*ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
*ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया।
उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास
भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो
व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
- ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर योग के साथ रामायण सत्संग प्रारंभ।1
- छीपाबड़ौद में बच्चों ने हर्ष उल्लास के साथ मनाई होली2
- सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। कुछ सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी पहुंचे। आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी, जिसके चलते पुलिस प्रशासन ने अतिरिक्त जाब्ता तैनात कर निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।1
- शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के कस्बाथाना थाना क्षेत्र के कछियाथाना गांव में खेत में बने कुएं में एक व्यक्ति की लाश मिलने से गांव में सनसनी फैल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राधेश्याम प्रजापत पुत्र लालाराम प्रजापत की कुए में गिर जाने से मौत हो गई घटना की सूचना मिलने पर कस्बाथाना थाना पुलिस मय जाप्ते के मौके पर पहुंची तथा मोके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला गया तथा शाहाबाद चिकित्सालय ले जाकर शव का पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है वहीं युवक की मौत से परिवारजनों का रो रो कर बुरा हाल है ।2
- झालावाड़ शहर के नजदीक झालरापाटन शहर में होली धूलंडी का पर्व उत्सव पूर्वक मनाया गया यहां 3 मार्च को धूलंडी का पर्व मनाया इसमें खास कर कपड़ा फाड़ होली विशेष पहचान रखती है1
- नयापुरा रोडवेज बस स्टैंड पर आज हंगामा हो गया,,, भीड़ में जेब काटते हुए एक बदमाश को यात्रियों ने पकड़ा तो बदमाश ने एक यात्री पर हमला कर दिया और पर्स व सोने की चेन लेकर मौके से भागने में कामयाब हो गया,,, इस दौरान यात्रियों ने पीछा करके बदमाश को पकड़ने का भी प्रयास किया लेकिन बदमाश मौके से भागने में सफल हो गया,,, यात्री पर हमला कर लूट की इस वारदात के बाद भी बस स्टैंड पुलिस चौकी पर एक भी जवान नजर नहीं आया,,,जिसके बाद यात्रियों में आक्रोश व्याप्त हो गया,,, हालांकि हंगामा की सूचना के बाद पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे,, फिलहाल नयापुरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है,,, Bite महावीर,पीड़ित Bite नानू गुर्जर, पीड़ित के रिश्तेदार1
- झालावाड़ में गोपुत्र सेना के विनीत पोरवाल की अपील: होली पर गौवंश को केमिकल रंगों से बचाएं झालावाड़। होली पर्व को लेकर जिलेभर में तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसी बीच गोपुत्र सेना के विनीत पोरवाल ने आमजन से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है। उन्होंने निवेदन करते हुए कहा कि होली खेलते समय गौवंश एवं अन्य बेजुबान जीवों पर केमिकल युक्त रंग न डाले जाएं।विनीत पोरवाल ने बताया कि बाजार में मिलने वाले अधिकांश रंगों में हानिकारक रसायन होते हैं, जिनसे गौवंश की त्वचा में संक्रमण, आंखों में जलन और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कई मामलों में संक्रमण बढ़ने पर पशुओं की मृत्यु तक हो जाती है।उन्होंने कहा कि होली खुशियों और भाईचारे का पर्व है, लेकिन हमारी छोटी सी लापरवाही बेजुबान जीवों के लिए घातक साबित हो सकती है। इसलिए सभी नागरिक प्राकृतिक एवं सुरक्षित रंगों का उपयोग करें और किसी भी पशु पर जबरन रंग न डालें।गोपुत्र सेना ने प्रशासन से भी अपील की है कि बाजार में बिक रहे केमिकल युक्त रंगों पर निगरानी रखी जाए और जागरूकता अभियान चलाया जाए।अंत में विनीत पोरवाल ने कहा कि सच्ची होली वही है, जिसमें इंसानियत, करुणा और जिम्मेदारी का रंग शामिल हो।1
- *ओशो आशीष ध्यान केंद्र पर धुलेंडी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।* छबड़ा:कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी में नहर किनारे सादली की डूंगरी की तलहटी में,खाटूश्याम गोशाला के पास स्थित ओशो आशीष ध्यान ओर (अमीरपुर खेड़ी) योग केंद्र पर होली का धुलेंडी उत्सव आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उमंग के साथ मनाया गया।मंगलवार को बालकों और युवाओं ने होली गीतों के साथ रंग, गुलाल और फूलों की वर्षा कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। उत्सव में उल्लास के साथ-साथ साधना का सुंदर समन्वय भी देखने को मिला। पूर्णिमा तिथि पर चन्द्रग्रहण का विशेष संयोग होने से कार्यक्रम का आध्यात्मिक महत्व और बढ़ गया।योग केंद्र संचालक स्वामी ध्यान गगन के सानिध्य में ग्रहण काल के दौरान मौन ध्यान का विशेष अभ्यास किया गया।कई साधकों ने अपने गुरुमंत्र का जप कर आंतरिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।रात्रि में ओशो के कुंडलिनी ध्यान का अभ्यास भी आयोजित किया गया।ग्रहण काल समाप्त होने के पश्चात उपस्थित साधकों ने सामूहिक रूप से भोजन तैयार कर प्रसाद ग्रहण किया।इस अवसर पर स्वामी ध्यान गगन ने होली का आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि ईमानदारी,पवित्रता और सत्यता का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि जैसे भक्त प्रह्लाद ने सत्य और श्रद्धा के बल पर विपरीत परिस्थितियों में भी परमात्मा की कृपा प्राप्त की,वैसे ही जो व्यक्ति प्रेम,सद्भाव और सत्य को अपनाता है,उसके जीवन में परमात्मा का वास होता है।होली हमें बैर-भाव त्यागकर प्रेमपूर्वक एक-दूसरे को गले लगाने और आत्मिक बसंत का स्वागत करने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम में ग्राम भुवाखेड़ी ओर छबड़ा कस्बे के उपस्थित साधकों ने संकल्प लिया कि वे जीवन में सकारात्मक संगति अपनाकर आत्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर रहेंगे।उत्सव आध्यात्मिक ऊर्जा,प्रेम और सौहार्द के संदेश के साथ संपन्न हुआ।4