • सरपंच सचिव का ग्रामीणों ने किया खुलकर विरोध
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    सरपंच सचिव का ग्रामीणों ने किया खुलकर विरोध
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • कटनी नगर//- 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686 📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक? 100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं। वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है। हॉकर्स जोन कितने कारगर? स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं? छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था? शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है। सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं। कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है। जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया? नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है। साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है। निष्पक्ष जांच और राहत की मांग स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। रिपोर्ट:- राकेश निषाद AIMA MEDIA-24×7 जन जन की आवाज़ 7509747686
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    कटनी नगर//-
📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक?

100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल

कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं।

वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है।

हॉकर्स जोन कितने कारगर?

स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं?

छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था?

शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है।

सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं।

कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग

महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।

जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी

इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया?

नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है।

साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।

निष्पक्ष जांच और राहत की मांग

स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।

अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।

रिपोर्ट:- राकेश निषाद
AIMA MEDIA-24×7
जन जन की आवाज़
7509747686


📰 रोजी-रोटी पर कार्रवाई का चाबुक?
100 किमी दूर से आई बुजुर्ग सब्जी विक्रेता के आंसुओं ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल
कटनी। सड़क किनारे बिखरी सब्जियां, धूल में पड़ी मेहनत की कमाई और आंखों में आंसू लिए एक बुजुर्ग महिला का वीडियो सामने आने के बाद नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। महिला का कहना है कि वह करीब 100 किलोमीटर दूर से रोजी-रोटी के लिए सब्जी बेचने आती है और कार्रवाई में उसकी सब्जियां जब्त कर ली गईं।
वीडियो में महिला भावुक होकर अपनी परेशानी बताते हुए कहती सुनाई दे रही है कि दिनभर मेहनत कर दुकान लगाने के बाद उसका सामान उठा लिया गया। महिला के इस दर्द ने शहर में गरीब और छोटे विक्रेताओं की आजीविका को लेकर बहस छेड़ दी है।
हॉकर्स जोन कितने कारगर?
स्ट्रीट वेंडर्स (आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के पुनर्वास और व्यवस्थित वेंडिंग के प्रावधान हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शहर में उपलब्ध हॉकर्स जोन क्या स्थानीय वेंडरों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त हैं? क्या वहां ग्राहकों की पहुंच, पानी, शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं?
छोटे विक्रेताओं का कहना है कि केवल कार्रवाई करने के बजाय उन्हें व्यावहारिक और आजीविका चलाने योग्य स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
अचानक कार्रवाई या नियमित व्यवस्था?
शहर में यातायात और अतिक्रमण व्यवस्था बनाए रखना नगर निगम की जिम्मेदारी है। हालांकि, सवाल यह भी है कि क्या लगातार निगरानी और पूर्व निर्धारित व्यवस्था के बजाय अचानक कार्रवाई से छोटे विक्रेताओं की रोजमर्रा की आजीविका प्रभावित हो रही है।
सब्जी जैसे नाशवान सामान के मामले में कार्रवाई का सीधा असर उन लोगों पर पड़ता है, जो सीमित पूंजी लगाकर प्रतिदिन अपना परिवार चलाते हैं।
कार्रवाई के दौरान व्यवहार की भी जांच की मांग
महिला के सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय लोगों ने कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों के व्यवहार की भी जांच की मांग की है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों के विपरीत या अभद्र व्यवहार किया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।
जब्त सामान की प्रक्रिया पर पारदर्शिता जरूरी
इस पूरे मामले में जब्ती की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण है। सवाल उठ रहे हैं कि कार्रवाई के दौरान क्या जब्ती सूची या पंचनामा तैयार किया गया, पीड़ित को उसकी प्रति दी गई और जब्त सामान का रिकॉर्ड रखा गया?
नाशवान सब्जियों सहित जब्त सामग्री के निस्तारण की प्रक्रिया क्या है, इसका स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने की मांग भी सामने आई है।
साथ ही कुछ स्थानीय लोगों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में बड़े और छोटे अतिक्रमणों पर कार्रवाई में समानता सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और राहत की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, बुजुर्ग महिला को उचित राहत तथा अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की SOP और जब्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा हो सकता है, लेकिन छोटे विक्रेताओं की आजीविका प्रभावित होने वाले मामलों में नियम, पारदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है।
रिपोर्ट:- राकेश निषाद
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    Classified ads newspaper publisher कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • इंद्रा नगर में एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 80 लोगों की हुई एचआईवी व हेपेटाइटिस जांच कटनी, 23 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण 💥* जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 //8103728933//👈 समिति के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे सघन जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को इंद्रा नगर स्थित जन आरोग्य केंद्र में सहारा मंच एवं जिला चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य लोगों को एचआईवी एवं हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। शिविर के दौरान 80 लोगों की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की जांच की गई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों से सेल्फ रिस्क असेसमेंट भी कराया गया तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एवं जागरूकता सामग्री (IEC) का वितरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन CMHO डॉ. राज सिंह ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी डॉ. समीर सिंघई एवं परियोजना प्रबंधक श्री फ्रेडी चार्ली के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में काउंसलर श्री मनोज सिंह द्वारा लोगों की काउंसलिंग एवं टेस्टिंग की गई। इस दौरान प्रोग्राम मैनेजर श्री फ्रेडी चार्ली, काउंसलर श्री मनोज सिंह, डॉ. देवेंद्र गुप्ता, ORW श्री रामकृपाल, ORW श्री आशीष यादव, श्रीमती रानू चक्रवर्ती एवं श्री मनोज बरसाकर ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों ने लोगों से अपील की कि एचआईवी एवं हेपेटाइटिस से संबंधित किसी भी प्रकार की आशंका होने पर बिना झिझक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच एवं आवश्यक परामर्श लें। समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से इन बीमारियों से बचाव एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। हेडलाइन को और प्रभावी बनाएं
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    इंद्रा नगर में एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 80 लोगों की हुई एचआईवी व हेपेटाइटिस जांच
कटनी, 23 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण
💥* जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥                      //8103728933//👈                समिति के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे सघन जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को इंद्रा नगर स्थित जन आरोग्य केंद्र में सहारा मंच एवं जिला चिकित्सालय के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर का उद्देश्य लोगों को एचआईवी एवं हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करना, समय पर जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया।
शिविर के दौरान 80 लोगों की एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी की जांच की गई। इसके साथ ही उपस्थित लोगों से सेल्फ रिस्क असेसमेंट भी कराया गया तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एवं जागरूकता सामग्री (IEC) का वितरण किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन CMHO डॉ. राज सिंह ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी डॉ. समीर सिंघई एवं परियोजना प्रबंधक श्री फ्रेडी चार्ली के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में काउंसलर श्री मनोज सिंह द्वारा लोगों की काउंसलिंग एवं टेस्टिंग की गई।
इस दौरान प्रोग्राम मैनेजर श्री फ्रेडी चार्ली, काउंसलर श्री मनोज सिंह, डॉ. देवेंद्र गुप्ता, ORW श्री रामकृपाल, ORW श्री आशीष यादव, श्रीमती रानू चक्रवर्ती एवं श्री मनोज बरसाकर ने अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजकों ने लोगों से अपील की कि एचआईवी एवं हेपेटाइटिस से संबंधित किसी भी प्रकार की आशंका होने पर बिना झिझक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच एवं आवश्यक परामर्श लें। समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से इन बीमारियों से बचाव एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है।
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    user_ज्योति तिवारी वीडियो
    ज्योति तिवारी वीडियो
    कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • मां शारदा मंदिर अब तेंदुआ सीढ़ी मार्ग पर उतरने लगा है मंदिर का सीढ़ी मार्ग श्रद्धालुओं और बच्चों के चलने का आम रास्ता है जहां एक शिकारी जीव का मूवमेंट जनहानि का कारण बन सकता है वन विभाग आखिर क्यों नहीं तेंदुए को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में नहीं ले जा रहा
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    मां शारदा मंदिर अब तेंदुआ सीढ़ी मार्ग पर उतरने लगा है मंदिर का सीढ़ी मार्ग श्रद्धालुओं और बच्चों के चलने का आम रास्ता है जहां एक शिकारी जीव का मूवमेंट जनहानि का कारण बन सकता है वन विभाग आखिर क्यों नहीं तेंदुए को रेस्क्यू कर वन क्षेत्र में नहीं ले जा रहा
    user_Sharda Shrivastava
    Sharda Shrivastava
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला ड्रीम्स वैली स्कूल के पास कार दुर्घटनाग्रस्त, घायलों को अस्पताल भेजा सतना। उचेहरा-मैहर मार्ग पर ड्रीम्स वैली स्कूल के समीप सड़क हादसा हो गया। मैहर की ओर जा रही कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई स्थानीय लोगों की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
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    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला 
ड्रीम्स वैली स्कूल के पास कार दुर्घटनाग्रस्त, घायलों को अस्पताल भेजा
सतना। उचेहरा-मैहर मार्ग पर ड्रीम्स वैली स्कूल के समीप सड़क हादसा हो गया। मैहर की ओर जा रही कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सवार लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई स्थानीय लोगों की सूचना पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏 *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता* आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई। कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏
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    *कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता*

आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई।

कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।

कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏
*कैमोर में सवर्ण समाज ने दिखाई एकता*
आज कैमोर से विजयराघवगढ़ SDM कार्यालय तक सवर्ण समाज आक्रोश महारैली निकाली गई।
कैमोर क्षेत्र के सैकड़ों सामान्य वर्ग के बंधु एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे। UGC Roll Back और सवर्ण आयोग गठन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
कैमोर के सभी साथियों का आभार।🌹🌹💐🙏
    user_POORAN LAL DUBEY
    POORAN LAL DUBEY
    Local News Reporter विजयराघवगढ़, कटनी, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
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